Nation Now Samachar

“ट्रंप टैरिफ का असर, सूरत के हीरा कारोबारियों और कपड़ा उद्योग में चिंता”

ट्रंप टैरिफ का असर: सूरत के हीरा कारोबारियों और कपड़ा उद्योग में बढ़ी चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से आने वाले उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाने का फैसला सूरत के कारोबारियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। डायमंड सिटी कहलाने वाले सूरत में हीरा उद्योग को इसका सीधा झटका लगने की आशंका है। अमेरिका हीरों का सबसे बड़ा खरीदार है और टैरिफ बढ़ने से निर्यात महंगा हो जाएगा।हीरा कारोबारियों का कहना है कि पहले से ही वैश्विक बाजार में मंदी का असर है, अब टैरिफ बढ़ने से उनकी कमाई और रोजगार पर संकट गहरा सकता है।

सिर्फ हीरा उद्योग ही नहीं, बल्कि कपड़ा और गारमेंट उद्योग भी इस फैसले से प्रभावित होंगे। अमेरिका भारत से बड़ी मात्रा में कपड़े और टेक्सटाइल का आयात करता है। अब टैरिफ की वजह से इनकी कीमतें बढ़ जाएंगी, जिससे ऑर्डर घटने का खतरा है।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टैरिफ लंबे समय तक लागू रहा तो भारत के निर्यातकों के लिए यह बड़ा झटका साबित हो सकता है।ट्रंप टैरिफ का असर

1. टेक्सटाइल
भारत के कपड़ा उद्योग के निर्यात का बड़ा हिस्सा अमेरिका पर निर्भर है। भारत से होने वाला कुल टेक्सटाइल निर्यात का 28 फीसदी अकेले अमेरिका को जाता है, जिसकी कुल कीमत 10.3 अरब डॉलर से ज्यादा है। नए टैरिफ का असर इस सेक्टर पर सबसे ज्यादा पड़ेगा। वहीं वियतनाम, इंडोनेशिया और बांग्लादेश जैसे दशों को इसका फायदा होगा। वियतनाम पर अमेरिका 19 फीसदी टैरिफ लगा रहा है, वहीं इंडोनेशिया पर ट्रंप ने 20 फीसदी टैरिफ लगाया है। इस लिहाज से भारत के टेक्सटाइल सेक्टर को अमेरिकी टैरिफ के चलते प्रतियोगिता में नुकसान होने की आशंका है। इसी तरह बांग्लादेश और कंबोडिया के ऊपर भी टैरिफ दर 20 फीसदी से कम है। ट्रंप टैरिफ का असर

2. रत्न-आभूषण
भारत के रत्न और आभूषण से जुड़े सेक्टर पर भी अमेरिकी टैरिफ का बड़ा प्रभाव पड़ने की आशंका है। इस सेक्टर से अमेरिका को हर वर्ष 12 अरब डॉलर का निर्यात करता है। मौजूदा समय में इस उद्योग पर अमेरिका का बेसलाइन 10 फीसदी टैरिफ लगता है, जिसका एलान अप्रैल में ही किया गया था, जबकि इससे पहले तक यह ड्यूटी पॉलिश्ड हीरों पर शून्य, सोने और प्लैटिनम ज्वैलरी पर 5-7 प्रतिशत और चांदी की ज्वैलरी पर 5-13.5 फीसदी तक टैरिफ लगता था।  नए टैरिफ के चलते रत्न-आभूषण से जुड़े सेक्टर्स को बड़े नुकसान की आशंका है।ट्रंप टैरिफ का असर

3. कृषि उत्पाद
भारत फिलहाल अमेरिका को 5.6 अरब डॉलर से ज्यादा के कृषि उत्पाद निर्यात करता है। उसके बड़े निर्यातों में से मरीन उत्पाद, मसाले, डेयरी उत्पाद, चावल, आयुष और हर्बल उत्पाद, खाद्य तेल, शक्कर और ताजा सब्जियां और फल भी निर्यात इसमें शामिल है। माना जा रहा है कि ट्रंप के टैरिफ का सबसे ज्यादा असर भारत की सीफूड इंडस्ट्री यानी मरीन उत्पादों पर पड़ेगा। ट्रंप टैरिफ का असर

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *