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Tag: उत्तर प्रदेश कानून व्यवस्था

  • संभल: जामा मस्जिद के पास कब्रिस्तान की जमीन पर पैमाईश, सुरक्षा के बीच अलर्ट मोड

    संभल: जामा मस्जिद के पास कब्रिस्तान की जमीन पर पैमाईश, सुरक्षा के बीच अलर्ट मोड

    संभल, उत्तर प्रदेश – संभल जिले में आज जामा मस्जिद के बराबर स्थित लगभग 8 बीघा कब्रिस्तान की जमीन की पैमाईश की जा रही है। इस जमीन को लेकर पिछले कई दशकों से विवाद चला आ रहा है और हाल ही में प्रशासन ने इसे मापने की कार्रवाई शुरू की है।स्थानीय संगठन श्री कल्कि सेना का आरोप है कि यह जमीन 1980 के दशक में टीले जैसी थी, लेकिन आज यहां मकान और दुकानों का निर्माण कर दिया गया है। उनका कहना है कि संभल हिंसा में जिन दुकानों और मकानों से पत्थर फेंके गए थे, वही आज विवाद का केंद्र बन गई हैं।

    संभल में जामा मस्जिद के पास कब्रिस्तान की जमीन पर पैमाईश, सुरक्षा के बीच अलर्ट मोड

    सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस अलर्ट

    आज की पैमाईश के दौरान संभल में छावनी जैसा माहौल देखा गया। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। संभल के कई सौ पुलिसकर्मी और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पैमाईश के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। सभी पक्षों से अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह से बचें।

    इतिहास और विवाद

    संभल जिले में जामा मस्जिद के आसपास की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। 1980 के दशक में यह क्षेत्र टीले जैसी था, लेकिन धीरे-धीरे यहाँ आवासीय और व्यावसायिक निर्माण शुरू हो गए। इस जमीन को लेकर कई बार स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन और तनाव की घटनाएं भी सामने आई हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि जमीन की पैमाईश और कानून के अनुसार कार्रवाई से भविष्य में किसी भी तरह के विवाद को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

    प्रशासन का संदेश

    संभल प्रशासन ने सभी समुदायों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि पैमाईश और जांच कानून के दायरे में की जा रही है और किसी के हितों के खिलाफ कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।संभल में जामा मस्जिद के पास कब्रिस्तान की जमीन की पैमाईश के चलते क्षेत्र में अलर्ट मोड देखा जा रहा है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी, शांति बनाए रखने की अपील और प्रशासनिक सतर्कता इस कार्रवाई को संयम और विधिक ढांचे में पूरा करने का संकेत देती है।

  • पीएसी स्थापना दिवस पर सीएम योगी बोले-2017 के बाद बदली यूपी की तस्वीर, निवेशकों की पहली पसंद बना प्रदेश

    पीएसी स्थापना दिवस पर सीएम योगी बोले-2017 के बाद बदली यूपी की तस्वीर, निवेशकों की पहली पसंद बना प्रदेश

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है और आज यह प्रदेश देश के सामने एक नए, सुरक्षित और विकसित राज्य के रूप में खड़ा है। बेहतर कानून-व्यवस्था के चलते अब उत्तर प्रदेश में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और वे यहां निवेश करने के लिए उत्साहित हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को महानगर स्थित पीएवी की 35वीं बटालियन में आयोजित पीएसी स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में प्रांतीय आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (PAC) की भूमिका की सराहना की।

    सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान अपराध, अराजकता और असुरक्षा से जुड़ी हुई थी, लेकिन आज वही प्रदेश सुशासन, सुरक्षा और विकास का मॉडल बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह बदलाव बिना मजबूत पुलिस व्यवस्था और अनुशासित बल के संभव नहीं था।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार पीएसी को और अधिक सक्षम बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। पीएसी की संख्या, क्षमता, प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधनों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। जवानों को नवीनतम तकनीक, अत्याधुनिक हथियार और दंगा नियंत्रण के आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे हर चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।

    सीएम योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित है, जिससे आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। यही कारण है कि बड़े उद्योगपति और वैश्विक निवेशक प्रदेश में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने इसे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत बताया।

    पीएसी स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने जवानों के अनुशासन, सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएसी न केवल प्रदेश में, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी आपदा, चुनाव और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाकर अपनी विश्वसनीयता साबित कर चुकी है।

    समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने पीएसी के जवानों से आह्वान किया कि वे जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश की विकास यात्रा में अपनी भूमिका निभाते रहें।