Nation Now Samachar

Blog

  • SAHARANPUR NEWS: सहारनपुर में अवैध मस्जिद निर्माण पर चला बुलडोजर, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

    SAHARANPUR NEWS: सहारनपुर में अवैध मस्जिद निर्माण पर चला बुलडोजर, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

    सहारनपुर। जनपद के थाना चिलकाना क्षेत्र अंतर्गत भोजपुर तगा गांव में (SAHARANPUR NEWS) पुलिस और प्रशासन ने एक निर्माणाधीन अवैध मस्जिद पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे बुलडोजर चलाकर गिरा दिया। यह कार्रवाई उस वक्त की गई जब शिकायत मिलने पर पता चला कि यह निर्माण बिना किसी नक्शे की स्वीकृति के किया जा रहा था।

    प्रशासन द्वारा इस मस्जिद निर्माण को लेकर पहले ही 15 दिन का नोटिस जारी किया गया था, जिसमें निर्माण कार्य को रोकने और जवाब देने को कहा गया था लेकिन निर्माणकर्ता पक्ष द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद अधिकारियों ने यह कार्रवाई अमल में लाई। SAHARANPUR NEWS

    कार्रवाई के दौरान एसडीएम सदर सुबोध कुमार, तहसीलदार जितेंद्र सिंह, सीओ सदर मनोज यादव, जिला पंचायत अधिकारी समेत कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद रही। बुलडोजर की मदद से निर्माणाधीन मस्जिद को ढहाया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का कोई विरोध या हंगामा नहीं हुआ, जिससे कार्यवाही शांतिपूर्वक संपन्न हो सकी।SAHARANPUR NEWS

    SAHARANPUR NEWS
    जिला प्रशासन ने अवैध निर्माण पर बुलडोजर से कार्रवाई की (फोटो- नेशन नाव समाचार)

    एसडीएम सुबोध कुमार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि यह निर्माण अवैध रूप से और नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल का निर्माण कानूनी प्रक्रिया और अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता। SAHARANPUR NEWS

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, चाहे वह किसी भी धर्म, वर्ग या संस्था से जुड़ा हो। यह कार्यवाही गांव में प्रशासन की सख्ती और पारदर्शिता का संकेत मानी जा रही है।

    ये भी पढ़ें- PM MODI KANPUR VISIT: पीएम बोले- ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ, हमने दुश्मन को घर में घुसकर मारा

  • HAMIRPUR CRIME NEWS: हमीरपुर में रिमझिम फैक्ट्री में दर्दनाक हादसा, डंपर से कुचलकर मजदूर की मौत

    HAMIRPUR CRIME NEWS: हमीरपुर में रिमझिम फैक्ट्री में दर्दनाक हादसा, डंपर से कुचलकर मजदूर की मौत

    हमीरपुर: जनपद के भरुआ सुमेरपुर कस्बे में शुक्रवार तड़के रिमझिम इस्पात लिमिटेड फैक्ट्री में (HAMIRPUR CRIME NEWS) एक दर्दनाक हादसा हो गया। सुबह लगभग 4:30 बजे एक डंपर ने मजदूर जयनारायण (40) को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जयनारायण बीते दस वर्षों से इसी फैक्ट्री में ठेकेदारी पर कार्यरत था। HAMIRPUR CRIME NEWS

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फैक्ट्री की एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। लेकिन पुलिस की इस कार्यवाही को लेकर परिजनों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री चौकी इंचार्ज राजवीर सिंह और सिपाही दयाराम ने उन्हें बिना शव दिखाए धक्का देकर एंबुलेंस से शव को बाहर भेज दिया। HAMIRPUR CRIME NEWS

    मजदूर की मौत के बाद सदमे में परिजन (फोटो- नेशन नाव समाचार)

    घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई और मृतक के परिजन फैक्ट्री गेट के बाहर विरोध करने लगे। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष अनूप सिंह ने स्थिति को संभालते हुए परिजनों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद माहौल थोड़ा शांत हुआ।

    मृतक अपने पीछे पत्नी नीलम, बेटे राज और सत्यम, तथा बेटी सोनम को बेसहारा छोड़ गया है। बताया जा रहा है कि वह अवधेश शुक्ला की ठेकेदारी में कार्यरत था। फैक्ट्री मैनेजर मनोज गुप्ता ने बताया कि हादसा डंपर की टक्कर से हुआ और मृतक को फैक्ट्री अधिनियम के तहत मुआवजा दिया जाएगा। HAMIRPUR CRIME NEWS

    ये भी पढ़ें- Bareilly News: बरेली पुलिस लाइन में SSP अनुराग आर्य का औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

  • Bareilly News: बरेली पुलिस लाइन में SSP अनुराग आर्य का औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

    Bareilly News: बरेली पुलिस लाइन में SSP अनुराग आर्य का औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

    बरेली: पुलिस लाइन बरेली में शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने साप्ताहिक परेड का (Bareilly News) औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों की फिटनेस, टर्नआउट और अनुशासन की बारीकी से जांच की। परेड का संचालन क्षेत्राधिकारी नगर द्वितीय/लाइन्स अजय कुमार ने किया।

    एसएसपी ने परेड में शामिल पुलिसकर्मियों से दौड़ और ड्रिल करवाई, ताकि उन्हें शारीरिक रूप से फिट रहने और अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा सके। परेड की निगरानी इस बार ड्रोन कैमरे की सहायता से की गई, जिससे इसकी गुणवत्ता का सटीक मूल्यांकन किया गया।

    Bareilly News
    बरेली एसएसपी अनुराग आर्य (फोटो- नेशन नाव समाचार)

    निरीक्षण के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने पुलिस लाइन परिसर का गहन निरीक्षण भी किया। उन्होंने कैश कार्यालय, परिवहन शाखा और पेशी कार्यालय में जाकर रजिस्टरों की स्थिति का जायजा लिया और उन्हें अद्यतन रखने के निर्देश दिए।

    शस्त्रागार में उन्होंने आगामी भर्ती के लिए आवश्यक शस्त्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता की जांच की। उन्होंने शस्त्रों की नियमित सफाई और उचित रखरखाव के निर्देश भी दिए ताकि प्रशिक्षण के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत न आए।

    अंत में अर्दली रूम में 17 कर्मचारियों का ओआर (ऑर्डरली रूम) लिया गया। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी लाइन, प्रतिसार निरीक्षक और अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। एसएसपी ने इस निरीक्षण के दौरान कर्तव्य के प्रति सजगता, अनुशासन और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।

    ये भी पढ़ें- Operation Sindoor: INS विक्रांत से रक्षामंत्री का बड़ा संदेश, दुश्मन की सीमा में घुसकर दिया करारा जवाब

  • Operation Sindoor: INS विक्रांत से रक्षामंत्री का बड़ा संदेश, दुश्मन की सीमा में घुसकर दिया करारा जवाब

    Operation Sindoor: INS विक्रांत से रक्षामंत्री का बड़ा संदेश, दुश्मन की सीमा में घुसकर दिया करारा जवाब

    नई दिल्ली: पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत को एक बार फिर (Operation Sindoor) अपनी सैन्य ताकत और दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाने का मौका दिया. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दुनिया को अपनी रणनीतिक क्षमता का परिचय दिया. इस अभियान में भारतीय नौसेना, थल सेना, और वायुसेना ने मिलकर अभूतपूर्व समन्वय दिखाया. इस बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत का दौरा किया और नौसेना के जवानों का उत्साह बढ़ाया. यह लेख ऑपरेशन सिंदूर की सफलता, INS विक्रांत की विशेषताओं, और भारत की समुद्री शक्ति पर प्रकाश डालता है. Operation Sindoor

    Operation Sindoor: भारत का करारा जवाब

    पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 6-7 मई 2025 की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया. इस अभियान का उद्देश्य पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले क्षेत्रों में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करना था. भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी आकाश मिसाइल सिस्टम और ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों के साथ सटीक हमले किए, जिससे आतंकी ढांचे तबाह हो गए. दूसरी ओर, भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अपनी रणनीतिक तैनाती से पाकिस्तानी नौसेना को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया.

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अभियान को भारत की सैन्य रणनीति का मील का पत्थर बताया. उन्होंने कहा, “हमने आतंकियों और उनके समर्थकों को साफ संदेश दिया कि भारत अब चुप नहीं रहता, बल्कि निर्णायक कार्रवाई करता है.” नौसेना ने अपने कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ समुद्र में पूर्ण वर्चस्व स्थापित किया, जिससे पाकिस्तान की नौसैन्य गतिविधियाँ बंदरगाहों तक सीमित हो गईं.

    INS विक्रांत: भारत का स्वदेशी गौरव- Operation Sindoor

    INS विक्रांत, भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत, भारतीय नौसेना की ताकत का प्रतीक है. कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित, यह युद्धपोत ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का जीवंत उदाहरण है. इसमें 70% से अधिक स्वदेशी तकनीक और सामग्री का उपयोग हुआ है. यह 262 मीटर लंबा, 62 मीटर चौड़ा, और 59 मीटर ऊँचा है, जो इसे एक विशाल समुद्री किला बनाता है.

    INS विक्रांत की प्रमुख विशेषताएँ:-

    • विस्थापन: 45,000 टन, जो इसे समुद्र में अभेद्य शक्ति प्रदान करता है।
    • विमान क्षमता: 30 से अधिक लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर, जैसे MiG-29K, कामोव Ka-31, और स्वदेशी ALH ध्रुव। जल्द ही राफेल M भी शामिल होगा।
    • हथियार प्रणाली: 64 बराक-8 मिसाइलें (हवा में मार करने वाली), 16 ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलें (400 किमी रेंज), और टॉरपीडो लॉन्चर।
    • इंजन: जनरल इलेक्ट्रिक टर्बाइन, जो 1.10 लाख हॉर्सपावर की शक्ति देता है और 56 किमी/घंटा की गति प्रदान करता है।

    INS विक्रांत का कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, जिसमें विध्वंसक, फ्रिगेट्स, और पनडुब्बी रोधी पोत शामिल हैं, एक शक्तिशाली इकाई है। यह समूह हवाई, सतह, और पनडुब्बी हमलों से रक्षा करने के साथ-साथ खोज-बचाव और समुद्री निगरानी में सक्षम है। ऑपरेशन सिंदूर में इस ग्रुप ने पाकिस्तानी नौसेना को तटों तक सीमित कर भारत की सामरिक श्रेष्ठता साबित की।

    रक्षा मंत्री का INS विक्रांत दौरा

    30 मई 2025 को, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरब सागर में तैनात INS विक्रांत का दौरा किया। उन्होंने नौसेना के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात की, उनकी बहादुरी की सराहना की, और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर चर्चा की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “INS विक्रांत पर खड़े होकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है। आपकी दृढ़ता और साहस भारत की असली ताकत है।”

    उन्होंने नौसेना की आक्रामक रणनीति और समुद्री निगरानी की तारीफ की, जिसने पाकिस्तानी नौसेना को कोई मौका नहीं दिया। 1971 के युद्ध का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “उस समय हमने पाकिस्तान को दो हिस्सों में बाँट दिया था। इस बार अगर नौसेना पूरे जोश में उतरती, तो शायद पाकिस्तान के कई टुकड़े हो जाते।”

    ब्रह्मोस मिसाइल: भारत की सटीक ताकत

    ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने अहम भूमिका निभाई। भारत और रूस के संयुक्त उद्यम से निर्मित यह मिसाइल अपनी गति (ध्वनि की गति से 3 गुना) और सटीकता के लिए जानी जाती है। इसकी विशेषताएँ हैं:

    • रेंज: 400 किमी तक, जिसे जल्द ही 800 किमी तक बढ़ाया जाएगा।
    • लॉन्च मोड: जमीन, समुद्र, और हवा से प्रक्षेपण की क्षमता।
    • सटीकता: उन्नत नेविगेशन सिस्टम से पिनपॉइंट सटीकता।

    इस अभियान में 12 से अधिक ब्रह्मोस मिसाइलों ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों और सैन्य सुविधाओं को नष्ट किया। इसकी सफलता ने भारत की रक्षा तकनीक को वैश्विक मंच पर चमकाया और कई देशों को इस मिसाइल की खरीद के लिए प्रेरित किया।

    आत्मनिर्भर भारत: रक्षा क्षेत्र में नया दौर

    INS विक्रांत और ब्रह्मोस मिसाइल भारत की आत्मनिर्भरता की मिसाल हैं। पिछले एक दशक में भारत का रक्षा निर्यात 30 गुना से अधिक बढ़ा है, जो 20,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुँच गया है। स्वदेशी हथियार जैसे आकाश मिसाइल, तेजस विमान, और ATAGS तोप ने भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में एक मजबूत स्थान दिलाया है।

    रक्षा मंत्री ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में ब्रह्मोस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य भारत को रक्षा उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाना है।” यह इकाई न केवल भारत की रक्षा क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि रोजगार सृजन में भी योगदान देगी।

    भविष्य की चुनौतियाँ और नौसेना की तैयारियाँ

    राजनाथ सिंह ने नौसेना को आगाह किया कि भविष्य में चुनौतियाँ और जटिल होंगी। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को समझ लेना चाहिए कि आतंकवाद का समय अब खत्म हो चुका है। अगर वह दोबारा कोई गलती करता है, तो हमारी नौसेना पूरी ताकत से जवाब देगी।”

    हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते सामरिक और आर्थिक महत्व को देखते हुए, भारतीय नौसेना अपनी क्षमताओं को और मजबूत कर रही है। INS विक्रांत, INS विक्रमादित्य, और अन्य आधुनिक युद्धपोत भारत को समुद्री शक्ति के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

    ये भी पढ़ें- PM MODI KANPUR VISIT: पीएम मोदी का आज कानपुर दौरा, शुभम द्विवेदी के परिजनों से करेंगे मुलाकात

  • PM MODI KANPUR VISIT: पीएम बोले- ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ, हमने दुश्मन को घर में घुसकर मारा

    PM MODI KANPUR VISIT: पीएम बोले- ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ, हमने दुश्मन को घर में घुसकर मारा

    कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दोपहर पटना से सीधे कानपुर (PM MODI KANPUR VISIT) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश की 47,600 करोड़ रुपये की 15 प्रमुख विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने “भारत माता की जय” के उद्घोष से की, जिससे पूरा पंडाल देशभक्ति से गूंज उठा। PM MODI KANPUR VISIT

    [envira-gallery id=”1740″]

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ ही वहां उपस्थित जनता का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान मंच के पास कुछ लोग खास पेंटिंग बनाकर लाए थे, जिसे देख प्रधानमंत्री ने एसपीजी से उन्हें मंगवाने को कहा और जनता से आग्रह किया कि “जो भी पेंटिंग लाए हैं, अपना पता लिख दें, मैं चट्टी जरूर भेजूंगा।” PM MODI KANPUR VISIT

    मोदी ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश के विकास की गति की सराहना की और कहा कि यूपी अब नए भारत के इंजन की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण का हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन किया, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और सशक्त होगी। PM MODI KANPUR VISIT

    इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने कहा कि “ये विकास परियोजनाएं न सिर्फ कानपुर बल्कि समूचे उत्तर प्रदेश की दिशा और दशा बदलेंगी।” उन्होंने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं और श्रमिक वर्ग को केंद्र में रखते हुए योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही। PM MODI KANPUR VISIT

  • Pak Afghan Border Conflict: बरमाचा बॉर्डर पर पाक और अफगान सेना फिर आमने-सामने, टैंकों से दागे जा रहे गोले

    Pak Afghan Border Conflict: बरमाचा बॉर्डर पर पाक और अफगान सेना फिर आमने-सामने, टैंकों से दागे जा रहे गोले

    नई दिल्ली: पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सेनाओं के बीच एक बार फिर हिंसक झड़प हुई। यह झड़प अफगानिस्तान के (Pak Afghan Border Conflict) बरमाचा सीमा क्षेत्र में हुई, जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के समानांतर स्थित है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह विवाद सीमा पर नई सैन्य चौकियों के निर्माण को लेकर भड़का।

    बरमाचा में गोलीबारी: क्या है पूरा मामला?- Pak Afghan Border Conflict

    सुबह शुरू हुई गोलीबारी कुछ समय के लिए थम गई थी, लेकिन दोपहर बाद स्थिति फिर बिगड़ गई। पाकिस्तान स्टैंडर्ड टाइम के अनुसार, दोपहर 4:30 बजे के बाद दोनों पक्षों ने फिर से भारी गोलीबारी शुरू कर दी। अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत के अंतरिम प्रशासन ने भी इस झड़प की पुष्टि की। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने टैंक तैनात किए और अफगान सीमा पर बनी चौकियों को भारी तोपखाने से निशाना बनाया।

    https://twitter.com/HindusVoice_/status/1928026183184027658

    यह क्षेत्र पहले भी कई बार हिंसक झड़पों का गवाह रहा है। बरमाचा, जो अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत का हिस्सा है, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। यह इलाका डूरंड लाइन के पास स्थित है, जो दोनों देशों के बीच सीमा को चिह्नित करती है। डूरंड लाइन को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है, और सीमा पर चौकियों का निर्माण इस तनाव को और बढ़ाता है।

    TTP और अफगान तालिबान की भूमिका- Pak Afghan Border Conflict

    पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच संबंध अब कट्टर दुश्मनी में बदल चुके हैं। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), जो अफगान तालिबान का समर्थक माना जाता है, पाकिस्तान के खिलाफ लगातार हमले कर रहा है। TTP ने हाल के वर्षों में पाकिस्तान की सैन्य चौकियों पर कब्जा करने की कोशिशें तेज कर दी हैं।

    लगभग पांच महीने पहले, खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले के सालारजई क्षेत्र में TTP ने एक सैन्य बेस पर कब्जा कर लिया था और वहां अपना झंडा फहराया था। इसके बाद, 28 दिसंबर 2024 को अफगान तालिबान और TTP ने मिलकर पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों पर हमला किया। इस हमले में 19 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर आई, जिसने पाकिस्तान सरकार को हिलाकर रख दिया।

    TTP की बढ़ती गतिविधियां और अफगान तालिबान का समर्थन पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। यह आतंकी संगठन न केवल पाकिस्तानी सेना की चौकियों को निशाना बना रहा है, बल्कि सीमा पर अस्थिरता को भी बढ़ा रहा है।

    सीमा पर तनाव के कारण- Pak Afghan Border Conflict

    पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव का प्रमुख कारण डूरंड लाइन पर सीमा बाड़ और चौकियों का निर्माण है। पाकिस्तान ने 2005 में इस सीमा पर 2,611 किलोमीटर लंबी बाड़ लगाने की योजना बनाई थी, जिसका उद्देश्य आतंकियों और तस्करों की घुसपैठ को रोकना था। हालांकि, अफगानिस्तान ने इस बाड़ को कभी स्वीकार नहीं किया और इसे अपनी संप्रभुता पर हमला माना।

    हाल के वर्षों में, दोनों देशों के बीच सीमा पर कई बार गोलीबारी और हिंसक झड़पें हो चुकी हैं। साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल (SATP) के आंकड़ों के अनुसार, 2007 से अब तक कम से कम 21 ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनमें 56 लोग मारे गए हैं। इनमें से अधिकांश पाकिस्तानी सैनिक और नागरिक थे।

    वर्तमान स्थिति और प्रभाव- Pak Afghan Border Conflict

    बरमाचा में गुरुवार की झड़प ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। हेलमंद प्रांत के स्थानीय निवासियों ने बताया कि गोलीबारी के कारण कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने अपनी सीमा पर सैन्य उपस्थिति को और मजबूत कर लिया है।

    इस संघर्ष का असर क्षेत्रीय व्यापार पर भी पड़ रहा है। टोरखम और चमन जैसे प्रमुख सीमा क्रॉसिंग पॉइंट्स पहले ही कई बार बंद हो चुके हैं, जिससे अफगानिस्तान में खाद्य और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति प्रभावित हुई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अफगानिस्तान में लाखों लोग भुखमरी के कगार पर हैं, और सीमा बंद होने से यह संकट और गहरा सकता है।
    अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता

    अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस बढ़ते तनाव पर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से सैन्य संयम बरतने की अपील की है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर क्षेत्र में शांति और स्थिरता की वकालत की।

    ये भी पढ़ें- PM MODI WEST BENGAL VISIT: पीएम मोदी का पश्चिम बंगाल दौरा; भाषण की प्रमुख बातें और TMC पर निशाना

    सोर्स- AAJTAK

  • PM MODI WEST BENGAL VISIT: पीएम मोदी का पश्चिम बंगाल दौरा; भाषण की प्रमुख बातें और TMC पर निशाना

    PM MODI WEST BENGAL VISIT: पीएम मोदी का पश्चिम बंगाल दौरा; भाषण की प्रमुख बातें और TMC पर निशाना

    कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में (PM MODI WEST BENGAL VISIT) एक जनसभा को संबोधित किया। करीब 32 मिनट के अपने भाषण में उन्होंने कई अहम मुद्दों पर बात की, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर, पाकिस्तान का आतंकवाद, TMC सरकार का भ्रष्टाचार, और केंद्र की कल्याणकारी योजनाएं शामिल थीं। इसके साथ ही, उन्होंने बंगाल में फैली हिंसा, बेरोजगारी, और गरीबों के अधिकारों की अनदेखी जैसे मुद्दों पर भी तीखा हमला बोला। आइए, पीएम मोदी के भाषण की 6 प्रमुख बातों और उनके दौरे के महत्व को विस्तार से समझते हैं।

    1. ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ भारत का नया संकल्प

    प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आतंकवाद के खिलाफ मजबूत नीति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों द्वारा की गई बर्बरता के बाद भारत ने करारा जवाब दिया। पीएम ने कहा, “पाकिस्तान समझ ले, हमने तीन बार घर में घुसकर मारा है। हम शक्ति को पूजने वाले लोग हैं। बंगाल टाइगर की धरती से मैं 140 करोड़ भारतीयों की ओर से कहता हूं कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है।” PM MODI WEST BENGAL VISIT

    उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को पोषित करने का आरोप लगाया और कहा कि 1947 के बंटवारे के बाद से ही पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है। बांग्लादेश में भी उसने हिंसा और अत्याचार किए, जिसे कोई नहीं भूल सकता। पीएम ने स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकी हमलों का जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा।

    2. TMC सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप- PM MODI WEST BENGAL VISIT

    मोदी ने पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं, जैसे कि गरीबों के लिए पक्के मकान, बंगाल में लागू नहीं हो पा रही हैं क्योंकि TMC के लोग “कट और कमीशन” की मांग करते हैं। उन्होंने शिक्षक भर्ती घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि TMC ने हजारों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया और पूरे शिक्षा तंत्र को खोखला कर दिया।PM MODI WEST BENGAL VISIT

    3. बंगाल के पांच संकट- PM MODI WEST BENGAL VISIT

    प्रधानमंत्री ने बंगाल में मौजूद पांच प्रमुख संकटों का उल्लेख किया:

    • हिंसा और अराजकता: बंगाल में गुंडागर्दी को खुली छूट दी गई है।
    • महिलाओं की असुरक्षा: माताओं-बहनों पर हो रहे जघन्य अपराध चिंता का विषय हैं।
    • बेरोजगारी: नौजवानों को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे।
    • भ्रष्टाचार: TMC सरकार के घोटाले गरीबों और युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं।
    • गरीबों का हक छीना जाना: केंद्र की योजनाओं का लाभ बंगाल के लोगों तक नहीं पहुंच रहा।

    4. केंद्र की योजनाओं पर बंगाल सरकार का रवैया- PM MODI WEST BENGAL VISIT

    मोदी ने TMC सरकार पर केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं को लागू न करने का आरोप लगाया। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि बंगाल के लोग इस स्वास्थ्य योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे क्योंकि TMC ने इसे लागू नहीं होने दिया। इसी तरह, विश्वकर्मा योजना के तहत आठ लाख से ज्यादा आवेदन बंगाल में अटके पड़े हैं। पीएम जनमन योजना, जो आदिवासी समुदाय के लिए बनाई गई है, को भी TMC ने लागू नहीं किया।

    मोदी ने यह भी कहा कि जब NDA ने आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया, तो TMC ने इसका विरोध किया, जो उनके आदिवासी सम्मान के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। PM MODI WEST BENGAL VISIT

    5. मुर्शिदाबाद और मालदा में हिंसा

    प्रधानमंत्री ने मुर्शिदाबाद और मालदा में हाल की हिंसक घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में गरीबों की संपत्ति को राख कर दिया गया और तुष्टिकरण के नाम पर गुंडों को खुली छूट दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी सरकारें जनता के हित में काम कर सकती हैं, जो हिंसा को बढ़ावा देती हैं और पुलिस को तमाशबीन बनाती हैं। PM MODI WEST BENGAL VISIT

    6. बिहार और सिक्किम के दौरे

    पीएम मोदी का गुरुवार को तीन राज्यों का दौरा निर्धारित था। सिक्किम का दौरा रद्द होने के बाद वे अलीपुरद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। इसके बाद, वे बिहार के लिए रवाना हुए, जहां शाम 5:45 बजे पटना एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन किया। रात में वे राजभवन में रुके। PM MODI WEST BENGAL VISIT

    मोदी के दौरे का महत्व

    प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति को उजागर करता है, बल्कि केंद्र सरकार की विकास योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का भी प्रयास है। बंगाल में TMC के खिलाफ तीखा हमला और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों पर खुलकर बोलना दर्शाता है कि BJP राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है।

    बंगाल की जनता से अपील

    मोदी ने अपने भाषण में बंगाल की जनता से अपील की कि वे ऐसी सरकार को न चुनें जो हिंसा, भ्रष्टाचार, और तुष्टिकरण को बढ़ावा देती हो। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बंगाल के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन राज्य सरकार की उदासीनता के कारण योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा। PM MODI WEST BENGAL VISIT

    ये भी पढ़ें- Sikkim Golden Jubilee: सिक्किम की स्वर्ण जयंती; पीएम मोदी का वीडियो संबोधन, विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण

    सोर्स- BHASKAR,

  • COVID 19 NEW WAVE: भारत में कोविड-19 की नई लहर; नए वैरिएंट, लक्षण और बचाव के उपाय

    COVID 19 NEW WAVE: भारत में कोविड-19 की नई लहर; नए वैरिएंट, लक्षण और बचाव के उपाय

    नई दिल्ली: भारत में कोविड-19 भारत फिर से लोगों के बीच चिंता का कारण (COVID 19 NEW WAVE) बन रहा है। हाल के दिनों में देश में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी देखी जा रही है। वर्तमान में एक्टिव केसों की संख्या 1326 तक पहुंच चुकी है, और कुल 14 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है, जिनमें से 6 मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। इस लेख में हम नए कोविड वैरिएंट, उनके लक्षण, और कोरोना से बचाव के उपायों पर विस्तार से बात करेंगे। यह जानकारी आपको सतर्क और सुरक्षित रहने में मदद करेगी।

    भारत में कोविड-19 की मौजूदा स्थिति- COVID 19 NEW WAVE

    हाल के आंकड़ों के अनुसार, देश के कई राज्यों में कोविड-19 के नए मामले सामने आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में दो नए मरीजों की पहचान हुई है, जो केरल के निवासी हैं और श्रीनगर के एक डेंटल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। महाराष्ट्र के ठाणे में एक 67 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु हुई, जो उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित थे। उन्होंने कोविड वैक्सीन भी नहीं ली थी। COVID 19 NEW WAVE

    चंडीगढ़ में उत्तर प्रदेश के एक 40 वर्षीय व्यक्ति की सांस लेने में तकलीफ के बाद मृत्यु हो गई। उनकी जांच में कोविड पॉजिटिव पाया गया था। राजस्थान के जयपुर में 26 मई को दो लोगों की मौत हुई। इनमें से एक व्यक्ति रेलवे स्टेशन पर मृत पाया गया, और दूसरा 26 वर्षीय युवक था, जो पहले से टीबी की बीमारी से जूझ रहा था। कर्नाटक और केरल में भी कोविड से संबंधित कुछ मौतें दर्ज की गई हैं। COVID 19 NEW WAVE

    कोविड-19 अपडेट्स: तालिका में एक नजर- COVID 19 NEW WAVE

    नीचे दी गई तालिका में भारत में कोविड-19 की ताजा स्थिति को संक्षेप में दर्शाया गया है:

    राज्य/क्षेत्रनए मामलेमृत्युविवरण
    जम्मू-कश्मीर20केरल के दो छात्र श्रीनगर में कोविड पॉजिटिव पाए गए
    महाराष्ट्रअज्ञात6ठाणे में 67 और 21 वर्षीय मरीजों की मृत्यु
    चंडीगढ़11यूपी के 40 वर्षीय व्यक्ति की सांस की तकलीफ से मृत्यु
    राजस्थान22जयपुर में एक रेलवे स्टेशन पर, दूसरा टीबी मरीज
    कर्नाटकअज्ञात1बेंगलुरु में 84 वर्षीय व्यक्ति की मल्टी-ऑर्गन फेल्योर से मृत्यु
    केरलअज्ञात2दो व्यक्तियों की कोविड से मृत्यु

    नए कोविड वैरिएंट: क्या हैं ये?- COVID 19 NEW WAVE

    भारत में हाल ही में चार नए कोविड वैरिएंट—LF.7, XFG, JN.1, और NB.1.8.1—की पहचान की गई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अनुसार, ये वैरिएंट मुख्य रूप से दक्षिण और पश्चिम भारत में फैल रहे हैं। इनमें से JN.1 वैरिएंट सबसे ज्यादा पाया जा रहा है, जो टेस्टिंग में 50% से अधिक सैंपल में मौजूद है।

    JN.1, ओमिक्रॉन के BA.2.86 स्ट्रेन का एक रूप है, जिसे पहली बार अगस्त 2023 में देखा गया था। इसमें लगभग 30 म्यूटेशन्स हैं, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे “वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट” की श्रेणी में रखा है, लेकिन इसे गंभीर खतरे के रूप में नहीं माना गया। NB.1.8.1 वैरिएंट में स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन्स (A435S, V445H, T478I) इसे तेजी से फैलने में मदद करते हैं। COVID 19 NEW WAVE

    विशेषज्ञों का क्या कहना है?- COVID 19 NEW WAVE

    आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल का कहना है कि 2022 के बाद से कोविड के मामलों में उतार-चढ़ाव सामान्य रहा है, और इस बार भी स्थिति गंभीर होने की संभावना कम है। उनका मानना है कि घबराने की बजाय सतर्क रहना जरूरी है। दूसरी ओर, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने संभावना जताई है कि अगर कोविड की चौथी लहर आती है, तो यह 21 से 28 दिन तक प्रभावी रहेगी, लेकिन दूसरी लहर की तरह जानलेवा नहीं होगी।

    प्रोफेसर चौबे ने यह भी कहा कि वैक्सीनेशन करवाने वालों को भी कोरोना से बचाव के लिए सतर्क रहना चाहिए। नए वैरिएंट पर वैक्सीन का असर सीमित हो सकता है, लेकिन वैक्सीन से मिली प्रतिरक्षा अभी भी गंभीर बीमारी से बचाने में मददगार है।

    कोविड लक्षण और लॉन्ग कोविड का जोखिम- COVID 19 NEW WAVE

    कोविड लक्षण में बुखार, गले में खराश, सिरदर्द, थकान, और कुछ मामलों में सांस लेने में कठिनाई शामिल है। JN.1 वैरिएंट के लक्षण सामान्य सर्दी जैसे हो सकते हैं, जो कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक रह सकते हैं। अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो यह “लॉन्ग कोविड” का संकेत हो सकता है। लॉन्ग कोविड में मरीज ठीक होने के बाद भी थकान, सांस की दिक्कत, और मानसिक अस्पष्टता का सामना कर सकते हैं। COVID 19 NEW WAVE

    कोरोना से बचाव के उपाय

    कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए, निम्नलिखित उपाय अपनाना जरूरी है:-

    1. मास्क पहनें: भीड़-भाड़ वाली जगहों पर एन95 या सर्जिकल मास्क का उपयोग करें।
    2. हाथों की सफाई: नियमित रूप से साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोएं या सैनिटाइजर का उपयोग करें।
    3. दूरी बनाए रखें: सामाजिक दूरी का पालन करें और भीड़ से बचें।
    4. वैक्सीनेशन: वैक्सीन और बूस्टर डोज लेना सुनिश्चित करें।
    5. स्वास्थ्य जांच: लक्षण दिखने पर तुरंत कोविड टेस्ट करवाएं और चिकित्सक से संपर्क करें।

    वैक्सीन की भूमिका और भविष्य की रणनीति

    वैक्सीन प्रभावशीलता पर विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन नए वैरिएंट के खिलाफ पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकती, लेकिन यह गंभीर बीमारी और मृत्यु के जोखिम को कम करती है। नियमित बूस्टर डोज लेना महत्वपूर्ण है। ICMR और अन्य संस्थान नए वैरिएंट की निगरानी के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग को बढ़ावा दे रहे हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 भारत अब एक स्थानीय बीमारी के रूप में रह सकता है, जिसके मामले समय-समय पर बढ़ सकते हैं। हालांकि, दूसरी लहर जैसी स्थिति की संभावना कम है। फिर भी, सावधानी और जागरूकता जरूरी है।

    ये भी पढ़ें- CORONA CASES RISE IN INDIA: भारत में कोरोना के 4 नए वैरिएंट मिले, कई राज्यों में मौतें

    सोर्स- BHASKAR

  • Sikkim Golden Jubilee: सिक्किम की स्वर्ण जयंती; पीएम मोदी का वीडियो संबोधन, विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण

    Sikkim Golden Jubilee: सिक्किम की स्वर्ण जयंती; पीएम मोदी का वीडियो संबोधन, विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण

    सिक्किम: भारत के खूबसूरत हिमालयी राज्य सिक्किम ने 16 मई, 2025 को अपने गठन के 50 वर्ष (Sikkim Golden Jubilee) पूरे किए. इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम की जनता को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया. खराब मौसम के कारण उनकी सिक्किम यात्रा रद्द होने के बावजूद, पीएम मोदी ने उत्साह और गर्व के साथ सिक्किम की स्वर्ण जयंती को यादगार बनाया. उन्होंने इस अवसर पर कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया, जो सिक्किम के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेंगे. Sikkim Golden Jubilee

    सिक्किम की लोकतांत्रिक यात्रा का गौरव- Sikkim Golden Jubilee

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सिक्किम की लोकतांत्रिक यात्रा की सराहना की. उन्होंने कहा कि 50 वर्ष पहले सिक्किम ने अपने लिए एक लोकतांत्रिक भविष्य चुना था, जो भारत की आत्मा और संस्कृति से गहराई से जुड़ा था. सिक्किम के लोगों ने विश्वास जताया कि लोकतंत्र के माध्यम से उनकी आवाज सुनी जाएगी और सभी को समान अवसर मिलेंगे. पीएम मोदी ने इस विश्वास को और मजबूत होने की बात कही और सिक्किम की प्रगति को देश के लिए गर्व का विषय बताया. Sikkim Golden Jubilee

    उन्होंने कहा, “सिक्किम ने न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित किया है, बल्कि यह विकास और प्रकृति के बीच संतुलन का एक अनूठा उदाहरण भी बन गया है.” सिक्किम की उपलब्धियों में शत-प्रतिशत ऑर्गेनिक स्टेट बनना, जैव-विविधता का संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देना शामिल है. Sikkim Golden Jubilee

    प्रकृति और प्रगति का अनूठा संगम- Sikkim Golden Jubilee

    सिक्किम ने पिछले 50 वर्षों में प्रकृति के साथ प्रगति का एक अनूठा मॉडल प्रस्तुत किया है. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सिक्किम को जैव-विविधता का एक विशाल बागीचा बताया, जो पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक विकास का प्रतीक है. सिक्किम की पहचान आज एक ऑर्गेनिक स्टेट के रूप में है, जो विश्व स्तर पर सराहा जाता है. इसके साथ ही, सिक्किम अपनी सांस्कृतिक धरोहर, बौद्ध मठों, और कंचनजंगा नेशनल पार्क जैसी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के लिए भी जाना जाता है. Sikkim Golden Jubilee

    इस स्वर्ण जयंती समारोह में सिक्किम के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ हुआ. इनमें नया स्काईवॉक, स्वर्ण जयंती प्रोजेक्ट्स, और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण शामिल है. ये परियोजनाएं सिक्किम के पर्यटन और बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेंगी. Sikkim Golden Jubilee

    कनेक्टिविटी में क्रांति: नॉर्थ ईस्ट का बदलता चेहरा- Sikkim Golden Jubilee

    पीएम मोदी ने अपने संबोधन में नॉर्थ ईस्ट और विशेष रूप से सिक्किम में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में आए बदलावों पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली और नॉर्थ ईस्ट के बीच की दूरी विकास की राह में बाधा थी, लेकिन अब यही दूरी नए अवसरों के द्वार खोल रही है. सिक्किम में सड़क, रेल, और हवाई कनेक्टिविटी में सुधार ने विकास को गति दी है.

    “सिक्किम समेत पूरा नॉर्थ ईस्ट आज नए भारत की विकास गाथा का एक चमकता अध्याय बन रहा है. आप सभी ने अपनी आंखों से यह परिवर्तन देखा है,” पीएम ने कहा. उन्होंने सिक्किम के लोगों की मेहनत और सरकार के प्रयासों को इस प्रगति का आधार बताया.

    सिक्किम की धरोहर: भारत का गर्व- Sikkim Golden Jubilee

    सिक्किम की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को पीएम मोदी ने भारत का गौरव बताया. उन्होंने कंचनजंगा नेशनल पार्क, बौद्ध मठों, और सिक्किम की शांत झीलों और झरनों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सिक्किम की यह धरोहर न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है.

    नए स्काईवॉक और अन्य परियोजनाओं के लोकार्पण को सिक्किम की नई उड़ान का प्रतीक बताते हुए पीएम ने कहा कि ये प्रोजेक्ट्स सिक्किम को पर्यटन के वैश्विक नक्शे पर और मजबूती से स्थापित करेंगे.

    यात्रा रद्द होने का जिक्र- Sikkim Golden Jubilee

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सिक्किम यात्रा रद्द होने के कारण का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि वह दिल्ली से बागडोगरा तक तो पहुंच गए थे, लेकिन खराब मौसम ने उन्हें सिक्किम तक जाने से रोक दिया. “मैं आपके बीच आकर इस उत्सव का हिस्सा बनना चाहता था, लेकिन मौसम ने मुझे आपके दरवाजे तक तो पहुंचाया, पर आगे नहीं जाने दिया,” उन्होंने कहा. फिर भी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने सिक्किम के लोगों के उत्साह को महसूस किया और उनकी ऊर्जा की सराहना की.

    सिक्किम का भविष्य: नई ऊंचाइयां- Sikkim Golden Jubilee

    सिक्किम की स्वर्ण जयंती का यह समारोह केवल अतीत की उपलब्धियों का उत्सव नहीं था, बल्कि यह भविष्य की संभावनाओं का भी प्रतीक था. पीएम मोदी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री और वहां की जनता की मेहनत को सराहा, जिन्होंने इस आयोजन को यादगार बनाया. उन्होंने विश्वास जताया कि सिक्किम आने वाले वर्षों में और अधिक प्रगति करेगा.

    सिक्किम के विकास में पर्यटन, ऑर्गेनिक खेती, और बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. पीएम ने कहा कि केंद्र सरकार सिक्किम के विकास के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगी और नॉर्थ ईस्ट को नए भारत का एक मजबूत आधार बनाएगी. Sikkim Golden Jubilee

    ये भी पढ़ें- MSP PRICE HIKE UPDATE: किसानों को तोहफा, खरीफ की 14 फसलों की MSP बढ़ी, KCC पर मिलेगा सस्ता लोन

    सोर्स- INDIA TV

  • MSP PRICE HIKE UPDATE: किसानों को तोहफा, खरीफ की 14 फसलों की MSP बढ़ी, KCC पर मिलेगा सस्ता लोन

    MSP PRICE HIKE UPDATE: किसानों को तोहफा, खरीफ की 14 फसलों की MSP बढ़ी, KCC पर मिलेगा सस्ता लोन

    नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने 28 मई 2025 को किसानों और बुनियादी ढांचे को (MSP PRICE HIKE UPDATE) मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए. इनमें खरीफ फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की ब्याज सब्सिडी योजना को आगे बढ़ाना और रेलवे व सड़क परियोजनाओं को मंजूरी शामिल है. ये कदम न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेंगे, बल्कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नई गति देंगे. आइए, इन फैसलों को विस्तार से समझते हैं. MSP PRICE HIKE UPDATE

    खरीफ फसलों की MSP में बढ़ोतरी- MSP PRICE HIKE UPDATE

    केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन की 14 फसलों की MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. यह फैसला किसानों को बाजार की अनिश्चितताओं से बचाने और उनकी आय को स्थिर करने के लिए लिया गया है. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि धान की नई MSP 2,369 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है, जो पिछले साल की तुलना में 69 रुपये अधिक है. कपास की दो किस्मों की MSP भी बढ़ाई गई है—एक की 7,710 रुपये और दूसरी की 8,110 रुपये प्रति क्विंटल, जो 589 रुपये की वृद्धि दर्शाती है. MSP PRICE HIKE UPDATE

    इसके अलावा, सोयाबीन, अरहर, मूंग, उड़द और मक्का जैसी अन्य खरीफ फसलों की MSP में भी वृद्धि की गई है. सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि MSP फसल की लागत से कम से कम 50% अधिक हो, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले. इस बढ़ोतरी से सरकार पर 2 लाख 7 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो पिछले सीजन की तुलना में 7,000 करोड़ रुपये अधिक है. MSP PRICE HIKE UPDATE

    न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) क्या है? – MSP PRICE HIKE UPDATE

    न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) वह गारंटीड कीमत है, जो सरकार किसानों को उनकी फसलों के लिए देती है, भले ही बाजार में कीमतें कम हों। इसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक स्थिरता प्रदान करना और बाजार की अनिश्चितताओं से उनकी रक्षा करना है। MSP का निर्धारण कमीशन फॉर एग्रीकल्चर कॉस्ट एंड प्राइजेज (CACP) की सिफारिशों के आधार पर किया जाता है। यह एक तरह की बीमा पॉलिसी की तरह काम करता है, जो बम्पर पैदावार के कारण कीमतें गिरने पर भी किसानों को न्यूनतम आय सुनिश्चित करता है.

    खरीफ सीजन 2025-26 के लिए फसलों की नई MSP (रुपये/क्विंटल)

    फसल का नाम2024-25 की MSP (₹/क्विंटल)2025-26 की MSP (₹/क्विंटल)वृद्धि (₹)
    मक्का2,2252,400175
    मूंग8,6828,76886
    बाजरा2,6252,775150
    कपास (लंबा रेशा)7,5218,110589
    धान (सामान्य)2,3002,36969
    कपास (मध्यम रेशा)7,1217,710589
    सूरजमुखी7,2807,721441
    ज्वार (हाइब्रिड)3,3713,699328
    ज्वार (मालदांडी)3,4213,749328
    तुअर/अरहर7,5508,000450
    उड़द7,4007,800400
    रागी4,2904,886596
    सोयाबीन (पीला)4,8925,328436
    तिल9,2679,846579
    रामतिल8,7179,537820
    मूंगफली (शुद्ध)6,7837,263480
    धान (A ग्रेड)2,3202,38969

    MSP के तहत 23 फसलों को शामिल किया गया है, जिनमें 7 अनाज (धान, गेहूं, मक्का, बाजरा, ज्वार, रागी, जौ), 5 दालें (चना, अरहर, मूंग, उड़द, मसूर), 7 तिलहन (रेपसीड-सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, कुसुम, निगरसीड) और 4 व्यावसायिक फसलें (कपास, गन्ना, खोपरा, कच्चा जूट) शामिल हैं. खरीफ फसलें, जैसे धान, मक्का, कपास, सोयाबीन आदि, जून-जुलाई में बोई जाती हैं और सितंबर-अक्टूबर में उनकी कटाई होती है.

    किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ब्याज सब्सिडी योजना

    केंद्र सरकार ने किसानों को सस्ते लोन उपलब्ध कराने के लिए KCC की ब्याज सब्सिडी योजना (Modified Interest Subvention Scheme – MISS) को वित्त वर्ष 2025-26 तक बढ़ाने का फैसला किया है. इस योजना के तहत किसान 3 लाख रुपये तक का लोन 7% की ब्याज दर पर ले सकते हैं. समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को 3% की अतिरिक्त ब्याज छूट मिलती है, जिससे उनकी प्रभावी ब्याज दर केवल 4% रह जाती है.

    पशुपालन और मछली पालन के लिए भी 2 लाख रुपये तक के लोन पर यह लाभ उपलब्ध है. इस योजना के लिए सरकार ने पर्याप्त फंड आवंटित किया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके. यह कदम छोटे और मध्यम किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण साबित होगा.

    रेलवे और सड़क परियोजनाओं को मंजूरी

    किसानों के साथ-साथ, सरकार ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़े कदम उठाए हैं. कैबिनेट ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में रेलवे की दो मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इनमें रतलाम-नागदा के बीच तीसरी और चौथी लाइन और वर्धा-बल्हारशाह के बीच चौथी लाइन शामिल है. इन परियोजनाओं की कुल लागत 3,399 करोड़ रुपये है और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य है. ये परियोजनाएं रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएंगी और माल ढुलाई को गति देंगी.

    इसके अलावा, आंध्र प्रदेश में बडवेल-नेल्लोर के बीच 108 किलोमीटर लंबे फोर-लेन हाईवे को मंजूरी दी गई है. इस परियोजना की लागत 3,653 करोड़ रुपये है. यह हाईवे कृष्णापटनम पोर्ट और नेशनल हाईवे-67 को जोड़ेगा, जिससे पोर्ट कनेक्टिविटी में सुधार होगा. यह सड़क तीन प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर—विशाखापट्टनम-चेन्नई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (VCIC), हैदराबाद-बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (HBIC) और चेन्नई-बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (CBIC)—के नोड्स को भी जोड़ेगी.

    इन फैसलों का प्रभाव

    MSP में बढ़ोतरी से किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी. KCC ब्याज सब्सिडी योजना का विस्तार छोटे और सीमांत किसानों को सस्ता लोन उपलब्ध कराएगा, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी. साथ ही, रेलवे और सड़क परियोजनाएं देश के परिवहन नेटवर्क को बेहतर बनाएंगी, जिससे व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा.

    ये भी पढें- UP POLITICS 2027: यूपी की सियासत में उलटफेर की तैयारी! जानें चुनाव के लिए राजनीतिक दलों की रणनीति

    सोर्स- BHASKAR