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Category: उत्तर प्रदेश

  • पहलगाम आतंकी हमला: कानपुर में शुभम द्विवेदी की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त- Pahalgam Terror Attack

    पहलगाम आतंकी हमला: कानपुर में शुभम द्विवेदी की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त- Pahalgam Terror Attack

    कानपुर, उत्तर प्रदेश: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) में कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी की शहादत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को शुभम का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव हाथीपुर पहुंचा, जहां गम और गुस्से के माहौल में उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। लोगों की भारी भीड़ ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक, परिजनों को दिया भरोसा
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हाथीपुर गांव पहुंचे और शुभम द्विवेदी के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई। उन्होंने कहा, “आतंकियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। डबल इंजन की सरकार मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।” उन्होंने यह भी कहा कि पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है, और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।

    सीएम ने भावुक स्वर में कहा कि आतंकियों ने धर्म पूछकर बहनों और बेटियों का सिंदूर उजाड़ दिया है। उन्होंने शुभम के पिता से फोन पर बात कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया था। योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का भी जिक्र किया और कहा कि भारत अब एक निर्णायक मोड़ पर है।

    शुभम की दो महीने पहले हुई थी शादी
    शुभम द्विवेदी हाल ही में शादी के बाद पत्नी ईशान्या के साथ घूमने कश्मीर गए थे। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए हमला किया, जिसमें शुभम की मौके पर ही मौत हो गई। यह खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुभम के माता-पिता, पत्नी और परिजन गहरे सदमे में हैं।

    अंतिम यात्रा में पाकिस्तान विरोधी नारे
    शुभम की अंतिम यात्रा भारी सुरक्षा के बीच निकाली गई। इस दौरान लोगों ने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए और आतंकवाद के खिलाफ सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनके गांव से लेकर श्मशान घाट तक लोगों की आंखों में आंसू और दिलों में गुस्सा था।

    राजनीतिक व सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
    शुभम की शहादत को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक प्रकट किया है। भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे एक कायरतापूर्ण हमला बताया और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। सोशल मीडिया पर भी शुभम को श्रद्धांजलि देने वालों की बाढ़ सी आ गई।

    भारत की आतंकवाद पर नीति
    सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने आतंक के खिलाफ ठोस रणनीति बनाई है और जो लोग इस घटना के पीछे हैं, उन्हें जल्द ही उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

  • पहलगाम आतंकी हमला: पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक एक्स अकाउंट भारत में ब्लॉक किया गया- Pakistan x account

    पहलगाम आतंकी हमला: पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक एक्स अकाउंट भारत में ब्लॉक किया गया- Pakistan x account

    नई दिल्ली – जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं, जिनमें दशकों पुरानी सिंधु जल संधि को निलंबित करना, वरिष्ठ पाकिस्तानी राजनयिकों को निष्कासित करना, और पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट को भारत में बंद (pakistan x account) करना शामिल है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक के बाद लिया गया। बैठक का उद्देश्य पहलगाम हमले के जवाब में भारत की रणनीतिक कार्रवाई तय करना था।

    कूटनीतिक संबंधों में भारी कटौती
    विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार शाम एक प्रेस ब्रीफिंग में इन फैसलों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों देशों ने अपने-अपने उच्चायोगों में तैनात राजनयिकों की संख्या 55 से घटाकर 30 करने का निर्णय लिया है, जिसे 1 मई तक लागू किया जाएगा।

    भारत ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग से सभी रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को भी निष्कासित कर दिया है। इन अधिकारियों को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित करते हुए एक सप्ताह के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। इसी प्रकार, भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग से सैन्य सलाहकारों को भी वापस बुलाने का निर्णय लिया है।

    सार्क वीजा छूट योजना पर रोक
    भारत ने पाकिस्तान के नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके तहत जारी सभी वीजा अब रद्द कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, अटारी में स्थित भारत-पाकिस्तान के बीच एकमात्र चालू भूमि सीमा क्रॉसिंग को भी तत्काल बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

    सिंधु जल संधि का निलंबन: ऐतिहासिक कदम
    भारत का सबसे अहम फैसला 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करना रहा, जो अब तक भारत और पाकिस्तान के बीच जल संसाधनों के बंटवारे का आधार थी। इस संधि के तहत पाकिस्तान को झेलम, सिंधु और चेनाब नदियों पर विशेष अधिकार दिए गए थे, जबकि भारत को रावी, ब्यास और सतलुज पर नियंत्रण प्राप्त था।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस संधि को निलंबित करना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका होगा, क्योंकि वहां की कृषि और पेयजल आपूर्ति काफी हद तक इन नदियों पर निर्भर करती है।

    पाकिस्तानी नागरिकों को लौटने का निर्देश
    भारत ने स्पष्ट किया है कि जो पाकिस्तानी नागरिक वैध दस्तावेजों के साथ भारत में मौजूद हैं, वे 1 मई से पहले तक स्वदेश लौट सकते हैं। इसके बाद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक नई नीति की घोषणा नहीं होती।

    पाकिस्तान की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा
    इन निर्णयों के बाद अब पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर निगाहें टिकी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटनाक्रम भारत-पाक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत कर सकता है, जहां भारत अब और अधिक आक्रामक कूटनीति अपनाता दिखाई देगा।

  • पहलगाम आतंकी हमला: सिंधु जल समझौता सस्पेंड, वीजा पर रोक… CCS बैठक में PAK के खिलाफ लिए गए ये 5 कड़े फैसले- Pahalgam terror attack

    पहलगाम आतंकी हमला: सिंधु जल समझौता सस्पेंड, वीजा पर रोक… CCS बैठक में PAK के खिलाफ लिए गए ये 5 कड़े फैसले- Pahalgam terror attack

    नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam terror attack) में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार शाम कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अहम बैठक हुई, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ पांच कड़े फैसले लिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजित डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर मौजूद थे। बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

    पाकिस्तान के खिलाफ भारत के पांच प्रमुख फैसले:पाकिस्तान के खिलाफ भारत के पांच प्रमुख फैसले:
    वाघा-अटारी सीमा बंदी: भारत ने पाकिस्तान से जुड़ी एकमात्र सड़क मार्ग सीमा वाघा-अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार और यातायात को प्रभावित करेगा।

    पाकिस्तानी दूतावास बंदी: भारत ने पाकिस्तान में स्थित अपने दूतावास को बंद करने का निर्णय लिया है, जो कूटनीतिक रिश्तों में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

    इंडस वॉटर ट्रीटी का निलंबन: भारत ने 1960 में पाकिस्तान के साथ हुए ‘इंडस वॉटर ट्रीटी’ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने कहा कि यह कदम तब तक लागू रहेगा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं करता।

    पाकिस्तानी राजनयिकों की निष्कासन: भारत ने पाकिस्तान के रक्षा, सैन्य, नौसेना और वायुसेना सलाहकारों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर दिया है और उन्हें एक सप्ताह के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया है।

    दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या में कमी: भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपने-अपने दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या में कमी की है। भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने दूतावास से सैन्य सलाहकारों को वापस बुला लिया है और कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी है।

    आतंकी हमले में 28 लोगों की मौतआतंकी हमले में 28 लोगों की मौत
    हमला 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसारन घाटी में हुआ, जहां आतंकवादियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। हमले में 28 पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए। मृतकों में भारतीय नौसेना के एक अधिकारी और एक खुफिया ब्यूरो के अधिकारी भी शामिल हैं। हमले के बाद क्षेत्र में शोक और विरोध प्रदर्शन हुए, और सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।

  • पहलगाम आतंकी हमला: फर्रुखाबाद में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, पाकिस्तान का फूंका पुतला- pahalgam terror attack

    पहलगाम आतंकी हमला: फर्रुखाबाद में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, पाकिस्तान का फूंका पुतला- pahalgam terror attack

    फर्रुखाबाद: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (pahalgam terror attack) में हुए भीषण आतंकी हमले में 27 निर्दोष लोगों की मौत के बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल है। इसी क्रम में बुधवार को फर्रुखाबाद जिले के फतेहगढ़ स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में हिंदू संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया और पाकिस्तान का पुतला फूंका।

    प्रदर्शन का नेतृत्व हिंदू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा किया गया। उन्होंने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे भारत की संप्रभुता और शांति पर सीधा हमला बताया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

    ‘पाकिस्तान को सिखाया जाए सबक’
    प्रदर्शन के दौरान हिंदू जागरण मंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि पाकिस्तान को उसकी हरकतों का करारा जवाब दिया जाए। मंच ने कहा कि भारत पर बार-बार आतंकी हमले कराने वाले पाकिस्तान को अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

    हिंदू जागरण मंच के वक्ताओं ने कहा, “भारत के 27 नागरिकों की हत्या एक साजिश के तहत कराई गई है। ऐसे जिहादियों को संरक्षण देने वाले पाकिस्तान को अब नेस्तनाबूद कर देना चाहिए।”

    जिहादी मानसिकता की निंदा
    संगठन ने पाकिस्तान की जिहादी मानसिकता और आतंक को बढ़ावा देने वाली नीतियों की घोर निंदा की। साथ ही कहा कि सरकार को अब कठोर रुख अपनाना होगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

  • लखनऊ में ट्रेन पलटाने की साजिश नाकाम, उतरेठिया स्टेशन के पास पटरी पर रखा गया लोहे का दरवाजा- Lucknow train

    लखनऊ में ट्रेन पलटाने की साजिश नाकाम, उतरेठिया स्टेशन के पास पटरी पर रखा गया लोहे का दरवाजा- Lucknow train

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow train) में एक बार फिर ट्रेन को पलटाने की खतरनाक साजिश नाकाम हो गई. उतरेठिया रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार तड़के एक मालगाड़ी के ट्रैक पर लोहे का भारी दरवाजा रखकर हादसे की साजिश रची गई. साथ ही पटरियों में लगने वाली पेंड्रोल क्लिप भी हटा दी गई थी, जिससे ट्रैक पर परिचालन अवरुद्ध हो गया. गनीमत रही कि ट्रेन दरवाजे को तोड़ते हुए निकल गई और बड़ा हादसा टल गया.

    इस घटना की जानकारी सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) अनिल कुमार पाण्डेय को सुबह 3:42 बजे मिली. सूचना मिलते ही वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. वहां जांच करने पर पता चला कि ट्रेन गुजरने से लोहे के दरवाजे के कुछ हिस्से टूट गए थे और पटरियों के किनारे बिखरे पड़े थे. अप और डाउन लाइन के बीच ट्रैक पर दरवाजे के टुकड़े पड़े मिले.

    एसएसई पांडेय ने तत्काल ट्रैक की मरम्मत कराई और संचालन सुचारू रूप से शुरू करवाया. दरवाजा हटाने में ट्रेन मैनेजर मनीष त्रिपाठी और ऑन ड्यूटी गेटमैन अभिषेक कुमार ने मदद की. घटना की गंभीरता को देखते हुए सुशांत गोल्फ सिटी थाने में तहरीर दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है.

    पहले भी हो चुकी है ऐसी साजिश
    यह पहली बार नहीं है जब राजधानी में इस तरह की साजिश रची गई हो. इससे पहले रहीमाबाद रेलवे स्टेशन के पास दिलावर नगर में असामाजिक तत्वों ने रेलवे ट्रैक पर मोटा लकड़ी का तना रख दिया था. हालांकि, लोको पायलट की सतर्कता के चलते वहां भी बड़ा हादसा टल गया था. उस घटना में भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी.

    सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
    लगातार हो रही इन घटनाओं से रेलवे सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं. एक सप्ताह के भीतर दो बार रेलवे ट्रैक को निशाना बनाए जाने से अधिकारियों में भी चिंता का माहौल है. रेलवे प्रशासन ने रेलवे ट्रैक और स्टेशन क्षेत्र की निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है. इसके तहत अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और सीसीटीवी की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है.

    पुलिस ने अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस साजिश के पीछे कोई बड़ी आतंकी साजिश तो नहीं है. फिलहाल पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है.

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