कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां स्वास्थ्य विभाग के कुछ अफसरों पर नौकरी दिलाने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की ठगी (KANPUR DEHAT JOB SCAM) का आरोप लगा है. यह मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित शख्स ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह राज्य सरकार की मंत्री प्रतिभा शुक्ला से मिलकर अपनी आपबीती बताते नजर आ रहा है.
वीडियो में पीड़ित शख्स ने खुलासा किया कि साल 2024 में उसे जिला अस्पताल में नौकरी दिलाने के नाम पर मेडिकल कॉलेज से जुड़े कुछ अधिकारियों ने ₹1.50 लाख रुपये की मांग की थी. मजबूरी में उसने रकम अदा कर दी लेकिन उसके बाद न तो उसे नौकरी मिली और न ही उसका पैसा वापस किया गया. अब वह पिछले कई महीनों से अपने पैसे और न्याय की गुहार लगाते हुए इधर-उधर भटक रहा है.
जिला अस्पताल में नौकरी के नाम पर ठगी. (Video- Nation Now Samachar)
पीड़ित ने राज्य मंत्री से लगाई गुहार पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए यह मामला अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में प्रदेश की राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला पूरी संवेदनशीलता से पीड़ित की बात सुनती नजर आईं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी. यह घटना न केवल सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करती है. (KANPUR DEHAT JOB SCAM)
ब्रेकिंग न्यूज़ | कानपुर देहात, यूपी सरकारी नौकरी के नाम पर 1.5 लाख की ठगी, स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप! ▶️ जिला अस्पताल में भर्ती के नाम पर पीड़ित से ली गई थी ₹1.5 लाख की रकम ▶️ न नौकरी मिली, न पैसे लौटे – पीड़ित दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर@BJP4India@BJP4UP@CMOfficeUPpic.twitter.com/qcXLaUQvPz
स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. लोगों का कहना है कि जब सरकारी संस्थानों में ही इस प्रकार की ठगी हो रही है, तो आम आदमी कहां जाए? पीड़ित व्यक्ति का अब यही कहना है कि या तो उसे उसकी नौकरी दी जाए या उसका पैसा वापस किया जाए. यह मामला स्वास्थ्य महकमे में भ्रष्टाचार की बुनियाद को और मजबूत करता नजर आ रहा है. देखना होगा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस पर कितनी त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करते हैं.
अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि परिसर में एक बार फिर ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक आयोजन (RAM MANDIR AYODHYA) की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं. राम मंदिर के पहले तल पर 14 मंदिरों में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरी योजना तैयार कर ली है. यह आयोजन 3 जून से 5 जून तक गंगा दशहरा के दिन संपन्न होगा और इसे “दूसरा प्राण प्रतिष्ठा उत्सव” कहा जा रहा है.
एक साथ 14 मंदिरों में होगी प्राण प्रतिष्ठा राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थित राम दरबार सहित अन्य 13 मंदिरों में विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. इस पावन अनुष्ठान में 101 वैदिक आचार्य और 14 यजमान भाग लेंगे. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसके लिए अयोध्या और काशी के विद्वानों की एक संयोजक समिति बनाई है, जिसमें ज्योतिषाचार्य प्रवीण शर्मा, पंडित रघुनाथ शास्त्री और राकेश तिवारी शामिल हैं.
धार्मिक अनुष्ठानों की विस्तृत रूपरेखा 3 जून से शुरू होने वाले इस धार्मिक आयोजन में तीन दिन तक धार्मिक अनुष्ठान चलेंगे. इनमें मूर्तियों का जलवास, अन्नवास, सैयावास और अन्य वैदिक विधियों द्वारा पूजन किया जाएगा. 5 जून को गंगा दशहरा के दिन अभिजीत मुहूर्त में सभी मूर्तियों की प्रतिष्ठा विधिवत रूप से संपन्न कराई जाएगी. ट्रस्ट द्वारा तय किए गए मुहूर्तों को लेकर ज्योतिषाचार्यों की अंतिम बैठक हो चुकी है और रिपोर्ट सौंप दी गई है. (RAM MANDIR AYODHYA)
कौन-कौन सी मूर्तियों की होगी प्राण प्रतिष्ठा? प्रथम तल पर राम दरबार की प्रतिष्ठा के अलावा अन्य मंदिरों में प्रतिष्ठित की जाने वाली प्रमुख मूर्तियाँ:
गणपति जी – परकोटा के अग्नि कोण पर,
गणपति जी – परकोटा के अग्नि कोण पर,
हनुमान जी – दक्षिणी भुजा के मध्य मंदिर में,
सूर्य देव – नैऋत्य कोण में स्थित मंदिर में,
भगवती (मां दुर्गा) – वायव्य कोण मंदिर में,
अन्नपूर्णा माता – उत्तरी भुजा के मध्य मंदिर में,
शिवलिंग – ईशान कोण स्थित मंदिर में,
इनके अलावा परिसर में महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषाद राज, माता शबरी और देवी अहिल्या की प्रतिमाएं भी प्रतिष्ठित की जाएंगी.
आयोजन की भव्यता इस आयोजन को सफल बनाने के लिए 100 से अधिक विशेष आगंतुकों की सूची तैयार की जा रही है. इसमें संत-महात्माओं के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के गणमान्य अतिथियों को आमंत्रित किया जा सकता है. ट्रस्ट पूरे कार्यक्रम को अत्यंत श्रद्धा और परंपरा के साथ संपन्न कराने को लेकर प्रतिबद्ध है.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बताया कि यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी अयोध्या के लिए ऐतिहासिक होगा. राम मंदिर निर्माण के हर चरण को भक्तों से जोड़ा जा रहा है, ताकि यह केवल एक वास्तु निर्माण नहीं, बल्कि राष्ट्र की आस्था का केंद्र बने.
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट बदली है. बीते तीन-चार दिनों से राज्य के कई इलाकों में तेज रफ्तार हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि का (RAIN ALERT IN UP) सिलसिला जारी है. मौसम विज्ञान विभाग ने आगामी तीन दिनों तक 50 से अधिक जिलों में तेज हवा, बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है. इस परिवर्तन का कारण पश्चिमी विक्षोभ को माना जा रहा है, जो 2 मई से हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हुआ है.
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो पहाड़ी इलाकों में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते राज्य के कई क्षेत्रों में तेज आंधी और बारिश की संभावना है. मौसम विभाग का अनुमान है कि इस सिस्टम के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी जिलों में अलग-अलग समय पर मौसम खराब बना रहेगा. (RAIN ALERT IN UP )
लखनऊ ब्रेकिंग 🔹यूपी के 40 से अधिक जिलों में बारिश का अलर्ट 🔹भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी 🔹लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर के लिए अलर्ट 🔹अयोध्या, मेरठ, वाराणसी, आगरा, झांसी में अलर्ट जारी 🔹बरेली समेत यूपी के कई जिलों में वज्रपात का अलर्ट#UPWeather#HeavyRainAlert
इन जिलों में झोंकेदार हवाओं का अलर्ट मौसम विभाग की मानें तो मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं. इसके अलावा इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने (RAIN ALERT IN UP) की संभावना है.
Massive thunderstorms observed over East UP. These are likely to move towards bihar and Jharkhand in coming hours and likely to trigger thunderstorms with strong winds. Isolated places may experience hailstorms as well. pic.twitter.com/QkgRSIndD7
— 🔴All India Weather (@allindiaweather) May 4, 2025
40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फ़तेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, कन्नौज, कानपुर, बाराबंकी, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर सहित अन्य जिलों में भी 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
— India Meteorological Department (@Indiametdept) May 4, 2025
लखनऊ में गर्मी के साथ बादलों की मौजूदगी राजधानी लखनऊ में शनिवार को आसमान मुख्यतः साफ रहा लेकिन अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई. तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो सामान्य से 1 डिग्री कम रहा. न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रहा जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक था. रविवार को बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बूंदाबांदी और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री आवास (UP GOVERNMENT) पर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कृषि विभाग और प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के कृषि विकास, किसानों की भागीदारी और खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ बनाना था. बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि, “उत्तर प्रदेश के किसान प्रदेश के विकास के सशक्त भागीदार हैं. प्रदेश ने बीते 8 वर्षों में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. हमें इस प्रगति को और मजबूती देनी होगी.” उन्होंने बताया कि पिछले 8 वर्षों में राज्य में खाद्यान्न उत्पादन में 167.66 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है, जो कि देशभर में उत्तर प्रदेश की अग्रणी भूमिका को दर्शाता है.
बीजों की रणनीति जलवायु आधारित हो– सीएम सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीजों की उपलब्धता और वितरण को जलवायु के अनुरूप तैयार किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की भिन्नता को देखते हुए बीजों की आपूर्ति रणनीति तैयार होनी चाहिए, जिससे किसानों को ज्यादा उपज मिल सके.
🟩 ब्रेकिंग न्यूज़ | लखनऊ 🟩 सीएम योगी की अध्यक्षता में कृषि व डेयरी विभाग की अहम बैठक किसानों के हित में लिए गए बड़े निर्णय ✅ खाद्यान्न उत्पादन में यूपी ने 8 वर्षों में 167.66 लाख मीट्रिक टन की रिकॉर्ड वृद्धि@UPGovt@BJP4India@BJP4UP@Satishmahanaup @ChiefSecy_UP pic.twitter.com/SM5XHpCrTF
श्री अन्न और प्राकृतिक खेती को मिले प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘श्री अन्न’ यानी मोटे अनाज और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने चाहिए. उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों में इन विषयों को शामिल किया जाए और जन-जागरूकता के माध्यम से लोगों को भी इसके लाभ बताए जाएं.
चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना जल्द बैठक में मुख्यमंत्री ने चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना को जल्द शुरू करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि यह पार्क बीजों की गुणवत्ता सुधार और वैज्ञानिक तरीके से बीज उत्पादन के लिए मील का पत्थर साबित होगा.
कृषि यंत्रों पर सब्सिडी योजना को पारदर्शी बनाने का निर्देश सीएम योगी ने कृषि यंत्रों पर दी जा रही सब्सिडी योजना की पारदर्शिता पर बल देते हुए कहा कि लाभार्थियों को सही समय पर और सटीक जानकारी मिलनी चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि पोर्टल आधारित प्रणाली के माध्यम से आवेदन और वितरण की प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट बनाया जाए.
डेयरी सेक्टर को भी मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री ने प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नई योजनाएं तैयार की जाएं.
मुख्यमंत्री की इस बैठक से स्पष्ट है कि राज्य सरकार किसानों के हित में ठोस और दूरदर्शी निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है. खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि, जलवायु अनुकूल बीज रणनीति, प्राकृतिक खेती और डेयरी क्षेत्र में विस्तार जैसे कदम किसानों की समृद्धि और प्रदेश के आर्थिक विकास की दिशा में सहायक सिद्ध होंगे.
इटावा/उत्तर प्रदेश: जनपद के बढ़पुरा थाना क्षेत्र में (ETAWAH NEWS) एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. यहां एक महिला अपने जीजा के बड़े भाई के साथ घर से फरार हो गई. हैरानी की बात यह है कि वह अपने तीन नाबालिग बच्चों को भी साथ ले गई. पीड़ित पति ने पहले स्थानीय पुलिस से शिकायत की और अब उसने न्याय के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) से गुहार लगाई है.
20 साल पुराना रिश्ता टूटा पीड़ित गोरेलाल ने बताया कि उसकी शादी को 20 साल हो चुके हैं. उसका पारिवारिक जीवन सामान्य था, और उसके तीन बच्चे हैं – दो बेटियाँ और एक बेटा. लेकिन 22 अप्रैल 2025 को उसकी पत्नी पुष्पा देवी अचानक बिना किसी सूचना के तीनों बच्चों को लेकर घर से गायब हो गई. पहले तो परिजनों ने इसे सामान्य घटना माना लेकिन जब कई घंटों तक कोई सूचना नहीं मिली, तो गोरेलाल ने तलाश शुरू की.
जीजा के बड़े भाई के साथ भागी महिला रिश्तेदारों और ग्रामीणों से पूछताछ के बाद जो जानकारी सामने आई, वह बेहद चौंकाने वाली थी. पुष्पा देवी अपने जीजा के बड़े भाई वासुदेव के साथ भागी थी. वासुदेव हाल ही में गुजरात से अपने गाँव लौटा था और वह अक्सर पुष्पा से फोन पर बातचीत करता था. यहां तक कि वह उसे पैसे भी भेजता था. एक बार पुष्पा के फोन पर 12,000 रुपये के मैसेज को लेकर घर में झगड़ा भी हुआ था.
पीड़ित को बेटियों की सुरक्षा की चिंता गोरेलाल ने बढ़पुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई लेकिन उसे पुलिस से संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली. ऐसे में वह सीधे ASP के पास पहुँचा और न्याय की गुहार लगाई. गोरेलाल ने बताया कि उसे अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है. उसे डर है कि कहीं वासुदेव उन्हें किसी गलत हाथों में न बेच दे या फिर उनके साथ कोई अनहोनी न हो जाए.
गोरेलाल ने बताया कि उसे पहले से ही वासुदेव और पुष्पा को लेकर संदेह था लेकिन समाज और परिवार की इज्जत के कारण उसने कभी इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया. बढ़पुरा थाना पुलिस ने पुष्पा देवी और वासुदेव के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. बच्चों की बरामदगी और महिला की तलाश की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए छानबीन तेज कर दी गई है. वहीं, ASP ने पीड़ित को जल्द न्याय दिलाने और बच्चों की सुरक्षित वापसी का भरोसा दिलाया है.
मेरठ: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती प्रक्रिया सेंधमारी करने वाले मास्टरमाइंड (CRPF JAWAN ARRESTED) को मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी जम्मू-कश्मीर में एएसआई के पद पर तैनात है और छुट्टियों पर मेरठ आया था. पुलिस ने आरोपी को शनिवार को मेरठ की सिविल लाइन थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया.
राजेंद्र कुमार पर आरोप है कि वह मेडिकल टेस्ट में पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से 21 हजार रुपये की रिश्वत वसूल रहा था. जांच में सामने आया कि राजेंद्र और उसका सहयोगी सागर कुमार इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे. कुछ दिन पहले पुलिस ने सागर को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद राजेंद्र का नाम सामने आया.
खाकी पैंट और लाल जूते में आया ‘फर्ज़ी दारोगा’ इस फर्जीवाड़े का खुलासा उस समय हुआ जब परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के सिंहपुर निवासी अरुण कुमार, अपने भाई अनुभव का मेडिकल टेस्ट कराने मेरठ पुलिस लाइन पहुंचा था. तभी एक युवक, जिसने खाकी पैंट और लाल जूते पहन रखे थे, खुद को क्राइम ब्रांच का दारोगा बताकर मेडिकल में पास कराने का दावा करने लगा. बदले में उसने 21 हजार रुपये की मांग की. उसने यह भी दावा किया कि वह पहले भी दो अभ्यर्थियों को पास करवा चुका है.
अरुण कुमार ने इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दी और आरोपी सागर को पकड़वाया. सागर को जेल भेजने के बाद जब उससे पूछताछ की गई, तो सीआरपीएफ जवान राजेंद्र कुमार का नाम सामने आया.
सीआरपीएफ जवान से वसूली गई थी डेढ़ लाख की रकम सागर ने पूछताछ में बताया कि राजेंद्र के खाते में अभ्यर्थियों से वसूली गई डेढ़ लाख रुपये की रकम ट्रांसफर की गई थी. हालांकि, राजेंद्र ने सफाई दी कि सागर पर उसका 2 लाख रुपये बकाया था और यह रकम उसी उधारी में दी गई है. पुलिस ने जब दोनों की कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट की जांच की तो इस गोरखधंधे की पुष्टि हुई.
आरोपी की पूरी कुंडली राजेंद्र कुमार मूल रूप से बड़ौत (बावली), जिला बागपत का निवासी है और फिलहाल बलराम नगर, लोनी, गाजियाबाद में रहता है. वह जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ में एएसआई पद पर तैनात है और छुट्टी लेकर मेरठ आया था. पुलिस का दावा है कि वह इसी प्रकार के कामों में शामिल रहा है.
थाना सिविल लाइन पुलिस ने इस पूरे मामले में अभियोग संख्या 98/2025 को धारा 61(2), 308(2), 318(4), 351(2), 309(4), 317(2) बीएनएस व पुलिस परीक्षा अधिनियम की धारा 13(2) के तहत दर्ज किया है. गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना सिविल लाइन के उपनिरीक्षक सौरभ तिवारी, उपनिरीक्षक शुभम पचौरी और हेड कांस्टेबल राजीव कुमार शामिल रहे.
पुलिस की सतर्कता और कार्रवाई सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है. ऐसे किसी भी फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. पुलिस इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश कर रही है.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (YOGI GOVERNMENT) ने राज्य के शहरी विकास कार्यों में तेजी लाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक के बाद एक अहम फैसले लिए हैं. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों में लंबित भवन मानचित्रों के मामलों की तत्काल समीक्षा की जाए और एक निश्चित समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण किया जाए. मुख्यमंत्री का यह निर्देश एक बड़ी प्रशासनिक पहल मानी जा रही है, जिससे जनता को राहत मिलने की पूरी उम्मीद है.
बार-बार की आपत्ति पर रोक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में साफ तौर पर कहा कि भवन मानचित्रों पर बार-बार आपत्तियां जताना गलत है. उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों को एक ही बार में आपत्तियों के साथ निपटाया जाए और बार-बार फाइलें रोकने की प्रवृत्ति पर रोक लगे. इस आदेश से प्राधिकरणों में कार्यरत कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी और आम नागरिकों को राहत मिलेगी.
GIS आधारित मास्टर प्लान को जल्द अनुमोदित करें मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य के नगरों में जीआईएस आधारित मास्टर प्लान को मौजूदा माह की समाप्ति से पहले अनुमोदित कराया जाए. उनका कहना था कि शहरी नियोजन, आवासीय विकास, अधोसंरचना और डिजिटल प्रबंधन के कार्यों को समन्वित दृष्टिकोण से लागू करना अब आवश्यक हो गया है. जीआईएस बेस्ड प्लानिंग से योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी.
सीएम योगी ने विकास प्राधिकरणों दिए निर्देश- (UP GOVERNMENT)
कानपुर, आगरा और लखनऊ मेट्रो को मिलेगी रफ्तार बैठक में मेट्रो परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर 1 और 2 का कार्य इस वर्ष दिसंबर तक पूरा हो जाएगा. मोतीझील से कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक 6.7 किलोमीटर का अंडरग्राउंड सेक्शन बनकर तैयार हो चुका है. वहीं, आगरा मेट्रो के पहले कॉरिडोर को दिसंबर 2025 तक और दूसरे कॉरिडोर को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. लखनऊ मेट्रो के चारबाग से बसंतकुंज तक के सेक्शन पर कार्य तेजी से चल रहा है. मुख्यमंत्री ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के सीमा विस्तार और जेपीएनआईएसी (JPNAIC) को जल्द हस्तांतरित करने के भी निर्देश दिए.
इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर बनेगा नई पहचान लखनऊ में 900 करोड़ की लागत से इंटरनेशनल एक्जीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कार्य दो वर्षों में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. यह परियोजना 32.50 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही है और मुख्यमंत्री का मानना है कि यह नया सेंटर “नए लखनऊ की पहचान” बनेगा. इस प्रोजेक्ट के माध्यम से राज्य को एक वैश्विक स्तर की प्रदर्शनी और सम्मेलन सुविधा मिलेगी.
यूपी-एससीआर के डीपीआर में नहीं होनी चाहिए देरी मुख्यमंत्री ने यूपी-एससीआर परियोजना की भी समीक्षा की, जिसमें लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी जैसे जिले शामिल हैं. यह परियोजना कुल 27,826 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल को कवर करती है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस परियोजना की डीपीआर की प्रक्रिया में कोई भी देरी न हो और जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार की जाए.
आगामी तीन महीनों की कार्ययोजना भी हुई तय समीक्षा बैठक में आगामी तीन महीनों की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई. इसमें उत्तर प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अधिनियम-2025, लैंड पूलिंग पॉलिसी-2025, और भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 को लागू करने की प्रक्रिया शामिल है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन नीतियों को धरातल पर उतारने के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की जाएंगी.
शहरी विस्तार योजना को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री ने शहरी विस्तार/नए शहर प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत अनुमोदित परियोजनाओं को जून 2025 से दिसंबर 2025 तक चरणबद्ध तरीके से शुरू करने के निर्देश दिए. झांसी, बरेली, अलीगढ़, सहारनपुर, आगरा (ककुआ), कानपुर (न्यू कानपुर सिटी योजना), मथुरा (ट्रांसपोर्ट नगर), मुरादाबाद (डिडौसी), बुलंदशहर, गाज़ियाबाद, मेरठ और लखनऊ जैसे शहरों को इस योजना में शामिल किया गया है. इन योजनाओं की समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए.
चार महायोजनाएं इसी माह हों अनुमोदित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीआईएस आधारित महायोजना संरचना के अंतर्गत प्रदेश के 59 नगरों की महायोजनाएं तैयार की जा रही हैं, जिनमें से 42 को अनुमोदन मिल चुका है. शेष चार महायोजनाएं—झांसी, मैनपुरी, फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ और बहराइच—के अनुमोदन की प्रक्रिया को इसी महीने के भीतर पूरा कर लिया जाए.
इटावा: देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा UPSC 2024 में इटावा की बेटी युक्ति पाण्डेय ने 173वीं रैंक (YUKTI PANDEY UPSC RANK) प्राप्त कर जिले का नाम रोशन कर दिया है. उनकी इस उपलब्धि पर पूरे इटावा में गर्व और खुशी की लहर है. शनिवार को जब युक्ति अपने पूर्व विद्यालय ‘संत विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल’ पहुंचीं, तो वहां का माहौल उल्लास और सम्मान से भर गया.
विद्यालय के निदेशक ने दी बधाई विद्यालय में युक्ति का स्वागत बेहद भव्य तरीके से किया गया. जैसे ही उन्होंने स्कूल परिसर में कदम रखा, उनकी आंखें भावुकता से नम हो गईं. स्वागत के दौरान स्कूल बैंड की धुनें बजाई गईं, उन्हें फूलों के गुलदस्ते और मालाएं भेंट की गईं. पूरा माहौल एक उत्सव में बदल गया. विद्यालय के निदेशक डॉ. आनंद ने उन्हें गले लगाकर बधाई दी और कहा, “युक्ति की सफलता उनके अनुशासन, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास का प्रमाण है.” उन्होंने कहा कि युक्ति ने पूरे विद्यालय का गौरव बढ़ाया है.
एक साथ तीन छात्रों की सफलता इस बार UPSC में विद्यालय के तीन छात्रों – युक्ति पाण्डेय, शिवम यादव और सिद्धार्थ राव गौतम – का चयन हुआ है. प्रधानाचार्य डॉ. आनंद ने इसे स्कूल के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा, “हमने हमेशा बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित किया है. यह सफलता उसी का परिणाम है.”
चेयरमैन ने बताया मेहनत को सफलता की कुंजी विद्यालय के चेयरमैन डॉ. विवेक यादव ने तीनों छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ईमानदारी, परिश्रम और आत्मविश्वास से ही इस मुकाम को पाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यह सफलता न सिर्फ इन विद्यार्थियों की है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत भी बनेगी.
युक्ति का सफलता मंत्र: आत्मविश्वास और अनुशासन सम्मान समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए युक्ति पाण्डेय ने कहा, “आज हर क्षेत्र में प्रतियोगिता बहुत ज्यादा है लेकिन आत्मविश्वास, अनुशासन और सच्ची मेहनत से हर चुनौती को पार किया जा सकता है. कभी अपने सपनों को छोटा मत समझिए और मुश्किलों से डरिए नहीं.”
शिक्षकों का गर्व और आशीर्वाद इस मौके पर विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकगण – निर्देश त्रिपाठी, शिवराज सिंह, पुष्पेंद्र सिंह सेंगर, अर्चना कुलश्रेष्ठ, शबीना खान, नम्रता चौहान, प्रतिभा मिश्रा, अर्चना गुप्ता आदि मौजूद रहे. सभी ने अपनी पूर्व छात्रा की इस ऐतिहासिक सफलता पर गर्व व्यक्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. युक्ति की सफलता न केवल इटावा के लिए बल्कि उत्तर प्रदेश के शिक्षा जगत के लिए भी एक प्रेरणास्पद उपलब्धि है.
इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में छेड़खानी और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर एक 19 वर्षीय बीएससी छात्रा ने आत्महत्या (ETAWAH GIRL COMMITS SUICIDE) कर ली. यह दर्दनाक घटना ऊसराहार थाना क्षेत्र के एक गांव की है, जहां छात्रा ने 26 अप्रैल को ज़हर खा लिया था. उसे गंभीर हालत में सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
परिजनों ने गांव के युवक पर लगाया आरोप मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पड़ोस में रहने वाला युवक रिज़वान उसे लंबे समय से परेशान कर रहा था. वह छात्रा को अश्लील मैसेज भेजता, रास्ते में रोकता और शादी के लिए दबाव बनाता था. जब छात्रा ने इसका विरोध किया, तो रिज़वान ने उसके भाई को जान से मारने की धमकी भी दी थी. परिवार का कहना है कि यह उत्पीड़न लंबे समय से जारी था, जिससे छात्रा मानसिक रूप से टूट गई थी.
दबाव में आकर छात्रा ने जहर खाया छात्रा के पिता और भाई ने बताया कि उन्होंने 24 अप्रैल को रिज़वान द्वारा जान से मारने की धमकी मिलने के बाद 26 अप्रैल को थाने में आरोपी और उसके दो साथियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. लेकिन पुलिस ने इस मामले में समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपी का हौसला और बढ़ गया. इसी दबाव में छात्रा ने उसी रात ज़हर खा लिया. (ETAWAH GIRL COMMITS SUICIDE)
गांव में तनाव का माहौल घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है. परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि अगर समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो बेटी की जान बचाई जा सकती थी. इतना ही नहीं, छात्रा की मौत के बाद उसके शव को मेडिकल कॉलेज से पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने में 10 घंटे की देरी हुई, जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया. पोस्टमॉर्टम हाउस में खराब डीप फ्रीज़र में शव रखने को लेकर भी हंगामा हुआ.
इटावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर मुख्य आरोपी रिज़वान और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया गया है. गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है. इस घटना के सामने आने के बाद कुछ हिंदू संगठनों ने सक्रियता दिखाई है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है. प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और शांति बनाए रखने की अपील की गई है.
औरैया: उत्तर प्रदेश के जनपद औरैया में एक बार फिर रिश्तों को शर्मसार (AURAIYA CRIME NEWS) कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां पर एक कलयुगी पिता ने अपनी 15 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है. पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच पड़ताल शुरू कर दी हैं.
पूरा मामला है औरैया जनपद के अछल्दा थाना क्षेत्र का है, जहां पर एक कलयुगी पिता ने अपनी ही बेटी को हवस का शिकार (AURAIYA CRIME NEWS) बना डाला. आरोप हैं कि 15 वर्षीय किशोरी के साथ पिता ने दुष्कर्म किया. घटना 28 अप्रैल की बताई जा रही है. मामले में किशोरी की मां ने अछल्दा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है.
पीडि़ता ने मां को बताई आपबीती पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि वह अपने भाई के साथ एरवाकटरा क्षेत्र में एक शादी समारोह में गई थी. घर में उसकी 15 वर्षीय बेटी अकेली थी. 28 अप्रैल की रात को उसका पति घर वापस आया गया था. आरोप है कि रात में उसने अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म किया. जब दूसरे दिन उसकी मां घर लौटी तो उसने पूरी व्यथा मां को बताई. इसके बाद मां बेटी को थाने ले गई और पुलिस को घटना की सारी आप बीती बताते हुए पुलिस को शिकायती पत्र दिया.
क्षेत्राधिकारी बिधूना प्रत्यूष मिश्रा ने बताया कि आज 2 मई 2025 को थाना अछल्दा क्षेत्र के एक गांव से 112 पर बेटी के साथ दुष्कर्म करने की सूचना प्राप्त हुई थी. सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, जहां पर पीड़िता और परिवारी जनों से बात कर घटना का प्रथम दृष्टया सत्य होना पाया गया. पीड़िता की माता के द्वारा प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना अछल्दा पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की जा रही है.