नई दिल्ली: कोरोना का खतरा फिर लौट आया है. सिंगापुर, थाईलैंड, हॉन्गकॉन्ग और चीन जैसे एशियाई देशों में कोविड (Alert on Corona) मामलों में तेज़ बढ़त देखने को मिल रही है. सिंगापुर में 13 मई तक 14,200 नए केस दर्ज किए गए, जबकि थाईलैंड में 17 मई तक 33,030 मामले सामने आए. भारत में भी 12 मई के बाद केसों में बढ़ोतरी देखने को मिली है, हालांकि यहां अभी हालात गंभीर नहीं हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में 257 एक्टिव केस हैं. महाराष्ट्र, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में केसों की संख्या अधिक देखी जा रही है. मुंबई में दो मरीजों की मौत भी हुई है, जिन्हें पहले से गंभीर बीमारियां थीं. विशेषज्ञों के अनुसार इस बार का वैरिएंट अधिक खतरनाक नहीं है, लेकिन सतर्कता ज़रूरी है. Alert on Corona
सिंगापुर में कोविड की स्थिति- Alert on Corona
13 मई 2025 तक सिंगापुर में कोविड के कुल 14,200 नए मामले दर्ज किए गए. पिछले हफ्ते तक यह आंकड़ा 11,100 था. अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या भी बढ़कर 133 हो गई है. हालांकि, सिंगापुर की कम्युनिकेबल डिजीजेज एजेंसी (CDA) का कहना है कि यह नया वैरिएंट ज्यादा घातक नहीं है और इसका असर सामान्य फ्लू जैसा है.
डॉक्टरों का कहना है कि यह कोविड संक्रमण 3-4 दिनों के फ्लू जैसा है और डरने की जरूरत नहीं है. वैक्सीनेटेड लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत कम पड़ रही है.
थाईलैंड में केस दोगुने- Alert on Corona
थाईलैंड में 11 से 17 मई के बीच 33,030 कोविड मामले दर्ज किए गए हैं, जो कि पिछले सप्ताह के मुकाबले दोगुने हैं. पिछले सप्ताह 16,000 केस रिपोर्ट हुए थे. राजधानी बैंकॉक में अकेले 6,290 केस सामने आए हैं.
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 1,918 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और दो लोगों की मौत की पुष्टि की गई है. फिर भी थाई सरकार का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह तैयार हैं.
Alert on Corona- भारत में कोविड का ताजा हाल
भारत में 12-18 मई के बीच 164 नए केस रिपोर्ट हुए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 19 मई तक भारत में कुल 257 एक्टिव केस हैं. राज्यों में महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में सबसे ज्यादा केस मिले हैं.
राज्यवार कोविड की स्थिति (मई 2025):
| राज्य | एक्टिव केस (19 मई 2025) | अस्पताल में भर्ती | मौतें |
|---|---|---|---|
| केरल | 95 | नहीं | 0 |
| तमिलनाडु | 66 | नहीं | 0 |
| महाराष्ट्र | 56 (राज्य दावा: 106) | 16 | 2 |
केरल में मई के महीने में कुल 182 केस सामने आए हैं. कोट्टायम, एर्नाकुलम और तिरुवनंतपुरम जैसे जिलों में सबसे ज्यादा संक्रमण देखा गया.
क्या भारत को चिंता करनी चाहिए?
दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि भारत में ज्यादातर लोग वैक्सीनेटेड हैं, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, जिन लोगों में लक्षण दिखें, उन्हें आइसोलेट होना चाहिए और मास्क का उपयोग करना चाहिए.
महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर का कहना है कि कोविड के साथ जीने की आदत बनानी होगी. लोग घबराएं नहीं, अगर जरूरत हो तो डॉक्टर से संपर्क करें.
क्या वैक्सीन की फिर जरूरत है?
अब तक कोई नया वैक्सीन प्रोटोकॉल नहीं घोषित किया गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिन लोगों ने पहले टीकाकरण करवा लिया है, उन्हें गंभीर खतरा नहीं है. हालांकि, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
कैसे बरतें सावधानी?
- सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनें.
- लक्षण दिखने पर तुरंत टेस्ट कराएं.
- खुद को आइसोलेट करें.
- बार-बार हाथ धोएं और सैनिटाइजर का प्रयोग करें.
- जरूरत पड़े तो डॉक्टर से सलाह लें.
भारत में अब तक कोरोना की स्थिति
भारत में कोरोना वायरस की पहली लहर 2020 की शुरुआत में आई, जिसने देश को अचानक से लॉकडाउन की स्थिति में पहुंचा दिया. मार्च 2020 में पूरे देश में पहला पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया था, जिसने वायरस के प्रसार को सीमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस दौरान सभी सार्वजनिक स्थान, कार्यालय, स्कूल और यातायात सेवाएं बंद कर दी गई थीं.
दूसरी लहर, जो अप्रैल-मई 2021 में आई, सबसे विनाशकारी रही. डेल्टा वैरिएंट के कारण लाखों लोग संक्रमित हुए और देश भर के अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी देखने को मिली. इस गंभीर संकट के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों ने अस्थाई कोविड सेंटर बनाए, ऑक्सीजन ट्रेनों की शुरुआत की और विदेशों से मेडिकल सहायता मंगवाई.
भारत ने चलाया सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान
भारत सरकार ने महामारी से लड़ने के लिए कोविड टीकाकरण अभियान की शुरुआत जनवरी 2021 में की. “कोविन” पोर्टल के माध्यम से वैक्सीनेशन की निगरानी की गई और करोड़ों लोगों को कोविशील्ड, कोवैक्सिन और बाद में बूस्टर डोज भी दी गई. यह दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान बना.
इसके साथ ही सरकार ने मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइज़र के उपयोग को अनिवार्य किया. समय-समय पर दिशा-निर्देश और कंटेनमेंट ज़ोन नीति लागू कर संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने की कोशिश की गई. इन प्रयासों से भारत ने कोरोना पर काफी हद तक नियंत्रण पाया.
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सोर्स- भारत में कोविड-19 की स्थिति, NBT

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