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  • कानपुर देहात : SP श्रद्धा नरेंद्र पांडे का देर रात औचक निरीक्षण, पुलिस व्यवस्था का लिया जायज़ा

    कानपुर देहात : SP श्रद्धा नरेंद्र पांडे का देर रात औचक निरीक्षण, पुलिस व्यवस्था का लिया जायज़ा

    कानपुर देहात में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे ने देर रात अचानक निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्था का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न थानों और पुलिस पिकेटों का निरीक्षण किया तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की उपस्थिति और सतर्कता की जांच की।

    एसपी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि कानून-व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।अचानक हुए इस निरीक्षण से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और कर्मियों में सतर्कता देखने को मिली।एसपी ने रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने, पिकेट ड्यूटी मजबूत करने, संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन चेकिंग करने तथा किसी भी घटना पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।

    पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसुनवाई में शालीनता बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनपद में कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • अटल बिहारी वाजपेयी का विश्वास और सिद्धांत, जन्मदिन पर जानिए घर के पते से जुड़ा किस्सा

    अटल बिहारी वाजपेयी का विश्वास और सिद्धांत, जन्मदिन पर जानिए घर के पते से जुड़ा किस्सा

    भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि विश्वास, सिद्धांत और सादगी की मिसाल थे। उनके जन्मदिन के अवसर पर उनसे जुड़ा एक ऐसा किस्सा सामने आता है, जो आज भी राजनीति और समाज दोनों के लिए प्रेरणा देता है। यह कहानी उनके घर के पते से जुड़ी है, लेकिन इसके मायने बहुत गहरे हैं।

    अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन हमेशा पारदर्शिता और ईमानदारी के लिए जाना गया। कहा जाता है कि जब वह सक्रिय राजनीति में थे, तब उनके नाम से आने वाले पत्रों और दस्तावेजों में उनके घर का पता बेहद साधारण तरीके से लिखा जाता था। एक बार अधिकारियों ने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए उनके आवास का पता औपचारिक और भव्य रूप में दर्ज किया जाए। लेकिन अटल जी ने इसे विनम्रता से ठुकरा दिया।

    उन्होंने साफ कहा कि घर का पता बदलने से व्यक्ति की पहचान नहीं बदलती। उनका मानना था कि पद अस्थायी होते हैं, लेकिन सिद्धांत और विश्वास स्थायी होते हैं। यही कारण था कि उन्होंने कभी अपने पद का उपयोग व्यक्तिगत सुविधा या दिखावे के लिए नहीं किया।

    अटल बिहारी वाजपेयी जन्मदिन किस्सा यह भी बताता है कि वह सत्ता को सेवा का माध्यम मानते थे। उनके लिए राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति नहीं, बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी थी। यही वजह है कि उनके निर्णयों में व्यक्तिगत लाभ के बजाय राष्ट्रहित सर्वोपरि रहा।

    अटल जी की सादगी उनके पूरे जीवन में झलकती रही। चाहे पहनावा हो, रहन-सहन हो या फिर व्यवहार—हर जगह उनकी सरलता लोगों को प्रभावित करती थी। उनके इसी स्वभाव ने उन्हें विरोधियों के बीच भी सम्मान दिलाया।

    आज के राजनीतिक दौर में अटल बिहारी वाजपेयी का यह किस्सा हमें याद दिलाता है कि सच्चा नेता वही होता है जो सिद्धांतों से कभी समझौता न करे। उनके जन्मदिन पर यह कहानी सिर्फ स्मरण नहीं, बल्कि एक सीख है कि विश्वास और ईमानदारी ही किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान होती है।

  • बांदा में VHP–बजरंग दल का प्रदर्शन, बांग्लादेशी जिहादी संगठन का पुतला दहन

    बांदा में VHP–बजरंग दल का प्रदर्शन, बांग्लादेशी जिहादी संगठन का पुतला दहन

    बांदा उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचार और एक हिंदू युवक की हत्या के विरोध में हिंदू संगठनों का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेशी जिहादी इस्लामिक संगठन का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

    बांदा VHP बजरंग दल प्रदर्शन की शुरुआत शहर के महाराणा प्रताप चौराहे से हुई, जहां पहले से एकत्रित कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने अशोक लाट चौराहे तक पैदल मार्च किया और वहां पहुंचकर बांग्लादेशी जिहादी संगठन का प्रतीकात्मक पुतला फूंका। इस दौरान “हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो” और “आतंकवाद मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए गए।

    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बांग्लादेश में एक हिंदू युवक के साथ पहले बेरहमी से मारपीट की गई और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। आरोप यह भी लगाए गए कि मौत के बाद शव के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिससे हिंदू समाज में भारी आक्रोश है। इसी घटना को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने इस प्रदर्शन का आयोजन किया।

    हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि बांग्लादेश में लगातार हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने भारत सरकार से पूरे मामले का संज्ञान लेने, बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाने और वहां रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की।

    प्रदर्शन के दौरान संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार नहीं रुके, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौजूद रहे, वहीं पुलिस प्रशासन भी मौके पर सतर्क नजर आया।

  • सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय शाहिद की हत्या, भट्ठा मालिक समेत तीन पर गंभीर आरोप

    सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय शाहिद की हत्या, भट्ठा मालिक समेत तीन पर गंभीर आरोप

    सिद्धार्थनगर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय किशोर की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। सदर थाना क्षेत्र के परसा महापात्र गांव निवासी 15 वर्षीय शाहिद का शव हरिराम के ईंट भट्ठे के पास स्थित तालाब के नजदीक संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

    सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय शाहिद की हत्या, भट्ठा मालिक समेत तीन पर गंभीर आरोप

    जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 7 बजे स्थानीय लोगों ने तालाब के पास एक किशोर का शव पड़ा देखा। इसके बाद उन्होंने परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान शाहिद के रूप में की। मृतक के शरीर और सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।

    सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय किशोर की हत्या को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि भट्ठा मालिक अनूप, प्रमोद और गांव के रहने वाले गुलबाज़ ने शाहिद की बेरहमी से हत्या की है। आरोप है कि आरोपियों ने शाहिद को मोटरसाइकिल से बांधकर कुछ दूरी तक घसीटा और फिर लोहे की रॉड से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।परिजनों ने बताया कि शाहिद करीब 15 दिन पहले मुंबई से घर लौटा था और हरिराम के भट्ठे पर काम कर रहा था। बुधवार सुबह करीब 6 बजे गुलबाज़ उसे बुलाकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद शाम को उसकी हत्या की खबर आई। इस घटना से पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/chhibramau-up-udyog-vyapar-mandal-52th-foundation-day/

    घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। परिजनों के आरोपों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल, पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय किशोर की हत्या का यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।

  • छिबरामऊ में धूमधाम से मना यूपी उद्योग व्यापार मंडल का 52वां स्थापना दिवस

    छिबरामऊ में धूमधाम से मना यूपी उद्योग व्यापार मंडल का 52वां स्थापना दिवस

    संवाददाता जय गुप्ता छिबरामऊ, कन्नौज में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल का स्थापना दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। विशुनगढ़ रोड स्थित लिटिल स्टार मैरिज लॉन में आयोजित इस समारोह में संगठन के 52 वर्षों के गौरवशाली इतिहास, संघर्ष और उपलब्धियों को याद किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारी, पदाधिकारी और संगठन से जुड़े लोग मौजूद रहे।

    इस अवसर पर प्रदेश कार्य समिति सदस्य एवं नगर पालिका अध्यक्ष मनोज दुबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल का 52 वर्षों का सफर संघर्ष, विश्वास और व्यापारियों के स्वाभिमान की कहानी है। उन्होंने कहा कि संगठन ने हर दौर में व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए मजबूती से आवाज उठाई है।

    वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष एवं खाटू श्याम सेवा समिति के अध्यक्ष विवेक गुप्ता ने कहा कि यह संगठन केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक आंदोलन और एक परिवार है, जिस पर प्रदेश के लाखों व्यापारियों का अटूट विश्वास है। उन्होंने संगठन की एकजुटता और मजबूती पर जोर दिया।

    नगर अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता लालू ने कहा कि अपनी स्थापना से लेकर अब तक संगठन ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन व्यापारियों के सम्मान और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। चाहे इंस्पेक्टर राज के खिलाफ संघर्ष हो, कर सुधारों की मांग हो या व्यापारियों पर हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठानी हो, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल हमेशा एक मजबूत ढाल बनकर खड़ा रहा है।

    किराना एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने संगठन को प्रदेश का सबसे पुराना, सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली व्यापारी संगठन बताया। उन्होंने कहा कि इसकी जड़ें प्रदेश के हर जिले, तहसील और कस्बे तक फैली हुई हैं, जिससे यह व्यापारियों की आवाज को मजबूती प्रदान करता है।

    कार्यक्रम के दौरान विधिक बाट-माप विज्ञान विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्यप्रणाली और समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। व्यापारियों ने अपनी समस्याएं रखीं और उनके समाधान की मांग की।

    इस अवसर पर बृजेश गुप्ता, वेद प्रकाश राठौर, सत्यनारायण वर्मा, आनंद गुप्ता, नरेश गुप्ता गोल्डी, प्रभाकर गुप्ता, अनिल यादव, अमित भारतीय, अनुपम वर्मा, प्रियांशु गुप्ता, रामू गुप्ता, दीपक किराना, इमरान खान सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।

  • ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर सपा का हमला, योगी सरकार पर जातीय राजनीति का आरोप

    ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर सपा का हमला, योगी सरकार पर जातीय राजनीति का आरोप

    उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जातीय सियासत तेज होती नजर आ रही है। ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। सपा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर “ठाकुरवादी सोच” को बढ़ावा देने और एक जाति विशेष को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि अब इस कथित जातिवादी रवैये के खिलाफ ब्राह्मण समाज भी खुलकर सामने आ गया है।

    समाजवादी पार्टी का कहना है कि अब तक दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय इस राजनीति के शिकार होते रहे हैं, लेकिन अब ब्राह्मण समाज की नाराजगी भाजपा के लिए नई चुनौती बन गई है। सपा नेताओं ने दावा किया कि ब्राह्मण समाज की यह नाराजगी 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सत्ता से विदाई का कारण बनेगी।

    ब्राह्मण विधायकों की बैठक यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। सत्र के तीसरे दिन मंगलवार शाम कुशीनगर से भाजपा विधायक पीएन पाठक के लखनऊ स्थित आवास पर यह बैठक आयोजित हुई। इस बैठक को ‘सहभोज’ का नाम दिया गया था।

    इस सहभोज में पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र के करीब 45 से 50 ब्राह्मण विधायक शामिल हुए। बैठक के बाद सियासी गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जाने लगे। विपक्ष ने इसे भाजपा के भीतर जातिगत संतुलन साधने की कवायद बताया है।

    सपा नेताओं का आरोप है कि भाजपा अब अंदरूनी असंतोष को दबाने के लिए इस तरह की बैठकें कर रही है। उनका कहना है कि सरकार की नीतियों से नाराज ब्राह्मण समाज अब सवाल उठाने लगा है और यही कारण है कि इस बैठक ने राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है।

    हालांकि भाजपा की ओर से इस बैठक को सामान्य सामाजिक आयोजन बताया जा रहा है, लेकिन ब्राह्मण विधायकों की बैठक ने प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरणों को एक बार फिर केंद्र में ला खड़ा किया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

  • यूपी में ठंड का कहर: शेरों के लिए हीटर, 15 शहरों में स्कूल बंद, 25 में कोहरा

    यूपी में ठंड का कहर: शेरों के लिए हीटर, 15 शहरों में स्कूल बंद, 25 में कोहरा

    यूपी में ठंड का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि ठंड से शेर तक कांपने लगे, जिसके चलते प्रदेश के चिड़ियाघरों में शेरों और अन्य जानवरों के लिए हीटर और ब्लोअर लगाए गए हैं।मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 15 शहरों में अत्यधिक ठंड को देखते हुए स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं, 25 जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर सुबह के समय दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई।

    यूपी में ठंड का कहर चिड़ियाघरों में भी साफ नजर आ रहा है। कानपुर, लखनऊ और गोरखपुर सहित कई शहरों के चिड़ियाघरों में जानवरों को ठंड से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। शेरों के बाड़ों में हीटर और ब्लोअर लगाए गए हैं, साथ ही उनके रहने की जगहों पर अतिरिक्त बिछावन की व्यवस्था की गई है।मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि क्रिसमस की रात प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण सर्दी पड़ सकती है। न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना जताई गई है। खासतौर पर पश्चिमी और मध्य यूपी में शीतलहर का प्रकोप अधिक रहने की उम्मीद है।

    घने कोहरे के कारण नेशनल हाईवे और प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जबकि उड़ानों पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की अपील की है।यूपी में ठंड का कहर देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई गई है और गरीब व जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए जा रहे हैं। डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाएं।

  • कानपुर में कार सवारों का कहर: 2 दरोगा और होमगार्ड को रौंदा, आरोपी फरार

    कानपुर में कार सवारों का कहर: 2 दरोगा और होमगार्ड को रौंदा, आरोपी फरार

    कानपुर में कार सवारों ने दरोगा को रौंदा जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चेकिंग के दौरान कार सवार आरोपियों ने पुलिस टीम पर वाहन चढ़ा दिया, जिसमें दो दरोगा और एक होमगार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी तीन बैरियर तोड़ते हुए मौके से फरार हो गए।जानकारी के अनुसार, घटना कानपुर में उस समय हुई जब पुलिस और होमगार्ड की टीम नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन कार सवारों ने रुकने के बजाय अचानक तेज रफ्तार में वाहन दौड़ा दिया और पुलिसकर्मियों को कुचलते हुए निकल गए।

    हमले में एक दरोगा कार की टक्कर से करीब 10 फीट दूर जा गिरा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। वहीं, दूसरे दरोगा और होमगार्ड को भी चोटें लगी हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को संभालने में मदद की।कानपुर में कार सवारों ने दरोगा को रौंदा की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, लेकिन एक दरोगा की हालत गंभीर बनी हुई है।

    घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी कार सवारों ने भागने के दौरान तीन पुलिस बैरियर भी तोड़ दिए। पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह हमला सरकारी ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों पर किया गया है, जिसे गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।फिलहाल पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं और जल्द ही गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। घटना के बाद से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है।

  • एक ही लिफ्ट में दिखे केशव मौर्य और शिवपाल यादव, विधानसभा में सियासी चर्चा तेज

    एक ही लिफ्ट में दिखे केशव मौर्य और शिवपाल यादव, विधानसभा में सियासी चर्चा तेज

    केशव मौर्य और शिवपाल यादव एक लिफ्ट में नजर आने का मामला विधानसभा परिसर में चर्चा का विषय बन गया। उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान उस समय सभी की नजरें ठहर गईं, जब उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव एक ही लिफ्ट से एकसाथ जाते हुए दिखाई दिए।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना विधानसभा भवन के भीतर की है। जैसे ही दोनों नेता लिफ्ट के पास पहुंचे, वहां मौजूद कुछ अन्य लोग भी लिफ्ट में चढ़ने लगे। इसी दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने हल्के-फुल्के अंदाज में वहां मौजूद लोगों से कहा, “तुम लोग बाहर आओ, मुझे शिवपाल जी के साथ जाने दो।” उनका यह बयान सुनते ही आसपास मौजूद लोग मुस्कुरा उठे और माहौल कुछ पल के लिए अनौपचारिक हो गया।

    केशव मौर्य और शिवपाल यादव एक लिफ्ट में दिखने का यह दृश्य देखते ही देखते राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। भाजपा और समाजवादी पार्टी के इन दोनों वरिष्ठ नेताओं को आमतौर पर अलग-अलग राजनीतिक खेमों में देखा जाता है, ऐसे में उनका इस तरह एकसाथ नजर आना कई तरह के कयासों को जन्म दे रहा है।

    हालांकि, इस मुलाकात को लेकर किसी भी तरह की औपचारिक राजनीतिक बातचीत या संदेश की पुष्टि नहीं हुई है। इसे विधानसभा की सामान्य कार्यवाही के दौरान हुई एक सामान्य घटना बताया जा रहा है। फिर भी, नेताओं के बीच हुए इस संवाद और दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विधानसभा सत्र के दौरान इस तरह के दृश्य अक्सर देखने को मिल जाते हैं, जहां अलग-अलग दलों के नेता औपचारिकता से इतर आपसी संवाद करते नजर आते हैं। लेकिन मौजूदा राजनीतिक माहौल में इस तरह की घटनाएं स्वतः ही सुर्खियों में आ जाती हैं।

    फिलहाल, दोनों नेताओं की ओर से इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन इतना तय है कि विधानसभा परिसर में हुआ यह छोटा सा दृश्य दिनभर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना रहा।

  • विजय हजारे ट्रॉफी में ईशन किशन का तूफानी शतक, 33 गेंदों में रचा इतिहास

    विजय हजारे ट्रॉफी में ईशन किशन का तूफानी शतक, 33 गेंदों में रचा इतिहास

    विजय हजारे ट्रॉफी में ईशन किशन का शतक भारतीय घरेलू क्रिकेट में चर्चा का विषय बन गया है। झारखंड के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशन किशन ने कर्नाटक के खिलाफ मात्र 33 गेंदों में शतक जड़कर नया इतिहास रच दिया। यह मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया, जहां किशन ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

    ईशन किशन ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने कर्नाटक के गेंदबाजों पर कोई रहम नहीं दिखाया और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट्स लगाए। उनकी इस पारी में चौकों और छक्कों की भरमार देखने को मिली। केवल 33 गेंदों में शतक पूरा कर उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया।

    विजय हजारे ट्रॉफी में ईशन किशन का शतक इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह पारी दबाव भरे मुकाबले में आई। कर्नाटक जैसी मजबूत टीम के खिलाफ किशन ने जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता के साथ बल्लेबाजी की, उसने मैच की दिशा ही बदल दी। उनकी पारी की बदौलत झारखंड की टीम बड़े स्कोर की ओर तेजी से बढ़ी।

    नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने ईशन किशन की बल्लेबाजी का जमकर आनंद लिया। हर बाउंड्री और छक्के के साथ स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पारियां घरेलू क्रिकेट के स्तर को और ऊंचा उठाती हैं।

    इस शतक के साथ ईशन किशन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह सीमित ओवरों के प्रारूप में कितने खतरनाक बल्लेबाज हैं। उनकी यह पारी आने वाले समय में चयनकर्ताओं का भी ध्यान आकर्षित कर सकती है। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन से किशन ने अपनी दावेदारी मजबूत की है।

    कुल मिलाकर, विजय हजारे ट्रॉफी में ईशन किशन का शतक न सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भारतीय घरेलू क्रिकेट के लिए भी एक यादगार पल बन गया है।