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Tag: अमेठी

  • Amethi Crime: भाई ने भाई को उतारा मौत के घाट, 36 दिन बाद 25 हजार का इनामी गिरफ्तार

    Amethi Crime: भाई ने भाई को उतारा मौत के घाट, 36 दिन बाद 25 हजार का इनामी गिरफ्तार

    Amethi Crime : संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। जिस खेत में दो सगे भाई बचपन से साथ खेले और बड़े हुए, उसी खेत में एक भाई ने दूसरे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। यह दिल दहला देने वाली घटना पीपरपुर थाना क्षेत्र के डिहवा मजरे दुर्गापुर गांव की है, जहां 36 दिन तक फरार रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    आलू के खेत में हुआ खूनी विवाद

    पुलिस अधीक्षक अमेठी अपर्णा रजत कौशिक के अनुसार, 4 दिसंबर को गांव निवासी राकेश वर्मा (50) अपने खेत में आलू की मेढ़ी चढ़ा रहा था। इसी दौरान उसका छोटा भाई दिनेश वर्मा वहां पहुंचा। किसी पुराने पारिवारिक विवाद को लेकर दोनों भाइयों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि रिश्तों की सारी सीमाएं टूट गईं।गुस्से में आकर दिनेश ने राकेश के हाथ से कुदाल छीन ली और उसी से उसके सिर पर जोरदार वार कर दिया। खेत में काम कर रहे राकेश लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और कुछ ही देर में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    शव छिपाकर फरार हुआ हत्यारा भाई

    हत्या के बाद आरोपी दिनेश ने अपने अपराध को छिपाने के लिए शव को करीब 300 मीटर दूर झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद वह गांव छोड़कर फरार हो गया। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। राकेश के बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया और परिवार पूरी तरह टूट गया।

    36 दिन तक पुलिस को देता रहा चकमा

    हत्या के बाद से ही आरोपी दिनेश पुलिस की पकड़ से बाहर था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस और एसओजी की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी रही।आखिरकार 10 जनवरी को थाना पीपरपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर दिनेश को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ।

    पूछताछ में कबूला जुर्म

    पुलिस पूछताछ में आरोपी दिनेश ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि हत्या के बाद वह रेलवे स्टेशन पीपरपुर के पास झाड़ियों में कुदाल छिपाकर ट्रेन से फरार हो गया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त वही खून से सनी कुदाल भी बरामद कर ली है।

    भाईचारे और परिवार की टूटी नींव

    यह वारदात सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों, भरोसे और परिवार की बुनियाद के टूटने की कहानी है। जिस घर में दो भाई साथ पले-बढ़े, वहां आज एक भाई जेल की सलाखों के पीछे है और दूसरा हमेशा के लिए इस दुनिया से चला गया।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे जेल भेजने की विधिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में साक्ष्य मजबूत हैं और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • अमेठी : आवारा सांड से टकराई कार, महिला श्रद्धालु की मौत, दो गंभीर

    अमेठी : आवारा सांड से टकराई कार, महिला श्रद्धालु की मौत, दो गंभीर

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी। जिले के भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना क्षेत्र अंतर्गत जगदीशपुर–अयोध्या नेशनल हाईवे पर शनिवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। अयोध्या से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की कार सड़क पर अचानक आए आवारा सांड से टकरा गई, जिससे एक महिला श्रद्धालु की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    पुलिस के अनुसार रायबरेली जिले के सदर थाना क्षेत्र निवासी सुशील (30) अपनी कार से परिवार के साथ अयोध्या दर्शन कर लौट रहे थे। कार में उनके साथ श्याम नंदन (55) और उनकी पत्नी ऊषा (50) भी सवार थीं। जगदीशपुर–अयोध्या नेशनल हाईवे पर अचानक सामने आए आवारा सांड से कार की जोरदार टक्कर हो गई।टक्कर इतनी भीषण थी कि कार अनियंत्रित होकर कई बार पलटी खाते हुए सड़क किनारे खाईं में जा गिरी। हादसे में कार सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से घायलों को बाहर निकाला और उन्हें तत्काल जगदीशपुर ट्रामा सेंटर पहुंचाया।

    डॉक्टरों ने महिला ऊषा की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया, लेकिन इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। अन्य दोनों घायलों का इलाज जारी है।सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस का बयान

    थानाध्यक्ष भाले सुल्तान शहीद स्मारक, तनुज पाल ने बताया कि सड़क हादसे की सूचना मिलते ही घायलों को इलाज के लिए भेजवाया गया था। गंभीर चोटों के कारण एक महिला की मौत हो गई है। घायलों का उपचार चल रहा है और पोस्टमार्टम समेत अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है। परिजनों को सूचना दे दी गई है।

    स्थानीय लोगों की चिंता

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस नेशनल हाईवे पर आवारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसके चलते पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है।

  • अमेठी के 11वीं के छात्र अंशुमान तिवारी बने युवा काव्य प्रतिभा, अयोध्या महोत्सव में जीता 1 लाख का पुरस्कार

    अमेठी के 11वीं के छात्र अंशुमान तिवारी बने युवा काव्य प्रतिभा, अयोध्या महोत्सव में जीता 1 लाख का पुरस्कार

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी।जिले के लिए गर्व का क्षण उस समय आया जब 11वीं कक्षा के छात्र और युवा कवि अंशुमान तिवारी ने अयोध्या में आयोजित भव्य अयोध्या महोत्सव के अंतर्गत हुए “कवियों के महासंग्राम – काव्य श्री प्रतियोगिता” में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें 1 लाख रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।पांच दिवसीय अयोध्या महोत्सव में देशभर से आए कवियों के बीच आयोजित इस प्रतिष्ठित काव्य प्रतियोगिता में अंशुमान तिवारी ने अपनी प्रभावशाली कविता, स्पष्ट उच्चारण और भावपूर्ण प्रस्तुति से निर्णायक मंडल और श्रोताओं का दिल जीत लिया। कम उम्र में इतनी बड़ी साहित्यिक उपलब्धि ने सभी को प्रभावित किया।

    काव्य प्रतिभा ने बटोरी खूब वाहवाही

    अंशुमान तिवारी की कविताओं में सामाजिक चेतना, युवाओं की सोच और संस्कारों की झलक साफ दिखाई दी। निर्णायकों ने उनकी रचना को मौलिक, विचारोत्तेजक और भावनात्मक रूप से प्रभावी बताया। प्रतियोगिता में कई अनुभवी कवियों के बीच एक छात्र का प्रथम स्थान प्राप्त करना अपने-आप में ऐतिहासिक माना जा रहा है।

    युवा कवि का जोरदार स्वागत

    कौशाम्बी जिले के वरिष्ठ कवि सुजीत जायसवाल ने युवा कवि अंशुमान तिवारी का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि अंशुमान जैसे युवा साहित्य को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं।

    जिलाधिकारी करेंगे सम्मानित

    जिले का मान-सम्मान बढ़ाने वाले इस युवा कवि को जल्द ही अमेठी जिलाधिकारी द्वारा भी सम्मानित किया जाएगा। प्रशासन स्तर पर मिलने वाला यह सम्मान अंशुमान के साहित्यिक सफर को और मजबूती देगा।अंशुमान तिवारी की यह सफलता साबित करती है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। पढ़ाई के साथ-साथ साहित्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उन्होंने जिले के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

  • अमेठी में पुलिस की बड़ी सफलता: 13 लाख के 86 खोए मोबाइल बरामद, चेहरे पर लौटी मुस्कान

    अमेठी में पुलिस की बड़ी सफलता: 13 लाख के 86 खोए मोबाइल बरामद, चेहरे पर लौटी मुस्कान

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी।अमेठी जिले से राहत भरी खबर सामने आई है, जहां जिले की स्वाट टीम और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने कुल 86 लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर

    उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा है। बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपये बताई जा रही है।

    देश के अलग-अलग राज्यों से बरामद हुए मोबाइल

    पुलिस के मुताबिक, ये मोबाइल फोन देश के विभिन्न प्रदेशों से चोरी या खोए हुए थे, जिन्हें तकनीकी जांच और साइबर सर्विलांस के माध्यम से ट्रेस किया गया। स्वाट टीम और साइबर टीम ने लगातार मेहनत करते हुए मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक की और उन्हें सफलतापूर्वक बरामद किया।

    मोबाइल मिलते ही खिले लोगों के चेहरे

    अपने खोए हुए मोबाइल फोन वापस मिलने पर फोन मालिकों के चेहरे पर खुशी साफ देखी गई। कई लोगों ने बताया कि मोबाइल फोन उनके लिए केवल एक डिवाइस नहीं, बल्कि जरूरी दस्तावेज, फोटो और निजी जानकारियों का जरिया था। फोन वापस मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।

    पुलिस को कहा धन्यवाद

    खोए हुए फोन मिलने के बाद फोन मालिकों ने अमेठी पुलिस का धन्यवाद किया और पुलिस की इस पहल की सराहना की। लोगों ने कहा कि साइबर टीम की वजह से उन्हें दोबारा अपना मोबाइल मिल पाया, जिसकी उन्हें उम्मीद भी नहीं थी।

    पुलिस ने दिया जागरूकता का संदेश

    पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर किसी का मोबाइल फोन खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं। समय पर दी गई जानकारी से मोबाइल को ट्रेस करने में आसानी होती है।अमेठी पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ लोगों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि यह भी साबित हुआ है कि तकनीक और पुलिस की सतर्कता से खोई हुई चीजें भी वापस मिल सकती हैं

  • अमेठी में घने कोहरे से भीषण सड़क हादसा, कई वाहन टकराए, 2 की मौत

    अमेठी में घने कोहरे से भीषण सड़क हादसा, कई वाहन टकराए, 2 की मौत

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में घने कोहरे ने एक बार फिर जानलेवा रूप दिखाया है। अमेठी सड़क हादसा मंगलवार देर रात उस समय हुआ, जब मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र से गुजरने वाले लखनऊ–वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक के बाद एक कई वाहन आपस में टकरा गए। इस भीषण दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल हो गए।

    जानकारी के अनुसार, यह हादसा मंगलम डिग्री कॉलेज के पास ओवरब्रिज से पहले रात करीब दो बजे हुआ। अपर पुलिस अधीक्षक अमेठी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि लखनऊ से सुल्तानपुर की ओर जा रहा एक ट्रक घने कोहरे के कारण डिवाइडर से टकराकर पलट गया। ट्रक के पलटते ही पीछे से आ रही चार अन्य ट्रकें भी आपस में भिड़ गईं।

    इसी दौरान पीछे से आ रही यात्रियों से भरी रोडवेज की जनरथ बस के चालक ने अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगाया, लेकिन कोहरे की वजह से दृश्यता बेहद कम थी। बस पलटे हुए ट्रक से टकरा गई। इसके बाद पीछे चल रही एक कार भी बस से जा भिड़ी। कुछ ही पलों में हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर चीख-पुकार सुनाई देने लगी।

    सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं। सभी घायलों को बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल भेजा गया। इलाज के दौरान दो लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। 18 घायलों में से 14 की हालत सामान्य बताई जा रही है, जबकि दो गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।

    मृतकों में एक की पहचान मोहम्मद शमशाद निवासी जायस के रूप में हुई है, जबकि दूसरे मृतक की शिनाख्त की जा रही है। दोनों मृतक ट्रक चालक बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कराया और मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • अमेठी: बंद सार्वजनिक रास्ता खुलवाने की मांग, तहसील दिवस में पीड़ित परिजनों ने सीडीओ से लगाई गुहार

    अमेठी: बंद सार्वजनिक रास्ता खुलवाने की मांग, तहसील दिवस में पीड़ित परिजनों ने सीडीओ से लगाई गुहार

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी। जनपद अमेठी के पीपरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाहीपुर गांव में सार्वजनिक रास्ता बंद किए जाने का मामला अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। रास्ता बंद होने से परेशान पीड़ित परिजनों ने तहसील दिवस के मौके पर पहुंचकर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से शिकायत दर्ज कराई और तत्काल कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने जबरन सार्वजनिक रास्ते को घूर-गोबर डालकर बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    दबंगों पर जबरन रास्ता बंद करने का आरोप

    पीड़ित परिजनों ने बताया कि गांव में वर्षों से उपयोग में आ रहा यह रास्ता सार्वजनिक है, जिसका इस्तेमाल कई परिवार रोजमर्रा के आवागमन के लिए करते हैं। आरोप है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने निजी स्वार्थ के चलते इस रास्ते पर घूर और गोबर डालकर उसे पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। इससे न सिर्फ पैदल चलने वालों, बल्कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

    पुलिस से शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान

    पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पहले पीपरपुर थाना पुलिस से भी शिकायत की थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो रास्ता खुलवाया गया और न ही आरोपितों के खिलाफ कोई प्रभावी कदम उठाया गया। लगातार अनदेखी से आहत पीड़ित परिवारों ने आखिरकार तहसील दिवस में प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने का फैसला किया।

    तहसील दिवस में सीडीओ से शिकायत

    मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में पीड़ित परिजन बड़ी उम्मीद के साथ पहुंचे और सीडीओ को लिखित शिकायत सौंपते हुए रास्ता तत्काल खुलवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरन उच्च अधिकारियों और न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।

    प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

    सीडीओ ने पीड़ितों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया है। प्रशासन की ओर से कहा गया कि सार्वजनिक रास्तों को अवैध रूप से बंद करना कानूनन अपराध है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीणों में आक्रोश

    गांव में इस मामले को लेकर अन्य ग्रामीणों में भी रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि सार्वजनिक रास्ते इस तरह बंद किए जाते रहे तो आम जनजीवन प्रभावित होगा। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि कब तक रास्ता खुलवाकर उन्हें राहत दी जाती है।

  • अमेठी में कोतवाली पुलिस पर गंभीर आरोप, युवक को फर्जी हिरासत में रखकर मारपीट और जेवर गायब करने का दावा

    अमेठी में कोतवाली पुलिस पर गंभीर आरोप, युवक को फर्जी हिरासत में रखकर मारपीट और जेवर गायब करने का दावा

    संवादवादा नितेश तिवारी अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस पर एक युवक को फर्जी तरीके से हिरासत में लेकर मारपीट करने और उसके जेवर गायब करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित युवक ने इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज कराते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    पीड़ित युवक जामों थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। आरोप है कि अमेठी कोतवाली पुलिस ने बिना किसी वैध कारण और परिजनों को सूचना दिए बिना युवक को हिरासत में ले लिया। युवक का दावा है कि उसे करीब 36 घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया, इस दौरान उसके साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की गई।

    पीड़ित के अनुसार, हिरासत के दौरान अमेठी कोतवाल, एक दीवान समेत कई पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, युवक के पहने हुए सोने-चांदी के जेवर भी गायब हो गए। जब युवक ने अपने जेवरों के बारे में पूछताछ की तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। आरोप है कि पुलिस ने कहा कि अगर ज्यादा सवाल किए गए तो उसे फर्जी मुकदमे में फंसा दिया जाएगा

    पीड़ित युवक ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने डर और दबाव बनाकर उससे फर्जी बयान लिखवाने की कोशिश की। युवक का कहना है कि उसे लगातार धमकाया गया ताकि वह पुलिस की बातों का विरोध न कर सके। इस पूरे घटनाक्रम से युवक और उसका परिवार गहरे सदमे में है।

    मामले को लेकर पीड़ित ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार का कहना है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे उच्च अधिकारियों और मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाएंगे।

    फिलहाल इस मामले पर पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों की मानें तो शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच की जा रही है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोपों वाले मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।

  • अमेठी: प्राइमरी स्कूल परिसर में जलभराव, गेट पर मृत पड़ा आवारा पशु

    अमेठी: प्राइमरी स्कूल परिसर में जलभराव, गेट पर मृत पड़ा आवारा पशु

    अमेठी। गौरीगंज ब्लॉक के पीएम श्री विद्यालय सुजानपुर परिसर की हालत इन दिनों बदहाल हो चुकी है। विद्यालय के चारों तरफ झाड़ियां उगी हुई हैं और परिसर में भीषण जलभराव हो गया है। इसी बीच विद्यालय में एक मृतक गोवंश पड़ा मिलने से हालात और बिगड़ गए। कौए मृतक गोवंश को नोचते नजर आए, जिसके चलते विद्यालय में असहनीय दुर्गंध फैल गई। स्थिति गंभीर होने पर प्राथमिक विद्यालय को बंद करना पड़ा और बच्चों को कंपोजिट विद्यालय में शिफ्ट किया गया।

    ग्रामीणों और शिक्षकों का आरोप अमेठी: प्राइमरी स्कूल परिसर में जलभराव

    • शिक्षकों और ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव और मृतक गोवंश की वजह से विद्यालय में ताला लगाना पड़ा।
    • सूचना देने के बावजूद विद्यालय परिसर से मृतक गोवंश को हटाने के लिए न तो प्रधान पहुंचे और न ही जिम्मेदार कर्मचारी।
    • मजबूरन शिक्षक बच्चों को खुले में पढ़ाने को विवश हैं।

    स्थिति चिंताजनक अमेठी: प्राइमरी स्कूल परिसर में जलभराव

    विद्यालय में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया, तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और बीमारी फैलने का भी खतरा है।

  • अमेठी:सपा के पीडीए गठबंधन की अनोखी पहल, गांव में शुरू की गई ‘PDA पाठशाला’ पढ़िये पूरी खबर

    अमेठी:सपा के पीडीए गठबंधन की अनोखी पहल, गांव में शुरू की गई ‘PDA पाठशाला’ पढ़िये पूरी खबर

    रिपोर्ट – नितेश तिवारी
    अमेठी-अमेठी जनपद के भादर ब्लॉक स्थित रायपुर गांव में समाजवादी पार्टी के पीडीए गठबंधन से जुड़े युवाओं ने एक अनोखी पहल की शुरुआत की है। गांव में एक बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय की जगह अब “PDA पाठशाला” शुरू की गई है। इस पहल की शुरुआत सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव ने की है, जिसमें दर्जनों बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।

    🔸 बच्चों को दी जा रही कॉपी-कलम सपा के पीडीए गठबंधन की अनोखी

    जयसिंह प्रताप यादव ने छोटे-छोटे बच्चों को मुफ्त में कॉपी, कलम, पेंसिल आदि शिक्षा सामग्री वितरित की और कहा कि शिक्षा के बिना समाज आगे नहीं बढ़ सकता। वहीं, गांव के कई युवा अब साइकिल पर किताबें लेकर आस-पास के बच्चों को पढ़ाने निकल चुके हैं।

    🔸 शिक्षा को लेकर भाजपा पर हमला सपा के पीडीए गठबंधन की अनोखी

    सपा नेता ने कहा-“यहां हर चीज को व्यापार समझने वाले भाजपाइयों को कौन समझाए कि शिक्षा लाभ-हानि की चीज नहीं होती।“उन्होंने शिक्षा को समाजवादी पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

    अखिलेश यादव ने की सराहना सपा के पीडीए गठबंधन की अनोखी

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस पहल को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए ‘PDA पाठशाला’ को जनहित में ऐतिहासिक कदम बताया।