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  • अमेठी:  खिचड़ी भोज व कंबल वितरण, सती महारानी ट्रस्ट का सेवा संगम के द्वारा कराया गया

    अमेठी: खिचड़ी भोज व कंबल वितरण, सती महारानी ट्रस्ट का सेवा संगम के द्वारा कराया गया

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी के स्वामी परमहंस आश्रम, अमेयमाफी की पावन धरती पर मानवता, करुणा और निःस्वार्थ सेवा का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। सती महारानी जन कल्याण ट्रस्ट एवं परमार्थ सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अमेठी खिचड़ी भोज कंबल वितरण कार्यक्रम ने समाज के जरूरतमंद वर्ग के चेहरों पर मुस्कान ला दी।

    इस सेवा आयोजन में बड़ी संख्या में असहाय, वृद्ध और जरूरतमंद लोगों को खिचड़ी भोज कराया गया तथा ठंड से राहत देने के उद्देश्य से कंबलों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री प्रकाश जी (विभाग प्रचारक) और श्री पवन जी (जिला प्रचारक) उपस्थित रहे। आयोजन का नेतृत्व सती महारानी जन कल्याण ट्रस्ट की अध्यक्ष बहुरानी शाम्भवी सिंह एवं पूर्व विधायक महारानी गरिमा सिंह के सुपुत्र युवराज श्री अनंत विक्रम सिंह ने किया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बहुरानी शाम्भवी सिंह ने कहा कि सेवा किसी पहचान या पद की मोहताज नहीं होती। जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक राहत और सम्मान नहीं पहुंचता, तब तक सेवा का उद्देश्य अधूरा रहता है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का लक्ष्य पीड़ा और अभाव से जूझ रहे लोगों के लिए निरंतर सेवा कार्य करना है।

    वहीं युवराज अनंत विक्रम सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति की आत्मा सेवा, त्याग और समर्पण में निहित है। खिचड़ी भोज और कंबल वितरण जैसे कार्यक्रम समाज में अपनत्व, समरसता और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं। जब समाज एकजुट होकर जरूरतमंदों का सहारा बनता है, तभी सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।

    कार्यक्रम में पूर्व मंडल अध्यक्ष अमेठी त्रियुगी नारायण शुक्ल, भेटुवा मंडल अध्यक्ष निमिषा त्रिपाठी, सहित अनेक समाजसेवी और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। सभी ने सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाई और आयोजन की सराहना की।

    ठंड के मौसम में जरूरतमंदों को कंबल मिलने से उन्हें न केवल शारीरिक राहत मिली, बल्कि समाज से जुड़ाव और सम्मान की अनुभूति भी हुई। आयोजन के अंत में आयोजकों ने सभी सहयोगियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम जारी रखने का संकल्प दोहराया।

  • अमेठी में अधिवक्ताओं के विरोध के बीच SDM के समर्थन में उतरे सैकड़ों फरियादी

    अमेठी में अधिवक्ताओं के विरोध के बीच SDM के समर्थन में उतरे सैकड़ों फरियादी

    संवाददाता नितेश अमेठी जिले की मुसाफिरखाना तहसील में बीते पांच दिनों से चल रहे अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। अधिवक्ताओं के आंदोलन के विपरीत अब सैकड़ों फरियादी और ग्राम प्रधान एसडीएम की कार्यशैली के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। यह समर्थन तहसील दिवस के दौरान उस समय देखने को मिला, जब मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) द्वारा जनसुनवाई की जा रही थी।

    तहसील दिवस की जनसुनवाई में दिखा जनसमर्थन

    तहसील दिवस में पहुंचे सैकड़ों फरियादियों और ग्राम प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि एसडीएम आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहे हैं और न्याय दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। फरियादियों का कहना है कि एसडीएम की कार्यशैली निष्पक्ष और जनहित में है, इसलिए उनके खिलाफ हो रहे विरोध को वे सही नहीं मानते।जनसुनवाई के दौरान कई ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखते हुए यह भी कहा कि वे दूर-दराज के गांवों से न्याय की उम्मीद लेकर तहसील आते हैं और एसडीएम के स्तर पर उन्हें राहत मिलती है।

    फरियादियों का आरोप: तारीख पर तारीख से नहीं मिल रहा न्याय

    फरियादियों ने अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अधिकारी न्याय करना चाहते हैं, तब कुछ मामलों में केवल तारीख पर तारीख दी जाती है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि वकीलों के विरोध के चलते कई दिनों से तहसील का कामकाज प्रभावित हो रहा है और उन्हें न्याय पाने में देरी हो रही है।कुछ फरियादियों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं के आंदोलन की वजह से उनकी शिकायतों की सुनवाई रुक गई है, जिससे गरीब और ग्रामीण वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।

    मुसाफिरखाना तहसील में 5 दिन से जारी है विरोध

    गौरतलब है कि इससे पहले लेखपालों के समर्थन में भी फरियादी सामने आ चुके हैं और अब एसडीएम के पक्ष में सैकड़ों लोग उतर आए हैं। मुसाफिरखाना तहसील में अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन लगातार पांच दिनों से जारी है, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले पर उच्च अधिकारियों की नजर बनी हुई है और स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं फरियादियों की मांग है कि न्याय प्रक्रिया बाधित न हो और तहसील में नियमित रूप से जनसुनवाई जारी रहे।

  • अमेठी में बांग्लादेश विरोध: VHP-बजरंग दल का प्रदर्शन, PM का पुतला दहन

    अमेठी में बांग्लादेश विरोध: VHP-बजरंग दल का प्रदर्शन, PM का पुतला दहन

    अमेठी में बांग्लादेश विरोध प्रदर्शन को लेकर शनिवार को माहौल गरमा गया। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के विरोध में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कस्बे में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर नारेबाजी की और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया।प्रदर्शन की शुरुआत सब्जी मंडी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर से हुई, जहां बड़ी संख्या में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता एकत्र हुए। जुलूस के दौरान “भारत माता की जय”, “जय श्रीराम” और “बांग्लादेश मुर्दाबाद” के नारों से पूरा कस्बा गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के साथ हो रहे कथित अत्याचारों पर गहरा आक्रोश जताया।

    जुलूस कस्बे के प्रमुख मार्गों से होता हुआ आगे बढ़ा, जहां आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के पुतले को पहले चप्पलों से पीटा और बाद में आग लगाकर पुतला दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा की निंदा की और दोषियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की मांग की।

    प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद की जिला अध्यक्ष सरिता सिंह ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है, जो अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    सरिता सिंह ने भारत सरकार और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल पीड़ित हिंदुओं के समर्थन में हर स्तर पर आवाज उठाते रहेंगे।

    प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की सतर्कता के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

  • अमेठी: जायस इफको केंद्र पर खाद वितरण में भगदड़, अव्यवस्था से किसान परेशान

    अमेठी: जायस इफको केंद्र पर खाद वितरण में भगदड़, अव्यवस्था से किसान परेशान

    अमेठी – जनपद के जायस क्षेत्र के बहादुरपुर स्थित इफको केंद्र पर आज खाद वितरण के दौरान अफरा-तफरी मच गई। भारी संख्या में पहुंचे किसानों की भीड़ के कारण केंद्र पर अव्यवस्था फैल गई और धक्का-मुक्की के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। अमेठी: जायस इफको केंद्र पर खाद वितरण में भगदड़

    केंद्र पर खाद लेने के लिए सुबह से ही किसानों की लंबी लाइन लगी हुई थी। इसी बीच अचानक भीड़ बढ़ने पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। किसान लाइन छोड़कर आगे भागते हुए नजर आए, वहीं कई किसान गिरते-पड़ते भी दिखाई दिए। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को संभाला और उठाया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। अमेठी: जायस इफको केंद्र पर खाद वितरण में भगदड़

    किसानों ने बताया कि खाद वितरण की व्यवस्था पूरी तरह से अव्यवस्थित है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि अव्यवस्था और अव्यवस्थित भीड़ प्रबंधन के कारण हालात बिगड़े। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस भगदड़ में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ।अमेठी: जायस इफको केंद्र पर खाद वितरण में भगदड़

    ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर खाद वितरण की व्यवस्था दुरुस्त की जाए, ताकि किसानों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से खाद मिल सके।अमेठी: जायस इफको केंद्र पर खाद वितरण में भगदड़