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  • नेशनल हेराल्ड केस: कोर्ट ने सोनिया-राहुल समेत 5 को भेजा नोटिस, 8 मई को होगी अगली सुनवाई- NATIONAL HERALD CASE

    नेशनल हेराल्ड केस: कोर्ट ने सोनिया-राहुल समेत 5 को भेजा नोटिस, 8 मई को होगी अगली सुनवाई- NATIONAL HERALD CASE

    नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड मामले में शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (NATIONAL HERALD CASE) में अहम सुनवाई हुई. प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल चार्जशीट के आधार पर कोर्ट ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा और अन्य दो व्यक्तियों को नोटिस जारी किया है. इस चार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं. कोर्ट ने यह नोटिस इसलिए जारी किया है ताकि यह तय किया जा सके कि चार्जशीट को स्वीकार किया जाए या नहीं.

    अधिकारियों को सुनना जरूरी: कोर्ट
    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चार्जशीट पर संज्ञान लेने से पहले आरोपियों का पक्ष सुनना जरूरी है. कोर्ट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223 का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी आरोपी को अपना पक्ष रखने का अधिकार छीना नहीं जा सकता.

    ED ने जताई सहमति
    प्रवर्तन निदेशालय ने भी अदालत के इस फैसले का समर्थन किया और कहा कि उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है. ईडी ने बताया कि वह चाहती है कि मामले की सुनवाई निष्पक्ष रूप से हो. एजेंसी ने उदाहरण के रूप में कोयला घोटाले का मामला भी पेश किया, जहां सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को सुने बिना समन जारी करने पर निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी.

    8 मई को अगली सुनवाई
    अब कोर्ट 8 मई को अगली सुनवाई में तय करेगा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा शुरू किया जाए या नहीं. इस सुनवाई में सिर्फ नोटिस का जवाब और वकीलों की दलीलें सुनी जाएंगी, मामले की मेरिट्स पर अभी बहस नहीं होगी.

    क्या है नेशनल हेराल्ड मामला?
    यह मामला कांग्रेस पार्टी से जुड़ी एक पुरानी कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुड़ा है, जो नेशनल हेराल्ड अखबार की मालिक है. प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने एक निजी कंपनी ‘यंग इंडियन’ के जरिए AJL की 99 फीसदी हिस्सेदारी केवल 50 लाख रुपये में हासिल कर ली, जबकि उस कंपनी की संपत्ति करीब 2000 करोड़ रुपये की थी.

    ED का दावा है कि इस सौदे के पीछे साजिश रची गई थी ताकि AJL की संपत्ति का लाभ निजी तौर पर उठाया जा सके. एजेंसी का यह भी कहना है कि यंग इंडियन कंपनी सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नियंत्रण में है और इसका मकसद सिर्फ संपत्ति हड़पना था.

    ये भी पढ़ें- मेरठ- पहलगाम हमले के विरोध में उतरा मुस्लिम समाज, बुजुर्ग ने भावुक होकर कही ये बात- MUSLIM COMMUNITY PROTEST

  • मेरठ- पहलगाम हमले के विरोध में उतरा मुस्लिम समाज, बुजुर्ग ने भावुक होकर कही ये बात- MUSLIM COMMUNITY PROTEST

    मेरठ- पहलगाम हमले के विरोध में उतरा मुस्लिम समाज, बुजुर्ग ने भावुक होकर कही ये बात- MUSLIM COMMUNITY PROTEST

    मेरठ- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ देशभर में आक्रोश देखने को मिल रहा है. इसी कड़ी में मेरठ में भी जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया. इस प्रदर्शन में मुस्लिम समाज (MUSLIM COMMUNITY PROTEST) के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आतंकवाद के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया. प्रदर्शनकारियों ने कमिश्नर चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए और आतंकवाद की कड़ी निंदा की. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक भी शामिल हुए जिन्होंने हमले के खिलाफ खुलकर अपनी बात रखी.

    प्रदर्शन के दौरान भावुक हुआ बुजुर्ग
    प्रदर्शन के दौरान एक बुजुर्ग मुस्लिम ने भावुक होकर कहा, “अगर प्रधानमंत्री हमें इजाजत दें, तो हम अपनी जान की बाजी लगाकर आतंकियों को टुकड़े-टुकड़े कर देंगे.” उनका यह बयान वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर गया. उन्होंने कहा कि यह हमला किसी एक मजहब पर नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान पर हुआ है, और हर आम नागरिक का खून इस घटना से खौल रहा है. बुजुर्ग ने यह भी कहा कि “भारतवासी एकजुट हैं और आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.” उनका कहना था कि आतंकवादी न तो किसी मजहब का प्रतिनिधित्व करते हैं और न ही इंसानियत का.

    पाकिस्तान पर जमकर साधा निशाना
    प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थक बताते हुए उस पर कड़ा हमला बोला. उनका कहना था कि पाकिस्तान को पहले खुद को संभालना चाहिए क्योंकि भारत उससे कहीं अधिक शक्तिशाली और विकसित देश है. प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से मांग की कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और इस हमले के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर भारतीय की जिम्मेदारी है.

    पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में मुस्लिम समाज का विरोध प्रदर्शन.

    सैलानियों की जान बचाने वाले आम कश्मीरी को सम्मानित करने की मांग
    प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अलाउद्दीन नामक आम कश्मीरी की बहादुरी की भी प्रशंसा की, जिन्होंने पहलगाम हमले के दौरान सैलानियों की जान बचाई. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि ऐसे वीर नागरिकों को सम्मानित किया जाए और उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाए. उनका कहना था कि यही असली कश्मीरियत है, जो आतंकवाद के खिलाफ खड़ी है.

    ई-रिक्शा चालकों ने भी दिखाई एकजुटता
    प्रदर्शन में शामिल ई-रिक्शा चालकों ने अपने काम को कुछ देर के लिए रोक कर विरोध प्रदर्शन में भाग लिया. उन्होंने कहा कि वो आम लोग हैं, लेकिन अगर देश की जरूरत पड़ी तो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आगे रहेंगे. उनका स्पष्ट संदेश था – “हम भारतवासी हैं, और हम किसी भी आतंकवादी सोच को भारत में पनपने नहीं देंगे.”

    ये भी पढ़ें- मेरठ हिजाब विवाद मामला: डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश, सीसीटीवी की फुटेज भी मंगाई- MEERUT HIJAB ROW

  • मेरठ हिजाब विवाद: डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश, सीसीटीवी की फुटेज भी मंगाई- MEERUT HIJAB ROW

    मेरठ हिजाब विवाद: डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश, सीसीटीवी की फुटेज भी मंगाई- MEERUT HIJAB ROW

    मेरठ: खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज में हिजाब (MEERUT HIJAB ROW) पहनकर स्कूल पहुंची छात्रा को एडमिशन से रोकने के मामले में जांच बैठ गई है. डीआईओएस राजेश कुमार ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है. उक्त टीचर को पूछताछ के लिए बुलाया है. साथ ही स्कूल के सीसीटीवी फुटेज भी मांगी है. बता दें कि मेरठ के थापर नगर स्थित खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज का एक वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया. इसमें छात्रा स्कूल ऑफिस में बैठी है. उसकी एक टीचर से हिजाब पर बहस होती दिख रही है.

    छात्रा ने लगाए गंभीर आरोप
    छात्रा ने आरोप लगाया कि हिजाब पहनने की वजह से स्कूल प्रशासन ने उसे एडमिशन नहीं दिया. वीडियो में वह स्कूल ऑफिस में बैठी नजर आ रही है, जहां एक टीचर के साथ उसकी बहस हो रही है. छात्रा ने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दावा किया कि टीचर ने उसे हिजाब हटाने को कहा था.

    हालांकि, स्कूल मैनेजमेंट ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है. स्कूल प्रशासन का कहना है कि, “हमारे यहां कई मुस्लिम छात्राएं पढ़ती हैं. सभी के लिए समान नियम हैं. छात्रा को केवल चेहरा दिखाने के लिए कहा गया था, क्योंकि प्रवेश की प्रक्रिया में यह जरूरी होता है. इसे जानबूझकर गलत तरीके से वायरल किया गया है, ताकि स्कूल की छवि को नुकसान पहुंचे.”

    डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश
    जैसे ही यह मामला सामने आया, जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राजेश कुमार ने संज्ञान लेते हुए जांच का आदेश दिया है. डीआईओएस ने स्कूल प्रशासन से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है और सीसीटीवी फुटेज भी तलब की गई है ताकि सच सामने आ सके.

    राजेश कुमार, डीआईओएस.

    राजेश कुमार ने मीडिया को बताया, “मामला एक अल्पसंख्यक शिक्षण संस्था का है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर जांच समिति गठित की जाएगी. यह भी जांच का विषय है कि जो महिलाएं वीडियो में नजर आ रही हैं वे वास्तव में छात्राएं हैं या नहीं. इस मामले में किसी भी प्रकार की धार्मिक या सामाजिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसके लिए जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी.”

    स्कूल का पक्ष
    स्कूल की प्रिंसिपल का कहना है कि दो महिलाएं बच्चियों का प्रवेश कराने आई थीं. प्रवेश प्रक्रिया के दौरान एक टीचर ने उनसे चेहरा दिखाने का अनुरोध किया, जिससे वे नाराज हो गईं और बहस शुरू हो गई. इसी बहस के दौरान वीडियो बनाया गया और वायरल कर दिया गया. प्रिंसिपल ने आगे कहा, “हमारे यहां हर धर्म और समुदाय की छात्राएं पढ़ती हैं. हिजाब या किसी अन्य धार्मिक प्रतीक से किसी को रोकने का कोई नियम स्कूल में नहीं है. वायरल वीडियो का उद्देश्य केवल गलतफहमी फैलाना है.”

    बोर्ड परीक्षा सेंटर भी है खालसा स्कूल
    गौरतलब है कि खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज, मेरठ में बोर्ड परीक्षा का सेंटर भी रहता है, ऐसे में इस तरह की घटनाओं का सामने आना शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. जांच अधिकारी इस बात की भी पुष्टि करेंगे कि कहीं यह मामला बोर्ड परीक्षा या किसी अन्य प्रवेश प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए तो नहीं उठाया गया.

    ये भी पढ़ें- केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले, पहले दर्शन पीएम मोदी के नाम, 108 क्विंटल फूलों से सजा पावन धाम – KEDARNATH DHAM

  • केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले, पहले दर्शन पीएम मोदी के नाम, 108 क्विंटल फूलों से सजा पावन धाम – KEDARNATH DHAM

    केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले, पहले दर्शन पीएम मोदी के नाम, 108 क्विंटल फूलों से सजा पावन धाम – KEDARNATH DHAM

    रुद्रप्रयाग/उत्तराखंड– उत्तराखंड की प्रतिष्ठित चारधाम यात्रा का शानदार आगाज हो गया है. आज शुक्रवार 2 मई 2025 को रुद्रप्रयाग स्थित केदारनाथ धाम (KEDARNATH DHAM) के कपाट सुबह 7 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं. बैशाख मास, मिथुन राशि और वृष लग्न के शुभ संयोग में पूरे वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ भगवान केदारनाथ के कपाट खोले गए. इस शुभ अवसर पर लगभग 15,000 श्रद्धालु केदारनाथ धाम में मौजूद रहे और बाबा केदार के जयकारों से पूरी घाटी गूंज उठी.

    इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से बाबा केदार की पहली पूजा संपन्न कराई गई, जो कि एक आध्यात्मिक परंपरा और श्रद्धा का प्रतीक है.

    पंचमुखी डोली ने आगमन, मंदिर की भव्य सजावट
    1 मई की शाम को बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली केदारनाथ धाम () पहुंच गई थी. डोली के पहुंचने के बाद उसे मंदिर के भंडार गृह में विधिपूर्वक विराजमान किया गया. परंपरानुसार यह डोली उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना हुई थी, और हज़ारों श्रद्धालु इस यात्रा में डोली के साथ पैदल चलते हुए केदारनाथ पहुंचे. केदारनाथ मंदिर को इस विशेष अवसर पर 108 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिसने मंदिर परिसर को एक आध्यात्मिक सौंदर्य प्रदान किया.

    chardham yatra 2025
    बाबा केदारनाथ की उत्सव डोली 1 मई को धाम पहुंची.

    यात्रा को सरल बनाने के प्रयास- सीएम धामी
    मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि केदारनाथ यात्रा को सुगम बनाने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं. उन्होंने कहा, “हमने इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर हेल्थ सुविधाओं तक हर पहलू पर काम किया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.” उन्होंने बाबा से प्रार्थना की कि सभी श्रद्धालुओं की यात्रा मंगलमय हो. सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से ही 2013 की विनाशकारी आपदा के बाद केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य संभव हो सके. आज धाम की भव्यता और सुव्यवस्था उसी संकल्प का परिणाम है.

    चारधाम यात्रा की शुरुआत
    चारधाम यात्रा की शुरुआत 30 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धामों के कपाट खुलने से हो चुकी है. अब 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से आरंभ हो जाएगी. यह यात्रा अगले छह महीनों तक चलेगी, जिसमें लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड के इन पवित्र धामों के दर्शन करेंगे.

    सुरक्षा और राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रतिक्रिया
    पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हाल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में हमारी सेना उचित समय पर उचित कार्रवाई करेगी. उन्होंने देश की सुरक्षा पर विश्वास जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सीमाएं सुरक्षित हैं.

    chardham-yatra-2025

    अगले 6 महीने तक चलेगी चारधाम यात्रा
    आपको बता दें कि चारधाम यात्रा अगले 6 महीने तक चलेगी. अब 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने हैं. बदरीनाथ धाम के कपाट जब खुलेंगे तो तब चारधाम यात्रा पूरी तरह शुरू हो जाएगी. यमुनोत्री और गंगोत्री धामों के कपाट 30 अप्रैल को खुल चुके हैं.

  • उत्तर प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में तेज बारिश और हवाओं से तापमान में गिरावट- UP WEATHER ALERT

    उत्तर प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में तेज बारिश और हवाओं से तापमान में गिरावट- UP WEATHER ALERT

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार सुबह से ही मौसम ने करवट ले ली है. गुरुवार रात से ही तेज हवाओं और बादलों की आवाजाही के बीच शुक्रवार को कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई. मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव 24 अप्रैल को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है. विभाग ने पहले ही राज्य के 62 जिलों में तेज बारिश और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी थी.

    आगरा: गुरुवार रात से ही मौसम में बदलाव देखा गया. सुबह करीब 6 बजे गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई. ठंडी हवाओं ने तापमान में गिरावट लाकर मौसम को सुहाना बना दिया. मौसम विभाग ने 5 मई तक बारिश और आंधी की संभावना जताई है. बारिश के कारण स्कूलों में छुट्टी कर दी गई.

    बुलंदशहर: शुक्रवार सुबह से ही हो रही बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है. तेज हवाओं के बीच लगातार बारिश हो रही है.

    मथुरा: सुबह 4 बजे से रुक-रुककर हो रही बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं. गरज-चमक के साथ बौछारों से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.

    अलीगढ़: तेज हवाओं और झमाझम बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया है. हालांकि, लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिससे यातायात और जनसुविधाओं पर असर पड़ा है.

    सीएम योगी ने दिए निर्देश
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम में हो रहे बदलाव और आपदा की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्यों पर नजर रखें. आंधी-बारिश, बिजली गिरने या ओलावृष्टि से अगर जनहानि या पशुहानि होती है, तो प्रभावितों को तत्काल राहत राशि वितरित की जाए. घायलों का समुचित इलाज कराया जाए. फसलों की क्षति का आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाए.

    सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि जलभराव की स्थिति में तत्काल जल निकासी की व्यवस्था की जाए. मुख्यमंत्री ने गोरखपुर और बस्ती में आकाशीय बिजली गिरने से हुई मौतों पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को अनुमन्य राहत राशि तत्काल देने और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश भी दिए हैं.

    इन जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना
    मौसम विभाग ने वज्रपात और तेज झोंकेदार हवाओं की संभावना जिन जिलों में जताई है, उनमें प्रमुख रूप से लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, मुरादाबाद, अयोध्या, सुल्तानपुर, बलिया, मऊ, देवरिया, संत कबीर नगर, बस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, अमेठी, सहारनपुर, शामली आदि शामिल हैं. लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें, बिना जरूरत के घर से बाहर न निकलें, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूरी बनाए रखें.

  • औरैया- सेंगर नदी में नहाने गए 3 छात्रों की डूबने से मौत, मरने वालों में दो सगे भाई शामिल- THREE DIED IN AURAIYA

    औरैया- सेंगर नदी में नहाने गए 3 छात्रों की डूबने से मौत, मरने वालों में दो सगे भाई शामिल- THREE DIED IN AURAIYA

    औरैया- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। स्कूल से लौटने के बाद नहाने के लिए सेंगर नदी गए छह छात्रों में से तीन की डूबकर मौत (THREE DIED IN AURAIYA) हो गई, जिनमें दो सगे भाई भी शामिल थे। तीन अन्य छात्रों को समय रहते स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मृतकों में असवी गांव, कानपुर देहात के रहने वाले दो सगे भाई और एक अन्य किशोर शामिल हैं।

    घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के जौरा गांव की है, जहां गुरुवार दोपहर को छह छात्र स्कूल से लौटने के बाद सेंगर नदी में नहाने चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सभी छात्र नदी के गहरे हिस्से में चले गए और डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर बचाव का प्रयास किया, लेकिन तब तक तीन छात्रों की जान जा चुकी थी।

    मृतकों की पहचान
    आर्यन (कक्षा 9)
    हरसु (कक्षा 8) — दोनों सगे भाई, पिता का नाम दिनेश बाबू
    कृष्णा सिंह (उम्र 15 वर्ष, कक्षा 8), पिता: वीर सिंह

    तीनों छात्र असवी गांव (कानपुर देहात) के रहने वाले थे और अवधेश सिंह इंटर कॉलेज में पढ़ते थे। गुरुवार को परीक्षा देने के बाद वे नदी में नहाने गए थे।

    प्रशासन की कार्रवाई
    घटना की सूचना मिलते ही एसीपी औरैया अभिजीत आर. शंकर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और कानूनी कार्यवाही की जा रही है। असवी गांव के थाना प्रभारी को भी सूचना दे दी गई है ताकि मृतकों के परिवार को उचित सहायता मिल सके।

    परिजनों में मचा कोहराम
    हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है। एक साथ दो बेटों को खोने वाले दिनेश बाबू और कृष्णा के पिता वीर सिंह की हालत बेहद खराब है। गांव में शोक की लहर है और प्रशासन से मदद की मांग की जा रही है।

  • लखनऊ: समाजवादी पार्टी के नए पोस्टर से राजनीति गरमाई, सड़कों पर उतरे भाजपाई- Akhilesh Yadav Poster Controversy

    लखनऊ: समाजवादी पार्टी के नए पोस्टर से राजनीति गरमाई, सड़कों पर उतरे भाजपाई- Akhilesh Yadav Poster Controversy

    लखनऊ: समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में तूफान खड़ा हो गया है. लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यालय के बाहर लगे एक होर्डिंग (Akhilesh Yadav Poster Controversy) ने प्रदेश की सियासी फिजाओं को गरमा दिया है. इस पोस्टर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की आधी तस्वीर हटाकर उनकी जगह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर लगा दी गई है. इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने कड़ा विरोध जताया है.

    सोमवार सुबह जब लोगों ने सपा कार्यालय के बाहर यह पोस्टर देखा, तो सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक विरोध की लहर फैल गई. बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने राजधानी लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव से माफी की मांग कर रहे हैं. बीजेपी के नगर अध्यक्ष और विधायक नीरज बोरा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए हैं. उनके हाथों में बैनर और पोस्टर हैं, जिन पर अखिलेश यादव के खिलाफ जमकर नारे लिखे हैं.

    एक महिला बीजेपी कार्यकर्ता ने कहा, “यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, हमारे संविधान और दलित सम्मान पर हमला है. अखिलेश यादव को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.” वहीं एक अन्य कार्यकर्ता ने कहा कि सपा जानबूझकर दलित प्रतीकों का अपमान कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

    बसपा ने जताई कड़ी आपत्ति
    विवाद को और हवा तब मिली जब बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर डॉ. अंबेडकर के नाम और तस्वीरों का राजनीतिक इस्तेमाल बंद नहीं किया गया तो बसपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे. मायावती ने ट्वीट कर कहा, “डॉ. अंबेडकर की छवि से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी.”

    उधर, समाजवादी पार्टी ने पूरे विवाद को “राजनीतिक साजिश” करार दिया है. सपा प्रवक्ता का कहना है कि पोस्टर किसी आम समर्थक द्वारा लगाया गया है और पार्टी की इसमें कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने कहा कि भाजपा और बसपा जानबूझकर इस मुद्दे को तूल दे रही हैं ताकि सपा की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके.

    यह विवाद न सिर्फ राजनीतिक दलों के बीच टकराव को बढ़ा रहा है, बल्कि जातिगत भावनाओं को भी उकसा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले ऐसे मुद्दे राजनीतिक एजेंडों को धार देने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं. फिलहाल, लखनऊ में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है और पुलिस प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

  • TRF की नई साजिश बेनकाब: पहलगाम हमले के बाद कश्मीर में फिर बड़े हमले की तैयारी, अलर्ट पर आर्मी – PAHALGAM ATTACK

    TRF की नई साजिश बेनकाब: पहलगाम हमले के बाद कश्मीर में फिर बड़े हमले की तैयारी, अलर्ट पर आर्मी – PAHALGAM ATTACK

    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए हिंदू पर्यटकों के नरसंहार (PAHALGAM ATTACK) के बाद पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) एक और बड़ी आतंकी साजिश की तैयारी में है। इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, TRF कश्मीर घाटी में किसी बड़े आतंकी हमले की योजना बना रहा है। इसके पीछे पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर के इशारों पर काम करने वाले आतंकी नेटवर्क की भूमिका मानी जा रही है। रिपोर्ट सामने आने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती की गई है। क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को भी तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    कश्मीरी पंडितों और प्रवासी मजदूरों को बनाया जा सकता है निशाना
    एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खुफिया एजेंसियों को मिले ताज़ा इनपुट्स से संकेत मिलते हैं कि आतंकवादी समूह कश्मीरी पंडितों, प्रवासी मजदूरों और यहां तक कि सुरक्षा बलों के जवानों को भी निशाना बना सकते हैं। इसके चलते भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी की जा रही है और जवानों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

    TRF का भड़काऊ वीडियो और जिम्मेदारी से इनकार
    पिछले सप्ताह TRF ने एक वीडियो जारी कर भारतीय सुरक्षा बलों को धमकी दी थी। इसमें TRF ने घरों के ध्वस्तीकरण को लेकर हमलों की चेतावनी दी थी। हालांकि बाद में संगठन ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी से इनकार किया। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि TRF ही इस हमले के पीछे है और वह लश्कर-ए-तैयबा का ही मुखौटा संगठन है, जो पाकिस्तान की शह पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता है।

    जवानों को सतर्कता के निर्देश
    इंटेलिजेंस इनपुट के बाद घाटी में तैनात सभी सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है। सभी यूनिट्स को कैजुअल मूवमेंट बंद करने और ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा बलों को कहा गया है कि वे बिना पूर्व सूचना के किसी भी स्थान पर न जाएं।

    क्या है TRF : TRF (The Resistance Front) साल 2019-20 के दौरान उभरा एक आतंकी संगठन है, जो लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी माना जाता है। यह संगठन कई आतंकी घटनाओं की जिम्मेदारी ले चुका है, खासकर कश्मीर में नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमलों के लिए कुख्यात है।

  • नेपाल सीमा से सटे जिलों में योगी सरकार का बड़ा एक्शन, अवैध कब्जों और संस्थानों पर कार्रवाई तेज- YOGI GOVERNMENT ACTION

    नेपाल सीमा से सटे जिलों में योगी सरकार का बड़ा एक्शन, अवैध कब्जों और संस्थानों पर कार्रवाई तेज- YOGI GOVERNMENT ACTION

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नेपाल सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों और बिना मान्यता संचालित धार्मिक व शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई (yogi government action) शुरू कर दी है. सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 25 से 27 अप्रैल के बीच विशेष अभियान चलाकर कई जिलों में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटवाए गए. नेपाल सीमा के 10 किलोमीटर दायरे में किसी भी तरह के अवैध निर्माण को लेकर सरकार ने साफ संदेश दिया है कि अब कोई भी अनधिकृत कब्जा या गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

    बहराइच: सरकारी जमीन से कब्जे हटाए गए
    बहराइच जिले की नानपारा तहसील के अंतर्गत भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के 10 किलोमीटर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर 227 अवैध अतिक्रमण के मामले चिन्हित किए गए थे. इनमें से पहले से हटाए गए 63 अतिक्रमणों के अलावा 25 से 27 अप्रैल के बीच 26 और अतिक्रमण हटवाए गए. अब तक कुल 89 अवैध कब्जेदारों से जमीन को मुक्त कराया जा चुका है. राहत की बात यह रही कि यहां किसी भी अतिक्रमित स्थल पर धार्मिक या शैक्षणिक संरचना नहीं मिली.

    श्रावस्ती: अवैध मदरसों पर कार्रवाई
    श्रावस्ती जिले में बिना मान्यता के संचालित 17 मदरसों पर कार्रवाई की गई है. तहसील जमुनहा में सात और भिनगा में 10 मदरसों को वैध कागजात न होने के कारण बंद करवा दिया गया. इसके अलावा भारत-नेपाल सीमा से सटे 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र में अस्थाई और स्थाई अवैध कब्जों के 119 मामलों में भी राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत कार्रवाई जारी है.

    सिद्धार्थनगर और महाराजगंज: धार्मिक ढांचों पर नजर
    सिद्धार्थनगर जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र में पांच स्थानों पर अवैध अतिक्रमण के तहत मस्जिद और मदरसे के निर्माण की पुष्टि हुई है. उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यहां जांच और आगे की कार्रवाई जारी है. वहीं, शोहरतगढ़ तहसील में छह स्थानों पर अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं.

    बलरामपुर: स्वतः कब्जा हटाने की पहल
    बलरामपुर जिले में सात अवैध कब्जे चिन्हित किए गए. इनमें बलरामपुर तहसील में पांच और तुलसीपुर तहसील में दो कब्जे शामिल हैं. इनमें से दो अवैध कब्जेदारों ने स्वतः कब्जा हटा लिया, जबकि बाकी मामलों में प्रशासन द्वारा राजस्व संहिता के तहत बेदखली की कार्रवाई की जा रही है.

    लखीमपुर खीरी: अवैध मस्जिद निर्माण रोका गया
    लखीमपुर खीरी जिले के तहसील पलिया के कृष्णा नगर कॉलोनी में खसरा नंबर 222 पर अनाधिकृत रूप से नमाज पढ़ी जा रही थी और मस्जिद बनाए जाने की योजना थी. प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस अवैध निर्माण को हटा दिया है. जिले के अन्य स्थानों पर भी लगातार चिन्हीकरण और कार्रवाई का सिलसिला जारी है.

    सख्ती का संदेश
    योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि नेपाल सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण, धार्मिक या शैक्षणिक संस्थान के अवैध संचालन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सभी जिलों के प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि चिन्हित अवैध कब्जों को शीघ्रता से हटाकर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें. यह सख्ती न केवल सुरक्षा कारणों से उठाई गई है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से भी यह अभियान चलाया जा रहा है.

  • पाकिस्तान ने फिर तोड़ा संघर्ष विराम, भारतीय सेना का मुंहतोड़ जवाब – FIRING AT LOC

    पाकिस्तान ने फिर तोड़ा संघर्ष विराम, भारतीय सेना का मुंहतोड़ जवाब – FIRING AT LOC

    श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर नियंत्रण रेखा (FIRING AT LOC) पर तनाव देखने को मिला. बीती रात पाकिस्तानी सेना ने कुपवाड़ा और पुंछ जिलों के आसपास के इलाकों में छोटे हथियारों से गोलीबारी की. भारतीय सेना ने इस उकसावे का मुंहतोड़ जवाब दिया. इस घटना में किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है. अधिकारियों के अनुसार यह इस सप्ताह में संघर्ष विराम उल्लंघन की पांचवीं घटना है.

    भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने 26-27 अप्रैल 2025 की रात तुतमारी गली और रामपुर सेक्टर के सामने के इलाकों में बिना किसी उकसावे के फायरिंग की. भारतीय जवानों ने भी तत्काल प्रभावी प्रतिक्रिया देते हुए गोलीबारी का मजबूती से सामना किया.

    https://twitter.com/nnsdigital/status/1916398020465508443

    यह घटना ऐसे समय हुई है जब घाटी में हाल ही में हुए पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिया है. इसके बावजूद एलओसी पर तनाव बना हुआ है. सेना के एक अधिकारी ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने संयम और सतर्कता के साथ जवाबी कार्रवाई करते हुए सीमावर्ती इलाकों में स्थिति को नियंत्रण में रखा.

    इस बीच, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने कुलगाम जिले में संयुक्त अभियान के दौरान दो आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के अनुसार, कैमोह के मतलहामा चौक थोकरपोरा में स्थापित एक नियमित जांच चौकी पर तलाशी के दौरान दो संदिग्धों को पकड़ा गया. उनकी पहचान बिलाल अहमद भट और मोहम्मद इस्माइल भट के रूप में हुई है, जो दोनों थोकरपोरा, कैमोह के निवासी हैं.

    गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से दो पिस्तौल, दो पिस्तौल मैगजीन और 25 राउंड गोला-बारूद बरामद किया गया. प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आतंकी गतिविधियों में शामिल आतंकियों के सक्रिय सहयोगी थे और घाटी में आतंकवाद फैलाने की साजिश में शामिल थे.

    सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है ताकि किसी भी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके. सुरक्षा बलों का कहना है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.