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  • पहलगाम आतंकी हमला: फर्रुखाबाद में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, पाकिस्तान का फूंका पुतला- pahalgam terror attack

    पहलगाम आतंकी हमला: फर्रुखाबाद में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, पाकिस्तान का फूंका पुतला- pahalgam terror attack

    फर्रुखाबाद: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (pahalgam terror attack) में हुए भीषण आतंकी हमले में 27 निर्दोष लोगों की मौत के बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल है। इसी क्रम में बुधवार को फर्रुखाबाद जिले के फतेहगढ़ स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में हिंदू संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया और पाकिस्तान का पुतला फूंका।

    प्रदर्शन का नेतृत्व हिंदू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा किया गया। उन्होंने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे भारत की संप्रभुता और शांति पर सीधा हमला बताया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

    ‘पाकिस्तान को सिखाया जाए सबक’
    प्रदर्शन के दौरान हिंदू जागरण मंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि पाकिस्तान को उसकी हरकतों का करारा जवाब दिया जाए। मंच ने कहा कि भारत पर बार-बार आतंकी हमले कराने वाले पाकिस्तान को अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

    हिंदू जागरण मंच के वक्ताओं ने कहा, “भारत के 27 नागरिकों की हत्या एक साजिश के तहत कराई गई है। ऐसे जिहादियों को संरक्षण देने वाले पाकिस्तान को अब नेस्तनाबूद कर देना चाहिए।”

    जिहादी मानसिकता की निंदा
    संगठन ने पाकिस्तान की जिहादी मानसिकता और आतंक को बढ़ावा देने वाली नीतियों की घोर निंदा की। साथ ही कहा कि सरकार को अब कठोर रुख अपनाना होगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

  • लखनऊ में ट्रेन पलटाने की साजिश नाकाम, उतरेठिया स्टेशन के पास पटरी पर रखा गया लोहे का दरवाजा- Lucknow train

    लखनऊ में ट्रेन पलटाने की साजिश नाकाम, उतरेठिया स्टेशन के पास पटरी पर रखा गया लोहे का दरवाजा- Lucknow train

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow train) में एक बार फिर ट्रेन को पलटाने की खतरनाक साजिश नाकाम हो गई. उतरेठिया रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार तड़के एक मालगाड़ी के ट्रैक पर लोहे का भारी दरवाजा रखकर हादसे की साजिश रची गई. साथ ही पटरियों में लगने वाली पेंड्रोल क्लिप भी हटा दी गई थी, जिससे ट्रैक पर परिचालन अवरुद्ध हो गया. गनीमत रही कि ट्रेन दरवाजे को तोड़ते हुए निकल गई और बड़ा हादसा टल गया.

    इस घटना की जानकारी सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) अनिल कुमार पाण्डेय को सुबह 3:42 बजे मिली. सूचना मिलते ही वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. वहां जांच करने पर पता चला कि ट्रेन गुजरने से लोहे के दरवाजे के कुछ हिस्से टूट गए थे और पटरियों के किनारे बिखरे पड़े थे. अप और डाउन लाइन के बीच ट्रैक पर दरवाजे के टुकड़े पड़े मिले.

    एसएसई पांडेय ने तत्काल ट्रैक की मरम्मत कराई और संचालन सुचारू रूप से शुरू करवाया. दरवाजा हटाने में ट्रेन मैनेजर मनीष त्रिपाठी और ऑन ड्यूटी गेटमैन अभिषेक कुमार ने मदद की. घटना की गंभीरता को देखते हुए सुशांत गोल्फ सिटी थाने में तहरीर दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है.

    पहले भी हो चुकी है ऐसी साजिश
    यह पहली बार नहीं है जब राजधानी में इस तरह की साजिश रची गई हो. इससे पहले रहीमाबाद रेलवे स्टेशन के पास दिलावर नगर में असामाजिक तत्वों ने रेलवे ट्रैक पर मोटा लकड़ी का तना रख दिया था. हालांकि, लोको पायलट की सतर्कता के चलते वहां भी बड़ा हादसा टल गया था. उस घटना में भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी.

    सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
    लगातार हो रही इन घटनाओं से रेलवे सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं. एक सप्ताह के भीतर दो बार रेलवे ट्रैक को निशाना बनाए जाने से अधिकारियों में भी चिंता का माहौल है. रेलवे प्रशासन ने रेलवे ट्रैक और स्टेशन क्षेत्र की निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है. इसके तहत अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और सीसीटीवी की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है.

    पुलिस ने अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस साजिश के पीछे कोई बड़ी आतंकी साजिश तो नहीं है. फिलहाल पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है.

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  • पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों के स्केच जारी, आम लोगों से सुराग देने की अपील

    पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों के स्केच जारी, आम लोगों से सुराग देने की अपील

    श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (pahalgam terrorist attack) स्थित बैसरन में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बुधवार को तीन संदिग्ध आतंकियों के स्केच जारी किए हैं। यह हमला 22 अप्रैल को हुआ था, जिसमें अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। हमलावरों ने पर्यटकों से भरे इस शांत क्षेत्र को गोलियों की बौछार से मौत के मैदान में तब्दील कर दिया।

    अधिकारियों ने बताया कि आतंकी करीब 20 मिनट तक AK-47 राइफलों से लगातार फायरिंग करते रहे। इस हमले में शामिल संदिग्ध आतंकियों की पहचान आसिफ फूजी, सुलेमान शाह, और अबू तल्हा के रूप में हुई है। इनमें से दो आतंकी पाकिस्तानी नागरिक बताए जा रहे हैं, जबकि एक स्थानीय है। सभी का संबंध लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके फ्रंट संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से बताया गया है।

    ‘मिनी-स्विट्जरलैंड’ बना मौत का मैदान
    बैसरन को अक्सर ‘मिनी-स्विट्जरलैंड’ कहा जाता है। वसंत के मौसम में पर्यटक बड़ी संख्या में यहां आते हैं, लेकिन आतंकियों ने इस प्राकृतिक सौंदर्य से भरे स्थान को खून-खराबे से लाल कर दिया। चश्मदीदों के मुताबिक हमले के दौरान अफरा-तफरी मच गई थी। लोग चीखते-चिल्लाते जान बचाने के लिए भाग रहे थे। हर तरफ दहशत, खून और चीखें थीं।

    जनता से सहयोग की अपील
    सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया है। ड्रोन, हेलीकॉप्टर, खोजी कुत्तों और अतिरिक्त जवानों की मदद से अनंतनाग और आसपास के जिलों में सघन तलाशी ली जा रही है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध जानकारी को साझा करें जिससे हमलावरों तक पहुंच बनाई जा सके।

    पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों के स्केच जारी
    इस हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपातकालीन सुरक्षा समीक्षा बैठक की। उन्होंने पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि यह हमला न सिर्फ निर्दोष लोगों पर, बल्कि घाटी में लौटती शांति पर भी हमला है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों को जल्द न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।

    सबसे भयावह आतंकी घटनाओं में एक
    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इसे कश्मीर के हालिया इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला बताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना उन ताकतों का चेहरा उजागर करती है जो घाटी में अमन नहीं देखना चाहतीं।

  • पहलगाम आतंकी हमले के बाद PM मोदी का कानपुर दौरा रद्द, सुरक्षा बैठकों में व्यस्त

    पहलगाम आतंकी हमले के बाद PM मोदी का कानपुर दौरा रद्द, सुरक्षा बैठकों में व्यस्त

    कानपुर/नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना सऊदी अरब दौरा छोटा कर तुरंत भारत लौट आए हैं। इस घटना के मद्देनजर उन्होंने 24 अप्रैल को कानपुर की यात्रा रद्द कर दी है। पीएम मोदी इस समय सुरक्षा एजेंसियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठकें कर रहे हैं।

    कानपुर दौरे का क्या था कार्यक्रम?
    प्रधानमंत्री मोदी को 24 अप्रैल को कानपुर आकर 20,656 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करना था, जिसमें शामिल थे:

    • कानपुर मेट्रो के 5 नए स्टेशनों का उद्घाटन.
    • यूपी के विभिन्न शहरों के लिए बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाएं.
    • रोजगारोन्मुखी परियोजनाओं का लोकार्पण.

    इस दौरे की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रविवार को कानपुर पहुंचे थे और अधिकारियों को हर व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए थे.

    पहलगाम हमले के बाद PM मोदी की प्रतिक्रिया

    • पीएम मोदी ने सऊदी अरब से समय से पहले लौटकर सुरक्षा समीक्षा बैठकें शुरू कीं.
    • उन्होंने पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता जताई और आतंकवाद की कड़ी निंदा की.
    • भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कानपुर दौरे के स्थगन की पुष्टि की.

    क्यों रद्द हुआ कानपुर दौरा?

    1. सुरक्षा समीक्षा की आवश्यकता: पहलगाम हमले के बाद देशभर में सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस.
    2. राजनीतिक संदेश: आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख दिखाने के लिए सार्वजनिक कार्यक्रमों को टालना.
    3. पीड़ितों को प्राथमिकता: PM ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का संकेत दिया.

    पहलगाम हमले का असर

    • 28 मरे, 17 घायल – पर्यटकों को निशाना बनाया गया.
    • TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने जिम्मेदारी ली, जो लेट का प्रॉक्सी ग्रुप है.
    • पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ होने की आशंका.

  • पहलगाम आतंकी हमले के बाद BCCI सख्त, पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने से फिर किया इनकार

    पहलगाम आतंकी हमले के बाद BCCI सख्त, पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने से फिर किया इनकार

    पहलगाम, जम्मू-कश्मीरः जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस नृशंस हमले में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है और 17 अन्य घायल हुए हैं। यह हमला दोपहर करीब 2:30 बजे हुआ, जब पर्यटक एक पार्क में घुड़सवारी का आनंद ले रहे थे। आतंकियों ने पहचान पूछने के बाद अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के फ्रंट ग्रुप ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है।

    BCCI का पाकिस्तान को लेकर दोटूक जवाब
    इस कायराना हमले को लेकर देशभर में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। आम नागरिकों से लेकर खेल जगत तक हर कोई इसकी निंदा कर रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस घटना पर गहरा शोक जताते हुए कहा, “हम पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। यह हमला अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।” जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत को पाकिस्तान से क्रिकेट संबंध खत्म कर देने चाहिए, तो उन्होंने स्पष्ट किया, “हम भारत सरकार की नीति का पालन करते हैं। यही वजह है कि हम पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलते और आगे भी नहीं खेलेंगे।”

    उन्होंने आगे कहा कि केवल ICC टूर्नामेंट जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में ही भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले संभव हैं, क्योंकि यह वैश्विक संस्था की भागीदारी के तहत होता है।

    भारत-पाक क्रिकेट संबंधों का इतिहास
    भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज 2012-13 में खेली गई थी, जिसमें पाकिस्तान ने भारत का दौरा किया था। उस सीरीज में 3 वनडे और 2 टी20 मैच खेले गए थे। भारत ने आखिरी बार पाकिस्तान का दौरा 2007 में टेस्ट सीरीज के लिए किया था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध लगभग ठप हो गए हैं।

    हाल ही में भारतीय टीम ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था। इसके चलते ICC को दुबई या किसी तटस्थ स्थान पर टूर्नामेंट आयोजित करने पर विचार करना पड़ा।

  • पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला: 28 की मौत, लश्कर समर्थित टीआरएफ ने ली जिम्मेदारी

    पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला: 28 की मौत, लश्कर समर्थित टीआरएफ ने ली जिम्मेदारी

    श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में सोमवार को हुए भीषण आतंकी हमले में 28 पर्यटकों की जान चली गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। यह हमला घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाकर किया गया अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला बताया जा रहा है। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है।

    इस हमले में शामिल चार आतंकियों में से दो के पाकिस्तानी होने की पुष्टि हुई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह हमला पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया। बताया जा रहा है कि आतंकियों ने एक पर्यटक बस को निशाना बनाया, जो पहलगाम से लौट रही थी। हमले के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब के दौरे पर थे और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत में मौजूद थे, जिससे इस हमले की टाइमिंग पर भी कई सवाल उठ रहे हैं।

    सूत्रों के मुताबिक, इस आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान की गहरी साजिश है। हाल के दिनों में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) प्रमुख मसूद अजहर के फिर से सक्रिय होने की खबरें सामने आई थीं। जुलाई में उसे पाकिस्तान के बहावलपुर में एक शादी समारोह में देखा गया था, जहाँ उसने खुलेआम भाषण देते हुए कश्मीर और फिलिस्तीन के जिहाद का जिक्र किया। इस घटना ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि पाकिस्तान की सरजमीं पर पल रहे आतंकी संगठन भारत में अशांति फैलाने की कोशिशों में लगे हैं।

    पिछले कुछ महीनों में घाटी में आतंकी गतिविधियों में तेजी देखी गई है, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों की भूमिका सामने आई है। ये आतंकी संगठन स्थानीय आतंकियों को आगे रखकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इन हमलों की तह में जाकर इस साजिश का पर्दाफाश किया है।

    केंद्र सरकार ने इस हमले के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया है और पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं, एनआईए और अन्य एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया है कि आतंकी संगठन घाटी में शांति को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं और अब टूरिज्म सेक्टर को भी निशाना बना रहे हैं।