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  • पाकिस्तान पर हमले के बाद अलर्ट पर हिंदुस्तान, UP में आज ब्लैक आउट, आपात स्थिति से निपटने की तैयारी- BLACKOUT MOCKDRILL IN UP

    पाकिस्तान पर हमले के बाद अलर्ट पर हिंदुस्तान, UP में आज ब्लैक आउट, आपात स्थिति से निपटने की तैयारी- BLACKOUT MOCKDRILL IN UP

    नई दिल्ली: पाकिस्तान पर 7 मई 2025 को हुई भारतीय एयर स्ट्राइक के बाद केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट (BLACKOUT MOCKDRILL IN UP) पर हैं. केंद्र सरकार ने सुरक्षा समीक्षा के बाद देशभर के 244 जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्णय लिया है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इसकी शुरुआत मंगलवार को हुई, जहां युद्ध जैसी स्थिति में राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया. गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश जारी किए हैं कि वे युद्ध या आतंकी हमलों जैसे हालात में तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहें. इस आदेश के तहत उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में 7 मई को ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की जाएगी. राज्य के डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि ड्रिल के दौरान कुछ देर के लिए बिजली की आपूर्ति और सार्वजनिक स्थानों की लाइटें बंद कर दी जाएंगी.

    सायरन बजते ही राहत टीमें हुईं एक्टिव
    लखनऊ की पुलिस लाइन में हुए मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजते ही सिविल डिफेंस, एंबुलेंस, दमकल और पुलिस टीमों ने तत्काल हरकत में आकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और भीड़भाड़ वाली जगहों को खाली कराया गया. इस ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास नहीं, बल्कि एक रियल-टाइम रेस्पॉन्स सिस्टम को परखना है, ताकि वास्तविक आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. (BLACKOUT MOCKDRILL IN UP)

    ब्लैकआउट की तैयारी, 19 जिलों में रात को बिजली बंद
    डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि 7 मई की रात को गोरखपुर, कानपुर, आगरा, वाराणसी, लखनऊ, मेरठ समेत 19 जिलों में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होगी. इन जिलों को गृह मंत्रालय ने A, B, और C कैटेगरी में बांटा है, जिसमें सुरक्षा की गंभीरता के आधार पर गतिविधियां निर्धारित की गई हैं. विशेष सतर्कता नेपाल सीमा से लगे जिलों सिद्धार्थनगर, बहराइच और महाराजगंज में बरती जा रही है. इन जिलों में मॉक ड्रिल के दौरान एयर रेड सायरन, ब्लैकआउट, कैमोफ्लाज प्रोटोकॉल, नागरिकों का प्रशिक्षण और छात्र-अभियान आयोजित होंगे. (BLACKOUT MOCKDRILL IN UP)

    गोरखपुर में 7 से 8 बजे होगा ब्लैकआउट
    गोरखपुर में सिविल डिफेंस और जिला प्रशासन के सहयोग से मॉक ड्रिल का आयोजन शहर के प्रमुख स्थानों पर होगा. शाम 7 से 8 बजे तक शहर में ब्लैकआउट रहेगा. सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन डॉ. संजीव गुलाटी ने बताया कि 500 प्रशिक्षित कार्यकर्ता लोगों को युद्ध जैसी स्थिति से बचने का प्रशिक्षण देंगे. साथ ही नागरिकों को एयर रेड सायरन की पहचान, अफवाहों से बचाव और नजदीकी शरणस्थलों की जानकारी देने का भी अभ्यास कराया जाएगा.

    सोनभद्र में अधिकारियों ने बनाई रणनीति
    सोनभद्र जिले में मॉक ड्रिल को लेकर डीएम बद्रीनाथ सिंह और एसपी अशोक कुमार मीणा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई. बैठक में औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा, आपातकालीन यातायात प्रबंधन, ब्लैकआउट की प्रक्रिया, और धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकर से अलर्ट जारी करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई. 7 मई को सुबह 9 से 11 बजे तक जिले के विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी. औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है.

    आगरा में 8 स्थानों पर मॉक ड्रिल, 5 मिनट का ब्लैकआउट
    आगरा के डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि जिले में 8 से 10 लोकेशन्स पर मॉक ड्रिल की योजना बनाई गई है. बुधवार रात 8 बजे 5 मिनट के लिए ब्लैकआउट किया जाएगा.
    इस दौरान सायरन बजाया जाएगा और सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे पैनिक न करें और इसे युद्ध न समझें. रामकृष्णा कन्या महाविद्यालय, बल्केश्वर में माइक्रो मॉक ड्रिल भी होगी, जिसमें आपात स्थिति में घायलों के इलाज का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

    देशभर की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
    गृह मंत्रालय ने कहा है कि मॉक ड्रिल के जरिये यह देखा जाएगा कि किसी भी संभावित युद्ध या आतंकी हमले के समय प्रशासन और नागरिकों की प्रतिक्रिया कितनी प्रभावी है. सभी राज्य, जिला और स्थानीय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हर सेक्टर में तैयारियां सुनिश्चित करें और ड्रिल को वास्तविक हालात जैसा बनाएं.

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  • भारत का ‘इजरायली स्टाइल स्ट्राइक’: वायु सेना ने POK में 9 आतंकी ठिकानों को किया तबाह- INDIA PAKISTAN WAR

    भारत का ‘इजरायली स्टाइल स्ट्राइक’: वायु सेना ने POK में 9 आतंकी ठिकानों को किया तबाह- INDIA PAKISTAN WAR

    नई दिल्ली: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15वें दिन भारत ने जवाबी कार्रवाई (INDIA PAKISTAN WAR) करते हुए “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए. भारत की यह सैन्य कार्रवाई इजरायल की सैन्य रणनीति की तरह मानी जा रही है, जिसमें सीमित लेकिन घातक हमलों के जरिए दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया जाता है.

    पहलगाम हमले के बाद भारत की आक्रामक रणनीति
    पहलगाम में हुए आत्मघाती हमले में कई सुरक्षाबलों की शहादत के बाद देश में रोष फैल गया था. भारत ने 7 मई, 2025 को पाकिस्तान के भीतर बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद जैसे आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर नौ अलग-अलग लोकेशनों पर मिसाइल स्ट्राइक की. इन हमलों को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया, जो भारत की बदलती सैन्य नीति का प्रतीक है. (INDIA PAKISTAN WAR)

    इजरायली रणनीति से प्रेरित भारत की स्ट्राइक
    भारत की इस कार्रवाई की तुलना इजरायल की सैन्य रणनीति से की जा रही है. इजरायल वर्षों से सीमित, सटीक और खुफिया-आधारित हमलों के लिए जाना जाता है, जिससे बड़े युद्ध की स्थिति टलती है, लेकिन दुश्मन को गहरा झटका मिलता है. भारत ने भी 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक में इसी शैली का पालन किया था.

    कैसे हुआ ऑपरेशन सिंदूर?
    भारत ने इस ऑपरेशन में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया. सैटेलाइट इमेजरी, ड्रोन, और नेट्रा AWACS जैसी प्रणाली से दुश्मन के ठिकानों को पहले लॉक किया गया, फिर सुपरसोनिक ब्रह्मोस और रुद्रम-1 मिसाइलों से हमला किया गया. RISAT-2BR1 सैटेलाइट और अन्य निगरानी प्रणालियों ने टारगेट की स्थिति और गतिविधियों पर निगरानी रखी. यह पूरी तरह से इजरायल की टारगेट लॉकिंग और प्री-स्ट्राइक इंटेलिजेंस मॉडल से मेल खाता है.

    पाकिस्तान का HQ-9 एयर डिफेंस हुआ फेल
    भारत की मिसाइलें पाकिस्तान के आधुनिक माने जाने वाले चीनी HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर अपने टारगेट पर सटीक वार कर पाईं. HQ-9 भले ही 100 टारगेट को ट्रैक करने और 6 को एकसाथ नष्ट करने की क्षमता रखता है, लेकिन ब्रह्मोस की तेज गति और कम ऊंचाई पर उड़ान के चलते यह उसे रोक नहीं सका. HQ-9 की रडार क्षमताएं भारत के S-400 सिस्टम के मुकाबले कमजोर हैं. यही कारण था कि पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था इन हमलों को रोकने में असफल रही.

    SEAD रणनीति का इस्तेमाल
    भारत ने SEAD (Suppression of Enemy Air Defenses) रणनीति का उपयोग करते हुए पाकिस्तान के एयर डिफेंस को निष्क्रिय किया. सुखोई-30 MKI विमानों से Kh-31P और रुद्रम-1 मिसाइलों का इस्तेमाल कर रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को पहले नष्ट किया गया. भारत ने इस ऑपरेशन में केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे. यह भी इजरायली शैली की खासियत है कि हमले सटीक और सीमित होते हैं.

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  • भारतीय सेना ने लिया पहलगाम का बदला! POK में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले, 90 से ज्यादा आतंकवादी ढेर- INDIA PAKISTAN WAR

    भारतीय सेना ने लिया पहलगाम का बदला! POK में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले, 90 से ज्यादा आतंकवादी ढेर- INDIA PAKISTAN WAR

    नई दिल्ली: भारत ने बुधवार तड़के आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में आतंकवादी संगठनों के (INDIA PAKISTAN WAR) नौ ठिकानों पर मिसाइल हमले किए. इन हमलों में लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ मुरीदके और जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य अड्डा बहावलपुर भी शामिल था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में 90 से ज्यादा आतंकवादियों के मारे जाने की खबर है.

    खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय वायुसेना ने इन हमलों को अंजाम दिया. रक्षा सूत्रों ने बताया कि ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद के चार, लश्कर-ए-तैयबा के20तीन और हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. मुरीदके में करीब 30 आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि अन्य ठिकानों पर भी दर्जनों आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि की जा रही है. हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

    इस ऑपरेशन को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले का जवाब माना जा रहा है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, “भारत माता की जय”, जो इस ऑपरेशन की सफलता और उसके संदेश को दर्शाता है.

    इस बीच, पाकिस्तान की सेना ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास भारी गोलाबारी की. रक्षा सूत्रों ने बताया कि मंगलवार रात को पाकिस्तान की तरफ से तोपों और छोटे हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की गई, जिससे जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भय का माहौल बन गया है और वहां से बड़े पैमाने पर लोगों के पलायन की खबरें भी सामने आ रही हैं.

    हमलों और सीमा पर तनाव के चलते हवाई क्षेत्र में भी असर पड़ा है. स्पाइसजेट और इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइनों ने अमृतसर, जम्मू, श्रीनगर, लेह, धर्मशाला और चंडीगढ़ जाने वाली कई उड़ानों को रद्द कर दिया है. स्पाइसजेट ने एक्स पर लिखा, “अमृतसर जाने वाली दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दिल्ली डायवर्ट किया गया है. इस अप्रत्याशित व्यवधान के कारण हुई असुविधा के लिए खेद है.”

    इंडिगो ने कहा कि उत्तर भारत में हवाई क्षेत्र की स्थिति लगातार बदल रही है, जिससे कई उड़ानों पर असर पड़ा है. एयर इंडिया ने भी स्थिति को देखते हुए दोपहर तक जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट के लिए अपनी सभी उड़ानों को रद्द कर दिया है.

    सरकार और सेना की तरफ से इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम बताया जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह ऑपरेशन भारतीय नीति में एक स्पष्ट बदलाव को दर्शाता है, जिसमें अब सीमापार बैठकर भारत पर हमले की साजिश रचने वालों को उनकी जमीन पर ही निशाना बनाया जा रहा है.

  • युद्ध के दृष्टिकोण से हाई रिस्क जोन में मेरठ,देश की तीसरी सबसे बड़ी छावनी मेरठ

    युद्ध के दृष्टिकोण से हाई रिस्क जोन में मेरठ,देश की तीसरी सबसे बड़ी छावनी मेरठ

    मेरठ को युद्ध के दृष्टिकोण से हाई रिस्क जोन माना जाता है। क्योंकि यह देश की तीसरी सबसे बड़ी छावनी है। ऐसे में मेरठ की जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार होना पड़ेगा। पूर्व मेजर हिमांशु ने नेशनल नाउ समाचार से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि मॉक ड्रिल और SOP लागू करना जरूरी है ।ताकि आपात स्थिति में जनता को सुरक्षित रखा जा सके।

    आपको बता दें पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा है, जिससे युद्ध की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में एतियात के तौर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। ताकि जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार किया जा सके।

    वही पूर्व मेजर हिमांशु की माने तो देश की जनता का एकजुट होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से बड़ा खतरा है और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि मेरठ की जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार रहना होगा और मॉक ड्रिल में भाग लेना होगा।

    जहां मेरठ की जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार करने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। इसमें जनता को आपात स्थिति में क्या करना है, इसकी जानकारी दी जाएगी। साथ ही SOP लागू करने से आपात स्थिति में जनता को सुरक्षित रखा जा सकेगा।

  • मेरठ: जिलास्तरीय मॉक ड्रिल को लेकर प्रशासन सतर्क, तैयारियां पूरी

    मेरठ: जिलास्तरीय मॉक ड्रिल को लेकर प्रशासन सतर्क, तैयारियां पूरी

    मेरठ: शासन के निर्देशानुसार 7 मई को आयोजित होने वाली जनपद स्तरीय मॉक ड्रिल की तैयारियों के संबंध में आज मेरठ के कलेक्ट्रेट स्थित विकास भवन में जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया।

    वही इस बैठक में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और मॉक ड्रिल के सफल संचालन हेतु रूपरेखा तय की गई।

    इस पूरे मामले में मेरठ के जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य आयोजन कल शाम 4:00 बजे सेंट जोसेफ स्कूल, मेरठ में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जनपद के विभिन्न विद्यालयों, अस्पतालों, ग्रामीण क्षेत्रों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर भी मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया की तैयारियों को परखना है।

    प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे मॉक ड्रिल को लेकर भ्रमित न हों और सहयोग प्रदान करें। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया है कि मॉक ड्रिल के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा।

    जिसके बाद सिविल डिफेंस की चीफ वार्डन संदीप गोयल ने बताया कि जिस प्रकार से भारत सरकार का आदेश है कल पूरे देश में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा l सिविल डिफेंस की कल शाम को टाउन हॉल में ब्लैक आउट कर के मॉक ड्रिल की जाएगी। मेरठ में भी सायरन बजाकर तैयारी की जा रही है।

  • मेरठ: मासूम बच्चों को पाकिस्तान भेजने पर रोई भारतीय सना, अब पीएम मोदी से की ये खास अपील- MEERUT SANA APPEALS TO PM MODI

    मेरठ: मासूम बच्चों को पाकिस्तान भेजने पर रोई भारतीय सना, अब पीएम मोदी से की ये खास अपील- MEERUT SANA APPEALS TO PM MODI

    मेरठ: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव देखने को मिल रहा है. भारत सरकार ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने का फरमान (MEERUT SANA APPEALS TO PM MODI) सुनाया है. इस आदेश के बाद मेरठ की बेटी और पाकिस्तान की बहू को आखिरकार अपने बच्चे पाकिस्तान भेजने पड़े. दरअसल, पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बड़ी टेंशन के बीच आफत सना के परिवार पर आ पड़ी है.

    भारतीय सना देश में रहने पर मजबूर है. वहीं, पाकिस्तानी बच्चे पाकिस्तान भेज दिए गए हैं और पति और परिवार पहले से पाकिस्तान में मौजूद है. सरहद के इस पर और उसे पर दोनों तरफ बेचैनी है यहां सना अपने परिवार के पास जाने के लिए पीएम मोदी से गुहार लगा रही है. वहीं सरहद के उस पार सना के पति और बच्चे भी उसे वापस लाने के लिए कोशिश कर रहे हैं. (MEERUT SANA APPEALS TO PM MODI)

    यह घटना मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र की है, जहां सना इन दिनों अपने मायके में रह रही हैं. सना की शादी 2020 में पाकिस्तान के कराची निवासी डॉक्टर बिलाल से हुई थी. फिलहाल उनके पति और बच्चे पाकिस्तान में हैं जबकि सना भारत में ही रह गई हैं. भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही तनातनी ने इस परिवार को दो हिस्सों में बाँट दिया है.

    बच्चों को अटारी बॉर्डर से भेजना पड़ा पाकिस्तान
    हाल ही में जब सना अपने परिवार के साथ भारत आईं, तो वह अपने दो छोटे बच्चों को भी साथ लाई थीं. लेकिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तल्खी बढ़ गई. इसके चलते सना को अपने बच्चों को अटारी बॉर्डर से पाकिस्तान भेजना पड़ा, जबकि वह खुद लौट नहीं सकीं.

    बॉर्डर पर बच्चों को विदा करते समय सना की आंखें नम थीं. कैमरे के सामने उनका दर्द छलक पड़ा. उन्होंने कहा, “मेरे बच्चे वहां हैं, मेरा परिवार वहां है, लेकिन मैं यहां रह गई हूं. मेरे पास पाकिस्तान लौटने के लिए वैध दस्तावेज नहीं हैं. मैं प्रधानमंत्री मोदी जी से हाथ जोड़कर विनती करती हूं कि मुझे मेरे परिवार के पास भेजने में मदद करें.”

    परिवार का समर्थन, सरकार से गुहार
    सना के पिता मोहम्मद फेरू ने बताया कि उनका परिवार पूरी तरह हिंदुस्तान के साथ है. उन्होंने कहा, “हम भारतीय हैं, भारत का कानून मानते हैं. लेकिन एक बेटी के दर्द को समझना चाहिए. वह मां है, उसके बच्चे सरहद पार हैं, उसका दिल वहां है.” सना की यह कहानी न सिर्फ एक पारिवारिक बिछड़न की दास्तान है, बल्कि यह उन जटिलताओं को भी उजागर करती है जो दो देशों के बीच के संवेदनशील संबंधों में आम इंसान को झेलनी पड़ती हैं.

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  • लखनऊ: योगी सरकार की बड़ी पहल, सस्ती दरों पर बिजली खरीदेगा उत्तर प्रदेश- YOGI GOVERNMENT

    लखनऊ: योगी सरकार की बड़ी पहल, सस्ती दरों पर बिजली खरीदेगा उत्तर प्रदेश- YOGI GOVERNMENT

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (YOGI GOVERNMENT) ने राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है. राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में मंगलवार को एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, जिसके तहत सरकार ने 1600 मेगावाट की तापीय परियोजना से 1500 मेगावाट बिजली 25 वर्षों तक सस्ती दर पर खरीदने का फैसला किया है. यह निर्णय उत्तर प्रदेश को दीर्घकालिक ऊर्जा संकट से राहत देने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी भारी लाभ दिलाएगा.

    निजी कंपनी से होगी बिजली की खरीद
    बिजली खरीद की यह पूरी प्रक्रिया बिडिंग के माध्यम से की गई है, जिसमें सबसे कम टैरिफ (5.38 रुपये प्रति यूनिट) देने वाली एक निजी कंपनी को चुना गया है. इस डील के तहत यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) को 25 वर्षों में करीब 2958 करोड़ रुपये की बचत होगी. यह सौदा उत्तर प्रदेश में मौजूदा और प्रस्तावित तापीय परियोजनाओं की तुलना में कहीं अधिक किफायती है.

    2030-31 से मिलने लगेगी बिजली
    सरकार की योजना के मुताबिक यह परियोजना वित्तीय वर्ष 2030-31 तक चालू हो जाएगी और उसी समय से 1500 मेगावाट बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाएगी. यह बिजली 6.10 रुपये प्रति यूनिट की दर से मिलेगी, जो जवाहरपुर, ओबरा, घाटमपुर और पनकी जैसी परियोजनाओं की तुलना में काफी सस्ती होगी, जहां बिजली की दरें 6.60 रुपये से लेकर 9 रुपये प्रति यूनिट तक हैं.

    सार्वजनिक संयंत्रों से भी सस्ती बिजली
    ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि यह सौदा न केवल निजी कंपनियों की पिछली डील्स से सस्ता है, बल्कि उत्तर प्रदेश के सार्वजनिक पावर प्लांट्स से खरीदी जा रही बिजली से भी किफायती है. उन्होंने बताया कि बिजली की दरें पहले की तुलना में काफी कम होंगी और यह राज्य के उद्योगों और उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात होगी.

    DBFOO मॉडल के तहत परियोजना
    इस पूरी परियोजना को DBFOO मॉडल के तहत लागू किया जाएगा. DBFOO का मतलब है Design, Build, Finance, Own और Operate. इस मॉडल के तहत परियोजना का निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और स्वामित्व निजी कंपनी के पास रहेगा, जबकि सरकार कोयला लिंक देती है और बिजली खरीदती है. इस मॉडल से सरकारी निवेश की जरूरत नहीं होती, और राज्य को कम कीमत पर बिजली मिलती है.

    बिडिंग प्रक्रिया का विवरण
    ऊर्जा विभाग द्वारा जुलाई 2024 में रिक्वेस्ट फॉर क्वालीफिकेशन जारी किया गया था, जिसमें 7 कंपनियों ने भाग लिया. इसके बाद 5 कंपनियों ने फाइनेंशियल बिड में हिस्सा लिया, जिनमें से सबसे कम दर वाली कंपनी को चुना गया. इस कंपनी ने फिक्स्ड चार्ज 3.727 रुपये और फ्यूल चार्ज 1.656 रुपये प्रति यूनिट तय किया, जिससे कुल टैरिफ 5.38 रुपये प्रति यूनिट बनता है.

    2033-34 तक बढ़ेगी बिजली की मांग
    केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्ययन के अनुसार, राज्य को वर्ष 2033-34 तक लगभग 10,795 मेगावाट अतिरिक्त तापीय ऊर्जा की जरूरत होगी. इसके अलावा, 23,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के लिए भी एक रोडमैप तैयार किया गया है.

    क्या होगा लाभ?
    इस नई नीति से उत्तर प्रदेश में उद्योगों को निर्बाध और किफायती बिजली मिल सकेगी. इससे राज्य की औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी. वहीं, आम नागरिकों को भी बिजली की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है.

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  • लखनऊ को मिलेगी नई पहचान: सीएम योगी के निर्देश पर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल और अंतरराष्ट्रीय एक्जीबिशन सेंटर का निर्माण तेज- YOGI GOVERNMENT

    लखनऊ को मिलेगी नई पहचान: सीएम योगी के निर्देश पर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल और अंतरराष्ट्रीय एक्जीबिशन सेंटर का निर्माण तेज- YOGI GOVERNMENT

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (YOGI GOVERNMENT) के नेतृत्व में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की कई परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है. इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल लखनऊ को एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बनाना है, बल्कि प्रदेश के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देना है.

    राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में
    लखनऊ के बसंत कुंज योजना के अंतर्गत बन रहे राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल का निर्माण कार्य लगभग 90% पूरा हो चुका है. इस परियोजना का उद्देश्य देश की महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करना है. यहां राष्ट्रवादी नेताओं की विशाल मूर्तियां स्थापित की जा रही हैं, जिनमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी बाजपेयी की 63 फीट ऊंची मूर्तियां शामिल हैं.

    राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में एक संग्रहालय, रैली स्थल, स्टेज, ओपेन थियेटर और हरियाली से भरे लैंडस्केप की योजना भी है. हालांकि, वर्तमान में क्युरेशन, आर्ट वर्क, लैंडस्केपिंग और हार्टीकल्चर के कुछ कार्य बाकी हैं, जिनके पूर्ण होने के बाद यह स्थल आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. यह स्थल युवाओं और पर्यटकों के लिए एक प्रेरणा का केंद्र बनेगा, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय गौरव से जुड़े प्रदर्शन किए जाएंगे. इस परियोजना के पूरा होने के बाद, राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल लखनऊ के पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ करेगा.

    अंतरराष्ट्रीय एक्जीबिशन और कन्वेंशन सेंटर का निर्माण तेज़ी से जारी
    लखनऊ में बन रहे अंतरराष्ट्रीय एक्जीबिशन और कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कार्य भी अपनी पूरी रफ़्तार पकड़ चुका है. यह परियोजना 32.50 एकड़ भूमि पर विकसित हो रही है, और अगले 2 वर्षों में इसे पूरा कर लिया जाएगा. इस परियोजना के लिए 250 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है और इसका कॉन्सेप्ट प्लान भी स्वीकृत हो चुका है.

    यह केंद्र वैश्विक व्यापार, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और व्यापार मेले आयोजित करने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा. इससे लखनऊ में वैश्विक स्तर पर व्यापार और निवेश आकर्षित करने के अवसर उत्पन्न होंगे. इस केंद्र का निर्माण प्रदेश में नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा और उत्तर प्रदेश की वन ट्रिलियन इकॉनमी बनाने के लक्ष्य को साकार करने में मदद करेगा.

    लखनऊ का भविष्य उज्जवल
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि ये दोनों परियोजनाएं न केवल लखनऊ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएंगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करेंगी. अंतरराष्ट्रीय एक्जीबिशन और कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से लखनऊ एक प्रमुख वैश्विक व्यापार और निवेश केंद्र के रूप में उभर कर सामने आएगा. ये दोनों परियोजनाएं लखनऊ और उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक महत्व रखती हैं, जो राज्य के पर्यटन, रोजगार, और वैश्विक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.

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  • इटावा: हाउस टैक्स और सरकारी ब्याज दरों के खिलाफ व्यापारियों में उबाल, बनवारी लाल कंछल ने दी ये चेतावनी- ETAWAH HOUSE TAX NEWS

    इटावा: हाउस टैक्स और सरकारी ब्याज दरों के खिलाफ व्यापारियों में उबाल, बनवारी लाल कंछल ने दी ये चेतावनी- ETAWAH HOUSE TAX NEWS

    इटावा: उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हाउस टैक्स में भारी वृद्धि और विभागीय जुर्मानों पर लगने वाले अत्यधिक ब्याज (ETAWAH HOUSE TAX NEWS) को लेकर प्रदेशभर के व्यापारी समुदाय में गहरी नाराजगी है. इटावा में मंगलवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले व्यापारियों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल ने दो टूक शब्दों में कहा कि हाउस टैक्स में 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर ऐसा हुआ तो संगठन राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगा.

    “500 से 2000 गुना हाउस टैक्स बढ़ाना अन्यायपूर्ण”
    नुमाइश चौराहा स्थित व्यापार मंडल कार्यालय में उपस्थित व्यापारियों को संबोधित करते हुए कंछल ने कहा, “प्रदेश के कई नगर निगमों और नगर निकायों ने हाउस टैक्स में 500 से 2000 गुना तक की वृद्धि कर दी है, जो सीधे-सीधे शोषण है. टैक्स में 10% से ज्यादा की वृद्धि व्यापारी वर्ग किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा.” (ETAWAH HOUSE TAX NEWS)

    उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर 2 मई को एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर, स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की है कि कोई भी निकाय 10 प्रतिशत से अधिक हाउस टैक्स न बढ़ाए.

    18 प्रतिशत ब्याज पर भी सवाल, मांगी 6% की सीमा
    कंछल ने सरकार द्वारा बकाया टैक्स या लेट रिटर्न पर वसूले जा रहे 18% वार्षिक ब्याज को भी अनुचित बताया. उन्होंने कहा, “जब बैंकों में एफडी पर 6 प्रतिशत ब्याज ही मिलता है, तो सरकार को किस नैतिक आधार पर 18 प्रतिशत ब्याज वसूलने का अधिकार है? यह दोहरे मापदंड हैं. ब्याज दर को 6 से 8 प्रतिशत के बीच लाया जाना चाहिए.”

    सचल दल और छापों से व्यापारियों में भय का माहौल
    बैठक में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा सचल दल, अचानक सर्वे और छापेमारी जैसी कार्रवाइयों से ईमानदार व्यापारी वर्ग भय और मानसिक तनाव में जी रहा है. कंछल ने मांग की कि ऐसी कार्रवाइयों पर तत्काल रोक लगाई जाए.

    जल्द होगा व्यापारी सम्मेलन
    जिला अध्यक्ष संतोष सिंह चौहान ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं पर केंद्रित एक विशाल व्यापारी सम्मेलन जल्द आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए प्रांतीय अध्यक्ष से समय मांगा गया है. उन्होंने कहा कि संगठन ज़मीनी स्तर पर व्यापारी हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

    GST नोटिसों के दुरुपयोग पर जताई चिंता
    शहर अध्यक्ष ओम रतन कश्यप ने कहा कि GST विभाग द्वारा ई-तमिल्याओं (अनियमितताओं) के नाम पर व्यापारियों को अनावश्यक रूप से नोटिस भेजे जा रहे हैं. उन्होंने इस बाबत ज्ञापन भी सौंपा और इसे व्यापारियों का उत्पीड़न करार दिया.

    बैठक में दर्जनों व्यापारी नेता मौजूद
    इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. ए.के. शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष एम.पी. सिंह तोमर, महिला जिला अध्यक्ष सुनीता कुशवाहा, रूबी शर्म , युवा जिला अध्यक्ष अजय गुप्ता, शहर महामंत्री विवेक गुप्ता, जिला संगठन मंत्री अवधेश दुबे, जिला प्रभारी रवि पोरवाल, जिला उपाध्यक्ष मधु तोमर, उद्योग मंच अध्यक्ष मेजर पांडे, इनवर्टर बैटरी संगठन अध्यक्ष सरदार मोहन सिंह, युवा नगर अध्यक्ष मुकेश दुबे सहित बड़ी संख्या में व्यापारी नेता और संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे.

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    इटावा को मिला नया कप्तान: IPS बृजेश श्रीवास्तव ने संभाली कमान, संजय कुमार को भेजा गया मुजफ्फरनगर- ETAWAH NEWS

    इटावा: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार का स्थानांतरण कर उन्हें मुजफ्फरनगर भेजा गया है. उनकी जगह कौशांबी के एसपी रहे बृजेश कुमार श्रीवास्तव अब इटावा की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे. मंगलवार को जारी आदेश के बाद उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया है. (इटावा को मिला नया कप्तान: बृजेश श्रीवास्तव ने संभाली कमान, संजय कुमार को भेजा गया मुजफ्फरनगर- ETAWAH NEWS)

    बृजेश श्रीवास्तव: एक सख्त और रणनीतिक अधिकारी की छवि
    बृजेश कुमार श्रीवास्तव 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. उनकी छवि एक ईमानदार, अनुशासित और कार्य के प्रति प्रतिबद्ध पुलिस अधिकारी के रूप में जानी जाती है. उन्होंने मथुरा, फतेहपुर, प्रतापगढ़ और कौशांबी जैसे संवेदनशील जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक अपनी सेवाएं दी हैं. प्रतापगढ़ में गैंगस्टर नेटवर्क पर की गई सर्जिकल कार्रवाई और कौशांबी में महिला सुरक्षा के लिए ‘शक्ति अभियान’ जैसे प्रयासों को काफी सराहना मिली थी.

    उन्होंने पुलिसिंग में तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा दिया है. उनके नेतृत्व में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस-जन संवाद को भी प्राथमिकता दी जाती रही है. उन्हें नेतृत्व क्षमता और टीम प्रबंधन में दक्ष माना जाता है.

    इटावा में नई चुनौती, जनता को नई उम्मीदें
    इटावा जैसे राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती मानी जाती है. हाल ही में ऊसराहार क्षेत्र में हुई आपराधिक घटना ने पूरे पुलिस प्रशासन को सक्रिय कर दिया था. ऐसे में बृजेश श्रीवास्तव से उम्मीद की जा रही है कि वे अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही लाएंगे.

    जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी- बृजेश श्रीवास्तव
    नए एसएसपी ने पदभार संभालते ही स्पष्ट किया कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और विश्वास उनकी पहली प्राथमिकता है.

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