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  • भारत का पाकिस्तान पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य प्रहार, कई मायनों में ऐतिहासिक रहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’- OPERATION SINDOOR

    भारत का पाकिस्तान पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य प्रहार, कई मायनों में ऐतिहासिक रहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’- OPERATION SINDOOR

    नई दिल्ली: भारत ने 7 मई को आतंकवाद के खिलाफ इतिहास रचते हुए पाकिस्तान के (OPERATION SINDOOR) अंदर अब तक का सबसे बड़ा और सबसे गहरा सैन्य प्रहार किया. इस साहसिक और सटीक अभियान को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया, जो केवल एक जवाबी हमला नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई रणनीतिक सोच, तकनीकी ताकत और त्रिस्तरीय सैन्य समन्वय का प्रतीक बन गया.

    पहलगाम हमले का प्रतिशोध था OPERATION SINDOOR

    22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 1 नेपाली नागरिक भी शामिल था, जबकि 17 लोग घायल हुए थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी समय देश से वादा किया था कि इस हमले के दोषियों को दंड मिलेगा. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ उसी वादे को निभाने का निर्णायक प्रमाण बन गया.

    थलसेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त कार्रवाई

    1971 के बाद पहली बार भारत की तीनों सेनाओं—थलसेना, वायुसेना और नौसेना—ने मिलकर पाकिस्तान के भीतर गहराई तक एक साथ सैन्य कार्रवाई की. यह एक ऐतिहासिक कदम था, जिसने भारतीय सेना की एकजुटता, रणनीतिक सोच और तकनीकी दक्षता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया.

    बहावलपुर और मुरिदके के आतंकी अड्डे तबाह

    ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुरिदके, बहावलपुर, और सियालकोट जैसे आतंकी गढ़ों को निशाना बनाया गया. यहां मौजूद जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के प्रशिक्षण शिविरों, मुख्यालयों और लॉजिस्टिक सपोर्ट ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए गए. इस कार्रवाई में 9 बड़े आतंकी अड्डों को पूरी तरह ध्वस्त किया गया.

    अत्याधुनिक हथियारों का प्रयोग

    भारत ने इस ऑपरेशन में पहली बार अपने आधुनिकतम हथियारों का खुला प्रयोग किया. इसमें शामिल थे:

    • SCALP क्रूज मिसाइलें
    • HAMMER स्मार्ट बम
    • लॉइटरिंग म्यूनिशन ड्रोन

    इन हथियारों ने पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को अप्रभावी बना दिया और लक्ष्यों पर सटीक प्रहार किया.

    आतंकी नेटवर्क की कमर टूटी

    इस ऑपरेशन के तहत दर्जनों आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. इनमें वे आतंकी भी शामिल हैं जो 2001 संसद हमला, 26/11 मुंबई हमला और 2025 पहलगाम हमले में शामिल रहे हैं. भारत ने पहली बार केवल ढांचे को नहीं, बल्कि लीडरशिप टारगेटिंग की रणनीति अपनाई, जिसमें आतंकी संगठनों के शीर्ष नेतृत्व को समाप्त करना प्राथमिकता रही.

    आतंकियों के संरक्षकों को खुली चेतावनी

    ऑपरेशन सिंदूर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया देने वाला राष्ट्र नहीं, बल्कि आक्रामक रणनीति के साथ आतंक के स्रोत पर सर्जिकल प्रहार करेगा—चाहे वह दुश्मन की जमीन पर कितनी भी गहराई में हो. यह पहली बार है जब किसी देश ने एक परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के भीतर खुले रूप में इतनी गहराई तक सफल सैन्य कार्रवाई की.

    प्रधानमंत्री मोदी का वादा निभा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले के बाद देशवासियों से जो वादा किया था, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने उसे बखूबी निभाया. यह केवल एक जवाबी सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की नई राष्ट्रीय सुरक्षा नीति, रणनीतिक आत्मनिर्भरता और सशक्त सैन्य दृष्टिकोण की घोषणा बन गया है.

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    SOURCE- NDTV INDIA, DAINIK BHASKAR

  • औरैया में गूंजा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जयघोष: पूर्व सैनिकों ने कहा- पाकिस्तान-चीन मिल जाएं तब भी नहीं झुकेगा भारत- AURAIYA NEWS

    औरैया में गूंजा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जयघोष: पूर्व सैनिकों ने कहा- पाकिस्तान-चीन मिल जाएं तब भी नहीं झुकेगा भारत- AURAIYA NEWS

    औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर पूर्व सैनिकों और कवियों ने (AURAIYA NEWS) एकजुट होकर भारत की सैन्य कार्रवाई को सराहा और पाकिस्तान के खिलाफ सख्त तेवर दिखाए. शहीद पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में सेना के समर्थन में आवाज बुलंद की गई और यह संदेश दिया गया कि चाहे पाकिस्तान हो या चीन, भारत का झुकना अब असंभव है.

    ऑपरेशन सिंदूर’ ने बढ़ाया देश का गौरव– AURAIYA NEWS

    कार्यक्रम का आयोजन उस समय हुआ जब भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी शिविरों पर मिसाइल हमले कर कई ठिकानों को नष्ट कर दिया. यह ऑपरेशन पहलगाम में आतंकियों द्वारा की गई वीभत्स घटनाओं, जिनमें महिलाओं के सिंदूर उजाड़े गए थे, के जवाब में किया गया.

    पूर्व सैनिकों का संकल्प: “जरूरत पड़ी तो सीमा पर जाएंगे फिर से लड़ने”

    पूर्व सैनिक और भारत प्रेरणा मंच के अध्यक्ष अविनाश अग्निहोत्री ने कहा कि देश के लिए उन्होंने पहले भी सीमा पर लड़ा है और यदि जरूरत पड़ी तो फिर से लड़ने को तैयार हैं. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की नींव हिल चुकी है. अब वह भयभीत है और उसे भयभीत होना भी चाहिए. इस बार उसका सफाया तय है.” (AURAIYA NEWS)

    Auraiya News
    औरैया में पूर्व सैनिकों और कवियों ने भरी हुंकार (Photo- Nation Now Samachar)

    वीर रस की कविताओं से गूंजा शहीद पार्क

    कवि अजय शुक्ला ‘अंजाम’ ने कहा कि यह आतंकवाद पाकिस्तान प्रायोजित है और भारत ने अब तक सहन किया है, लेकिन अब जवाब देने का वक्त है. उन्होंने कहा, “पहले हमने क्षमा की, पर इस बार हमारी बहनों के सामने उनके सुहाग उजाड़े गए. अब देश ने ठान लिया है कि जवाब ऐसा होगा जो सदियों तक याद रखा जाएगा.”

    “पाकिस्तान को सबक सिखाने का वक्त आ गया है”

    कार्यक्रम में भारत की रणनीति की भी सराहना की गई. अजय शुक्ला ने कहा, “12 दिन की तैयारी के बाद जो हमला हुआ, उससे लाहौर, कराची, रावलपिंडी और इस्लामाबाद सब दहल गए हैं. अब पाकिस्तान को महसूस हो रहा है कि उसने किस दुश्मन से पंगा लिया है.”

    एक स्वर में बोले सैनिक और नागरिक: “हिंदुस्तान जिंदाबाद”

    कार्यक्रम के दौरान ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे भी लगे. जनमानस में जोश इस बात का संकेत था कि भारत अब कमजोर नहीं, बल्कि आक्रामक और निर्णायक कार्रवाई के लिए तैयार राष्ट्र है.

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  • ऑपरेशन सिंदूर: भारत की एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान में तबाही, यूसुफ अजहर समेत पांच टॉप आतंकी ढेर- JeM LeT TERRORISTS KILLED

    ऑपरेशन सिंदूर: भारत की एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान में तबाही, यूसुफ अजहर समेत पांच टॉप आतंकी ढेर- JeM LeT TERRORISTS KILLED

    नई दिल्ली: भारतीय सेना ने 7 मई को सुबह 1:30 बजे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत (JeM LeT TERRORISTS KILLED) पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी शिविरों पर एक साथ हमला किया. यह कार्रवाई हालिया आतंकी हमलों के जवाब में की गई थी और इसमें लश्कर-ए-तैयबा व जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के कई शीर्ष आतंकी मारे गए. खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन में करीब 100 आतंकियों के मारे जाने की संभावना है.

    हमले में मारे गए पांच खतरनाक आतंकी (JeM LeT TERRORISTS KILLED)

    1- मुदस्सर खादियान खास उर्फ अबू जुंदाल
    मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर मरकज तैयबा का प्रभारी मुदस्सर खादियान खास पाकिस्तान के लिए विशेष महत्व रखता था. उसकी मौत के बाद पाकिस्तानी सेना ने उसे गार्ड ऑफ ऑनर दिया और नमाज एक सरकारी स्कूल में पढ़ी गई, जिसमें सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज भी शामिल हुए. यह इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान की सरकार और सेना आतंकियों को खुलेआम सम्मान देती है.

    2- हाफिज मुहम्मद जमील
    जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हाफिज मुहम्मद जमील, मसूद अजहर का सबसे बड़ा साला था. वह बहावलपुर में स्थित मरकज सुभान अल्लाह का प्रभारी था. वह युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें फिदायीन बनाता और संगठन के लिए फंड जुटाता था. भारतीय सेना ने उसके ठिकाने को ऑपरेशन सिंदूर में पूरी तरह तबाह कर दिया.

    3- मोहम्मद यूसुफ अजहर
    यूसुफ अजहर, जिसे उस्ताद जी और मोहम्मद सलीम के नाम से भी जाना जाता था, IC-814 विमान अपहरण कांड में भारत का वांछित आतंकवादी था. वह जैश के लिए हथियार प्रशिक्षण की जिम्मेदारी संभालता था और जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों की योजना बनाता था. उसकी मौत से जैश को गहरा झटका लगा है.

    4- खालिद उर्फ अबू अकाशा
    लश्कर का यह आतंकी जम्मू-कश्मीर में कई हमलों में संलिप्त रहा था और अफगानिस्तान से हथियारों की तस्करी में भी भूमिका निभाता था. उसका अंतिम संस्कार फैसलाबाद में हुआ, जिसमें पाकिस्तानी सेना के अधिकारी और डिप्टी कमिश्नर शामिल हुए.

    5- मोहम्मद हसन खान
    जैश का यह ऑपरेशनल कमांडर, मुफ्ती असगर खान कश्मीरी का बेटा था. वह पीओके से भारत में हमलों के समन्वयन में सक्रिय भूमिका निभाता था. उसकी मौत जैश की कमांड संरचना के लिए बड़ा झटका है.

    एयर स्ट्राइक के निशाने पर कौन-कौन से आतंकी ठिकाने थे?

    ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना ने कुल 9 लोकेशन पर 24 से अधिक हमले किए. इनमें चार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में और पांच पीओके में स्थित थे.

    पाकिस्तान में निशाने पर रहे स्थान:

    • बहावलपुर का जैश मुख्यालय मरकज सुभान अल्लाह
    • मुरीदके का लश्कर मुख्यालय मरकज तैयबा
    • सियालकोट का जैश कैंप सरजल
    • हिजबुल का महमूना कैंप

    पीओके में नष्ट किए गए शिविर:

    • कोटली का बॉम्बर कैंप
    • गुलपुर कैंप
    • मुजफ्फराबाद का सवाई कैंप
    • जैश का बिलाल कैंप
    • भीमबेर का बरनाला टेरर कैंप

    पाकिस्तान की दोहरी नीति उजागर

    ऑपरेशन सिंदूर के बाद जिस तरह से पाकिस्तान के सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी मारे गए आतंकियों के जनाजों में शामिल हुए, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान का दावा कि वह आतंक का समर्थन नहीं करता—पूरी तरह से झूठा है. यह कार्रवाई भारत के लिए सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि कूटनीतिक जीत भी है.

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  • ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में भड़का दुश्मन, पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हुए DDC राज कुमार थापा- OPERATION SINDOOR INDIA

    ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में भड़का दुश्मन, पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हुए DDC राज कुमार थापा- OPERATION SINDOOR INDIA

    लखनऊ/राजौरी: भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जवाब में पाकिस्तान की तरफ से की गई कायराना गोलाबारी ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में एक बड़ा प्रशासनिक नुकसान (OPERATION SINDOOR INDIA) पहुंचाया है. इस हमले में जिले के अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (ADC) डॉ. राजकुमार थापा शहीद हो गए. वह जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के अनुभवी अधिकारी थे और इससे पहले डॉक्टर भी रह चुके थे.

    शनिवार तड़के पाकिस्तान ने राजौरी सहित कई सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन और मिसाइल अटैक किए. राजौरी में तैनात डॉ. राजकुमार थापा अपने घर में मौजूद थे, तभी एक गोला उनके घर पर गिरा. शुरुआती धमाके के बाद वे बाहर निकले, फिर लौटकर अपने कमरे में गए, तभी दूसरा गोला सीधे उनके कमरे पर आ गिरा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया.

    OPERATION SINDOOR INDIA- कौन थे डॉ. राजकुमार थापा?

    डॉ. राजकुमार थापा का जन्म 28 अप्रैल 1971 को हुआ था. उनके पिता का नाम दुर्गा दास है. थापा ने एमबीबीएस की पढ़ाई की थी और उसके बाद 2001 में जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए. 2010 में वे IAS स्तर पर पदोन्नत हुए और वर्तमान में वे राजौरी में ADC के रूप में कार्यरत थे. उनका प्रशासनिक और चिकित्सा सेवा का अनुभव उन्हें एक उत्कृष्ट अधिकारी बनाता था.

    सीएम उमर अब्दुल्ला ने दी श्रद्धांजलि

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने थापा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और स्वयं उनके परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “डॉ. राजकुमार थापा (JKAS, ADC राजौरी) के परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है. उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा. सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है.”

    घायल हुए अन्य कर्मचारी

    इस हमले में थापा के साथ दो और कर्मचारी भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. अस्पताल में उनका इलाज जारी है. सरकार ने उनके उपचार की पूरी व्यवस्था की है.

    इलाके में शोक की लहर

    राजौरी जिले में थापा की शहादत के बाद से शोक की लहर है. स्थानीय नागरिकों और अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और सोशल मीडिया पर उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं. उनका योगदान न केवल प्रशासनिक क्षेत्र में, बल्कि मानवीय सेवा के क्षेत्र में भी अनुकरणीय था.

    सरकार ने की निंदा

    केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन ने पाकिस्तान की इस हरकत की कड़ी निंदा की है. इसे एक कायरतापूर्ण हमला बताते हुए कहा गया कि भारत ऐसी किसी भी कार्रवाई का करारा जवाब देगा.

    ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि
    गौरतलब है कि भारत ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान के भीतर आतंकवादी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए थे. इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बौखला गया है और सीमाओं पर तनाव बढ़ गया है.

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    भारत का रुख संतुलित और जिम्मेदाराना: जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से की चर्चा- INDIA US FOREIGN TALKS

    नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच शनिवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (INDIA US FOREIGN TALKS) से टेलीफोन पर बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं ने मौजूदा हालात, क्षेत्रीय स्थिरता और आगे के संवाद के विकल्पों पर विचार साझा किया.

    जयशंकर ने बातचीत के बाद सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से बताया, “आज सुबह अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से बातचीत हुई. भारत का दृष्टिकोण हमेशा से ही संतुलित और जिम्मेदाराना रहा है और आगे भी ऐसा ही रहेगा.”

    यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और अधिक गहरा हो गया है. भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकवादी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले और पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमलों की नाकाम कोशिशों ने इस स्थिति को और भी संवेदनशील बना दिया है.

    अमेरिका की भूमिका और रुख- INDIA US FOREIGN TALKS

    अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने बताया कि रुबियो ने दोनों देशों से अपील की है कि वे तनाव को कम करें और गलतफहमियों से बचने के लिए प्रत्यक्ष संवाद की दिशा में ठोस कदम उठाएं. उन्होंने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के बीच सार्थक बातचीत को समर्थन देने के लिए तैयार है.

    ब्रूस ने यह भी जोड़ा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की टकराव की स्थिति से बचने के लिए आपसी संवाद और रणनीतिक स्थिरता आवश्यक है. यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने भारत-पाक संकट के समय मध्यस्थता या समर्थन की पेशकश की है, लेकिन भारत का हमेशा स्पष्ट रुख रहा है कि यह द्विपक्षीय मुद्दा है और समाधान भी द्विपक्षीय स्तर पर ही निकलना चाहिए.

    भारत की संतुलित रणनीति– INDIA US FOREIGN TALKS

    जयशंकर का बयान भारत की पारंपरिक विदेश नीति की पुष्टि करता है, जो संयम, संतुलन और ज़िम्मेदारी पर आधारित रही है. भारत ने अपनी सीमाओं की रक्षा करते हुए हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि उसकी प्रतिक्रिया अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानकों के अनुरूप हो. भारत किसी भी प्रकार की आक्रामकता में नहीं, बल्कि आत्मरक्षा के अधिकार में विश्वास करता है.

    भारत ने अमेरिका सहित सभी अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को भरोसे में लेते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है. यह बताता है कि भारत वैश्विक मंच पर एक उत्तरदायी और विश्वसनीय राष्ट्र के रूप में अपनी भूमिका को निभा रहा है. पाकिस्तान के साथ मौजूदा तनाव के बावजूद भारत अंतरराष्ट्रीय संवाद, राजनयिक चैनलों और कूटनीतिक संतुलन को प्राथमिकता दे रहा है.

    भारत के आम नागरिकों और रक्षा विशेषज्ञों ने जयशंकर के रुख का स्वागत किया है. उनके अनुसार, मौजूदा परिस्थिति में जब तनाव अपने चरम पर है, ऐसे समय में भारत का संयम और संतुलन ही इसकी असली शक्ति है. सोशल मीडिया पर भी जयशंकर के बयान को सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं.

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  • लखनऊ: सीएम योगी ने CMS के मेधावी छात्रों और शिक्षकों को किया सम्मानित- CMS STUDENTS TEACHERS AWARDS

    लखनऊ: सीएम योगी ने CMS के मेधावी छात्रों और शिक्षकों को किया सम्मानित- CMS STUDENTS TEACHERS AWARDS

    लखनऊ: सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) द्वारा आयोजित ‘शिक्षक धन्यवाद समारोह’ में शुक्रवार को (CMS STUDENTS TEACHERS AWARDS) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और मेधावी छात्रों को सम्मानित किया. लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन कैंपस ऑडिटोरियम में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जहां अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री एयटन स्टिब और नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर डॉ. विक्रम सिंह की विशेष उपस्थिति रही.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने CMS के उन 19 छात्रों को एक-एक लाख रुपये के नकद पुरस्कार प्रदान किए, जिन्होंने ICSE और ISC बोर्ड परीक्षाओं में 99.75% तक अंक प्राप्त कर लखनऊ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया. इसके अतिरिक्त, JEE Mains में 99.213 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले छात्र अपूर्व मिश्रा को भी नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

    कार्यक्रम में इस वर्ष UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले पांच पूर्व CMS छात्रों—अमन तिवारी, प्रशांत सिंह, देवांशी सक्सेना, रजत सिंह और अनुश्री सचान—को भी सार्वजनिक मंच पर सम्मानित किया गया.

    शिक्षकों का योगदान सराहा गया, CMS STUDENTS TEACHERS AWARDS

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि CMS के शिक्षक छात्रों के सर्वांगीण विकास को समर्पित हैं. उन्होंने कहा, “शिक्षक सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि प्रेरणा और आत्मबल भी देते हैं. आनेवाली पीढ़ी को संवारने की असली जिम्मेदारी शिक्षकों पर ही होती है.” मुख्यमंत्री ने छात्रों से अपने शिक्षकों का सम्मान करने और उनके मार्गदर्शन में जीवन गढ़ने की अपील की.

    CMS students awards
    सीएम योगी ने सीएमएस के शिक्षकों व छात्रों का सम्मान किया.

    CMS की संस्थापिका और निदेशिका डॉ. भारती गांधी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए शिक्षकों को धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि CMS शिक्षा के क्षेत्र में नैतिक मूल्यों को केंद्र में रखकर कार्य कर रहा है.

    विशिष्ट अतिथियों के प्रेरणादायक विचार

    विशेष अतिथि डॉ. विक्रम सिंह ने CMS की शिक्षा प्रणाली की सराहना करते हुए कहा, “यह संस्था सही मायनों में भावी पीढ़ी को जीवन निर्माण की शिक्षा दे रही है.” नासा के एक्सिओम-1 मिशन से जुड़े अंतरिक्ष यात्री एयटन स्टिब ने कहा, “CMS की उपलब्धियां प्रेरणादायक हैं और इसकी प्रतिष्ठा वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली है.”

    CMS की प्रबंध निदेशक प्रो. गीता गांधी किंगडन ने नई शिक्षा नीति के संदर्भ में छात्रों को विश्व नागरिक बनाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ छात्रों के चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान देना होगा.

    शिक्षकों को भी मिला सम्मान

    कार्यक्रम में CMS शिक्षकों श्री अंकुर दुबे, श्री दीपक निगम और श्री अनुराग भूषण को विशेष नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. साथ ही CMS महानगर की वरिष्ठ प्रधानाचार्या डॉ. कल्पना त्रिपाठी और राजाजीपुरम प्रथम की प्रधानाचार्या श्रीमती निशा पांडे को भी सार्वजनिक रूप से सराहा गया.

    शैक्षणिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

    समारोह की शुरुआत स्कूल प्रार्थना और वंदेमातरम् की सुमधुर प्रस्तुतियों से हुई. इसके अलावा सर्वधर्म प्रार्थना, विश्व एकता गीत, नृत्य और कोरियोग्राफ़ी जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. CMS के पूर्व छात्र व वैज्ञानिक डॉ. सुमित गलवानी ने “एआई एवं शिक्षा” विषय पर अपने विचार साझा किए.

    चरित्र निर्माण मार्च
    CMS के हेड कम्युनिकेशन्स श्री ऋषि खन्ना ने जानकारी दी कि इस अवसर पर 3,000 से अधिक शिक्षकों ने विशाल ‘चरित्र निर्माण मार्च’ में भाग लिया, जिसमें नैतिक शिक्षा और भावी पीढ़ी के चारित्रिक उत्थान का संकल्प लिया गया.

    CMS विजन-2025 की झलकियां
    कार्यक्रम के अंत में ‘CMS विजन-2025’ की झलकियां प्रस्तुत की गईं, जिसमें संस्थान के आगामी शैक्षिक व नैतिक लक्ष्यों को दर्शाया गया.

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  • भारत-पाक तनाव: पंजाब के सीमावर्ती जिलों में ब्लैकआउट, सुरक्षा अलर्ट, स्कूल तीन दिन के लिए बंद- INDIA PAKISTAN TENSION

    भारत-पाक तनाव: पंजाब के सीमावर्ती जिलों में ब्लैकआउट, सुरक्षा अलर्ट, स्कूल तीन दिन के लिए बंद- INDIA PAKISTAN TENSION

    नई दिल्ली/चंडीगढ़: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव ने पंजाब के सीमावर्ती जिलों में (INDIA PAKISTAN TENSION) गुरुवार रात गंभीर सुरक्षा स्थिति पैदा कर दी. इसके चलते अमृतसर, पठानकोट, फिरोजपुर, जालंधर, गुरदासपुर, होशियारपुर और कपूरथला जैसे ज़िलों में ब्लैकआउट घोषित कर दिया गया. चंडीगढ़ समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी दो घंटे तक बिजली काट दी गई. नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने घरों में रहें और लाइटें बंद रखें.

    यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब पाकिस्तान ने जम्मू, श्रीनगर, पठानकोट और अन्य रणनीतिक ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले की नाकाम कोशिश की. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत की वायु सुरक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया.

    INDIA PAKISTAN TENSION – ड्रोन और मिसाइल हमले की कोशिश

    पाकिस्तान की ओर से 7-8 मई की रात को 15 स्थानों पर हमले की योजना बनाई गई थी. इनमें अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज शामिल हैं. भारत की सतर्क रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान की हर कोशिश को नाकाम कर दिया. इसके बावजूद प्रशासन ने कोई रिस्क न लेते हुए एहतियाती कदम उठाए और ब्लैकआउट का निर्देश जारी किया.

    भारत का ऑपरेशन सिंदूर

    यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब भारत ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे. यह मिशन पूरी तरह सफल रहा और आतंकी लॉन्चपैड्स को ध्वस्त कर दिया गया.

    स्थानीय प्रतिक्रिया और प्रशासनिक कड़े निर्देश

    पठानकोट में कुछ नागरिकों ने विस्फोट जैसी आवाजें सुनने का दावा किया. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. गुरुवार रात साढ़े आठ बजे के करीब ब्लैकआउट लागू किया गया और हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन सक्रिय किए गए. शुक्रवार सुबह तक हालात शांतिपूर्ण रहे, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया. चंडीगढ़ में सुबह की सैर पर निकले बलदेव चंद नामक बुजुर्ग ने कहा, “रात में कुछ देर घबराहट हुई लेकिन सेना की तत्परता देख भरोसा बढ़ गया.”

    स्कूल बंद और नागरिक सुरक्षा पर जोर

    पंजाब सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों को अगले तीन दिनों के लिए बंद करने का आदेश जारी किया है. चंडीगढ़ प्रशासन ने भी शनिवार तक सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का ऐलान किया है. पठानकोट के डीसी आदित्य उप्पल ने कहा, “सभी नागरिक ब्लैकआउट प्रोटोकॉल का पालन करें और अफवाहों से दूर रहें. केवल अधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर विश्वास करें.”

    अन्य जिलों में भी एहतियाती कदम

    रूपनगर, फाजिल्का, संगरूर, बठिंडा, पटियाला और हरियाणा के पंचकूला में भी ब्लैकआउट किया गया. इन जिलों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है.

    जनता का संयम और सरकार की तत्परता

    सरकार और सेना के त्वरित फैसलों के चलते संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सका. नागरिकों का संयम और सहयोग भी प्रशंसनीय रहा. प्रशासन ने दोहराया कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है और सुरक्षा के सभी इंतजाम पूरी तरह मजबूत हैं.

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    SOURCE: NDTV INDIA ,

  • INDIA PAKISTAN CEASEFIRE: भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध समाप्त, दोनों देशों ने शांति बहाली पर जताई सहमति

    INDIA PAKISTAN CEASEFIRE: भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध समाप्त, दोनों देशों ने शांति बहाली पर जताई सहमति

    नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी सैन्य तनाव पर अब विराम लग गया है. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) के बीच आज दोपहर 3:35 बजे बातचीत हुई. इस बातचीत के बाद निर्णय लिया गया कि आज शाम 5 बजे से दोनों देशों के बीच आकाश, जल और थल पर किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई नहीं होगी.

    सीज़फ़ायर पर बनी सहमति, वार्ता जारी रहेगी
    विदेश सचिव के अनुसार, यह निर्णय आपसी सहमति से लिया गया है और दोनों पक्ष युद्धविराम का कड़ाई से पालन करेंगे. सीमा पर सैनिकों को अलर्ट मोड से हटाया जाएगा और हालात सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे.

    12 मई को फिर बातचीत
    मिसरी ने बताया कि आगामी 12 मई को दोनों देशों के अधिकारी एक बार फिर वार्ता के लिए बैठेंगे. इस बैठक में भविष्य की रणनीति, सीमाओं की निगरानी और विश्वास बहाली के उपायों पर चर्चा की जाएगी. माना जा रहा है कि इस बैठक में दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के उच्च अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.

    तनाव के बीच यह एक सकारात्मक पहल
    पिछले कुछ दिनों से भारत-पाकिस्तान सीमा पर भारी गोलाबारी और ड्रोन हमले देखने को मिले थे. दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर थीं. लेकिन आज की बातचीत और सहमति ने एक बार फिर शांति की उम्मीद जगा दी है.

  • भारत-पाकिस्तान युद्ध LIVE UPDATES: पाकिस्तान ने उरी में फिर शुरू की भारी गोलाबारी

    भारत-पाकिस्तान युद्ध LIVE UPDATES: पाकिस्तान ने उरी में फिर शुरू की भारी गोलाबारी

    नई दिल्ली: भारत द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से बौखलाए पाकिस्तान ने गुरुवार रात उत्तरी और पश्चिमी भारत में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की. पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए, जिन्हें भारतीय वायु रक्षा प्रणाली S-400 ने समय रहते विफल कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने यह हमला तब किया जब भारत ने पीओके और पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए थे. इन हमलों में आतंकियों के कई ठिकाने पूरी तरह तबाह कर दिए गए.

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  • डायबिटीज और किडनी रोगियों के लिए दिल का ख्याल रखना क्यों है जरूरी? जानिए हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह- HEART HEALTH TIPS

    डायबिटीज और किडनी रोगियों के लिए दिल का ख्याल रखना क्यों है जरूरी? जानिए हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह- HEART HEALTH TIPS

    • टाइप 2 डायबिटीज और क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) से (HEART HEALTH TIPS) हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ता है.
    • खानपान, फिजिकल एक्टिविटी और दवा के सेवन में लापरवाही न करें.
    • खानपान, फिजिकल एक्टिविटी और दवा के सेवन में लापरवाही न करें.

    🩺 HEART HEALTH TIPS- दिल का ख्याल रखना क्यों है ज़रूरी?

    आज के तेज़ रफ्तार जीवन में सेहत और खान-पान को अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है. इसका असर न सिर्फ शरीर पर बल्कि मानसिक और दिल की सेहत पर भी पड़ता है. विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज और किडनी की समस्याओं से जूझ रहे लोगों को हार्ट हेल्थ पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि ये स्थितियाँ दिल की बीमारियों को न्योता देती हैं.

    दरअसल, टाइप 2 डायबिटीज (T2D), क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) और हार्ट डिजीज के कई सामान्य जोखिम कारक होते हैं – जैसे हाई ब्लड शुगर, हाई ब्लड प्रेशर और शारीरिक गतिविधियों की कमी. टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में CKD और हृदय रोग होने की संभावना ज्यादा होती है. हाई ब्लड शुगर आपके दिल और किडनी की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे इन अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है.

    ❤️ दिल की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से उपाय करें?

    1. खान-पान में बदलाव लाएं
      आपकी डाइट हार्ट हेल्थ को सीधे प्रभावित करती है. विशेषज्ञ कहते हैं कि:
      सोडियम की मात्रा कम करें, ताकि ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन कंट्रोल में रहें.
      साबुत अनाज, फलियां, हरी सब्जियां और फाइबर रिच फूड्स को डाइट में शामिल करें.
      प्रोसेस्ड फूड और शुगर से भरपूर ड्रिंक्स से बचें.
      लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट जैसे एवोकाडो, ऑलिव ऑयल को शामिल करें.
    1. फिजिकल एक्टिविटी को प्राथमिकता दें
      रोजाना 30 मिनट की वॉक, योग, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या साइकलिंग करने से दिल की धड़कनें सामान्य बनी रहती हैं.
      ध्यान और ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ ब्लड प्रेशर को स्थिर रखने और तनाव कम करने में सहायक हैं.
    1. किडनी की नियमित जांच कराएं
      डायबिटीज रोगियों को साल में एक बार किडनी की जांच जरूर करानी चाहिए.
      क्रिएटिनिन, GFR और यूरिन एलब्यूमिन टेस्ट्स से शुरुआती स्तर पर किडनी डैमेज का पता लगाया जा सकता है.
      यह जांचें दिल से जुड़ी संभावित समस्याओं को भी समय रहते पहचानने में मदद करती हैं.
    1. दवा का समय पर सेवन करें
      डॉक्टर द्वारा दी गई ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने वाली दवाओं को नियमित लें.
      दवा न लेने से हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
    1. स्मोकिंग और शराब से बचें
      धूम्रपान और अल्कोहल हृदय रोग का बड़ा कारण बनते हैं.
      यह ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं और धमनियों को संकीर्ण कर देते हैं, जिससे दिल को अतिरिक्त दबाव झेलना पड़ता है.
      डाइट हार्ट हेल्थ को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

    🧪 एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

    नेशनल किडनी फाउंडेशन (NKF) और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) जैसे संस्थान सलाह देते हैं कि जो लोग डायबिटीज और किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें हार्ट हेल्थ को लेकर बेहद सतर्क रहना चाहिए. उनका मानना है कि शुरुआती जीवनशैली में सुधार और नियमित चेकअप से 60% तक दिल की बीमारियों का जोखिम कम किया जा सकता है.

    नोट-

    (डिस्क्लेमर: इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई हैं. यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं. किसी भी स्वास्थ्य समस्या या दवा को शुरू या बंद करने से पहले कृपया अपने चिकित्सक या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)

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