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Category: उत्तर प्रदेश

  • हमीरपुर: तेज रफ्तार बाइक ने मासूम को रौंदा, सीसीटीवी में कैद हुई घटना – HAMIRPUR BIKE ACCIDENT

    हमीरपुर: तेज रफ्तार बाइक ने मासूम को रौंदा, सीसीटीवी में कैद हुई घटना – HAMIRPUR BIKE ACCIDENT

    हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के राठ कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ओढेरा रोड से एक दिल दहला देने वाला हादसा (HAMIRPUR BIKE ACCIDENT) सामने आया है. इस भयावह हादसे की पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.

    जानकारी के मुताबिक, एक मासूम बच्चा घर के अंदर से अचानक दौड़ता हुआ बाहर निकला और उसी समय एक तेज रफ्तार बाइक आ रही थी. बाइक सवार बच्चे को देख नहीं सका और बच्चा सीधे उसकी चपेट में आ गया. बाइक की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह मासूम की गर्दन के ऊपर से गुजर गई. इसके बाद बच्चा बाइक के बीच में फंस गया और लगभग 20 कदम तक फिसलता चला गया.

    घटना के बाद घर में मचा हड़कंप
    घटना होते ही घर में चीख-पुकार मच गई. परिजनों ने आनन-फानन में बच्चे को उठाकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों की टीम बच्चे के इलाज में जुटी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. हादसे से आक्रोशित परिजनों ने बाइक सवार के खिलाफ राठ कोतवाली में तहरीर दी है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है.

    स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
    स्थानीय लोगों का कहना है कि ओढेरा रोड पर आए दिन तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है. लोगों ने प्रशासन से सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाने और ट्रैफिक नियंत्रण के ठोस इंतजाम करने की मांग की है. यह हादसा एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और बच्चों की देखरेख के प्रति सतर्कता की चेतावनी देता है.

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  • मेरठ: हेडकांस्टेबल पति पर गंभीर आरोप, पत्नी ने दर्ज कराया केस, छठवीं शादी करने की तैयारी में था आरोपी- HEAD CONSTABLE MARRIAGE CASE

    मेरठ: हेडकांस्टेबल पति पर गंभीर आरोप, पत्नी ने दर्ज कराया केस, छठवीं शादी करने की तैयारी में था आरोपी- HEAD CONSTABLE MARRIAGE CASE

    मेरठ: कंकरखेड़ा थाने में एक महिला टीचर ने अपने पुलिसकर्मी पति के खिलाफ गंभीर आरोप (HEAD CONSTABLE MARRIAGE CASE) लगाते हुए केस दर्ज कराया है. महिला का आरोप है कि उसका पति, जो इस समय हरियाणा के गुरुग्राम पुलिस मुख्यालय में हेडकांस्टेबल के पद पर तैनात है, पहले ही चार महिलाओं से शादी कर चुका है और अब वह छठी शादी करने की तैयारी में है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उसने किसी भी पत्नी को तलाक नहीं दिया.

    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका पति राहुल कुमार मूल रूप से मुजफ्फरनगर जिले के बधाई गांव का रहने वाला है और उसका परिवार द्वारिका सिटी, मुजफ्फरनगर में निवास करता है. महिला खुद बरेली जिले के मीरगंज ब्लॉक के एक गांव में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत है.

    पति करता था मारपीट, हुआ गर्भपात
    पीड़ित महिला ने बताया कि जब उसने पति की अन्य शादियों के बारे में जानकारी हासिल की और इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की. महिला का आरोप है कि इस हिंसा के चलते उसका तीन महीने का गर्भपात हो गया. महिला के मुताबिक, राहुल शराब पीकर आए दिन उसके साथ मारपीट करता था और कई बार बरेली में उसके स्कूल तक जाकर हंगामा करता था.

    महिला ने बताया कि राहुल ने जिन चार महिलाओं से पहले शादी की है, उनके नाम निशी (निवासी इंचौली), सोनू (नई मंडी, मुजफ्फरनगर), मनोरमा देवी और शिवानी हैं. इन चारों में से किसी को भी राहुल ने तलाक नहीं दिया है. अब वह मुजफ्फरनगर की ही एक अन्य युवती से छठी शादी करने की योजना बना रहा है.

    आरोपी के परिवार पर भी लगे गंभीर आरोप
    महिला ने राहुल की मां सतवीरी और बड़े भाई प्रशांत कुमार पर भी आरोप लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि इन दोनों ने हमेशा राहुल का साथ दिया और उस पर अत्याचार में हिस्सेदार रहे. महिला ने बताया कि वह एक सम्मानित परिवार से ताल्लुक रखती है—उसके पिता एयरफोर्स से सेवानिवृत्त हैं और उसका भाई सेना में अधिकारी है.

    पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच शुरू
    इस पूरे मामले में कंकरखेड़ा थाना प्रभारी विनय कुमार ने मीडिया को बताया कि महिला की तहरीर पर आरोपी पति राहुल, उसकी मां और बड़े भाई के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि सारे तथ्यों की गहराई से जांच कर कार्रवाई की जाएगी.

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  • लखनऊ: नेपाल सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों और धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई- ACTION AGAINST MADRASAS

    लखनऊ: नेपाल सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों और धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई- ACTION AGAINST MADRASAS

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने नेपाल सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों और धार्मिक स्थलों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई (ACTION AGAINST MADRASAS) शुरू कर दी है. प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान में बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, पीलीभीत और महाराजगंज के जिलों में कई अवैध निर्माण सील किए गए हैं. इसके साथ ही अवैध धार्मिक संस्थानों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है.

    खासकर, बलरामपुर में 20 मदरसे चिन्हित (ACTION AGAINST MADRASAS) किए गए हैं, जो बिना किसी वैध दस्तावेज़ के संचालित हो रहे थे. इसी तरह बहराइच में 143 अतिक्रमण हटाए गए और 6 मदरसे सील किए गए हैं. सिद्धार्थनगर में 17 मदरसों और एक अवैध धार्मिक स्थल पर कार्रवाई की गई है. श्रावस्ती में 53 मदरसे सील किए गए और 151 पर बेदखली की कार्रवाई की गई. इसके अलावा, एक अवैध धार्मिक स्थल को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है. पीलीभीत जिले में 7 अवैध मदरसे और 77 अवैध धार्मिक स्थल मिले हैं, जिन पर कार्रवाई की गई है.

    कार्यवाही का उद्देश्य
    प्रदेश सरकार का यह कदम अवैध कब्जों और धार्मिक स्थलों के खिलाफ है, जो न केवल वक्फ कानून के खिलाफ हैं, बल्कि इनका अवैध निर्माण समाज में असामान्यता और सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न करता है. नेपाल सीमा से सटे इलाकों में इन अवैध निर्माणों के होने से सीमा सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने में भी खतरा पैदा हो रहा था. ऐसे में सरकार ने इसे रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है.

    अतिक्रमण हटाओ अभियान
    अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत इन जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर अवैध कब्जों को हटाया और अवैध निर्माणों को सील किया. इस अभियान के दौरान, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था. इसके अलावा, अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार के अन्य अवैध निर्माणों को ना बनने दिया जाए.

    धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई
    धार्मिक स्थलों की अवैध गतिविधियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है. प्रशासन ने उन मदरसों और धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई की, जो बिना किसी कानूनी स्वीकृति के चल रहे थे. ये कार्रवाई न केवल कानून की पालना सुनिश्चित करने के लिए जरूरी थी, बल्कि समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण थी.

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  • लखनऊ: ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए योगी सरकार का ऐतिहासिक कदम, राशन कार्ड समेत मिलेंगी की सुविधाएं- TRANSGENDER COMMUNITY

    लखनऊ: ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए योगी सरकार का ऐतिहासिक कदम, राशन कार्ड समेत मिलेंगी की सुविधाएं- TRANSGENDER COMMUNITY

    लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय (TRANSGENDER COMMUNITY) के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. योगी सरकार अब एक विशेष अभियान के तहत ट्रांसजेंडर नागरिकों को राशन कार्ड प्रदान करेगी, जिससे उन्हें खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. यह कदम उन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए है जो अभी तक राशन कार्ड से वंचित थे और खाद्य सुरक्षा जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे थे. खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा.

    इस अभियान का उद्देश्य उन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (TRANSGENDER COMMUNITY) की पहचान करना है, जो किसी कारणवश अभी तक राशन कार्ड से वंचित हैं. सरकार के इस कदम से उन नागरिकों को राहत मिलेगी जो आजीविका के स्थायी साधनों से वंचित हैं और सामाजिक असमानताओं के कारण बुनियादी सरकारी सुविधाओं से भी वंचित रहे हैं. राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर नागरिकों को स्थायी रोजगार और सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था. इस दिशा में यूपी ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड ने शासन को जानकारी दी थी और अब इस समुदाय के वंचित नागरिकों को राशन कार्ड जारी कर उन्हें खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.

    हर जिले में चलेगा विशेष अभियान
    खाद्य एवं रसद विभाग ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में ट्रांसजेंडर समुदाय के पात्र व्यक्तियों की पहचान करें और तुरंत प्रभाव से राशन कार्ड जारी करें. विभाग ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने का निर्देश दिया है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे. पात्रता की पुष्टि के बाद इन व्यक्तियों को “पात्र गृहस्थी” श्रेणी में शामिल किया जाएगा और उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभ मिलेगा.

    वृद्धाश्रम और छात्रवृत्ति से आत्मसम्मान
    इसके अलावा, राज्य सरकार ने 60 वर्ष से अधिक आयु के ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए वृद्धाश्रम की सुविधा भी शुरू की है. उन्हें पेंशन, आयुष्मान भारत कार्ड, स्वास्थ्य जांच, भोजन और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसी सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी. इसके अलावा, ट्रांसजेंडर समुदाय की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने हर जनपद में ट्रांसजेंडर सुरक्षा सेल की स्थापना की है. अब तक 1,067 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी हो रही है. इसके साथ ही 248 ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है.

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  • इकदिल नगर पंचायत उपचुनाव: शांतिपूर्ण माहौल में 49% मतदान संपन्न, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम- IKDIL NAGAR PANCHAYAT BYPOLL

    इकदिल नगर पंचायत उपचुनाव: शांतिपूर्ण माहौल में 49% मतदान संपन्न, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम- IKDIL NAGAR PANCHAYAT BYPOLL

    इटावा: इकदिल नगर पंचायत में शुक्रवार को अध्यक्ष पद के लिए हुए उपचुनाव (IKDIL NAGAR PANCHAYAT BYPOLL) में कुल 49 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. सुबह मौसम खराब होने के कारण मतदान धीमी गति से शुरू हुआ, लेकिन जैसे ही मौसम में सुधार हुआ, मतदाताओं का उत्साह बढ़ा और मतदान केंद्रों पर भीड़ बढ़ती गई. बता दें, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष फूलन देवी के निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी, जिसको भरने के लिए इस उपचुनाव का आयोजन किया गया था. इस उपचुनाव में चार प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला अब मतपेटियों में बंद हो गया है.

    शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हुआ मतदान
    नगर पंचायत क्षेत्र में 14,202 पंजीकृत मतदाताओं के लिए प्रशासन ने 8 मतदान केंद्रों पर 17 बूथ बनाए थे. चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त सुरक्षा इंतजाम किए थे. सीसीटीवी निगरानी, मजिस्ट्रेटों की तैनाती और पुलिस बल की चाक-चौबंद व्यवस्था ने किसी भी तरह की अव्यवस्था को पनपने नहीं दिया.

    जिलाधिकारी ने लिया मतदान केंद्रों का जायजा
    जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल और पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायज़ा लिया और लोगों से निर्भय होकर मतदान करने की अपील की. उनके साथ कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे.

    महिलाओं और युवाओं में दिखा उत्साह
    इस चुनाव की एक खास बात यह रही कि महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं में मतदान को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला. कई बूथों पर महिलाओं की लंबी कतारें नजर आईं, जो लोकतंत्र के प्रति लोगों की जागरूकता को दर्शाता है.

    चुनावी मुद्दे और प्रत्याशियों की रणनीति
    उपचुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के अलावा एक निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं. सभी प्रत्याशियों ने सफाई व्यवस्था, जल आपूर्ति, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट और स्थानीय प्रशासनिक समस्याओं को अपने प्रचार अभियान का हिस्सा बनाया. सोशल मीडिया के साथ-साथ घर-घर जनसंपर्क और नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास किया गया.

    मतपेटियां स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित
    मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के तुरंत बाद सभी ईवीएम और मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच निर्धारित स्ट्रॉन्ग रूम में पहुंचा दिया गया है. इन पर 24 घंटे सुरक्षा बलों की निगरानी रहेगी. जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, मतगणना की तारीख और स्थान की जानकारी शीघ्र सार्वजनिक की जाएगी.

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  • एयर फोर्स का शक्ति प्रदर्शन: शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस वे पर उतारे लड़ाकू विमान; मिराज, राफेल और जगुआर गरजे- INDIAN AIR FORCE

    एयर फोर्स का शक्ति प्रदर्शन: शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस वे पर उतारे लड़ाकू विमान; मिराज, राफेल और जगुआर गरजे- INDIAN AIR FORCE

    शाहजहांपुर: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव है. इस बीच भारतीय एयर फोर्स (INDIAN AIR FORCE) ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में शक्ति प्रदर्शन किया है. इंडियन एयरफोर्स ने शुक्रवार (2 मई) को गंगा एक्सप्रेस-वे पर बनी 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी पर राफेल, मिराज और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों की लैंडिंग कराई. इस दौरान
    गंगा एक्सप्रेस-वे पर एक ऐतिहासिक और रोमांचक दृश्य देखने को मिला. पहली बार इस एक्सप्रेस-वे पर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने सफलतापूर्वक लैंडिंग और टेक-ऑफ कर अपनी सामरिक ताकत और तकनीकी कुशलता का प्रदर्शन किया.

    गंगा एक्सप्रेस वे पर बनी है एयर स्ट्रिप
    यह ऐतिहासिक अभ्यास शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील के पीरू गांव के पास, गंगा एक्सप्रेस-वे पर बनाई गई 3.5 किलोमीटर लंबी एयर स्ट्रिप पर हुआ. सुबह से ही हजारों लोगों की निगाहें आकाश की ओर थीं, जहां वायुसेना के लड़ाकू विमान आसमान को चीरते हुए अपने शौर्य का प्रदर्शन कर रहे थे. हालांकि, मौसम में थोड़ी रुकावट रही, जिससे कार्यक्रम देर से शुरू हुआ, लेकिन लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई.

    गंगा एक्सप्रेस-वे: विकास और रक्षा का संगम
    594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाता है. यह राज्य की आर्थिक और सामाजिक विकास यात्रा में एक मील का पत्थर है. वहीं, अब यह एक्सप्रेस-वे सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो गया है. अडानी ग्रुप द्वारा निर्मित यह हवाई पट्टी न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए सुरक्षा की दृष्टि से अहम साबित हो सकती है.

    https://twitter.com/UPGovt/status/1918207514539376863

    वैकल्पिक एयरबेस की तरह हो सकेगा इस्तेमाल
    विशेषज्ञों के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर यह रनवे वायुसेना के विमानों के लिए वैकल्पिक एयरबेस की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. खास बात यह है कि यह हवाई पट्टी चीन सीमा से मात्र 250 किलोमीटर दूर है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और भी बढ़ जाती है.

    राफेल, मिराज और हरक्यूलिस ने दिखाया दम
    इस ऐतिहासिक मौके पर वायुसेना के राफेल, मिराज और जगुआर जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया. इसके अलावा हरक्यूलिस और कैरियर एयरक्राफ्ट्स ने भी रनवे पर टच एंड गो लैंडिंग कर अपने संचालन कौशल का प्रदर्शन किया. आकाश में हुए करतब देखकर जनता रोमांचित हो उठी.

    स्कूली बच्चों समेत वीवीआईपी भी रहे मौजूद
    इस दौरान स्कूली बच्चे, स्थानीय जनप्रतिनिधि और कई वीवीआईपी भी मौजूद रहे. लोगों के बीच देशभक्ति की भावना और आत्मविश्वास झलक रहा था. यह दृश्य ऐसा था, जिसने न केवल उपस्थित जनसमूह को गर्व से भर दिया, बल्कि इस एक्सप्रेस-वे को राष्ट्रीय सुरक्षा के नक्शे पर भी स्थापित कर दिया.

    सुरक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर की नई परिभाषा
    यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश के किसी नवनिर्मित एक्सप्रेस-वे पर वायुसेना के युद्धाभ्यास को देखा गया है. यह इस बात का प्रमाण है कि अब भारत अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर को सैन्य दृष्टिकोण से भी सुदृढ़ बना रहा है. आने वाले समय में इस हवाई पट्टी का इस्तेमाल सैन्य अभ्यास के साथ-साथ आपदा राहत जैसे कार्यों में भी किया जा सकता है.

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    ये भी पढ़ें- मेरठ- पहलगाम हमले के विरोध में उतरा मुस्लिम समाज, बुजुर्ग ने भावुक होकर कही ये बात- MUSLIM COMMUNITY PROTEST

  • मेरठ- पहलगाम हमले के विरोध में उतरा मुस्लिम समाज, बुजुर्ग ने भावुक होकर कही ये बात- MUSLIM COMMUNITY PROTEST

    मेरठ- पहलगाम हमले के विरोध में उतरा मुस्लिम समाज, बुजुर्ग ने भावुक होकर कही ये बात- MUSLIM COMMUNITY PROTEST

    मेरठ- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ देशभर में आक्रोश देखने को मिल रहा है. इसी कड़ी में मेरठ में भी जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया. इस प्रदर्शन में मुस्लिम समाज (MUSLIM COMMUNITY PROTEST) के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आतंकवाद के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया. प्रदर्शनकारियों ने कमिश्नर चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए और आतंकवाद की कड़ी निंदा की. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक भी शामिल हुए जिन्होंने हमले के खिलाफ खुलकर अपनी बात रखी.

    प्रदर्शन के दौरान भावुक हुआ बुजुर्ग
    प्रदर्शन के दौरान एक बुजुर्ग मुस्लिम ने भावुक होकर कहा, “अगर प्रधानमंत्री हमें इजाजत दें, तो हम अपनी जान की बाजी लगाकर आतंकियों को टुकड़े-टुकड़े कर देंगे.” उनका यह बयान वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर गया. उन्होंने कहा कि यह हमला किसी एक मजहब पर नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान पर हुआ है, और हर आम नागरिक का खून इस घटना से खौल रहा है. बुजुर्ग ने यह भी कहा कि “भारतवासी एकजुट हैं और आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.” उनका कहना था कि आतंकवादी न तो किसी मजहब का प्रतिनिधित्व करते हैं और न ही इंसानियत का.

    पाकिस्तान पर जमकर साधा निशाना
    प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थक बताते हुए उस पर कड़ा हमला बोला. उनका कहना था कि पाकिस्तान को पहले खुद को संभालना चाहिए क्योंकि भारत उससे कहीं अधिक शक्तिशाली और विकसित देश है. प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से मांग की कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और इस हमले के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर भारतीय की जिम्मेदारी है.

    पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में मुस्लिम समाज का विरोध प्रदर्शन.

    सैलानियों की जान बचाने वाले आम कश्मीरी को सम्मानित करने की मांग
    प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अलाउद्दीन नामक आम कश्मीरी की बहादुरी की भी प्रशंसा की, जिन्होंने पहलगाम हमले के दौरान सैलानियों की जान बचाई. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि ऐसे वीर नागरिकों को सम्मानित किया जाए और उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाए. उनका कहना था कि यही असली कश्मीरियत है, जो आतंकवाद के खिलाफ खड़ी है.

    ई-रिक्शा चालकों ने भी दिखाई एकजुटता
    प्रदर्शन में शामिल ई-रिक्शा चालकों ने अपने काम को कुछ देर के लिए रोक कर विरोध प्रदर्शन में भाग लिया. उन्होंने कहा कि वो आम लोग हैं, लेकिन अगर देश की जरूरत पड़ी तो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आगे रहेंगे. उनका स्पष्ट संदेश था – “हम भारतवासी हैं, और हम किसी भी आतंकवादी सोच को भारत में पनपने नहीं देंगे.”

    ये भी पढ़ें- मेरठ हिजाब विवाद मामला: डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश, सीसीटीवी की फुटेज भी मंगाई- MEERUT HIJAB ROW

  • मेरठ हिजाब विवाद: डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश, सीसीटीवी की फुटेज भी मंगाई- MEERUT HIJAB ROW

    मेरठ हिजाब विवाद: डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश, सीसीटीवी की फुटेज भी मंगाई- MEERUT HIJAB ROW

    मेरठ: खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज में हिजाब (MEERUT HIJAB ROW) पहनकर स्कूल पहुंची छात्रा को एडमिशन से रोकने के मामले में जांच बैठ गई है. डीआईओएस राजेश कुमार ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है. उक्त टीचर को पूछताछ के लिए बुलाया है. साथ ही स्कूल के सीसीटीवी फुटेज भी मांगी है. बता दें कि मेरठ के थापर नगर स्थित खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज का एक वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया. इसमें छात्रा स्कूल ऑफिस में बैठी है. उसकी एक टीचर से हिजाब पर बहस होती दिख रही है.

    छात्रा ने लगाए गंभीर आरोप
    छात्रा ने आरोप लगाया कि हिजाब पहनने की वजह से स्कूल प्रशासन ने उसे एडमिशन नहीं दिया. वीडियो में वह स्कूल ऑफिस में बैठी नजर आ रही है, जहां एक टीचर के साथ उसकी बहस हो रही है. छात्रा ने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दावा किया कि टीचर ने उसे हिजाब हटाने को कहा था.

    हालांकि, स्कूल मैनेजमेंट ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है. स्कूल प्रशासन का कहना है कि, “हमारे यहां कई मुस्लिम छात्राएं पढ़ती हैं. सभी के लिए समान नियम हैं. छात्रा को केवल चेहरा दिखाने के लिए कहा गया था, क्योंकि प्रवेश की प्रक्रिया में यह जरूरी होता है. इसे जानबूझकर गलत तरीके से वायरल किया गया है, ताकि स्कूल की छवि को नुकसान पहुंचे.”

    डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश
    जैसे ही यह मामला सामने आया, जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राजेश कुमार ने संज्ञान लेते हुए जांच का आदेश दिया है. डीआईओएस ने स्कूल प्रशासन से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है और सीसीटीवी फुटेज भी तलब की गई है ताकि सच सामने आ सके.

    राजेश कुमार, डीआईओएस.

    राजेश कुमार ने मीडिया को बताया, “मामला एक अल्पसंख्यक शिक्षण संस्था का है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर जांच समिति गठित की जाएगी. यह भी जांच का विषय है कि जो महिलाएं वीडियो में नजर आ रही हैं वे वास्तव में छात्राएं हैं या नहीं. इस मामले में किसी भी प्रकार की धार्मिक या सामाजिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसके लिए जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी.”

    स्कूल का पक्ष
    स्कूल की प्रिंसिपल का कहना है कि दो महिलाएं बच्चियों का प्रवेश कराने आई थीं. प्रवेश प्रक्रिया के दौरान एक टीचर ने उनसे चेहरा दिखाने का अनुरोध किया, जिससे वे नाराज हो गईं और बहस शुरू हो गई. इसी बहस के दौरान वीडियो बनाया गया और वायरल कर दिया गया. प्रिंसिपल ने आगे कहा, “हमारे यहां हर धर्म और समुदाय की छात्राएं पढ़ती हैं. हिजाब या किसी अन्य धार्मिक प्रतीक से किसी को रोकने का कोई नियम स्कूल में नहीं है. वायरल वीडियो का उद्देश्य केवल गलतफहमी फैलाना है.”

    बोर्ड परीक्षा सेंटर भी है खालसा स्कूल
    गौरतलब है कि खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज, मेरठ में बोर्ड परीक्षा का सेंटर भी रहता है, ऐसे में इस तरह की घटनाओं का सामने आना शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. जांच अधिकारी इस बात की भी पुष्टि करेंगे कि कहीं यह मामला बोर्ड परीक्षा या किसी अन्य प्रवेश प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए तो नहीं उठाया गया.

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  • उत्तर प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में तेज बारिश और हवाओं से तापमान में गिरावट- UP WEATHER ALERT

    उत्तर प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में तेज बारिश और हवाओं से तापमान में गिरावट- UP WEATHER ALERT

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार सुबह से ही मौसम ने करवट ले ली है. गुरुवार रात से ही तेज हवाओं और बादलों की आवाजाही के बीच शुक्रवार को कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई. मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव 24 अप्रैल को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है. विभाग ने पहले ही राज्य के 62 जिलों में तेज बारिश और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी थी.

    आगरा: गुरुवार रात से ही मौसम में बदलाव देखा गया. सुबह करीब 6 बजे गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई. ठंडी हवाओं ने तापमान में गिरावट लाकर मौसम को सुहाना बना दिया. मौसम विभाग ने 5 मई तक बारिश और आंधी की संभावना जताई है. बारिश के कारण स्कूलों में छुट्टी कर दी गई.

    बुलंदशहर: शुक्रवार सुबह से ही हो रही बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है. तेज हवाओं के बीच लगातार बारिश हो रही है.

    मथुरा: सुबह 4 बजे से रुक-रुककर हो रही बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं. गरज-चमक के साथ बौछारों से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.

    अलीगढ़: तेज हवाओं और झमाझम बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया है. हालांकि, लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिससे यातायात और जनसुविधाओं पर असर पड़ा है.

    सीएम योगी ने दिए निर्देश
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम में हो रहे बदलाव और आपदा की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्यों पर नजर रखें. आंधी-बारिश, बिजली गिरने या ओलावृष्टि से अगर जनहानि या पशुहानि होती है, तो प्रभावितों को तत्काल राहत राशि वितरित की जाए. घायलों का समुचित इलाज कराया जाए. फसलों की क्षति का आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाए.

    सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि जलभराव की स्थिति में तत्काल जल निकासी की व्यवस्था की जाए. मुख्यमंत्री ने गोरखपुर और बस्ती में आकाशीय बिजली गिरने से हुई मौतों पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को अनुमन्य राहत राशि तत्काल देने और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश भी दिए हैं.

    इन जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना
    मौसम विभाग ने वज्रपात और तेज झोंकेदार हवाओं की संभावना जिन जिलों में जताई है, उनमें प्रमुख रूप से लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, मुरादाबाद, अयोध्या, सुल्तानपुर, बलिया, मऊ, देवरिया, संत कबीर नगर, बस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, अमेठी, सहारनपुर, शामली आदि शामिल हैं. लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें, बिना जरूरत के घर से बाहर न निकलें, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूरी बनाए रखें.

  • औरैया- सेंगर नदी में नहाने गए 3 छात्रों की डूबने से मौत, मरने वालों में दो सगे भाई शामिल- THREE DIED IN AURAIYA

    औरैया- सेंगर नदी में नहाने गए 3 छात्रों की डूबने से मौत, मरने वालों में दो सगे भाई शामिल- THREE DIED IN AURAIYA

    औरैया- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। स्कूल से लौटने के बाद नहाने के लिए सेंगर नदी गए छह छात्रों में से तीन की डूबकर मौत (THREE DIED IN AURAIYA) हो गई, जिनमें दो सगे भाई भी शामिल थे। तीन अन्य छात्रों को समय रहते स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मृतकों में असवी गांव, कानपुर देहात के रहने वाले दो सगे भाई और एक अन्य किशोर शामिल हैं।

    घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के जौरा गांव की है, जहां गुरुवार दोपहर को छह छात्र स्कूल से लौटने के बाद सेंगर नदी में नहाने चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सभी छात्र नदी के गहरे हिस्से में चले गए और डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर बचाव का प्रयास किया, लेकिन तब तक तीन छात्रों की जान जा चुकी थी।

    मृतकों की पहचान
    आर्यन (कक्षा 9)
    हरसु (कक्षा 8) — दोनों सगे भाई, पिता का नाम दिनेश बाबू
    कृष्णा सिंह (उम्र 15 वर्ष, कक्षा 8), पिता: वीर सिंह

    तीनों छात्र असवी गांव (कानपुर देहात) के रहने वाले थे और अवधेश सिंह इंटर कॉलेज में पढ़ते थे। गुरुवार को परीक्षा देने के बाद वे नदी में नहाने गए थे।

    प्रशासन की कार्रवाई
    घटना की सूचना मिलते ही एसीपी औरैया अभिजीत आर. शंकर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और कानूनी कार्यवाही की जा रही है। असवी गांव के थाना प्रभारी को भी सूचना दे दी गई है ताकि मृतकों के परिवार को उचित सहायता मिल सके।

    परिजनों में मचा कोहराम
    हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है। एक साथ दो बेटों को खोने वाले दिनेश बाबू और कृष्णा के पिता वीर सिंह की हालत बेहद खराब है। गांव में शोक की लहर है और प्रशासन से मदद की मांग की जा रही है।