Nation Now Samachar

वेनेजुएला में भीषण धमाके, अमेरिका पर सैन्य हमले का आरोप, राष्ट्रपति मादुरो ने घोषित की नेशनल इमरजेंसी

venezuela-us-attack-allegation-maduro-national-emergency

कराकस (वेनेजुएला): दक्षिण अमेरिका का देश वेनेजुएला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय तनाव के केंद्र में आ गया है। वेनेजुएला की सरकार ने अमेरिका पर अपने नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले का गंभीर आरोप लगाया है। राजधानी कराकस समेत कई राज्यों में हुए धमाकों के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में नेशनल इमरजेंसी घोषित कर दी है

कराकस समेत कई राज्यों में धमाके

शनिवार तड़के वेनेजुएला की राजधानी कराकस में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा मिरांडा, अरगुआ और ला गुइरा राज्यों में भी बम धमाके होने की खबरें सामने आई हैं। धमाकों के बाद कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए।न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों ने कराकस के ऊपर बम गिराए, जिससे इमारतें हिल गईं और आसमान में धुएं का गुबार उठता नजर आया। राजधानी के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक बड़े सैन्य अड्डे के आसपास धमाके के बाद पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।

कम से कम सात धमाकों की पुष्टि

एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, कराकस में कम से कम सात धमाके सुने गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में धमाकों के बाद उठता धुआं, दहशत में भागते लोग और आसमान में उड़ते सैन्य विमान साफ देखे जा सकते हैं। हालांकि सरकार ने अब तक हताहतों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है।

मादुरो सरकार का अमेरिका पर सीधा आरोप

वेनेजुएला सरकार ने इन हमलों को “अमेरिकी सैन्य आक्रामकता” करार दिया है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अपने संबोधन में कहा,“वेनेजुएला को डराने और धमकाने के अमेरिकी प्रयास कभी सफल नहीं होंगे। हमारा देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।”सरकार का कहना है कि हमलों का मकसद वेनेजुएला में अस्थिरता फैलाना और सरकार को कमजोर करना है।

नेशनल इमरजेंसी का ऐलान

लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए राष्ट्रपति मादुरो ने देशभर में नेशनल इमरजेंसी लागू करने की घोषणा कर दी है। इसके तहत सैन्य और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है सीमाओं और हवाई क्षेत्र की निगरानी कड़ी कर दी गई हैसरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

अमेरिका की ओर से चुप्पी

इन गंभीर आरोपों के बावजूद अमेरिका ने अब तक हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है और न ही इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है, क्योंकि इससे लैटिन अमेरिका में भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *