Devdutt Padikkal 3 Centuries: विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक के स्टार बल्लेबाज़ देवदत्त पडिक्कल का शानदार फॉर्म लगातार जारी है। पडिक्कल ने एक बार फिर शतक जड़ते हुए घरेलू क्रिकेट में अपनी निरंतरता का दमदार प्रदर्शन किया है। यह इस टूर्नामेंट में उनका पांच मैचों में चौथा शतक है, जो उनकी बेहतरीन बल्लेबाज़ी का सबूत है।
त्रिपुरा के खिलाफ खेले गए मुकाबले में कर्नाटक की ओर से ओपनिंग करते हुए देवदत्त पडिक्कल ने 120 गेंदों में 108 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। पडिक्कल ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।
मैच के दौरान उन्होंने गेंदबाज़ों पर दबाव बनाए रखा और जरूरत पड़ने पर बड़े शॉट्स खेलने से भी नहीं हिचके। उनकी इस पारी की बदौलत कर्नाटक ने बड़े स्कोर की नींव रखी।घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे देवदत्त पडिक्कल एक बार फिर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। विजय हजारे ट्रॉफी में उनका यह प्रदर्शन आने वाले समय में उन्हें राष्ट्रीय टीम की दावेदारी में और मजबूत कर सकता है।
औरैया | रिपोर्टर: अमित शर्मा औरैया जनपद में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने शुक्रवार को बी. बी. एस. स्मृति विद्यापीठ, आशानगर (जालौन रोड) में आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों का मन मोह लिया।
बच्चों के प्रदर्शन से अभिभावकों को गर्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर अभिभावकों को गर्व और खुशी का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उनके भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने का कार्य करते हैं।
#औरैया: विद्यालय के वार्षिकोत्सव में पहुंचे राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति बी.बी.एस. स्मृति विद्यापीठ आशानगर में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर अभिभावकों को गर्व व खुशी महसूस होती है: मंत्री ऐसे आयोजनों से बच्चों… pic.twitter.com/LeJkMNWGkR
मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में होने वाले वार्षिकोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों की समझ भी ऐसे आयोजनों से विकसित होती है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।
होमगार्ड्स भर्ती पर स्पष्ट संदेश
मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने होमगार्ड्स भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों को उनका हक जरूर मिलेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बांग्लादेश हिंसा पर मंत्री की प्रतिक्रिया
बांग्लादेश में हालिया हिंसा को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। बातचीत और शांति के रास्ते से ही किसी भी विवाद का हल निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिंसा से केवल नुकसान होता है, चाहे वह किसी भी देश में हो।
कार्यक्रम में दिखा उत्साह
वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों ने नृत्य, गीत, नाटक और देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर तालियों से गूंज उठा। अभिभावकों ने बच्चों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा नदी के किनारे उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 350 किलो वजनी डॉल्फिन का शव पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। यह दृश्य देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। लोगों ने डॉल्फिन के शव को रस्सियों से बांधकर करीब 10 लोगों की मदद से किनारे तक खींचा, जिसके बाद वन विभाग और प्रशासन को सूचना दी गई।
गंगा में डॉल्फिन की मौत से मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डॉल्फिन काफी समय से मृत प्रतीत हो रही थी और उसके शरीर से दुर्गंध आ रही थी। गंगा में डॉल्फिन का यूं मृत पाया जाना न सिर्फ दुर्लभ है, बल्कि यह नदी की सेहत और जलीय जीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। मौके पर मौजूद लोगों ने आशंका जताई कि गंगा में बढ़ते प्रदूषण के कारण ही डॉल्फिन की मौत हुई होगी।
10 लोगों ने मिलकर खींचा शव
डॉल्फिन का वजन अत्यधिक होने के कारण उसे बाहर निकालना आसान नहीं था। स्थानीय लोगों ने रस्सी का इंतजाम किया और करीब 10 लोगों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद शव को किनारे लाया। इस दौरान आसपास लोगों की भीड़ लग गई और घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे।
प्रदूषण पर उठे गंभीर सवाल
स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि कानपुर क्षेत्र में गंगा नदी लंबे समय से औद्योगिक और घरेलू कचरे से प्रदूषित है। चमड़ा उद्योगों, नालों और रासायनिक अपशिष्ट के कारण पानी की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए होते, तो ऐसी घटना टाली जा सकती थी।एक स्थानीय निवासी ने कहा,“जब इंसानों के लिए गंगा का पानी सुरक्षित नहीं है, तो डॉल्फिन जैसे संवेदनशील जीव कैसे जिंदा रहेंगे?”
वन विभाग और प्रशासन की जांच
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और डॉल्फिन के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। प्रारंभिक जांच में उम्रदराज या बीमारी की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है, लेकिन प्रदूषण की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
डॉल्फिन: गंगा की पहचान और जैव विविधता
गौरतलब है कि गंगा डॉल्फिन भारत की राष्ट्रीय जलीय जीव (National Aquatic Animal) है। यह जीव साफ और ऑक्सीजन युक्त पानी में ही जीवित रह सकती है। डॉल्फिन की मौजूदगी को नदी के स्वास्थ्य का संकेत माना जाता है। ऐसे में उसकी मौत यह दर्शाती है कि गंगा का इकोसिस्टम खतरे में है।
कराकस (वेनेजुएला): दक्षिण अमेरिका का देश वेनेजुएला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय तनाव के केंद्र में आ गया है। वेनेजुएला की सरकार ने अमेरिका पर अपने नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले का गंभीर आरोप लगाया है। राजधानी कराकस समेत कई राज्यों में हुए धमाकों के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में नेशनल इमरजेंसी घोषित कर दी है।
कराकस समेत कई राज्यों में धमाके
शनिवार तड़के वेनेजुएला की राजधानी कराकस में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा मिरांडा, अरगुआ और ला गुइरा राज्यों में भी बम धमाके होने की खबरें सामने आई हैं। धमाकों के बाद कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए।न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों ने कराकस के ऊपर बम गिराए, जिससे इमारतें हिल गईं और आसमान में धुएं का गुबार उठता नजर आया। राजधानी के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक बड़े सैन्य अड्डे के आसपास धमाके के बाद पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।
कम से कम सात धमाकों की पुष्टि
एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, कराकस में कम से कम सात धमाके सुने गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में धमाकों के बाद उठता धुआं, दहशत में भागते लोग और आसमान में उड़ते सैन्य विमान साफ देखे जा सकते हैं। हालांकि सरकार ने अब तक हताहतों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है।
मादुरो सरकार का अमेरिका पर सीधा आरोप
वेनेजुएला सरकार ने इन हमलों को “अमेरिकी सैन्य आक्रामकता” करार दिया है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अपने संबोधन में कहा,“वेनेजुएला को डराने और धमकाने के अमेरिकी प्रयास कभी सफल नहीं होंगे। हमारा देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।”सरकार का कहना है कि हमलों का मकसद वेनेजुएला में अस्थिरता फैलाना और सरकार को कमजोर करना है।
नेशनल इमरजेंसी का ऐलान
लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए राष्ट्रपति मादुरो ने देशभर में नेशनल इमरजेंसी लागू करने की घोषणा कर दी है। इसके तहत सैन्य और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है सीमाओं और हवाई क्षेत्र की निगरानी कड़ी कर दी गई हैसरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
अमेरिका की ओर से चुप्पी
इन गंभीर आरोपों के बावजूद अमेरिका ने अब तक हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है और न ही इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है, क्योंकि इससे लैटिन अमेरिका में भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है।
रिपोर्टर अमित शर्मा औरैया (उत्तर प्रदेश):औरैया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र अंतर्गत सलेमपुर गांव में शनिवार सुबह एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। गली में मवेशी बांधने को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई, जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सुबह 11 बजे भड़का विवाद
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11 बजे सलेमपुर गांव में गली में मवेशी बांधने को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद हाथापाई से बढ़ते हुए लाठी-डंडों की मारपीट में बदल गया। ग्रामीणों ने जब स्थिति बिगड़ती देखी तो तत्काल पुलिस को सूचना दी।
#औरैया: दो पक्षों में मारपीट, आधा दर्जन से अधिक लोग घायल अछल्दा थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव में शनिवार सुबह करीब 11 बजे विवाद गली में मवेशी बांधने को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को CHC में कराया भर्ती प्रदीप सक्सेना की हालत गंभीर, सैफई… pic.twitter.com/Pni5ZupF23
सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह और उपनिरीक्षक राशिद खान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हालात पर काबू पाया और सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया।
ये लोग हुए घायल
मारपीट में घायल हुए लोगों में प्रदीप सक्सेना,संतोष सक्सेना,लवकुश सक्सेना,गोविन्द सक्सेना (सभी पुत्र रामऔतार),शिवपाल तोमर,सोहन,नितेन्द्र शामिल हैं।
दो की हालत गंभीर, सैफई रेफर
सीएचसी में तैनात डॉ. गौरव ने प्राथमिक उपचार के बाद प्रदीप सक्सेना की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहीं नितेन्द्र को चिचोली रेफर किया गया। अन्य घायलों का मौके पर ही इलाज किया गया।
गली में मवेशी बांधने को लेकर था विवाद
अछल्दा थानाप्रभारी पंकज मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद गली में मवेशी बांधने को लेकर हुआ था। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। पुलिस के अनुसार, फिलहाल घायलों का इलाज चल रहा है। दोनों पक्षों से तहरीर मिलने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क है और किसी भी तरह की दोबारा घटना न हो, इसके लिए निगरानी रखी जा रही है।
दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बंदरों की बढ़ती समस्या को देखते हुए PWD (Public Works Department) ने एक अनोखी पहल की है। अब बंदरों को भगाने के लिए लोगों की भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती में चयनित कर्मी लंगूर की आवाज निकालकर बंदरों को भगाने का काम करेंगे।
क्यों निकली भर्ती?
दिल्ली के कई इलाके जैसे कि साउथ दिल्ली, रोहिणी, और पुरानी कॉलोनियों में बंदरों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ये बंदर न केवल सड़क पर और पार्कों में परेशान कर रहे हैं बल्कि घरों और दुकानों में भी घुसपैठ कर रहे हैं। इससे न केवल लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है बल्कि खाद्य सामग्री और घरों की सुरक्षा भी खतरे में है।PWD ने टेंडर जारी करते हुए कहा कि भर्ती किए जाने वाले कर्मी 8 घंटे की शिफ्ट में काम करेंगे और उनका मुख्य कार्य बंदरों को भगाना होगा। इसके लिए कर्मी को लंगूर की आवाज की नकल करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस तरह की पहल पहली बार दिल्ली में लागू की जा रही है।
भर्ती की शर्तें
भर्ती केवल उन लोगों के लिए है, जो लंगूर की आवाज़ की सही नकल कर सकते हैं।
हर कर्मी को 8 घंटे की शिफ्ट में काम करना होगा।
कर्मी शहर के ऐसे इलाकों में तैनात किए जाएंगे, जहां बंदरों की संख्या अधिक है।
PWD ने इस काम के लिए विशेष टेंडर जारी कर आवेदन आमंत्रित किए हैं।
क्या है उद्देश्य?
PWD का कहना है कि बंदरों से निपटने के लिए पारंपरिक उपाय जैसे जाल और रबर की गोली पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए लंगूर की आवाज़ निकालने वाले कर्मियों की तैनाती करने का निर्णय लिया गया है। इस तकनीक के जरिए बंदर समझेंगे कि इलाके में बड़े लंगूर मौजूद हैं और वे खुद ही जगह छोड़ देंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह इको-फ्रेंडली और मानव-सुरक्षित तरीका है, क्योंकि इसमें बंदरों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाता। इसके अलावा, इससे लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
दिल्ली में बंदरों की समस्या
दिल्ली में बंदर अक्सर पेड़ों, तारों और खुले इलाकों में घूमते नजर आते हैं। लोग इनसे परेशान हैं क्योंकि बंदर खाने-पीने की वस्तुएं चोरी करते हैं और कभी-कभी झगड़े भी बढ़ा देते हैं। PWD का यह कदम शहरवासियों के लिए राहत भरा साबित होगा।
आने वाले दिनों में क्या होगा?
PWD जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी करके लंगूर आवाज कर्मियों की भर्ती शुरू करेगा। भर्ती के बाद ये कर्मी निर्धारित क्षेत्रों में तैनात होंगे और बंदरों को भगाने का काम करेंगे। इस पहल से उम्मीद है कि शहर में बंदरों की बढ़ती दिक्कत कम होगी और लोग सुरक्षित रह सकेंगे।
बदायूं (उत्तर प्रदेश):उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दुल्हन की चाह में एक युवक 30 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया और जान देने की धमकी देने लगा। युवक की हरकत से इलाके में हड़कंप मच गया और आधे घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
क्या है पूरा मामला?
घटना बदायूं जिले के एक गांव की है, जहां हर प्रसाद मौर्य नामक युवक अचानक गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गया। ऊपर से चिल्लाते हुए वह कह रहा था“साहब, मैं दस दिन से यही गंदे कपड़े पहने हूं, कौन धुलेगा? सबकी पत्नियां हैं, तो मुझे भी चाहिए!”युवक ने यह भी धमकी दी कि अगर उसे दूसरी पत्नी नहीं दिलाई गई, तो वह जान दे देगा। उसकी बातें सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण घबरा गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
परिजनों के अनुसार, हर प्रसाद की पहली पत्नी पहले ही उसे छोड़कर जा चुकी है। इसके बाद से वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा था। युवक का कहना था कि“पहली बीबी चली गई, दूसरी दिलाओ नहीं तो मैं यहीं से कूद जाऊंगा!”उसकी हालत देखकर गांव के लोग डर गए, क्योंकि वह किसी भी समय बड़ा कदम उठा सकता था।
आधे घंटे तक चला हंगामा
पानी की टंकी पर चढ़े युवक ने करीब 30 मिनट तक हंगामा किया। नीचे ग्रामीण उसे समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। आखिरकार पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों की मदद से युवक को समझाया गया।काफी मान‑मनौव्वल और भरोसा दिलाने के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए युवक को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
मानसिक बीमारी की पुष्टि
परिजनों ने पुलिस को बताया कि हर प्रसाद मानसिक रूप से बीमार रहता है और पहले भी कई बार असामान्य व्यवहार कर चुका है। उसकी हालत को देखते हुए उसे इलाज और काउंसलिंग की जरूरत बताई जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला गंभीर जरूर था, लेकिन समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया। युवक को समझाकर नीचे उतारा गया है और परिवार को उसकी मानसिक स्थिति को लेकर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है।यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है। समय पर इलाज और पारिवारिक सहयोग से ऐसे मामलों को रोका जा सकता है।
Late Major Bipin Chandra Bhatt- लखनऊ – लखनऊ में नये साल का पहला दिन मेजर की बेटी अंजना के लिए खुशियों का संदेश लेकर आया। अंजना के पिता स्व. मेजर बिपिन चंद्र भट्ट थे और उनके निधन के बाद अंजना अकेली रह गई थी। पिछले कुछ समय से अंजना मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों से जूझ रही थीं और उन्हें सीजोफ्रेनिया के कारण रिहैब सेंटर में रखा गया था।हाल ही में अंजना के मकान पर चंदौली के बलवंत कुमार यादव और उनके सहयोगी मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा कर लिया था।
अंजना ने इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और उन्होंने 24 घंटे के भीतर न्याय दिलाने का भरोसा दिया।मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लखनऊ पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गुरुवार दोपहर तक अंजना को उनके मकान में कब्जा दिला दिया। मकान में प्रवेश करते ही अंजना भावुक हो उठीं और आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा, “थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू।”
अंजना के पिता मेजर बिपिन चंद्र भट्ट का निधन 1994 में हुआ था। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां थीं, जिनमें से केवल अंजना जीवित रहीं। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें 2016 में निर्वाण रिहैब सेंटर में भर्ती कराया गया।हाल ही में मकान पर कब्जा किए जाने के बाद अंजना ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी थी। उनके मकान पर बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेज और बोर्ड लगा दिया था। अंजना ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने दुख और समस्याओं को साझा किया, जिसके तुरंत बाद न्याय की प्रक्रिया शुरू हुई।
पुलिस और प्रशासन की तेज कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद पुलिस ने आरोपी बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तारी के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।अंजना के मकान में प्रवेश के समय पुलिस, सेना अधिकारी और स्थानीय प्रशासन मौजूद थे। अंजना ने हर कमरे में जाकर दीवारों को चूमा और घर के अंदर पुराने दिनों की यादों को ताजा किया। उन्होंने नारियल फोड़ा, दीप प्रज्ज्वलित किया और आसपास की महिलाओं के साथ भावुक क्षण साझा किए।
मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता
इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने अंजना को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आदेश दिए कि भूमि विवाद का समाधान तुरंत किया जाए और अंजाना को उनके अधिकारों से वंचित न किया जाए।अंजना की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सरकार और प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता नागरिकों को न्याय दिलाने में कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।
मेक्सिको में एक बार फिर धरती जोरदार तरीके से कांप उठी। मंगलवार को आए 6.5 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने लोगों में दहशत फैला दी। झटके इतने तेज थे कि कई इलाकों में इमारतें हिलती नजर आईं और लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र सैन मार्कोस शहर के पास बताया जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भी इसका असर महसूस किया गया।
अचानक आए झटकों से मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भूकंप के झटके अचानक महसूस हुए और कुछ सेकेंड तक धरती लगातार कांपती रही। कई ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने बताया कि दीवारों और खिड़कियों में कंपन महसूस हुआ। दहशत में लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सड़कों पर आ गए। कुछ जगहों पर लोग खुले मैदानों और पार्कों में शरण लेते दिखे।
सैन मार्कोस के पास था भूकंप का केंद्र
भूकंप का केंद्र मेक्सिको के सैन मार्कोस शहर के नजदीक जमीन के अंदर बताया गया है। भूकंप मापने वाली एजेंसियों के अनुसार, इसकी तीव्रता 6.5 दर्ज की गई, जो काफी मजबूत मानी जाती है। इस तीव्रता के भूकंप से आमतौर पर इमारतों को नुकसान पहुंचने और अफरा-तफरी मचने की आशंका रहती है।
फिलहाल जान-माल के बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, भूकंप के बाद राहत और बचाव एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कई इलाकों में इमारतों में दरारें आने और घरेलू सामान गिरने की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स की आशंका
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के शक्तिशाली भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स यानी हल्के झटके आने की संभावना बनी रहती है। लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है मेक्सिको
गौरतलब है कि मेक्सिको भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। यहां अक्सर मध्यम से तेज तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में आने के कारण मेक्सिको में भूकंपीय गतिविधियां सामान्य मानी जाती हैं। इससे पहले भी देश कई विनाशकारी भूकंप झेल चुका है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें। स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा जांच की जा रही है।फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन और राहत एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। आने वाले समय में नुकसान का पूरा आकलन किए जाने की संभावना है।
रिपोर्टर अमित शर्मा बिधूना/बंथरा: खबर औरैया से है जहां के बंथरा गांव में एक विवाहिता द्वारा जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का दावा है कि आरोपी युवक मृतका को फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर रहा था, जिससे तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
जानकारी के अनुसार, बंथरा निवासी जगराम प्रजापति की 30 वर्षीय पत्नी सरोजनी ने मंगलवार को जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बिधूना ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सैफई रेफर कर दिया। इलाज के दौरान बुधवार को सरोजनी ने दम तोड़ दिया। गुरुवार शाम को शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
#औरैया: विवाहिता ने जहरीला पदार्थ खाकर की आत्महत्या, ब्लैकमेलिंग का आरोप बिधूना/बंथरा गांव में विवाहिता द्वारा जहरीला पदार्थ खाने का मामला आया सामने इलाज के दौरान महिला की मौत, गांव में फैली सनसनी परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया… pic.twitter.com/KvqWiI0YZP
शुक्रवार को कोतवाली बिधूना पहुंचे पति जगराम और परिजनों ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गांव का ही एक युवक सरोजनी से बात करता था। करीब दो महीने पहले जगराम को इस बात की जानकारी हुई थी। आरोप है कि वह युवक सरोजनी के कुछ फोटो और वीडियो बनाकर उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। परिजनों ने यह भी चौंकाने वाला आरोप लगाया कि कमरे की दीवार के सुराख से किसी ने सरोजनी को जहरीला पदार्थ दिया था, जिसे खाने से उसकी मौत हुई।
सरोजनी की शादी साल 2012 में बोंडेपुर अछल्दा निवासी रमेश चंद्र की पुत्री के रूप में जगराम के साथ हुई थी। मृतका अपने पीछे चार बच्चे (तीन बेटियां राधा, प्रांशु, काव्या और एक बेटा रामजीत) छोड़ गई है। खास बात यह है कि सरोजनी की दो अन्य बहनें, सीमा और सीता की शादी भी जगराम के भाइयों के साथ हुई थी, जबकि एक बहन आरती की शादी छिबरामऊ में हुई है।घटना के बाद से गांव में तनाव और शोक का माहौल है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।