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  • Unique Story of Baby Boy Birth:  बेटे की चाह में 10 बेटियां, 11वीं संतान बना बेटा: फतेहाबाद की कहानी जो समाज को आईना दिखाती है

    Unique Story of Baby Boy Birth:  बेटे की चाह में 10 बेटियां, 11वीं संतान बना बेटा: फतेहाबाद की कहानी जो समाज को आईना दिखाती है

    Unique Story of Baby Boy Birth:  21वीं सदी में जब देश और दुनिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों की बात कर रही है, उसी दौर में आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग बेटे की चाह से बाहर नहीं निकल पाया है। इसका ताजा उदाहरण हरियाणा के फतेहाबाद जिले से सामने आया है, जहां एक परिवार में बेटे की उम्मीद में 10 बेटियां पैदा हुईं और 11वीं संतान के रूप में जाकर बेटा हुआ।

    यह मामला फतेहाबाद जिले के ढाणी भोजराज गांव का है। गांव में इन दिनों जश्न का माहौल है। घर-घर लड्डू और मिठाइयां बांटी जा रही हैं, क्योंकि संजय और सुनीता के घर बेटे का जन्म हुआ है। बेटे के जन्म पर खुशी स्वाभाविक है, लेकिन यह खुशी तब सवाल खड़े करती है, जब पता चलता है कि इस बेटे से पहले परिवार में 10 बेटियां हैं।

    संजय की पत्नी सुनीता ने अपनी शादी के 19 सालों में 11 बार गर्भधारण किया। हर बार नॉर्मल डिलीवरी हुई। पहली 10 बार बेटियां पैदा हुईं और अब 11वीं डिलीवरी में बेटा हुआ है। मां और नवजात बेटा दोनों स्वस्थ हैं, लेकिन यह कहानी भारतीय समाज की उस सोच को उजागर करती है, जो आज भी बेटे को वंश का वाहक मानती है।

    परिवार के मुखिया संजय का कहना है कि उन्होंने कभी बेटियों को बोझ नहीं समझा। उनके अनुसार, “बेटियां भगवान की देन हैं, लक्ष्मी का रूप हैं। मैंने उन्हें हमेशा बेटों की तरह पाला है।” संजय बताते हैं कि उनकी सबसे बड़ी बेटी अब 18 साल की हो चुकी है और 12वीं कक्षा में पढ़ रही है। बाकी बेटियां भी स्कूल जा रही हैं और सबसे छोटी बेटी का हाल ही में स्कूल में दाखिला हुआ है।

    हालांकि संजय यह भी स्वीकार करते हैं कि बेटे के न होने पर उन्हें समाज के ताने सुनने पड़े। गांव और रिश्तेदारी में तरह-तरह की बातें होती थीं, जिससे वह और उनकी पत्नी मानसिक दबाव में रहते थे। यही सामाजिक दबाव बेटे की चाह को और मजबूत करता गया।

    यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि क्या आज भी समाज में बेटा-बेटी का भेद खत्म नहीं हुआ है? क्या वंश आगे बढ़ाने की सोच के आगे महिलाओं के स्वास्थ्य, बच्चों के भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों को नजरअंदाज किया जा सकता है?

    यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि उस सामाजिक मानसिकता की तस्वीर है, जिसे बदलने की आज भी सख्त जरूरत है। बेटियां किसी से कम नहीं हैं—यह साबित वे हर क्षेत्र में कर चुकी हैं। अब जरूरत है कि समाज इस सच्चाई को दिल से स्वीकार करे।

  • दिल्ली: अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास सन्नाटा, हर मोड़ पर पुलिस तैनात

    दिल्ली: अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास सन्नाटा, हर मोड़ पर पुलिस तैनात

    दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास नगर निगम (MCD) द्वारा चलाए गए अवैध अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद हालात फिलहाल नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबल तैनात हैं, जबकि तोड़े गए अवैध ढांचों का मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।

    सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

    अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान और उसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता रही। इलाके के संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं और पुलिस की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है ताकि किसी भी तरह की अशांति को समय रहते रोका जा सके।

    मलबा हटाने का कार्य जारी

    MCD अधिकारियों ने बताया कि अभियान में चिन्हित अवैध निर्माणों को हटाया गया है। अब क्षेत्र को पूरी तरह साफ करने के लिए मलबा हटाया जा रहा है, जिससे सड़क और सार्वजनिक रास्तों को सामान्य उपयोग के लिए जल्द खोला जा सके।

    इलाके में शांति, लेकिन सतर्कता बरकरार

    अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास सन्नाटा देखने को मिला है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एहतियातन पुलिस बल की तैनाती जारी रहेगी। स्थानीय हालात पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

  • बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    संवाददाता मुन्ना सिंह उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए लगाई गई आग एक बुजुर्ग की मौत का कारण बन गई। यह दर्दनाक हादसा त्रिवेदीगंज क्षेत्र के रौनी पंचायत स्थित गोतवन पुरवा में हुआ, जहां 65 वर्षीय राम औतार केवट की जिंदा जलकर मौत हो गई।

    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले
    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम राम औतार केवट त्रिवेदीगंज बाजार से अपने गांव गोतवन पुरवा लौट रहे थे। जैसे ही वे रौनी गांव के पास पहुंचे, अचानक मधुमक्खियों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से घबराए राम औतार ने खुद को बचाने के लिए पास में खड़े सूखे खर-पतवार में आग लगा दी, ताकि धुएं से मधुमक्खियां दूर हो जाएं।

    हालांकि, यह प्रयास उनके लिए घातक साबित हुआ। आग लगाने के बावजूद मधुमक्खियों का हमला नहीं रुका। लगातार डंक मारने से राम औतार की हालत बिगड़ने लगी और वे बेहोश होकर वहीं गिर पड़े। दुर्भाग्यवश, वे जलते हुए खर-पतवार की आग में गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।घटना के बाद राम औतार देर शाम तक घर नहीं लौटे। जब परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, तो उन्हें घटनास्थल पर जला हुआ शव मिला। यह दृश्य देखकर परिजन बदहवास हो गए और गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का प्रतीत होता है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया है।इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में मधुमक्खियों के हमलों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मधुमक्खियों के हमले की स्थिति में आग लगाना बेहद खतरनाक हो सकता है, खासकर जब आसपास सूखी घास या ज्वलनशील पदार्थ मौजूद हों। ऐसे हालात में जमीन पर लेट जाना, कपड़े से चेहरा ढंकना या धीरे-धीरे वहां से दूर हटना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

    ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी मधुमक्खियों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन कभी इतनी भयावह घटना नहीं हुई। प्रशासन से मांग की जा रही है कि गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग ऐसी परिस्थितियों में सही कदम उठा सकें।

    राम औतार केवट की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे और उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • लहसुन के माउथवॉश के फायदे: मुंह के बैक्टीरिया और मसूड़ों की सुरक्षा

    लहसुन के माउथवॉश के फायदे: मुंह के बैक्टीरिया और मसूड़ों की सुरक्षा

    आज के समय में माउथवॉश का इस्तेमाल मुंह की सफाई और फ्रेशनिंग के लिए आम हो गया है। बाजार में पुदीना, नींबू और अन्य फ्लेवर्ड माउथवॉश उपलब्ध हैं। लेकिन क्या आपने कभी लहसुन का माउथवॉश इस्तेमाल करने के बारे में सोचा है? हां, लहसुन का पानी या गार्लिक माउथवॉश भी मुंह के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

    लहसुन के माउथवॉश के फायदे

    1. मुंह के बैक्टीरिया कम करें
    लहसुन में मौजूद एलिसिन नामक सक्रिय कंपाउंड पावरफुल एंटीमाइक्रोबियल एजेंट है। यह मुंह के बैक्टीरिया को कम करने में मदद करता है और दांतों और मसूड़ों को संक्रमण से बचाता है।

    2. मसूड़ों की सूजन घटाएं
    यदि मसूड़ों में सूजन या दर्द की समस्या है तो लहसुन का माउथवॉश इसके लिए राहत दे सकता है। नियमित कुल्ला करने से मसूड़ों में सूजन और लालिमा कम होने लगती है।

    3. मुंह के संक्रमण से बचाव
    एलिसिन के एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को नियंत्रित करते हैं। इससे दांतों और मसूड़ों के आसपास संक्रमण कम होता है और सांस भी ताजगी भरी रहती है।

    घर पर लहसुन का माउथवॉश कैसे बनाएं

    सामग्री और तैयारी:

    • 1-2 लहसुन की कलियां
    • 1 कप पानी

    लहसुन को अच्छी तरह कूटकर पानी में डालें। इसे 1-2 मिनट उबालकर गुनगुना कर लें।

    इस्तेमाल करने का तरीका:

    • कुल्ला करने के लिए गुनगुने लहसुन के पानी को मुंह में डालें।
    • इसे 30 सेकंड तक अच्छी तरह घुमाएं और थूक दें।
    • कुल्ला करने के बाद दांतों को ब्रश करें।

    ध्यान रखें कि इसे ज्यादा देर तक मुंह में न रखें क्योंकि इससे मसूड़ों में इरिटेशन हो सकती है। सप्ताह में 2-3 बार लहसुन के माउथवॉश का इस्तेमाल करना मुंह के स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त है। लहसुन का माउथवॉश एक सस्ता, प्राकृतिक और प्रभावी उपाय है जो बैक्टीरिया कम करने, मसूड़ों की सूजन घटाने और मुंह की ताजगी बनाए रखने में मदद करता है। इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है और नियमित इस्तेमाल से दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं

  • Weight Loss Flour: वजन कम करना है तो बदलें आटे की आदत, ये आटे हैं गेहूं से ज्यादा फायदेमंद

    Weight Loss Flour: वजन कम करना है तो बदलें आटे की आदत, ये आटे हैं गेहूं से ज्यादा फायदेमंद

    Weight Loss Flour: इसमें कोई दोराय नहीं कि अच्छा खानपान ही अच्छी सेहत की कुंजी है। आज के समय में बढ़ते वजन की सबसे बड़ी वजह गलत डाइट और बाहर के खाने की आदत बन चुकी है। फास्ट फूड और तले-भुने खाने से शरीर को जरूरत से ज्यादा फैट और कैलोरी मिलती है, जिससे वजन तेजी से बढ़ता है।अगर आप वजन घटाना चाहते हैं, तो इसकी शुरुआत घर के खाने में छोटे लेकिन असरदार बदलाव से की जा सकती है। खासकर आटे का चुनाव वजन घटाने में अहम भूमिका निभाता है। आज हम आपको ऐसे आटे बता रहे हैं, जिनसे बनी रोटियां गेहूं के आटे से ज्यादा हेल्दी मानी जाती हैं और वजन कम करने में मदद करती हैं।

    रागी का आटा (Ragi Flour)

    रागी के आटे से बनी रोटियां सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं।

    • रागी कैल्शियम और फाइबर से भरपूर होता है
    • पेट लंबे समय तक भरा रहता है
    • ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है

    जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, वे रोजाना रागी की रोटी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

    बाजरे का आटा (Bajra Flour)

    बाजरे का आटा पूरी तरह ग्लूटन फ्री होता है।इसमें भरपूर प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है बार-बार भूख नहीं लगती ओवरईटिंग से बचाव होता है हफ्ते में 2–3 बार बाजरे की रोटियां खाने से वजन कंट्रोल में रहता है।

    ज्वार का आटा (Jowar Flour)

    ज्वार के आटे से बनी रोटियां स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हेल्दी भी होती हैं। यह भी ग्लूटन फ्री होता है फाइबर और प्रोटीन से भरपूर मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है दाल या सब्जी के साथ ज्वार की रोटी वजन घटाने वालों के लिए बेहतरीन विकल्प है।

    जौ का आटा (Barley Flour)

    जौ के आटे की रोटियां वेट लॉस के लिए बेहद असरदार मानी जाती हैं। इसमें फाइबर और बीटा-ग्लूकन मौजूद होता हैपेट लंबे समय तक भरा रहता है ब्लड शुगर को रेगुलेट करने में मदद करता है डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए जौ की रोटी काफी फायदेमंद है।

  • अमेठी में अधिवक्ताओं के विरोध के बीच SDM के समर्थन में उतरे सैकड़ों फरियादी

    अमेठी में अधिवक्ताओं के विरोध के बीच SDM के समर्थन में उतरे सैकड़ों फरियादी

    संवाददाता नितेश अमेठी जिले की मुसाफिरखाना तहसील में बीते पांच दिनों से चल रहे अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। अधिवक्ताओं के आंदोलन के विपरीत अब सैकड़ों फरियादी और ग्राम प्रधान एसडीएम की कार्यशैली के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। यह समर्थन तहसील दिवस के दौरान उस समय देखने को मिला, जब मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) द्वारा जनसुनवाई की जा रही थी।

    तहसील दिवस की जनसुनवाई में दिखा जनसमर्थन

    तहसील दिवस में पहुंचे सैकड़ों फरियादियों और ग्राम प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि एसडीएम आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहे हैं और न्याय दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। फरियादियों का कहना है कि एसडीएम की कार्यशैली निष्पक्ष और जनहित में है, इसलिए उनके खिलाफ हो रहे विरोध को वे सही नहीं मानते।जनसुनवाई के दौरान कई ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखते हुए यह भी कहा कि वे दूर-दराज के गांवों से न्याय की उम्मीद लेकर तहसील आते हैं और एसडीएम के स्तर पर उन्हें राहत मिलती है।

    फरियादियों का आरोप: तारीख पर तारीख से नहीं मिल रहा न्याय

    फरियादियों ने अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अधिकारी न्याय करना चाहते हैं, तब कुछ मामलों में केवल तारीख पर तारीख दी जाती है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि वकीलों के विरोध के चलते कई दिनों से तहसील का कामकाज प्रभावित हो रहा है और उन्हें न्याय पाने में देरी हो रही है।कुछ फरियादियों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं के आंदोलन की वजह से उनकी शिकायतों की सुनवाई रुक गई है, जिससे गरीब और ग्रामीण वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।

    मुसाफिरखाना तहसील में 5 दिन से जारी है विरोध

    गौरतलब है कि इससे पहले लेखपालों के समर्थन में भी फरियादी सामने आ चुके हैं और अब एसडीएम के पक्ष में सैकड़ों लोग उतर आए हैं। मुसाफिरखाना तहसील में अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन लगातार पांच दिनों से जारी है, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले पर उच्च अधिकारियों की नजर बनी हुई है और स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं फरियादियों की मांग है कि न्याय प्रक्रिया बाधित न हो और तहसील में नियमित रूप से जनसुनवाई जारी रहे।

  • पवन सिंह के जन्मदिन वीडियो से तीसरी शादी की चर्चा तेज, सोशल मीडिया पर कयास

    पवन सिंह के जन्मदिन वीडियो से तीसरी शादी की चर्चा तेज, सोशल मीडिया पर कयास

    भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार पवन सिंह एक बार फिर अपनी फिल्मों से ज्यादा निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उनके जन्मदिन के मौके पर सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। इस वायरल वीडियो में पवन सिंह एक महिला के साथ केक काटते नजर आ रहे हैं, जिसके बाद तीसरी शादी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    महिला के साथ केक काटते दिखे पवन सिंह

    वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पवन सिंह एक महिला के साथ बेहद करीबी माहौल में जन्मदिन का केक काट रहे हैं। वीडियो में महिला की मांग में सिंदूर दिखाई दे रहा है, जबकि पवन सिंह की हालत और उनके हावभाव को लेकर भी लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं।कुछ लोग इसे पवन सिंह की तीसरी शादी से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि यह सिर्फ एक निजी समारोह हो सकता है। हालांकि, वीडियो के सामने आने के बाद से यह मामला तेजी से वायरल हो गया है।

    सोशल मीडिया पर उठे सवाल

    जैसे ही वीडियो सामने आया, सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कोई इसे अफवाह बता रहा है तो कोई पवन सिंह के वैवाहिक जीवन को लेकर सवाल उठा रहा है। कई यूजर्स महिला की पहचान जानने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे जानबूझकर फैलाया गया भ्रम भी बता रहे हैं।फिलहाल इस पूरे मामले पर पवन सिंह की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे अटकलें और भी तेज हो गई हैं।

    पत्नी ज्योति सिंह की बधाई से बढ़ी चर्चा

    इस पूरे विवाद के बीच एक और बात ने चर्चा को और हवा दे दी। पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें जन्मदिन की बधाई दी है। ज्योति सिंह की इस बधाई के बाद लोग दोनों के रिश्तों को लेकर और ज्यादा सवाल करने लगे हैं।कुछ लोगों का मानना है कि अगर सब कुछ सामान्य है, तो तीसरी शादी की खबरें सिर्फ अफवाह हैं। वहीं कुछ का कहना है कि पवन सिंह की निजी जिंदगी पहले भी विवादों में रही है, इसलिए लोग किसी भी वायरल वीडियो को गंभीरता से ले रहे हैं।

    आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

    फिलहाल यह पूरा मामला सोशल मीडिया कयासों तक ही सीमित है। जब तक पवन सिंह या उनके करीबी किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं करते, तब तक इन चर्चाओं को अफवाह ही माना जा सकता है।

  • वाराणसी में कमिश्नर के वाहन के सामने महिलाओं का धरना, जमीन विवाद का मामला

    वाराणसी में कमिश्नर के वाहन के सामने महिलाओं का धरना, जमीन विवाद का मामला

    संवाददाता मनीष पटेल वाराणसी में उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई जब कुछ महिलाएं पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के कार्यालय के बाहर उनके वाहन के सामने धरने पर बैठ गईं। महिलाओं का आरोप था कि चोलापुर थाने में जमीन विवाद की शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही, जिससे परेशान होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।कार्यालय पुलिस आयुक्त के गेट पर धरना देख कैंट पुलिस महिलाओं को समझाकर हटाने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल मौके पर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए उन्होंने वाहन से उतरकर स्वयं महिलाओं से बातचीत की और उनकी समस्या को गंभीरता से सुना। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने सभी महिलाओं को अपने कार्यालय में बुलाया।

    चोलापुर थाने पर सुनवाई न होने का आरोप

    धरने पर बैठी महिलाओं ने बताया कि उनकी जमीन उनकी सास धनों देवी के नाम दर्ज है, लेकिन धनंजय यादव और उसके परिवार के लोग आए दिन उनकी जमीन पर आकर जबरन कब्जा करने का प्रयास करते हैं। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें धमकाया जाता है और मारपीट की जाती है।महिलाओं ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में चोलापुर थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब कथित आरोपियों को पता चला कि महिलाएं थाने गई हैं, तो वे उनके घर पर चढ़ आए और बच्चों व पुरुषों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की।

    पुलिस आयुक्त ने लिया संज्ञान

    थाने से न्याय न मिलने पर महिलाएं सीधे वाराणसी पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने महिलाओं की पूरी बात सुनी और मामले को गंभीर बताया।उन्होंने महिलाओं को आश्वासन दिया कि चोलापुर थाने को इस मामले में निर्देश दे दिए गए हैं। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर सुनवाई और कार्रवाई नहीं होती है, तो महिलाएं दोबारा उनसे संपर्क करें

    एक सप्ताह में कार्रवाई का भरोसा

    पुलिस आयुक्त के आश्वासन के बाद महिलाओं ने धरना समाप्त किया। प्रशासन की ओर से यह संदेश दिया गया कि जमीन विवाद जैसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा।यह मामला एक बार फिर स्थानीय थानों की कार्यप्रणाली और आम नागरिकों की सुनवाई को लेकर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन के निर्देशों के बाद चोलापुर थाना इस विवाद में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

  • Gold and Silver Price Today: सस्‍ते या महंगे हो गए सोना-चांदी, जानें आज का भाव

    Gold and Silver Price Today: सस्‍ते या महंगे हो गए सोना-चांदी, जानें आज का भाव

    Gold and Silver Price Today:  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारतीय कमोडिटी बाजार में भी साफ दिखाई दे रहा है। वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी के भाव में उछाल देखने को मिला है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार को दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में तेज़ बढ़त दर्ज की गई।

    MCX पर दोपहर 12:20 बजे तक फरवरी फ्यूचर वाले सोने की कीमत 1,972 रुपये बढ़कर 1,37,733 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। वहीं मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 6,914 रुपये की उछाल के साथ 2,43,230 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती नजर आई। यह बढ़त निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग को दर्शाती है।

    MCX पर क्यों बढ़े सोना-चांदी के भाव

    जानकारों के मुताबिक, अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। ऐसे हालात में निवेशक शेयर बाजार से निकलकर सोना और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि MCX गोल्ड और सिल्वर प्राइस में अचानक उछाल दर्ज किया गया।हालांकि, बीते कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को MCX पर सोने के दाम गिरावट के साथ बंद हुए थे, जबकि चांदी में हल्की मजबूती देखने को मिली थी। लेकिन अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के बाद सोमवार को तस्वीर पूरी तरह बदल गई।

    रिकॉर्ड हाई से अभी भी नीचे हैं कीमतें

    एक अहम बात यह है कि मौजूदा तेजी के बावजूद सोना और चांदी दोनों ही अपने रिकॉर्ड हाई लेवल से नीचे हैं। दिसंबर 2025 में सोने ने 1,40,465 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ था, जबकि चांदी 2,54,174 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड पर पहुंची थी। मौजूदा भाव इन स्तरों से अभी भी कम हैं।

    निवेशकों के लिए क्या संकेत

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो आने वाले दिनों में सोना और चांदी और मजबूत हो सकते हैं। हालांकि, कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव तेज़ रहता है, इसलिए निवेश से पहले बाजार की चाल और विशेषज्ञ सलाह पर ध्यान देना जरूरी है।कुल मिलाकर, सोना चांदी के भाव में उछाल ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर कीमती धातुओं की ओर खींच लिया है।

  • बुलंदशहर में पूर्व बसपा विधायक के भतीजे की हत्या, दूसरा गंभीर घायल

    बुलंदशहर में पूर्व बसपा विधायक के भतीजे की हत्या, दूसरा गंभीर घायल

    उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां बसपा के पूर्व विधायक हाजी अलीम के भतीजे सूफियान की हत्या कर दी गई, जबकि दूसरा भतीजा अकरम गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

    यह बुलंदशहर हत्या मामला कोतवाली देहात क्षेत्र के नीमखेड़ा गांव का है। जानकारी के अनुसार, सूफियान अपने भाई अकरम और अधिवक्ता कादिर के साथ गांव में स्थित आम के बाग की पैमाइश करने गया था। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो सवार व्यक्ति मौके पर पहुंचा और पैमाइश को लेकर विवाद शुरू हो गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर स्कॉर्पियो सवार ने अपने अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि हमलावरों ने सूफियान और अकरम को बेरहमी से पीटा और धारदार हथियार से हमला किया।

    गंभीर रूप से घायल सूफियान को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं अकरम की हालत नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी दिनेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

    एसएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। गांव और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है, जिसमें जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के एंगल को भी खंगाला जा रहा है।

    इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आम के बाग को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।