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  • PM Modi Dahod: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दाहोद में रेलवे लोकोमोटिव संयंत्र का उद्घाटन किया

    PM Modi Dahod: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दाहोद में रेलवे लोकोमोटिव संयंत्र का उद्घाटन किया

    दाहोद/गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के दो दिवसीय दौरे के दौरान दाहोद में (PM Modi Dahod) भारतीय रेलवे के आधुनिक लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया. यह संयंत्र न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि निर्यात के लिए भी 9000 हॉर्सपावर (एचपी) के शक्तिशाली इलेक्ट्रिक इंजनों का उत्पादन करेगा. इस कदम से भारतीय रेलवे की माल ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे देश की आर्थिक प्रगति को और बल मिलेगा. PM Modi Dahod

    वडोदरा में भव्य रोड शो- PM Modi Dahod

    दाहोद पहुंचने से पहले, पीएम मोदी ने वडोदरा में एक रोड शो किया, जहां हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उमड़ पड़े. स्थानीय लोगों ने फूलों की वर्षा कर और नारों के साथ उनका स्वागत किया. यह रोड शो ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनका पहला गुजरात दौरा था, जिसने इसे और भी खास बना दिया. रोड शो में भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी के परिवार ने भी हिस्सा लिया. उनकी जुड़वां बहन शायना सुनसारा और भाई संजय कुरैशी ने पीएम मोदी के प्रति अपनी खुशी और गर्व व्यक्त किया.

    शायना ने कहा, “प्रधानमंत्री से मिलना एक अविस्मरणीय अनुभव था. उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत कुछ किया है. मेरी बहन सोफिया अब केवल मेरी नहीं, बल्कि पूरे देश की बहन है.” संजय ने भी कहा, “मोदी जी को इतने करीब से देखना और उनका अभिवादन पाना गर्व का क्षण था. मेरी बहन को सेना में सेवा का मौका देने के लिए मैं भारत सरकार का आभारी हूं.”

    दाहोद में रेलवे की नई पहल- PM Modi Dahod

    दाहोद में लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन भारतीय रेलवे के लिए एक मील का पत्थर है. यह संयंत्र अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और 9000 एचपी के इलेक्ट्रिक इंजन बनाएगा, जो माल ढुलाई के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए हैं. ये इंजन न केवल रेलवे की दक्षता बढ़ाएंगे, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी होंगे. इस संयंत्र से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, जिससे दाहोद और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.

    पीएम मोदी ने इस अवसर पर एक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और लगभग 24,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया. उन्होंने एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित किया, जिसमें उन्होंने गुजरात के विकास और रेलवे के आधुनिकीकरण पर जोर दिया.

    भुज में विकास की नई लहर- PM Modi Dahod

    दाहोद के बाद, प्रधानमंत्री भुज पहुंचे, जहां उन्होंने 53,400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. इन परियोजनाओं में सड़क, जल आपूर्ति, और बुनियादी ढांचे से संबंधित कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं. भुज में आयोजित एक सार्वजनिक समारोह में पीएम मोदी ने स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गुजरात का विकास देश की प्रगति का आधार है.

    गांधीनगर में शहरी विकास का उत्सव- PM Modi Dahod

    अगले दिन, 27 मई को, पीएम मोदी गांधीनगर में गुजरात शहरी विकास की 20वीं वर्षगांठ के समारोह में शामिल होंगे. इस अवसर पर वे शहरी विकास वर्ष 2025 का शुभारंभ करेंगे और उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे. यह आयोजन गुजरात के शहरी विकास में एक नया अध्याय शुरू करने का प्रतीक होगा.

    गुजरात के लिए पीएम मोदी की प्रतिबद्धता

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा गुजरात के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. रेलवे के आधुनिकीकरण से लेकर शहरी विकास तक, उनकी योजनाएं राज्य को एक नई दिशा दे रही हैं. दाहोद का लोकोमोटिव संयंत्र न केवल रेलवे की क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर रेल तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा.

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    सोर्स- JAGRAN

  • BIRD FLU CONFIRMED: गोरखपुर के शेरों की मौत की गुत्थी सुलझी, बर्ड फ्लू H5N1 वायरस की पुष्टि

    BIRD FLU CONFIRMED: गोरखपुर के शेरों की मौत की गुत्थी सुलझी, बर्ड फ्लू H5N1 वायरस की पुष्टि

    बरेली: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित प्रसिद्ध अशफाक उल्ला खान प्राणी उद्यान (BIRD FLU CONFIRMED) में हाल ही में हुई शेरों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है. भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), बरेली की जांच रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है. जिसके बाद राज्य सरकार ने गोरखपुर, लखनऊ और कानपुर के तीन प्रमुख चिड़ियाघरों को एहतियातन बंद करने का आदेश जारी किया है. BIRD FLU CONFIRMED

    बरेली में हुई H5N1 वायरस की पुष्टि- BIRD FLU CONFIRMED

    IVRI के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अभिजीत पावड़े ने बताया कि मृत शेरों के नमूनों में एवियन इंफ्लूएंजा वायरस (H5N1) की पुष्टि हुई है. यह वायरस मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करता है, लेकिन हाल के वर्षों में स्तनधारियों में भी इसके संक्रमण के दुर्लभ मामले सामने आए हैं. इसके बाद भोपाल स्थित उच्च सुरक्षा पशुरोग प्रयोगशाला (HSADL) में भी नमूनों की पुनः पुष्टि की गई.

    पशुपालन विभाग ने तीन चिड़ियाघरों को किया बंद- BIRD FLU CONFIRMED

    राज्य पशुपालन विभाग ने रिपोर्ट आने के बाद तुरंत प्रभाव से संक्रमण रोकने के लिए तीन (गोरखपुर, लखनऊ और कानपुर) चिड़ियाघरों को बंद कर पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है. साथ ही चिड़ियाघरों में जैव-सुरक्षा को बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं. डॉ. पावड़े ने बताया कि सभी चिड़ियाघर कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (PPE) का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है. BIRD FLU CONFIRMED

    संपर्क में आए अन्य जानवरों की निगरानी बढ़ी

    उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है. मृत शेरों के संपर्क में आए अन्य जानवरों और कर्मचारियों की स्वास्थ्य निगरानी बढ़ा दी गई है. उन्होंने आश्वासन दिया कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि अन्य जानवरों और कर्मचारियों की जान को कोई खतरा न हो.

    बर्डफ्लू से अन्य जानवरों में खतरा

    इस गंभीर घटना ने न केवल पशुप्रेमियों को बल्कि आम जनता को भी चिंता में डाल दिया है. विशेषज्ञों ने बताया कि इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरी सतर्कता जरूरी है और अफवाहों से बचना चाहिए. उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे सरकारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और संक्रमण को फैलने से रोकने में सहयोग करें.

    चिड़ियाघर बंद रहने के कारण पर्यटकों और स्थानीय व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है. वन विभाग और पशुपालन विभाग मिलकर इस संकट का सामना कर रहे हैं और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठा रहे हैं.

    इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि जैव-सुरक्षा उपायों को और भी कड़ा करने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह के खतरों से बचा जा सके. विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित जांच और समय पर सतर्कता ही ऐसे खतरनाक वायरस के प्रसार को रोकने में मददगार साबित होगी.

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  • DHONI RETIREMENT DECISION: CSK की विदाई जीत पर बोले धोनी; कहा- अभी समय है!

    DHONI RETIREMENT DECISION: CSK की विदाई जीत पर बोले धोनी; कहा- अभी समय है!

    मुंबई: चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में अपने (DHONI RETIREMENT DECISION) आखिरी मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की, लेकिन कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने अपने भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की है. रविवार को गुजरात टाइटन्स (GT) के खिलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 83 रन की शानदार जीत के बाद धोनी ने कहा कि वे अपने भविष्य को लेकर जल्दबाज़ी में कोई फैसला नहीं करेंगे.

    धोनी ने मैच के बाद कहा, “मेरे पास फैसला करने के लिए 4-5 महीने हैं. कोई जल्दी नहीं है. हर साल शरीर को फिट रखने के लिए ज़्यादा मेहनत लगती है. यह क्रिकेट का उच्चतम स्तर है. जरूरी है कि आपके अंदर भूख हो, आप टीम के लिए कितना योगदान दे सकते हैं और टीम को आपकी ज़रूरत है या नहीं.”

    धोनी ने यह भी कहा कि वे फिलहाल रांची जाएंगे और कुछ समय परिवार और बाइक राइड्स के साथ बिताएंगे. इसके बाद दो-तीन महीने में फैसला लेंगे कि वे अगले सीज़न खेलेंगे या नहीं.

    CSK ने जीता आखिरी मुकाबला, फिर भी IPL 2025 से विदाई

    चेन्नई सुपर किंग्स ने IPL 2025 के मैच नंबर-67 में गुजरात टाइटन्स को 231 रन का विशाल लक्ष्य दिया. जवाब में GT की टीम 18.3 ओवर में 147 रन पर ढेर हो गई. यह चेन्नई के लिए सीजन का आखिरी मुकाबला था. उन्होंने 14 में से सिर्फ 4 मैच जीते और पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे 10वें स्थान पर रहे.

    दूसरी ओर, गुजरात टाइटन्स की यह 5वीं हार रही. GT फिलहाल 18 अंकों के साथ तालिका में शीर्ष पर बनी हुई है. हालांकि, टॉप-2 की स्थिति आने वाले लीग मैच तय करेंगे.

    धोनी का यह बयान उनके प्रशंसकों के लिए उम्मीद की किरण है कि वे शायद अगला सीजन फिर से मैदान पर देखें. लेकिन क्या वह वापसी करेंगे या यह अंतिम विदाई थी, इसका जवाब आने वाले महीनों में मिलेगा.

  • UP WEATHER ALERT: उत्तर प्रदेश 46 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, जानें ताजा अपडेट

    UP WEATHER ALERT: उत्तर प्रदेश 46 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, जानें ताजा अपडेट

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. गर्मी की तपिश से (UP WEATHER ALERT) परेशान लोगों को बारिश और तेज हवाओं ने राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता भी बढ़ा दी है. मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार, 25 मई 2025 को प्रदेश के 46 जिलों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. इस अलर्ट में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ इलाकों में बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. आइए, जानते हैं इस मौसम परिवर्तन के बारे में विस्तार से.

    मौसम विभाग का अलर्ट: बारिश और आंधी की संभावना- UP WEATHER ALERT

    मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम में बदलाव का सिलसिला जारी रहेगा. खास तौर पर पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 46 जिलों में बारिश और मेघगर्जन की संभावना है. इन जिलों में शामिल हैं: UP WEATHER ALERT.

    • पूर्वी उत्तर प्रदेश: सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच
    • पश्चिमी उत्तर प्रदेश: सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, हापुड़, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं.
    • मध्य उत्तर प्रदेश: लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फरुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अम्बेडकरनगर.

    इन जिलों में बारिश के साथ-साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. इसके अलावा, मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है, जिसके चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. UP WEATHER ALERT

    गर्मी से राहत, लेकिन बढ़ी दुर्घटनाओं की आशंका- UP WEATHER ALERT

    पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप था. तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से लोग परेशान थे. लेकिन अब बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को सुहाना बना दिया है. खासकर ग्रामीण इलाकों में बारिश ने किसानों को भी राहत दी है. हालांकि, आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा दिया है. पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और बिजली गिरने की घटनाएं कुछ इलाकों में सामने आई हैं.

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या ऊंची जगहों पर न रहें. बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर शरण लेना जरूरी है. इसके अलावा, तेज हवाओं के कारण कमजोर संरचनाओं और होर्डिंग्स के गिरने का खतरा भी बना हुआ है.

    मौसम परिवर्तन के कारण- UP WEATHER ALERT

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय चक्रवातीय गतिविधियों का परिणाम है. बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं, जिसके कारण बारिश और मेघगर्जन की स्थिति बन रही है. इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर गर्मी और नमी के मिश्रण से आंधी और तेज हवाओं की स्थिति बन रही है. यह मौसमी बदलाव अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है.

    सावधानियां और सुझाव- UP WEATHER ALERT

    मौसम विभाग ने लोगों को कई सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

    1. बिजली गिरने से बचाव: बारिश के दौरान खुले मैदानों में न रहें। अगर बाहर हैं, तो किसी सुरक्षित इमारत या गाड़ी में शरण लें.
    2. तेज हवाओं से सतर्कता: कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स से दूर रहें.
    3. यात्रा में सावधानी: बारिश और आंधी के कारण सड़कों पर फिसलन हो सकती है। ड्राइविंग करते समय सावधानी बरतें.
    4. किसानों के लिए सलाह: फसलों को तेज हवाओं और बारिश से बचाने के लिए उचित प्रबंधन करें.

    मौसम का असर और भविष्य की संभावना

    मौसम के इस बदलाव का असर न केवल आम लोगों पर, बल्कि कृषि और बुनियादी ढांचे पर भी पड़ रहा है. बारिश से जहां खेतों में नमी बढ़ी है, वहीं बिजली गिरने और आंधी से नुकसान की खबरें भी सामने आ रही हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24-48 घंटों में मौसम का यह मिजाज बना रहेगा. कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है.

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    सोर्स- ETV BHARAT , JAGRAN

  • Preity Zinta Post on umpire: तीसरे अंपायर की गलती पर भड़कीं प्रीति जिंटा, कहा- “ऐसी गलतियां स्वीकार्य नहीं हैं”

    Preity Zinta Post on umpire: तीसरे अंपायर की गलती पर भड़कीं प्रीति जिंटा, कहा- “ऐसी गलतियां स्वीकार्य नहीं हैं”

    मुंबई: IPL 2025 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में शनिवार को खेले गए पंजाब किंग्स (PBKS) और (Preity Zinta Post on umpire) दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच हुए विवादित फैसले ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है. PBKS की सह-मालकिन और अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने तीसरे अंपायर के एक फैसले पर गुस्सा जाहिर करते हुए उसे “अस्वीकार्य” करार दिया है.

    मैच के दौरान, PBKS के बल्लेबाज शशांक सिंह ने 14वें ओवर की अंतिम गेंद पर एक बड़ा शॉट खेला, जिसे DC के फील्डर करुण नायर ने बाउंड्री पर रोका. ऑन-फील्ड अंपायर ने निर्णय को तीसरे अंपायर के पास भेजा. लेकिन तीसरे अंपायर ने इसे छक्का मानने से इनकार कर दिया और सिर्फ एक रन दिया गया. Preity Zinta Post on umpire

    प्रीति जिंटा का बयान

    प्रीति जिंटा ने मैच के बाद अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए इस फैसले पर नाराज़गी जताई। उन्होंने लिखा:

    “इतने हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट में, जहां तीसरे अंपायर के पास इतनी तकनीक उपलब्ध है, ऐसी गलतियां स्वीकार नहीं की जा सकतीं। मैंने मैच के बाद करुण से बात की और उसने कहा कि वो DEFINITELY एक छक्का था। मैं अब और कुछ नहीं कहूंगी।” Preity Zinta Post on umpire

    क्या था पूरा मामला?

    • शशांक सिंह का शॉट बाउंड्री के करीब करुण नायर ने पकड़ा.
    • बाउंड्री के बेहद नजदीक होने के कारण शक की स्थिति बनी.
    • तीसरे अंपायर ने कई बार वीडियो देखकर फैसला किया कि करुण का पैर बाउंड्री से नहीं टच हुआ, इसलिए रन नहीं दिया गया.
    • लेकिन करुण नायर ने मैच के बाद खुद प्रीति जिंटा से कहा कि वह शॉट छक्का था.

    सोशल मीडिया पर उठे सवाल

    इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर भी सवाल उठने लगे. क्रिकेट फैंस ने अंपायरिंग स्टैंडर्ड, VAR तकनीक, और फेयर प्ले को लेकर आलोचना की. कई फैंस ने प्रीति के बयान का समर्थन किया.

    दिल्ली की शानदार जीत

    मैच में दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज समीर रिजवी ने 25 गेंदों में 58 रनों की नाबाद तूफानी पारी खेलते हुए टीम को 207 रनों के लक्ष्य तक 19.3 ओवर में पहुंचाया. उनकी पारी में तीन चौके और चार छक्के शामिल रहे.

    प्लेऑफ में पहुंची पंजाब

    हालांकि यह हार पंजाब के लिए खास नुकसानदायक नहीं रही, क्योंकि टीम पहले ही प्लेऑफ में पहुंच चुकी है और 17 अंकों के साथ अंकतालिका में दूसरे स्थान पर बनी हुई है.

    प्रीति का दो टूक संदेश

    प्रीति जिंटा का यह बयान दर्शाता है कि वे सिर्फ टीम की मालकिन नहीं, बल्कि एक सजग क्रिकेट प्रेमी भी हैं जो खेल की निष्पक्षता में विश्वास रखती हैं. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि IPL जैसे टूर्नामेंट में अंपायरिंग की गुणवत्ता पर सवाल उठाना जरूरी है.

    ये भी पढ़ें- CBSE Sugar Board: बच्चों में बढ़ती डायबिटीज पर CBSE की अनोखी पहल, PM मोदी ने सराहा कदम

  • CBSE Sugar Board: बच्चों में बढ़ती डायबिटीज पर CBSE की अनोखी पहल, PM मोदी ने सराहा कदम

    CBSE Sugar Board: बच्चों में बढ़ती डायबिटीज पर CBSE की अनोखी पहल, PM मोदी ने सराहा कदम

    नई दिल्ली: देश में बच्चों में तेजी से बढ़ रही टाइप-2 डायबिटीज और अत्यधिक शुगर सेवन (CBSE Sugar Board) की प्रवृत्ति पर नियंत्रण पाने के लिए CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) ने एक ऐतिहासिक और जागरूकता भरा कदम उठाया है. बोर्ड ने हाल ही में देशभर के सभी संबद्ध स्कूलों को आदेश दिया है कि वे 15 जुलाई 2025 तक ‘शुगर बोर्ड’ (Sugar Boards) अनिवार्य रूप से स्थापित करें. इस पहल का उद्देश्य छात्रों को अत्यधिक चीनी सेवन से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान के बारे में जानकारी देना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में इस कदम की जमकर प्रशंसा की.

    बच्चों में बढ़ती टाइप-2 डायबिटीज चिंता का विषय- CBSE Sugar Board

    पिछले एक दशक में भारत में बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा और शुगर से जुड़ी बीमारियों में चिंताजनक वृद्धि हुई है. यह बीमारियाँ पहले सिर्फ वयस्कों में देखी जाती थीं, लेकिन अब बच्चों में भी इनके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण स्कूलों में उपलब्ध मिठाइयों, चॉकलेट, मीठे पेय और जंक फूड्स की भरमार मानी जा रही है. CBSE Sugar Board

    क्या है ‘शुगर बोर्ड’?

    CBSE द्वारा निर्देशित ‘शुगर बोर्ड’ एक शैक्षिक उपकरण की तरह काम करेगा. यह बोर्ड स्कूलों की दीवारों पर लगाए जाएंगे और इनमें विभिन्न खाद्य व पेय पदार्थों में मौजूद शुगर की मात्रा को स्पष्ट रूप से दिखाया जाएगा. CBSE Sugar Board
    इस बोर्ड में निम्न जानकारियाँ दी जाएंगी:-

    • प्रति दिन शुगर सेवन की सिफारिशित मात्रा
    • लोकप्रिय खाद्य पदार्थों और पेयों में मौजूद शुगर की मात्रा
    • अत्यधिक चीनी सेवन से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं
    • स्वास्थ्यवर्धक खाद्य विकल्पों के सुझाव

    इस पहल के अंतर्गत सभी स्कूलों को छात्रों के लिए हेल्थ अवेयरनेस सेमिनार, कार्यशालाएं और पोस्टर प्रदर्शनी भी आयोजित करनी होंगी.

    पीएम मोदी ने की सराहना

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए ‘मन की बात’ के 122वें एपिसोड में कहा –
    “आपने स्कूलों में ब्लैकबोर्ड तो देखे होंगे, लेकिन अब कुछ स्कूलों में शुगर बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं. यह एक अनूठा प्रयास है जो बच्चों को छोटी उम्र से ही हेल्दी विकल्प चुनने के लिए प्रेरित करेगा.”

    उन्होंने आगे कहा,
    “स्वस्थ जीवनशैली की आदतें बचपन से डालना जरूरी है. फिट इंडिया ही मजबूत भारत की नींव है। इस पहल को सिर्फ स्कूलों तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि दफ्तरों, कैंटीनों और संस्थानों में भी इसे लागू करना चाहिए।”

    CBSE और NCPCR का निर्देश

    इस निर्णय के पीछे नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) की सिफारिश थी. बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर NCPCR ने CBSE को यह निर्देश दिया कि स्कूलों में शुगर जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए ‘शुगर बोर्ड’ अनिवार्य किए जाएं.

    CBSE ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सभी स्कूल इस निर्देश का पालन करें और 15 जुलाई 2025 तक सभी आवश्यक कार्यवाही पूरी कर लें। बोर्ड के मुताबिक, “अधिकांश बच्चों को यह जानकारी ही नहीं होती कि वे रोज़ कितनी चीनी का सेवन कर रहे हैं और उससे उनके शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है.”

    स्कूलों में आयोजित होंगी वर्कशॉप्स

    CBSE ने कहा है कि स्कूल केवल बोर्ड लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी वर्कशॉप्स और सेमिनार्स भी नियमित तौर पर आयोजित करें. इन कार्यक्रमों के जरिए बच्चों और उनके अभिभावकों को स्वस्थ खानपान की आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा.

    अभिभावकों की भी मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया

    कई माता-पिता ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे बच्चों की आदतों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है. एक अभिभावक ने बताया,
    “हम बच्चों को मिठाई और कोल्ड ड्रिंक से कितना भी रोकें, लेकिन जब तक स्कूल का वातावरण नहीं बदलेगा, तब तक सुधार मुश्किल है। CBSE का यह कदम स्वागतयोग्य है.”

    फिट इंडिया के साथ जुड़ता नया आयाम

    प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को अब शिक्षा के क्षेत्र में भी मजबूती मिलती दिखाई दे रही है. शुगर बोर्ड की यह पहल न सिर्फ स्कूली छात्रों के स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाएगी बल्कि भारत को एक फिट और स्वस्थ राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.

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    सोर्स- THE HINDU

  • Mann Ki Baat का 122वां एपिसोड: PM मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बताया बदलते भारत की तस्वीर

    Mann Ki Baat का 122वां एपिसोड: PM मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बताया बदलते भारत की तस्वीर

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” (Mann Ki Baat) के 122वें संस्करण में राष्ट्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में भारत की सशक्त भूमिका और गौरवशाली सैन्य पराक्रम की सराहना की. इस दौरान उन्होंने हाल में संपन्न हुए “ऑपरेशन सिंदूर” को विशेष रूप से रेखांकित किया, जो आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और बदलते राष्ट्रीय दृष्टिकोण का प्रतीक बनकर उभरा है.

    प्रधानमंत्री ने कहा कि “आज हर भारतीय का संकल्प है – आतंकवाद को जड़ से खत्म करना.” ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना द्वारा जिस साहस और सटीकता के साथ आतंकवादी ठिकानों पर प्रहार किया गया, वह “असाधारण और प्रेरणादायक” है. उन्होंने इसे केवल एक सैन्य मिशन नहीं, बल्कि नए भारत की तस्वीर, संकल्प और साहस का प्रतीक बताया. Mann Ki Baat

    https://twitter.com/DDNewsHindi/status/1926529918105727233

    ऑपरेशन सिंदूर: देशभक्ति की लहर और जनसहभागिता- Mann Ki Baat

    प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतवासियों के दिलों में देशभक्ति की एक नई ज्वाला जलाई है. कई शहरों, कस्बों और गांवों में तिरंगा यात्राएं निकाली गईं. हजारों नागरिक सड़कों पर उतर आए, हाथों में तिरंगा लिए, अपने वीरों को नमन करने और राष्ट्र के प्रति समर्पण व्यक्त करने. Mann Ki Baat

    इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने भावुक होते हुए बताया कि कई परिवारों ने अपने नवजात बच्चों का नाम ‘सिंदूर’ रखा, जिससे यह अभियान लोगों के जीवन का हिस्सा बन गया है. बिहार के कटिहार, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और अन्य कई क्षेत्रों में यह देशभक्ति की भावना का नया प्रतीक बन गया. Mann Ki Baat

    उन्होंने आगे कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर ने दुनियाभर में आतंकवाद के खिलाफ एक स्पष्ट और मजबूत संदेश दिया है. इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि भी और मजबूत हुई है.” यह बदलते भारत की झलक है – एक ऐसा भारत जो अब आतंक के हर स्वरूप का जवाब देने में सक्षम है. Mann Ki Baat

    सीमापार कार्रवाई: सेना की सटीकता को सराहा

    पीएम मोदी ने यह स्पष्ट किया कि सेना की रणनीति और संचालन में दिखी सटीकता अद्वितीय है. सीमापार जाकर दुश्मनों के अड्डों को तबाह करना और आतंकवादियों को जवाब देना, भारत की सैन्य क्षमताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा में उन्नत दृष्टिकोण का प्रतीक है.

    उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ गोलियों और बंदूकों की कहानी नहीं, बल्कि भारत के बदलते आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति की कहानी है. इसके बाद भारतवासियों ने न केवल सोशल मीडिया पर अपना समर्थन जताया, बल्कि जनजागरूकता अभियानों और शांति रैलियों में भी भाग लिया.

    शेरों के संरक्षण पर भी बोले प्रधानमंत्री

    इस बार के मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी ने पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की भी चर्चा की. उन्होंने गुजरात के गिर वन में शेरों की संख्या में वृद्धि को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की.

    प्रधानमंत्री ने कहा, “शेरों की आबादी पिछले 5 वर्षों में 674 से बढ़कर 891 हो गई है. यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि हमारी पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का प्रमाण है.”

    उन्होंने कहा कि भारत अब न केवल आतंक के खिलाफ एकजुट है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता की रक्षा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है. शेरों की संख्या में यह वृद्धि सामूहिक प्रयासों, वन अधिकारियों की मेहनत और सरकार की नीतियों का परिणाम है.

    वन विभाग में महिलाओं की भागीदारी

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर वन विभाग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि अब अधिक महिलाएं वन रक्षकों और पर्यावरण अधिकारियों के रूप में कार्य कर रही हैं. यह न केवल लैंगिक समानता की दिशा में सकारात्मक कदम है, बल्कि भारत के समावेशी विकास मॉडल को भी दर्शाता है.

    मन की बात बना राष्ट्रीय प्रेरणा का माध्यम

    ‘मन की बात’ के इस संस्करण ने एक बार फिर साबित किया कि यह कार्यक्रम केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और समाज को दिशा देने का एक प्रभावशाली मंच बन गया है.

    ऑपरेशन सिंदूर और शेरों के संरक्षण जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाकर प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल लोगों में जागरूकता बढ़ाई, बल्कि एकजुटता, सम्मान और आत्मगौरव की भावना को भी मजबूती प्रदान की.

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  • iPhone Price Hike: ट्रंप की चेतावनी; अमेरिका में न बने iPhone तो Apple को 25% टैरिफ देना होगा

    iPhone Price Hike: ट्रंप की चेतावनी; अमेरिका में न बने iPhone तो Apple को 25% टैरिफ देना होगा

    नई दिल्ली: हाल के दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्नोलॉजी दिग्गज ऐपल (iPhone Price Hike) को एक बार फिर निशाने पर लिया है. ट्रंप ने ऐपल पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी है, अगर कंपनी अमेरिका में बिकने वाले iPhone का निर्माण अमेरिका में नहीं करती. यह धमकी ऐपल के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकती है, क्योंकि कंपनी पहले ही अपनी मैन्युफैक्चरिंग को चीन से भारत और अन्य देशों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया में है. इस लेख में हम इस मुद्दे की गहराई से पड़ताल करेंगे और समझेंगे कि ट्रंप की इस नीति का ऐपल और iPhone यूजर्स पर क्या प्रभाव पड़ सकता है.

    ट्रंप का Truth Social पर बयान- iPhone Price Hike

    डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में ऐपल के CEO टिम कुक को साफ शब्दों में चेतावनी दी. उन्होंने लिखा, “मैंने टिम कुक को पहले ही बता दिया है कि अमेरिका में बिकने वाले iPhone को अमेरिका में ही बनाना होगा, न कि भारत या किसी अन्य देश में. अगर ऐसा नहीं होता, तो ऐपल को कम से कम 25% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा.” यह बयान न केवल ऐपल के लिए बल्कि पूरी टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संदेश है. ट्रंप की यह नीति उनकी ‘मेक इन अमेरिका’ नीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका मकसद अमेरिका में रोजगार और उत्पादन को बढ़ावा देना है.iPhone Price Hike

    ऐपल की मैन्युफैक्चरिंग रणनीति- iPhone Price Hike

    पिछले कुछ सालों में ऐपल ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग को चीन से बाहर निकालने की रणनीति पर काम शुरू किया था. इसका कारण था अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता व्यापारिक तनाव और लागत में कमी लाने की जरूरत. भारत इस रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है. ऐपल ने भारत में फॉक्सकॉन और पेगाट्रॉन जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर iPhone के कई मॉडल्स का उत्पादन शुरू किया है. भारत में निर्मित iPhone न केवल स्थानीय बाजार के लिए हैं, बल्कि इन्हें निर्यात भी किया जा रहा है.

    हालांकि, ट्रंप की नई धमकी ने ऐपल की इस रणनीति पर सवालिया निशान लगा दिया है. अगर ऐपल को अमेरिका में iPhone का निर्माण करना पड़ेगा, तो कंपनी को भारी निवेश और नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स की जरूरत होगी. इससे न केवल लागत बढ़ेगी, बल्कि कंपनी की सप्लाई चेन में भी बड़ा बदलाव करना पड़ेगा.iPhone Price Hike

    iPhone की कीमतों पर असर

    ट्रंप के इस टैरिफ प्रस्ताव का सबसे बड़ा प्रभाव iPhone की कीमतों पर पड़ सकता है. अगर ऐपल को 25% टैरिफ देना पड़ा, तो कंपनी के पास दो विकल्प होंगे: या तो वह इस अतिरिक्त लागत को खुद वहन करेगी, जिससे उसका मुनाफा कम होगा, या फिर वह इस लागत को ग्राहकों पर डालेगी, जिससे iPhone की कीमतें बढ़ जाएंगी.iPhone Price Hike

    ऐपल के प्रीमियम स्मार्टफोन्स पहले से ही महंगे हैं, और कीमतों में और इजाफा होने से अमेरिकी बाजार में इसकी बिक्री पर असर पड़ सकता है. उदाहरण के लिए, अगर iPhone 16 की कीमत $799 से शुरू होती है, तो 25% टैरिफ के बाद इसकी कीमत $1000 के करीब पहुंच सकती है. इससे न केवल आम ग्राहकों को नुकसान होगा, बल्कि ऐपल की प्रतिस्पर्धा पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि सैमसंग और गूगल जैसे प्रतिद्वंद्वी ब्रांड्स सस्ते विकल्प पेश कर सकते हैं.

    भारत और चीन पर ट्रंप का रुख- iPhone Price Hike

    यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐपल को भारत में मैन्युफैक्चरिंग न करने की सलाह दी है. हाल ही में दोहा में एक बिजनेस मीटिंग के दौरान ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने टिम कुक से भारत में iPhone बनाने से मना किया है. उनका मानना है कि ऐपल को अमेरिका में निवेश करना चाहिए ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा हो.

    पिछले कुछ महीनों में जब ट्रंप ने चीन और भारत पर अलग-अलग टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, तब ऐपल ने जल्दबाजी में भारत और चीन में बने iPhone को हवाई जहाज के जरिए अमेरिका भेजा था. उस समय ट्रंप ने टैरिफ लागू करने की तारीख को आगे बढ़ा दिया था, जिससे ऐपल को कुछ राहत मिली थी. लेकिन अब ट्रंप का नया बयान इस बात का संकेत है कि वह अपनी नीति पर सख्ती से अमल करने के मूड में हैं.

    ऐपल के लिए चुनौतियां

    ऐपल के सामने कई चुनौतियां हैं. पहली चुनौती है अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने की लागत. अमेरिका में श्रम लागत और बुनियादी ढांचे की लागत भारत और चीन की तुलना में काफी अधिक है. दूसरी चुनौती है सप्लाई चेन का पुनर्गठन. ऐपल की सप्लाई चेन कई देशों में फैली हुई है, और इसे पूरी तरह अमेरिका में शिफ्ट करना आसान नहीं होगा. तीसरी चुनौती है बाजार में प्रतिस्पर्धा. अगर iPhone की कीमतें बढ़ती हैं, तो ग्राहक अन्य ब्रांड्स की ओर रुख कर सकते हैं.

    इसके अलावा, भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ऐपल ने भारत सरकार के साथ कई समझौते किए हैं. भारत में ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत ऐपल को कई छूट और सुविधाएं मिल रही हैं. अगर ऐपल भारत से अपनी मैन्युफैक्चरिंग को कम करता है, तो इससे भारत में रोजगार और निवेश पर भी असर पड़ सकता है.

    भविष्य की संभावनाएं

    ऐपल के लिए यह एक जटिल स्थिति है. कंपनी को ट्रंप की नीतियों, ग्राहकों की अपेक्षाओं और अपनी व्यावसायिक रणनीति के बीच संतुलन बनाना होगा. एक संभावना यह है कि ऐपल अमेरिका में कुछ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स शुरू करे, लेकिन पूरी तरह से अपनी सप्लाई चेन को अमेरिका में शिफ्ट करना व्यावहारिक नहीं होगा. दूसरी संभावना यह है कि ऐपल टैरिफ की लागत को अपने मुनाफे से वहन करे, लेकिन इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है.

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    सोर्स- ETV BHARAT

  • Shubman Gill Test Captain!: 20 जून से इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज; गिल, बुमराह, पंत या राहुल- किसे मिलेगी कमान?

    Shubman Gill Test Captain!: 20 जून से इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज; गिल, बुमराह, पंत या राहुल- किसे मिलेगी कमान?

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है. रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद अब इस फॉर्मेट में नए लीडर की तलाश तेज हो गई है. ऐसे में सबसे प्रबल दावेदार के रूप में शुभमन गिल (Shubman Gill Test Captain) का नाम सामने आया है. सूत्रों की मानें तो गिल को टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी जा सकती है. गिल के अलावा जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल और ऋषभ पंत के नाम भी इस रेस में हैं लेकिन गिल का नाम सबसे ऊपर चल रहा है.

    शुभमन गिल क्यों हैं सबसे मजबूत दावेदार?- Shubman Gill Test Captain

    शुभमन गिल 25 साल के हैं और वे पहले भी वनडे और टी20 में भारत की कप्तानी कर चुके हैं. ऐसे में उनके पास लीडरशिप का अनुभव है. मौजूदा समय में यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत जैसे युवाओं के साथ गिल भारतीय टेस्ट टीम के भविष्य की रीढ़ माने जा रहे हैं. Shubman Gill Test Captain

    गिल ने पिछले 5 सालों में टेस्ट क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन किया है और 5 शतक भी लगाए हैं, जो यह दर्शाता है कि वे सिर्फ युवा नहीं बल्कि अनुभव और संयम का भी मेल हैं. उनकी नेतृत्व क्षमता और तकनीक इंग्लैंड जैसी कठिन परिस्थितियों में टीम के लिए उपयोगी हो सकती है. Shubman Gill Test Captain

    बुमराह का अनुभव, लेकिन फिटनेस है चिंता

    जसप्रीत बुमराह ने भी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत के लिए टेस्ट कप्तानी की है. उन्होंने पर्थ में टीम को जीत दिलाई, लेकिन सिडनी टेस्ट में उनकी पीठ में चोट आ गई, जिससे वे गेंदबाज़ी नहीं कर सके और भारत मैच हार गया.

    उनकी फिटनेस एक बड़ा सवाल है. लंबे फॉर्मेट में निरंतर खेलना और कप्तानी करना दोनों जिम्मेदारियां निभाना आसान नहीं होता. इसीलिए, चयनकर्ता उनकी कप्तानी को लेकर थोड़े सतर्क हैं. Shubman Gill Test Captain

    ऋषभ पंत: टीम इंडिया का भरोसेमंद नाम

    ऋषभ पंत मौजूदा समय में टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड में टेस्ट शतक लगाए हैं. विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में वे मैच जिताने की क्षमता रखते हैं.

    हालांकि वे फिलहाल कप्तानी की रेस में उतने आगे नहीं हैं, लेकिन अगर कप्तान नहीं बनाए जाते तो उन्हें उप कप्तान की जिम्मेदारी दी जा सकती है. यह उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने की योजना का हिस्सा हो सकता है.

    केएल राहुल: विदेशी धरती पर भरोसे का नाम

    केएल राहुल भी एक सशक्त उम्मीदवार हैं. उन्होंने विदेशी पिचों पर कई बार भारत को शुरुआत दी है. साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में उनके नाम टेस्ट शतक हैं.

    राहुल के नेतृत्व में शुभमन गिल जैसे युवा खिलाड़ी आगे बढ़ सकते हैं. वे स्वाभाविक नेता नहीं माने जाते, लेकिन अनुभव और शांत स्वभाव उन्हें लीडरशिप ग्रुप में फिट बनाता है.

    चयन कमेटी की बैठक और इंग्लैंड दौरा

    भारतीय चयन समिति की बैठक 24 मई को प्रस्तावित है. इस दिन इंग्लैंड दौरे के लिए टीम की घोषणा की जा सकती है. भारत को इंग्लैंड में 20 जून से लेकर 4 अगस्त तक 5 टेस्ट मैच खेलने हैं. पहला मुकाबला हेडिंग्ले, लीड्स में खेला जाएगा. इसी दौरे पर टीम इंडिया को नया कप्तान मिल सकता है, और शुभमन गिल को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.

    विराट कोहली और रोहित शर्मा के संन्यास का असर

    विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों के टेस्ट से संन्यास लेने से भारतीय टीम में एक शून्य पैदा हो गया है. कोहली के संन्यास के साथ ही टीम को एक ऐसे खिलाड़ी की तलाश है, जो मनोबल, बल्लेबाज़ी और कप्तानी तीनों स्तरों पर टीम को दिशा दे सके.

    शुभमन गिल, पंत और राहुल तीनों ही इस ज़िम्मेदारी के लिए संभावित हैं, लेकिन चयनकर्ताओं की नजर भविष्य को तैयार करने पर है, जहां गिल सबसे फिट बैठते हैं.

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    सोर्स- BHASKAR

  • Etawah Bird Flu: इटावा सफारी पार्क में बर्ड फ्लू का अलर्ट, कर्मचारियों की जांच को लगाया गया मेडिकल कैंप

    Etawah Bird Flu: इटावा सफारी पार्क में बर्ड फ्लू का अलर्ट, कर्मचारियों की जांच को लगाया गया मेडिकल कैंप

    इटावा: बढ़ते बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) के मामलों को लेकर सतर्क इटावा सफारी पार्क प्रशासन ने (Etawah Bird Flu) संक्रमण से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है. शुक्रवार को भारत सरकार के निर्देशों पर सफारी पार्क में एक विशेष चिकित्सा शिविर लगाया गया, जिसमें कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच की गई. यह शिविर डॉ. भीमराव अंबेडकर जिला संयुक्त चिकित्सालय के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें सफारी के 60 से अधिक कर्मचारियों के स्वास्थ्य नमूने लिए गए.

    संक्रमण की रोकथाम के लिए सख्ती- Etawah Bird Flu

    वन विभाग और सफारी प्रबंधन ने मिलकर पार्क में सख्त निगरानी और स्वच्छता उपाय लागू किए हैं. इसमें निम्नलिखित प्रमुख कदम शामिल हैं: Etawah Bird Flu

    • नियमित सैनिटाइजेशन: पार्क के विभिन्न क्षेत्रों और जानवरों के बाड़ों की निरंतर सफाई व कीटाणुशोधन किया जा रहा है.
    • कर्मचारियों की जांच: हर कर्मचारी की नियमित जांच हो रही है और लक्षण पाए जाने पर उन्हें वन्यजीवों के संपर्क से दूर रखा जा रहा है.
    • गहन निगरानी: पशुओं और पक्षियों की सेहत पर वन अधिकारियों की विशेष नजर बनी हुई है.

    क्या है एवियन इन्फ्लूएंजा?

    एवियन इन्फ्लूएंजा एक संक्रामक वायरस जनित रोग है, जो मुख्य रूप से पक्षियों में फैलता है लेकिन दुर्लभ मामलों में मनुष्यों और अन्य जानवरों में भी संचारित हो सकता है. इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और गंभीर मामलों में निमोनिया शामिल हैं.

    डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते जांच और संक्रमण से दूरी रखने से इस वायरस से बचा जा सकता है. इसीलिए, नमूनों की रिपोर्ट आने तक सभी कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. Etawah Bird Flu

    आगंतुकों से अपील

    सफारी प्रशासन ने आम नागरिकों और आगंतुकों से अनुरोध किया है कि वे सफारी पार्क में भ्रमण के दौरान सभी स्वास्थ्य नियमों का पालन करें और किसी भी असामान्य लक्षण की स्थिति में तुरंत वन्यजीव अधिकारियों को जानकारी दें.

    इटावा सफारी पार्क की यह पहल न केवल कर्मचारियों बल्कि पशु-पक्षियों और आगंतुकों की सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम है. अगर समय रहते सतर्कता बरती जाए, तो इस खतरनाक संक्रमण से प्रभावी रूप से बचा जा सकता है. Etawah Bird Flu

    व्यक्तिगत सुरक्षा के उपाय:

    1. कच्चे पोल्ट्री उत्पादों से दूरी:
      अधपके या कच्चे अंडे व चिकन का सेवन न करें. पूरी तरह पकाकर ही खाएं.
    2. साफ-सफाई बनाए रखें:
      हाथों को साबुन से नियमित धोएं, खासकर पक्षियों के संपर्क में आने के बाद.
    3. बीमार पक्षियों से दूरी:
      किसी भी बीमार या मरे हुए पक्षी के पास न जाएं. यदि दिखाई दें तो स्थानीय प्रशासन को सूचित करें.
    4. मास्क और दस्ताने का उपयोग:
      पोल्ट्री फार्म या पक्षियों के आसपास जाते समय मास्क व दस्ताने पहनें.

    🧹 घर और आसपास की साफ-सफाई:

    1. पक्षियों के पिंजरे या क्षेत्र की नियमित सफाई करें.
    2. कचरा ढककर रखें, ताकि पक्षियों को भोजन न मिले.

    🚫 क्या न करें:

    बीमार पक्षियों को छूने से बचें.

    • खुले में पोल्ट्री उत्पाद न काटें या बेचें.
    • बिना सुरक्षा उपकरण के पोल्ट्री शेड में प्रवेश न करें.

    🏥 लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

    मुख्य लक्षण:

    • बुखार
    • गले में खराश
    • खांसी
    • सांस लेने में कठिनाई
    • शरीर में दर्द

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    सोर्स- Mayo Clinic