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  • प्रयागराज: महिला IAS अधिकारी के घर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 9 गिरफ्तार

    प्रयागराज: महिला IAS अधिकारी के घर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 9 गिरफ्तार

    प्रयागराज में एक महिला IAS अधिकारी के घर पर चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने छापेमारी कर इस मामले में चार युवतियों और पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, मकान को 15 हजार रुपए में किराए पर लिया गया था, और किराएदार ने यह दावा किया कि वह अपने परिवार के साथ यहां रहेगा।

    मकान मालिक और पड़ोसियों की शिकायत के बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि मकान में कुछ युवतियों और युवकों के साथ अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। प्रयागराज पुलिस ने महिला IAS अधिकारी के घर में छापा मारकर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया और सभी आरोपी को हिरासत में लिया।

    गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में 4 युवतियां और 5 युवक शामिल हैं। पूछताछ में पता चला कि मकान किराएदार ने मकान मालिक और पड़ोसियों को झूठा दावा किया था कि वह परिवार के साथ ही रहेगा, लेकिन वास्तव में वह घर को अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रहा था।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह छापेमारी कानून व्यवस्था बनाए रखने और समाज में अपराध को रोकने के लिए की गई। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी आरोपियों से पूरी जानकारी ली जा रही है।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/kasganj-gaushala-lapravahi-jildkari/

    यह मामला प्रयागराज सेक्स रैकेट की श्रेणी में आता है और इसे गंभीरता से लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अधिकारी नियमित निरीक्षण और सतर्कता बरतेंगे।

    सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने इस कार्रवाई को शीघ्रता से अंजाम दिया। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इस छापेमारी से यह संदेश भी जाता है कि प्रयागराज पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाए हुए है। आम नागरिकों को यह भरोसा देना कि उनका शहर सुरक्षित है, पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।

  • कासगंज गौशाला में लापरवाही, जिलाधिकारी ने लिया कड़ा कदम

    कासगंज गौशाला में लापरवाही, जिलाधिकारी ने लिया कड़ा कदम

    संवाददाता सौरभ यादव कासगंज जिले के पटियाली क्षेत्र के नवादा गांव में स्थित गौशाला की स्थिति देखकर प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने गौशाला में हुई अनियमितताओं के मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है। वहीं दो अन्य अधिकारियों को “कारण बताओ” नोटिस जारी किया गया है।

    सूचना मिलने पर गौ रक्षा दल के पदाधिकारियों ने एसडीएम पटियाली को बताया कि गौशाला की स्थिति बेहद खराब है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गायों को रखने के लिए बनाए गए गड्ढों में 8 से 10 गायें एक साथ पड़ी हुई थीं और उनकी सफाई व मिट्टी डालने की व्यवस्था बिल्कुल नहीं थी। इसके अलावा, गौशाला में 20 से 25 गायों की मृत्यु भी दर्ज की गई है।

    जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने स्पष्ट किया है कि गौशालाओं के संचालन में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार किया जाए और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    मौके पर एसडीएम पटियाली, क्षेत्र अधिकारी और चौकी प्रभारी दरियागंज भी निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने गायों के लिए भूसा, पानी और साफ-सफाई की कमी का जायजा लिया। अधिकारियों ने इस बात का संज्ञान लिया कि गौशाला में पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण गायों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

    स्थानीय ग्रामीणों और गौ रक्षा दल के सदस्यों ने भी अधिकारियों को बताया कि गौशाला की नियमित देखभाल नहीं होने के कारण हालात बिगड़े हैं। उन्होंने प्रशासन से निवेदन किया कि गायों की सुरक्षा और पोषण के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।

    जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अब से हर महीने गौशालाओं का निरीक्षण किया जाएगा और गायों की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    कुल मिलाकर, कासगंज गौशाला लापरवाही का मामला प्रशासनिक गंभीरता के साथ उठाया गया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि भविष्य में गायों की देखभाल और संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

  • “बहुत आगे तक जाएंगे…” सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार का आशीर्वाद, बिहार राजनीति में बढ़ी हलचल

    “बहुत आगे तक जाएंगे…” सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार का आशीर्वाद, बिहार राजनीति में बढ़ी हलचल

    बिहार की राजनीति में उस वक्त सियासी हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुले मंच से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की जमकर सराहना की। मौका था बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनी चौधरी के 90वें जन्मदिन का, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं उनके आवास पहुंचे और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।इस दौरान नीतीश कुमार ने न सिर्फ शकुनी चौधरी के राजनीतिक योगदान को याद किया, बल्कि उनकी मौजूदगी में सम्राट चौधरी के कामकाज की भी तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्राट चौधरी मेहनती नेता हैं और “बहुत आगे तक जाएंगे”, यह कहते हुए उन्होंने उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना करते हुए आशीर्वाद भी दिया।

    सम्राट चौधरी के लिए खास रहा यह पल

    डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के लिए यह मौका बेहद खास माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में नीतीश कुमार के इस बयान को सिर्फ तारीफ नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। नीतीश कुमार का इस तरह खुले मंच से सम्राट चौधरी का समर्थन करना आने वाले समय में बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।

    शकुनी चौधरी के आवास पर जुटे दिग्गज

    पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनी चौधरी के 90वें जन्मदिन पर कई वरिष्ठ नेता और समर्थक मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने उन्हें स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शकुनी चौधरी का सामाजिक और राजनीतिक योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

    सियासी मायने क्या हैं?

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार का यह बयान केवल औपचारिक नहीं है। सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार का आशीर्वाद ऐसे समय पर आया है जब बिहार में राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं। यह बयान यह भी दर्शाता है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भूमिका और नेतृत्व क्षमता को लेकर आश्वस्त हैं।

    विपक्ष की भी बढ़ी नजर

    इस घटनाक्रम के बाद विपक्षी दलों की नजर भी इस बयान पर टिक गई है। सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कई लोग इसे भविष्य की राजनीति का संकेत मान रहे हैं।कुल मिलाकर, शकुनी चौधरी के जन्मदिन समारोह में नीतीश कुमार द्वारा दिया गया यह बयान बिहार की राजनीति में एक नया संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि इस आशीर्वाद का राजनीतिक असर कितना गहरा पड़ता है।

  • “जाट हूं, 50 थार खरीद दूंगी” वीडियो वायरल, गाजियाबाद में 2 दरोगाओं संग दबंगई

    “जाट हूं, 50 थार खरीद दूंगी” वीडियो वायरल, गाजियाबाद में 2 दरोगाओं संग दबंगई

    गाजियाबाद से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। गाजियाबाद दबंगई वीडियो में एक महिला खुलेआम यह कहते हुए नजर आ रही है कि “मैं जाट हूं, खड़े-खड़े 50 थार खरीद दूंगी”। हैरानी की बात यह है कि यह बयान दो पुलिस दरोगाओं की मौजूदगी में दिया गया, लेकिन मौके पर कोई सख्त कार्रवाई होती नजर नहीं आई।

    दरोगाओं के सामने दिखा दबंग अंदाज

    वायरल वीडियो में महिला खुद को प्रभावशाली बताते हुए पुलिस पर रौब झाड़ती दिख रही है। वीडियो में मौजूद दो दरोगा उसकी बातों को सुनते नजर आते हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। महिला का यह व्यवहार सोशल मीडिया यूजर्स को खासा नाराज कर रहा है।बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी स्थानीय विवाद के दौरान रिकॉर्ड किया गया, जहां पुलिस मौके पर पहुंची थी। उसी दौरान महिला ने जाति और आर्थिक ताकत का हवाला देकर दबंगई दिखाई।

    सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा

    वीडियो सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या कानून सभी के लिए समान है। कई यूजर्स ने पुलिस पर आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के सामने कार्रवाई करने से बचा जाता है। वहीं कुछ लोगों ने इसे पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला मामला बताया है।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान समाज में गलत संदेश देते हैं और कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा कमजोर करते हैं।

    पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

    इस पूरे प्रकरण ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हों और फिर भी इस तरह की दबंगई हो, तो आम नागरिकों को न्याय कैसे मिलेगा। हालांकि, वीडियो के वायरल होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया है।पुलिस विभाग का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।फिलहाल, गाजियाबाद दबंगई वीडियो कानून, व्यवस्था और पुलिस जवाबदेही को लेकर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है।

  • कानपुर में मेयर-पार्षद विवाद सड़क पर, प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हंगामा

    कानपुर में मेयर-पार्षद विवाद सड़क पर, प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हंगामा

    कानपुर में नगर निगम की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। कानपुर मेयर पार्षद विवाद उस समय खुलकर सामने आ गया, जब एक सरकारी कार्यक्रम में पार्षद समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। खास बात यह रही कि जिस कार्यक्रम में यह विवाद हुआ, उसमें प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।

    प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हुआ हंगामा

    जानकारी के अनुसार, कानपुर में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। पार्षदों के समर्थक कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी करने लगे और मेयर के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। हंगामे के चलते कुछ देर के लिए कार्यक्रम बाधित भी हुआ, जिससे प्रशासन और आयोजकों में अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पार्षद समर्थक नगर निगम में अनदेखी और भेदभाव के आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि विकास कार्यों और फैसलों में पार्षदों की भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    पार्षद समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने

    पार्षदों और उनके समर्थकों का आरोप है कि मेयर द्वारा लिए जा रहे कई फैसलों में उनकी सहमति नहीं ली जाती। इसी असंतोष ने धीरे-धीरे बड़े विवाद का रूप ले लिया। कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि नगर निगम के भीतर चल रहा तनाव अब सार्वजनिक हो चुका है।

    स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। सुरक्षा बलों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया, ताकि कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा सके।

    नगर निगम की राजनीति पर सवाल

    इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर समय रहते मेयर और पार्षदों के बीच संवाद नहीं हुआ, तो आने वाले समय में विवाद और गहरा सकता है।

    प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में हुआ यह हंगामा प्रदेश स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि सरकार इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर सकती है, ताकि नगर निगम में चल रही खींचतान को सुलझाया जा सके।

    फिलहाल, कानपुर मेयर पार्षद विवाद ने यह साफ कर दिया है कि नगर निगम की अंदरूनी राजनीति अब सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सड़क पर उतर आई है।

  • अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच की मांग, देहरादून में प्रदर्शन, हजारों पुलिस तैनात

    अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच की मांग, देहरादून में प्रदर्शन, हजारों पुलिस तैनात

    उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अंकिता भंडारी न्याय मांग को लेकर एक बार फिर माहौल गर्म हो गया है। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए शहर में भारी पुलिस बल की तैनाती की है।

    सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

    प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने में हो रही देरी से जनता में गहरा आक्रोश है। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी भी की जा रही है और लोग दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग पर अड़े हुए हैं।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मामले में निष्पक्ष और तेज कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे जनता का भरोसा कमजोर पड़ रहा है। इसी कारण बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

    हजारों पुलिसकर्मी किए गए तैनात

    देहरादून में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शहर के संवेदनशील इलाकों में हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। प्रमुख चौराहों और सरकारी इमारतों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न फैल सके।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था भंग नहीं होने दी जाएगी। किसी भी तरह की हिंसा या अव्यवस्था पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

    जनता की भावना

    अंकिता भंडारी का मामला उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का मानना है कि इस केस में न्याय मिलना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। यही कारण है कि अंकिता भंडारी न्याय मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं।प्रशासन की कड़ी निगरानी के बीच फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, उनकी आवाज सड़कों पर गूंजती रहेगी।

  • हाथरस के सासनी के प्रसिद्ध अमरूद देख गदगद हुए सीएम योगी, 2 किलो का अमरूद बना आकर्षण

    हाथरस के सासनी के प्रसिद्ध अमरूद देख गदगद हुए सीएम योगी, 2 किलो का अमरूद बना आकर्षण

    उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले का सासनी क्षेत्र अपने प्रसिद्ध अमरूद के लिए जाना जाता है। हाल ही में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सासनी के अमरूद की 15 से अधिक प्रजातियां देखीं, तो वे खुद को सराहना से रोक नहीं सके। सासनी के अमरूद की गुणवत्ता, आकार और विविधता ने मुख्यमंत्री को गदगद कर दिया।

    15 से अधिक प्रजातियों ने खींचा ध्यान

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने सासनी क्षेत्र में उगाए जा रहे विभिन्न प्रकार के अमरूद प्रस्तुत किए गए। इनमें अलग-अलग स्वाद, रंग और आकार के अमरूद शामिल थे। बागवानी विशेषज्ञों और किसानों ने सीएम को बताया कि यहां पारंपरिक किस्मों के साथ-साथ उन्नत प्रजातियों की भी खेती की जा रही है, जो स्थानीय किसानों की आय का प्रमुख साधन हैं।

    दो किलो का अमरूद बना आकर्षण

    प्रदर्शित अमरूदों में करीब दो किलो वजनी एक विशाल अमरूद ने सभी का ध्यान खींचा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसे हाथ में लेकर न सिर्फ देखा, बल्कि उस पल को यादगार बनाते हुए फोटो भी खिंचवाई। इसके बाद उन्होंने अमरूद की पैदावार, लागत, सिंचाई व्यवस्था और बाजार तक पहुंच से जुड़ी जानकारियां भी बारीकी से लीं।

    बागवानों की चिंता सीएम तक पहुंची

    इस अवसर पर सासनी विधायक अंजुला माहौर ने अमरूद के उजड़ते बागों और बागवानों की समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। उन्होंने बताया कि पानी की कमी, मिट्टी में नमी घटने और बदलते मौसम के कारण लगातार अमरूद के बाग प्रभावित हो रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

    किसानों के साथ साझा की चुनौतियां

    विधायक अंजुला माहौर बागवानी करने वाले किसानों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री से मिलीं। उन्होंने अमरूद से भरी एक टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की, जिसमें 15 से अधिक प्रजातियों के अमरूद शामिल थे। किसानों ने सीएम को बताया कि यदि समय रहते संरक्षण और सहायता नहीं मिली, तो सासनी की पहचान बने अमरूद के बाग समाप्त होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।

    प्रस्ताव बनाने का मिला आश्वासन

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बागवानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने विधायक से कहा कि अमरूद की बागवानी को बचाने और किसानों की मदद के लिए एक प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए, ताकि सरकार स्तर पर उचित कार्रवाई की जा सके।सासनी के अमरूद न सिर्फ हाथरस, बल्कि पूरे प्रदेश की पहचान हैं। यदि संरक्षण और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिले, तो यह क्षेत्र बागवानी के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर सकता है।

  • 14 साल बाद अलग होंगे माही विज और जय भानुशाली, कपल ने किया तलाक कन्फर्म

    14 साल बाद अलग होंगे माही विज और जय भानुशाली, कपल ने किया तलाक कन्फर्म

    टीवी इंडस्ट्री से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। लंबे समय से इंडस्ट्री के पावर कपल माने जाने वाले माही विज और जय भानुशाली तलाक लेने जा रहे हैं। करीब 14 साल की शादीशुदा जिंदगी के बाद दोनों ने अलग होने का फैसला किया है। इस खबर की पुष्टि खुद माही विज और जय भानुशाली ने एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी कर की है।

    जॉइंट स्टेटमेंट में क्या बोले माही और जय?

    कपल ने अपने साझा बयान में साफ किया कि यह फैसला किसी जल्दबाजी या दबाव में नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों ने काफी समय तक इस पर विचार किया और आपसी सहमति व शांति के साथ अलग होने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखेंगे और आगे की जिंदगी को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाएंगे।

    अफवाहों पर लगा विराम

    पिछले कुछ समय से माही विज और जय भानुशाली के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। दोनों के अलग-अलग रहने और साथ में कम दिखने से फैंस के बीच तलाक की चर्चाएं तेज हो गई थीं। अब कपल के आधिकारिक बयान के बाद इन सभी अटकलों पर विराम लग गया है।

    टीवी इंडस्ट्री का चर्चित कपल

    माही विज और जय भानुशाली टीवी इंडस्ट्री के सबसे पसंदीदा कपल्स में गिने जाते रहे हैं। दोनों की मुलाकात टीवी शो के दौरान हुई थी और दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। 2011 में शादी के बाद यह जोड़ी अक्सर रियलिटी शोज़, अवॉर्ड फंक्शन्स और सोशल मीडिया पर साथ नजर आती थी।

    फैंस के लिए भावुक पल

    इस खबर के सामने आते ही फैंस सोशल मीडिया पर भावुक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग इस फैसले का सम्मान कर रहे हैं, तो कुछ इसे टीवी इंडस्ट्री के लिए एक भावनात्मक झटका बता रहे हैं। हालांकि माही और जय ने अपने बयान में फैंस से उनकी प्राइवेसी का सम्मान करने की अपील की है।फिलहाल दोनों ने अपने व्यक्तिगत और प्रोफेशनल जीवन पर ध्यान देने की बात कही है। कपल ने यह भी संकेत दिया कि वे अपने-अपने करियर को लेकर आगे बढ़ेंगे और सकारात्मक सोच के साथ नई शुरुआत करेंगे।

  • Pradosh Vrat 2026 Date And Time: साल 2026 में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत?

    Pradosh Vrat 2026 Date And Time: साल 2026 में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत?

    Pradosh Vrat 2026 Date And Time: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ व्रत माना जाता है। यह व्रत प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि प्रदोष काल में की गई शिव पूजा से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि शिव भक्त पूरे वर्ष Pradosh Vrat 2026 Date And Time जानने के लिए उत्सुक रहते हैं।

    प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व

    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष काल में भगवान शिव कैलाश पर्वत पर नृत्य करते हैं और अपने भक्तों की प्रार्थना सुनते हैं। इस समय की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। प्रदोष व्रत रखने से स्वास्थ्य, धन, पारिवारिक सुख और मानसिक शांति प्राप्त होती है। साथ ही यह व्रत पापों के नाश और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त करता है।

    साल 2026 में प्रदोष व्रत कब-कब पड़ेगा?

    नीचे जनवरी और फरवरी 2026 के प्रदोष व्रत की तिथियां दी गई हैं जनवरी 2026 के प्रदोष व्रत 02 जनवरी 2026, गुरुवार – गुरु प्रदोष व्रत 16 जनवरी 2026, शुक्रवार – शुक्र प्रदोष व्रत,30 जनवरी 2026, शुक्रवार – शुक्र प्रदोष व्रत

    फरवरी 2026 के प्रदोष व्रत

    • 14 फरवरी 2026, शनिवार – शनि प्रदोष व्रत
    • 28 फरवरी 2026, शनिवार – शनि प्रदोष व्रत

    हर प्रदोष व्रत का अलग-अलग फल बताया गया है। जैसे गुरु प्रदोष व्रत से ज्ञान और करियर में उन्नति होती है, शुक्र प्रदोष व्रत वैवाहिक जीवन और प्रेम संबंधों को मजबूत करता है, जबकि शनि प्रदोष व्रत शनि दोष और आर्थिक परेशानियों से राहत दिलाता है।

    प्रदोष व्रत की पूजा विधि

    प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें। शाम को प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा या प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें। अंत में आरती कर भगवान शिव से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें।

    प्रदोष व्रत रखने से होने वाले लाभ

    • मानसिक तनाव और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
    • धन, नौकरी और व्यापार में उन्नति
    • वैवाहिक और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति
    • रोग, दोष और बाधाओं का नाश
  • नोएडा सेक्टर-104: इंडियन ऑयल अधिकारी अनिल गर्ग की 17वीं मंजिल से मौत

    नोएडा सेक्टर-104: इंडियन ऑयल अधिकारी अनिल गर्ग की 17वीं मंजिल से मौत

    नोएडा के सेक्टर-104 स्थित एक हाई-राइज सोसायटी में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी अनिल गर्ग की 17वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद सोसायटी में हड़कंप मच गया और पुलिस मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच में जुट गई। शुरुआती जांच में पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। मामला थाना सेक्टर 39 इलाके का है।

    पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अनिल गर्ग के रूप में हुई है। वे मूल रूप से कानपुर के निवासी थे और वर्तमान में सेक्टर-104 की एटीएस वन हेमलेट सोसाइटी में रह रहे थे। उनके पिता अजय गर्ग (55) इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है।

    पुलिस को मौके से मिला सुसाइड नोट मामले को गंभीरता से जांचने का आधार बना है। सुसाइड नोट में अनिल गर्ग ने लिखा है कि वह अपनी जिंदगी से परेशान थे, लेकिन अपने परिवार से बेहद प्यार करते थे। पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की जांच की जा रही है और परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

    सोसायटी के अन्य निवासियों ने बताया कि रविवार सुबह अचानक हड़कंप मच गया और लोग बाहर निकल आए। पुलिस ने सोसायटी के सभी कैमरों की फुटेज जांच के लिए जब्त कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सेक्टर 39 की टीम लगातार घटनास्थल पर मौजूद है और पड़ोसियों से भी पूछताछ कर रही है।

    अनिल गर्ग की मौत ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और नोएडा के स्थानीय समाज में शोक की लहर फैला दी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई है और पुलिस को मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है।

    स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हाई-राइज सोसायटी में रहने वालों के लिए सतर्कता बढ़ाना जरूरी है। सोसायटी प्रबंधन ने भी सुरक्षा उपायों को और सख्त करने का आश्वासन दिया है।पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामला सुसाइड या अन्य कारणों से जुड़ा है या नहीं, इसकी पूरी जांच की जाएगी। परिजनों और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और कोर्ट निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।