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Category: पीलीभीत

पीलीभीत जिले की ताज़ा खबरें, राजनीतिक हलचल, सामाजिक मुद्दे और प्रशासनिक गतिविधियों की संपूर्ण जानकारी। जानिए पीलीभीत में आज क्या हुआ, हर बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ सबसे पहले।

  • पीलीभीत में दौड़ते हुए गिरे पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, बोले- साजिशों से फिर जीतेंगे

    पीलीभीत में दौड़ते हुए गिरे पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, बोले- साजिशों से फिर जीतेंगे

    उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक अनोखी और चर्चा में रहने वाली घटना सामने आई है, जहां पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा गिरे और वह भी उस वक्त जब वह केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के साथ दौड़ लगा रहे थे। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    पीलीभीत में दौड़ते हुए गिरे पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, बोले- साजिशों से फिर जीतेंगे
    पीलीभीत में दौड़ते हुए गिरे पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, बोले- साजिशों से फिर जीतेंगे

    बताया जा रहा है कि पीलीभीत में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद और पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने आपसी उत्साह और जोश दिखाते हुए दौड़ लगाने का फैसला किया। दौड़ शुरू होते ही दोनों तेजी से आगे बढ़े, लेकिन कुछ ही दूरी पर हेमराज वर्मा का संतुलन बिगड़ गया और वह दौड़ते हुए अचानक मुंह के बल जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोग तुरंत उनकी ओर दौड़े और उन्हें उठाने में मदद की।

    गिरने के बाद हेमराज वर्मा ने खुद को संभालते हुए मुस्कुराकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हम गिरते-उठते आए हैं, साजिशों से फिर जीतेंगे।” उनके इस बयान को राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसे उन्होंने अपने समर्थकों और विरोधियों दोनों के लिए संकेत माना जा रहा है।

    इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों ने इसे हेमराज वर्मा के जुझारूपन से जोड़ते हुए कहा कि गिरने के बावजूद उनका हौसला कायम है। वहीं विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इस पर तंज कसते हुए अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं।

    हालांकि, हेमराज वर्मा गिरे इस घटना में उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई और वह पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं। कार्यक्रम के बाद उन्होंने बाकी गतिविधियों में भी हिस्सा लिया। यह घटना फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी और सोशल मीडिया चर्चाओं का विषय बनी हुई है।

  • Pilibhit News: गैस गीजर से दम घुटने से सरकारी कर्मचारी और पत्नी की मौत

    Pilibhit News: गैस गीजर से दम घुटने से सरकारी कर्मचारी और पत्नी की मौत

    Pilibhit News के तहत एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पीलीभीत में एक सरकारी कर्मचारी और उसकी पत्नी की गैस गीजर से दम घुटने के कारण मौत हो गई। यह घटना उस समय सामने आई जब काफी देर तक घर से कोई हलचल नहीं दिखी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान हरिंदर के रूप में हुई है, जो एक सरकारी कर्मचारी थे। वह अपनी पत्नी रेनू सक्सेना के साथ पीलीभीत में किराए के मकान में रहते थे। दोनों बाथरूम में गए थे, जहां गैस गीजर चालू होने के कारण कार्बन मोनोऑक्साइड गैस फैल गई और दम घुटने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस ने तोड़ा बाथरूम का दरवाजा

    जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो आसपास के लोगों को शक हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बाथरूम का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। अंदर का दृश्य बेहद भयावह था। दोनों पति-पत्नी अचेत अवस्था में पड़े मिले। पुलिस ने तुरंत शवों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    किराए के मकान में रहते थे दंपती

    बताया जा रहा है कि हरिंदर और रेनू सक्सेना कुछ समय से इस मकान में किराए पर रह रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बाथरूम में वेंटिलेशन की कमी और गैस गीजर का लंबे समय तक चालू रहना हादसे की मुख्य वजह हो सकता है।

    जांच में जुटी पुलिस

    पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल मामले में किसी साजिश के संकेत नहीं मिले हैं और इसे दुर्घटना माना जा रहा है।

  • “पीलीभीत बाढ़: सीएमओ की मौजूदगी में लगाया गया निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, मरीजों को मुफ्त दवा वितरण”

    “पीलीभीत बाढ़: सीएमओ की मौजूदगी में लगाया गया निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, मरीजों को मुफ्त दवा वितरण”

    संवाददाता :-संजय शुक्ल पीलीभीत। लगातार हो रही बारिश से आई बाढ़ ने ट्रांस शारदा क्षेत्र में स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है। बुखार, डायरिया, उल्टी-दस्त और त्वचा रोग जैसे मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत रामनगर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आलोक कुमार की मौजूदगी में निशुल्क स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया।

    पूरनपुर तहसील के अंतर्गत ट्रांस शारदा क्षेत्र के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। जलभराव और गंदगी के कारण ग्रामीणों में बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भरतपुर मौरेनियां गांधी नगर की टीम लगातार बाढ़ग्रस्त गांवों में निशुल्क मेडिकल कैंप लगा रही है।

    रामनगर में आयोजित शिविर में डॉ. आलोक कुमार और प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि श्रीवास्तव की टीम ने दर्जनों मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें निशुल्क दवाइयां वितरित कीं। ज्यादातर मरीज बुखार, पेट दर्द, खांसी-जुकाम, त्वचा रोग और दस्त जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित पाए गए।

    डॉ. रश्मि श्रीवास्तव ने ग्रामीणों को बरसात में सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दूषित पानी और अस्वच्छ खानपान से बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। उन्होंने ग्रामीणों को उबला या फिल्टर किया पानी पीने, मच्छरदानी का उपयोग करने और बाढ़ के पानी में अधिक समय न बिताने की हिदायत दी।सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। मेडिकल कैंप में मरीजों की जांच, मुफ्त दवा वितरण और संक्रामक रोगों से बचाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मौजूद रही और ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।

  • पीलीभीत-लगातार बारिश से बढ़ी मुसीबत, शारदा नदी उफान पर 38 एकड़ जमीन जलमग्न

    पीलीभीत-लगातार बारिश से बढ़ी मुसीबत, शारदा नदी उफान पर 38 एकड़ जमीन जलमग्न

    रिपोर्टर:-संजय शुक्ला पीलीभीत -पीलीभीत में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।शारदा नदी उफान पर है, जिसके चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।अब तक नदी की चपेट में करीब 38 एकड़ कृषि भूमि आ चुकी है। वहीं कई जगहों पर सड़के तालाब जैसी नजर आ रही हैं, जिससे आमजन को आवाजाही में भारी दिक्कत हो रही है।

    ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू करने और बाढ़ से बचाव की ठोस व्यवस्था करने की मांग की है।

  • पीलीभीत के खेत में अजगर निकला, ग्रामीणों में मची दहशत

    पीलीभीत के खेत में अजगर निकला, ग्रामीणों में मची दहशत

    रिपोर्टर:-संजय शुक्ला पीलीभीत– पीलीभीत के थाना हजारा क्षेत्र के गांव मुरैनियां गांधीनगर में एक विशालकाय अजगर की मौजूदगी से हड़कंप मच गया। शुक्रवार सुबह राजेंद्र सिंह के खेत के पास श्मशान घाट के निकट पीपल के पेड़ के नीचे अजगर देखा गया। खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।

    ग्रामीणों में मची दहशत

    ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से इलाके में जंगल से तेंदुए और बाघ भी दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले से ही लोग भयभीत हैं। अब अजगर के आने से स्थिति और चिंताजनक हो गई है। खेतों और घरों के आसपास जंगली जानवरों की मौजूदगी से लोग डरे हुए हैं। कई परिवारों ने खेतों में काम करना और शाम के बाद घर से बाहर निकलना बंद कर दिया है।

    बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता है। ग्रामीण श्मशान घाट के आसपास जमा रहे और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वन्यजीवों का आबादी वाले क्षेत्रों में आना गंभीर मुद्दा है। उन्होंने प्रशासन से नियमित गश्त और सुरक्षा उपायों की मांग की है। वन विभाग से वन्यजीवों को पकड़ने की भी मांग की गई है। गांव में अभी भय का माहौल है और लोग प्रशासन से राहत की उम्मीद कर रहे हैं।

  • pilibhit mukhya sevika appointment : राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने 23 मुख्य सेविकाओं को दिए नियुक्ति पत्र

    pilibhit mukhya sevika appointment : राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने 23 मुख्य सेविकाओं को दिए नियुक्ति पत्र

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    पीलीभीत (उत्तर प्रदेश): पीलीभीत जिले में बाल विकास विभाग को एक बड़ी सौगात मिली है। 20 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद, सीधी भर्ती से चयनित 23 मुख्य सेविकाओं को आखिरकार नियुक्ति पत्र मिल गए हैं। गन्ना विकास एवं चीनी मील के राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने गांधी सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में इन नवनियुक्त मुख्य सेविकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया, जिसने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया।

    20 वर्षों के ‘वनवास’ के बाद मिली नियुक्ति पत्र

    यह नियुक्ति प्रक्रिया बाल विकास विभाग के लिए एक मील का पत्थर है। पिछले 20 वर्षों से मुख्य सेविका के पद पर कोई सीधी भर्ती नहीं हुई थी, जिसके कारण इस पद पर काम करने की इच्छा रखने वाली कई योग्य महिलाओं को लंबा इंतजार करना पड़ा। इस देरी को अक्सर “वनवास” के रूप में संदर्भित किया गया था, और आज, यह ‘वनवास’ समाप्त हो गया है। इन 23 महिलाओं के चयन से बाल विकास विभाग को मजबूती मिलेगी और आंगनवाड़ी केंद्रों के कामकाज में सुधार की उम्मीद है।

    सीएम योगी के संबोधन का हुआ सजीव प्रसारण

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    नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में सभी नवनियुक्त मुख्य सेविकाओं और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की योजनाओं और समाज के प्रति सेवा भाव पर जोर दिया। गांधी सभागार में सजीव प्रसारण की व्यवस्था की गई थी ताकि सभी लोग सीधे मुख्यमंत्री के विचारों से जुड़ सकें।

    ‘नवनियुक्त मुख्य सेविकाएं सरकार की मंशा के अनुरूप करें कार्य’

    नियुक्ति पत्र सौंपते हुए राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने सभी नवनियुक्त मुख्य सेविकाओं को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी और उनसे पूरी निष्ठा के साथ काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “मुख्य सेविकाएं सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करें।” मंत्री ने आगे कहा कि सरकार की मंशा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है।

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    जन सेवक के रूप में काम करें और नई तकनीक को अपनाएं

    राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने नवनियुक्त सेविकाओं को एक महत्वपूर्ण सीख दी। उन्होंने कहा, “आपको सरकार का सेवक बनाया गया है, परंतु अब आपको जन सेवक के रूप में काम करना है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल सरकारी नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार नई तकनीकों का उपयोग कर आंगनवाड़ी केंद्रों को और अधिक सशक्त बनाएगी और एक बेहतर व्यवस्था स्थापित करेगी।

    जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने भी इस मौके पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने सभी मुख्य सेविकाओं को उनके कर्तव्य और दायित्वों का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करने की सलाह दी।

    यह नियुक्ति न केवल इन 23 महिलाओं के लिए एक नया अध्याय है, बल्कि यह पीलीभीत जिले में बाल विकास और पोषण कार्यक्रमों को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

  • पीलीभीत-बीसलपुर टोल: कार यात्रा हुई महंगी, जानें शुल्क और छूट

    पीलीभीत-बीसलपुर टोल: कार यात्रा हुई महंगी, जानें शुल्क और छूट

    पीलीभीत-बीसलपुर हाइवे पर 22 अगस्त से टोल प्लाजा शुरू हो गया है, जिससे इस मार्ग से यात्रा करने वाले वाहन चालकों को अब शुल्क देना होगा। टोल प्लाजा गांव सिमरा अकबरगंज के पास बनाया गया है। पीलीभीत-बीसलपुर टोल

    इस टोल प्लाजा से कार, बाइक और अन्य निजी वाहन प्रभावित होंगे, जबकि कृषि वाहन जैसे ट्रैक्टर, ट्रॉली और कंबाइन से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्थानीय लोगों के लिए मासिक पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे हर माह केवल 350 रुपये का शुल्क देना होगा। इसके अलावा जिले में पंजीकृत वाहनों को 50% तक छूट भी मिलेगी।पीलीभीत-बीसलपुर टोल

    वास्तव में, पीलीभीत-बीसलपुर मार्ग का निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था मार्थ द्वारा कराया गया था और इसे एनएचएआई को हैंडओवर किया गया। शासन ने इस सड़क को आदर्श सड़क योजना में शामिल किया है, क्योंकि यह अन्य मार्गों की तुलना में बेहतर गुणवत्ता वाली है। पीलीभीत-बीसलपुर टोल

    हालांकि, फिलहाल सड़क पर केवल दो लेन ही चालू हैं, बाकी दो लेनों में कुछ कमियों के कारण संचालन शुरू नहीं हो सका है।पीलीभीत-बीसलपुर टोल

    यात्रियों और ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे टोल शुल्क और मासिक पास के नियमों के अनुसार ही मार्ग का उपयोग करें।पीलीभीत-बीसलपुर टोल

  • पीलीभीत -जंगल से बाघ निकलकर खेतों में टहलता दिखा, ग्रामीण दहशत में माहौल

    पीलीभीत -जंगल से बाघ निकलकर खेतों में टहलता दिखा, ग्रामीण दहशत में माहौल

    पीलीभीत- पीलीभीत के थाना सेहरामऊ क्षेत्र में हाल ही में जंगल से एक बाघ खेतों में टहलते हुए दिखाई दिया। यह घटना ग्राम गदिहर फतेहपुर रोड के आसपास हुई, जहां राहगीरों ने बाघ का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

    ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से बाघ की दहशत में जीने को मजबूर हैं। खेतों में पैदावार और घरों की सुरक्षा को लेकर लोगों में भारी चिंता व्याप्त है। कई बार वन विभाग को सूचना देने के बावजूद भी बाघ को पकड़ने की कोशिशें सफल नहीं हो सकीं। पीलीभीत -जंगल से बाघ निकलकर खेतों में टहलता दिखा

    वन विभाग ने कहा है कि वे लगातार निगरानी कर रहे हैं और बाघ को पकड़ने के लिए विशेष टीम तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों को किसी भी स्थिति में बाघ के पास जाने से बचना चाहिए और तुरंत स्थानीय वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। पीलीभीत -जंगल से बाघ निकलकर खेतों में टहलता दिखा

    यह मामला वन्य जीवों और मानव बस्ती के समीप रहने की समस्याओं पर गंभीर सवाल उठाता है। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को जल्द से जल्द कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। पीलीभीत -जंगल से बाघ निकलकर खेतों में टहलता दिखा

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  • Pilibhit News -सड़क हादसे में टेलर की दर्दनाक मौत, परिवार में कोहराम

    Pilibhit News -सड़क हादसे में टेलर की दर्दनाक मौत, परिवार में कोहराम

    पीलीभीत: खबर पीलीपीत से है जहां के सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के कुर्रेया खुर्द कला निवासी नरेश राठौर की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। नरेश राठौर सिलाई का काम करते थे और अपनी दुकान से सिले हुए कपड़े एक सिख फार्म तक पहुंचा रहे थे।

    कैसे हुआ हादसा Pilibhit News

    जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह नरेश अपने काम पर गए थे। वापसी के दौरान किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी, जिससे वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना स्थल पर शव पड़ा देख ग्रामीण और राहगीरों में सनसनी फैल गई।सूचना मिलते ही परिवार और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचायत नामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    पुलिस की तरफ से क्या हुई कार्रवाई Pilibhit News

    पुलिस ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है और किसी अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • पीलीभीत: 100 साल पुराने पीपल के पेड़ को लोग मान रहे चमत्कारी, परिक्रमा से कैंसर और फालिज तक ठीक होने का दावा

    पीलीभीत: 100 साल पुराने पीपल के पेड़ को लोग मान रहे चमत्कारी, परिक्रमा से कैंसर और फालिज तक ठीक होने का दावा

    पीलीभीत/बीसलपुर, यूपी- चमत्कार या अंधविश्वास का अंधा खेल, चमत्कारी हुआ पीपल का पेड़, चक्कर मात्र से लोगों की ठीक हो जा रही कैंसर औऱ फलिस जैसी गंभीर बीमारी, आप सोच रहें होंगे की हम कैसी बहकी बहकी बातें कर रहें है लेकिन यही सवाल हमने वहां के लोगों से भी किया, जो उन्होंने कहा वो सच में चौकाने वाला था। लोग इसे भगवान का चमत्कार मान रहें है पीलीभीत जिले की बीसलपुर तहसील के गाँव सखिया में स्थित लगभग 100 वर्ष पुराना पीपल का पेड़ इन दिनों चर्चा में है। ग्रामीणों का दावा है कि पेड़ की परिक्रमा करने से कैंसर, लिवर रोग, फालिज (पैरालिसिस) जैसी गंभीर बीमारियाँ भी ठीक हो रही हैं। लोग इस वृक्ष को “डॉ. ब्रह्मदेव” के रूप में पूजने लगे हैं और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन के लिए पहुँच रहे हैं।

    कैसे शुरू हुई चर्चा? पीलीभीत: 100 साल पुराने पीपल के पेड़ को लोग मान रहे चमत्कारी

    स्थानीय लोगों के मुताबिक 22 जुलाई को रामपुर जिले से पहुँचे कुछ लोगों ने परिक्रमा करने के बाद “बीमारी से निज़ात” का दावा किया। इसके बाद से क्षेत्र में खबर तेजी से फैली और भीड़ बढ़ने लगी। महिलाएँ विशेष रूप से पूजा-पाठ में शामिल हो रही हैं। कई लोग इसे “भगवान का चमत्कार” मान रहे हैं।

    मौके का हाल पीलीभीत: 100 साल पुराने पीपल के पेड़ को लोग मान रहे चमत्कारी

    • पेड़ के चारों ओर परिक्रमा पथ जैसा मार्ग बन गया है।
    • रोज़ाना श्रद्धालु मन्नतें मांग रहे हैं और प्रसाद/ध्वज बाँध रहे हैं।
    • गाँव के लोग आगंतुकों के लिए जल/बैठक की व्यवस्था कर रहे हैं।

    प्रशासन/विशेषज्ञ क्या कहते हैं? पीलीभीत: 100 साल पुराने पीपल के पेड़ को लोग मान रहे चमत्कारी

    • स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर बीमारियों का इलाज वैज्ञानिक चिकित्सा से ही संभव है; किसी वृक्ष की परिक्रमा से रोग ठीक होने के दावे प्रमाणित नहीं हैं।
    • स्थानीय प्रशासन भीड़ प्रबंधन, साफ-सफाई और सुरक्षा पर नज़र बनाए हुए है।

    समाचार माध्यम के रूप में हम किसी चमत्कारिक इलाज के दावे की पुष्टि नहीं करते। पाठकों से अपील है कि लक्षण दिखें तो योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।