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Tag: उत्तर प्रदेश समाचार

  • कानपुर: बिल्हौर थाने में Bjp विधायक राहुल बच्चा सोनकर का बयान,”मस्जिदों में सूअर का मांस न मिले तो नाम बदल देना”

    कानपुर: बिल्हौर थाने में Bjp विधायक राहुल बच्चा सोनकर का बयान,”मस्जिदों में सूअर का मांस न मिले तो नाम बदल देना”

    कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिल्हौर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राहुल बच्चा सोनकर सोमवार देर रात बिल्हौर थाने पहुंचे, जहां उनका अंदाज़ और बयान चर्चा का विषय बन गया। थाने के अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों से बातचीत के दौरान विधायक ने जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया, उसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।

    थाने में विधायक का तीखा तेवर

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक राहुल बच्चा सोनकर देर रात बिल्हौर थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस कई लोगों को ठीक से नहीं जानती क्योंकि वह केवल ऑफिस में बैठकर नौकरी कर रही है। विधायक ने यह भी कहा कि उनका इतिहास भी “बहुत गंदा” रहा है और वे खुद को पूरी तरह साफ छवि वाला व्यक्ति नहीं मानते, जितना लोग समझते हैं

    बयान का वीडियो और चर्चा

    विधायक के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने बीजेपी और विधायक पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। इस मामले में कार्रवाई नहीं होने पर विधायक राहुल बच्चा बिल्हौर थाने पहुंचे और इलाके के पूरे मस्जिदों में सूअर का मांस फेंकने की धमकी दे डाली. इस मामले में जानवरों की कटाई करने वाली रहमान कुरैशी की फैक्ट्री को तत्काल सील कर दिया गया है. साथ ही प्रतिबंधित मांस की तस्करी करने के आरोप में 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है.

    फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और मांस के अवशेषों के सैंपल को जांच करने के लिए कलेक्ट किया.वहीं, इस मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार एडीसीपी कपिल देव सिंह मौके पर पहुँचे. पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने गौ वंस वाले मामले में लापरवाही बरतने पर चार पुलिस कर्मियों निलंबित कर दिया है. बिल्हौर इंस्पेक्टर अशोक कुमार सरोज ,चौकी इंचार्ज प्रेमवीर, हल्का इंचार्ज आफताब आलम हेड कांस्टेबल दिलीप गंगवार को इस मामले में निलंबित किया गया है.

  • अमेठी में अधिवक्ताओं के विरोध के बीच SDM के समर्थन में उतरे सैकड़ों फरियादी

    अमेठी में अधिवक्ताओं के विरोध के बीच SDM के समर्थन में उतरे सैकड़ों फरियादी

    संवाददाता नितेश अमेठी जिले की मुसाफिरखाना तहसील में बीते पांच दिनों से चल रहे अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। अधिवक्ताओं के आंदोलन के विपरीत अब सैकड़ों फरियादी और ग्राम प्रधान एसडीएम की कार्यशैली के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। यह समर्थन तहसील दिवस के दौरान उस समय देखने को मिला, जब मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) द्वारा जनसुनवाई की जा रही थी।

    तहसील दिवस की जनसुनवाई में दिखा जनसमर्थन

    तहसील दिवस में पहुंचे सैकड़ों फरियादियों और ग्राम प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि एसडीएम आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहे हैं और न्याय दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। फरियादियों का कहना है कि एसडीएम की कार्यशैली निष्पक्ष और जनहित में है, इसलिए उनके खिलाफ हो रहे विरोध को वे सही नहीं मानते।जनसुनवाई के दौरान कई ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखते हुए यह भी कहा कि वे दूर-दराज के गांवों से न्याय की उम्मीद लेकर तहसील आते हैं और एसडीएम के स्तर पर उन्हें राहत मिलती है।

    फरियादियों का आरोप: तारीख पर तारीख से नहीं मिल रहा न्याय

    फरियादियों ने अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अधिकारी न्याय करना चाहते हैं, तब कुछ मामलों में केवल तारीख पर तारीख दी जाती है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि वकीलों के विरोध के चलते कई दिनों से तहसील का कामकाज प्रभावित हो रहा है और उन्हें न्याय पाने में देरी हो रही है।कुछ फरियादियों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं के आंदोलन की वजह से उनकी शिकायतों की सुनवाई रुक गई है, जिससे गरीब और ग्रामीण वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।

    मुसाफिरखाना तहसील में 5 दिन से जारी है विरोध

    गौरतलब है कि इससे पहले लेखपालों के समर्थन में भी फरियादी सामने आ चुके हैं और अब एसडीएम के पक्ष में सैकड़ों लोग उतर आए हैं। मुसाफिरखाना तहसील में अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन लगातार पांच दिनों से जारी है, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले पर उच्च अधिकारियों की नजर बनी हुई है और स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं फरियादियों की मांग है कि न्याय प्रक्रिया बाधित न हो और तहसील में नियमित रूप से जनसुनवाई जारी रहे।

  • बुलंदशहर में पूर्व बसपा विधायक के भतीजे की हत्या, दूसरा गंभीर घायल

    बुलंदशहर में पूर्व बसपा विधायक के भतीजे की हत्या, दूसरा गंभीर घायल

    उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां बसपा के पूर्व विधायक हाजी अलीम के भतीजे सूफियान की हत्या कर दी गई, जबकि दूसरा भतीजा अकरम गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

    यह बुलंदशहर हत्या मामला कोतवाली देहात क्षेत्र के नीमखेड़ा गांव का है। जानकारी के अनुसार, सूफियान अपने भाई अकरम और अधिवक्ता कादिर के साथ गांव में स्थित आम के बाग की पैमाइश करने गया था। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो सवार व्यक्ति मौके पर पहुंचा और पैमाइश को लेकर विवाद शुरू हो गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर स्कॉर्पियो सवार ने अपने अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि हमलावरों ने सूफियान और अकरम को बेरहमी से पीटा और धारदार हथियार से हमला किया।

    गंभीर रूप से घायल सूफियान को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं अकरम की हालत नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी दिनेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

    एसएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। गांव और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है, जिसमें जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के एंगल को भी खंगाला जा रहा है।

    इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आम के बाग को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • बांदा में धूमधाम से मनाई गई अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती, मंत्री रामकेश निषाद ने दी श्रद्धांजलि

    बांदा में धूमधाम से मनाई गई अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती, मंत्री रामकेश निषाद ने दी श्रद्धांजलि

    संवाददाता मोहित पाल बांदा में भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।कार्यक्रम की शुरुआत में मंत्री रामकेश निषाद ने अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन, उनकी विचारधारा और राष्ट्रहित में दिया गया योगदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनके आदर्श हमें सेवा, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ने की सीख देते हैं।

    कार्यक्रम के दौरान जनपद स्तरीय विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विजेताओं को सम्मानित किया गया। विजेताओं को धनराशि के चेक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए, जिससे उनके मनोबल और प्रतिभा को प्रोत्साहन मिल सके।

    मंत्री रामकेश निषाद ने जानकारी दी कि लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित प्रेरणा स्थल का सीधा प्रसारण प्रदेश के सभी जिलों में दिखाया गया। इसी क्रम में बांदा में भी छात्रों और छात्राओं की उपस्थिति में इसका लाइव टेलीकास्ट प्रदर्शित किया गया, जिससे युवा पीढ़ी अटल जी के विचारों और योगदान से प्रेरित हो सके।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/delhi-atal-canteen-5-rupees-food-launch/

    इस कार्यक्रम में जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद के साथ सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल, नरैनी विधायक ओम मनी वर्मा, बांदा जिलाधिकारी जे. रीभा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

  • महोबा में 2.62 लाख की जाली करेंसी बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

    महोबा में 2.62 लाख की जाली करेंसी बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

    REPORT- चन्द्रशेखर नामदेव यूपी के महोबा जिले में पुलिस को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी जब मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जाली करंसी खपाने की फिराक में लगे युवक को गिरफ्तार कर लिया।

    पकड़े गए युवक के पास से पुलिस ने दो लाख 62 हजार रुपये के नकली नोट बरामद कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान एक अन्य आरोपी का नाम सामने आने के बाद पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी में जुट गई है।

    दरअसल मामला कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र के बेलाताल कस्बा स्थित रेलवे स्टेशन के पास का है जहाँ मुखबिर की सूचना पर स्टेशन परिसर के पास से पुलिस ने अजनर थानाक्षेत्र के आरी गाँव के रहने वाले देवेंद्र अहिरवार नामक आरोपी को गिरफ्तार किया जिसके पास से 2 लाख 62 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई । इस गोरखधंधा को अंजाम देने वाला अंकुर फरार चल रहा है जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है। मामले को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक वन्दना सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना मिलने पर थाना अजनर क्षेत्र के आरी गाँव का रहने वाले देवेंद्र अहिरवार को गिरफ्तार किया गया है जिसके पास से 2 लाख 62 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई है । आरोपी से पूछतांछ में पता चला कि अंकुर नामक व्यक्ति ने यह नकली करेंसी दी थी । इन दोनों आरोपियो का आपराधिक इतिहास है अंकुर पूर्व में फेंक करेंसी मामले में जेल जा चुका है । अंकुर इस समय फरार चल रहा है जिसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है ।।

  • कानपुर देहात सड़क हादसा: पांच वर्षीय मासूम सार्थक की मौत से गांव में बवाल, ग्रामीणों ने लगाया जाम

    कानपुर देहात सड़क हादसा: पांच वर्षीय मासूम सार्थक की मौत से गांव में बवाल, ग्रामीणों ने लगाया जाम

    कानपुर देहात। डेरापुर थाना क्षेत्र के महोई गांव में रविवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में पांच वर्षीय मासूम सार्थक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मासूम की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम का माहौल छा गया। परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।

    जानकारी के अनुसार, रविवार को अकबरपुर अमूल दूध प्लांट का एक लोडर वाहन डेरापुर क्षेत्र के दुग्ध केंद्रों से दूध एकत्रित कर महोई गांव से गुजर रहा था। उसी दौरान गांव निवासी पंकज का पुत्र सार्थक सड़क पार कर रहा था। इसी बीच तेज रफ्तार लोडर ने मासूम को टक्कर मार दी। हादसे में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद लोडर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। मासूम की मौत की सूचना जैसे ही गांव पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। गुस्साए ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि क्षेत्र में लगातार तेज रफ्तार वाहन चलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती।

    सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने के प्रयास शुरू किए। सीओ और थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटाया गया। पुलिस ने बताया कि लोडर वाहन को कब्जे में लेकर चालक की तलाश की जा रही है।फिलहाल कानपुर देहात सड़क हादसा में मासूम की मौत से पूरे गांव में गम और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • औरैया बिधूना में परिवार पर लाठी-डंडों से हमला, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल तहसील पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार

    औरैया बिधूना में परिवार पर लाठी-डंडों से हमला, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल तहसील पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार

    औरैया उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बिधूना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक परिवार पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया गया। घटना को हुए करीब 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिवार अब न्याय के लिए तहसील समाधान दिवस का सहारा लेने पर मजबूर हो गया है।

    थाना कुदरकोट क्षेत्र के कराता गांव निवासी पीड़ित बलवीर ने बताया कि 20 सितंबर को लगभग 10 लोगों का समूह उनके घर पर आ धमका। इन हमलावरों में पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने अचानक लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। बलवीर को जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा गया। जब उनकी पत्नी सुमन और बेटी शिवानी ने रोकने की कोशिश की, तो उनके साथ भी बुरी तरह मारपीट की गई।इस हमले का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद बलवीर और उनका परिवार इलाज के लिए अस्पताल गया। डाक्टरी परीक्षण में बलवीर को गंभीर चोटें आने की पुष्टि भी हुई।

    पीड़ित परिवार ने थाने में सौकीन, मोहबत, श्रीकृष्ण और रामशशि सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी। पुलिस ने मामला तो दर्ज किया, लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि कुदरकोट पुलिस ने हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई।

    न्याय की आस में थके हुए बलवीर, उनकी पत्नी और बेटी तहसील समाधान दिवस में पहुंचे और दिवसाधिकारी को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा। शिकायत में उन्होंने फिर से आरोप लगाया कि सभी आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हुए।

    पीड़ितों ने यह भी कहा कि डाक्टरी रिपोर्ट में गंभीर चोटें आने के बावजूद पुलिस ने केवल सामान्य धाराओं में केस दर्ज किया, जो न्याय के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की कि रिपोर्ट के आधार पर सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, इस मामले में स्थानीय लोगों के बीच भी पुलिस के रवैये को लेकर नाराज़गी है।

    ग्रामीणों का कहना है कि अगर आरोपियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ग्रामीण इलाकों में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रशासनिक तत्परता पर्याप्त है या नहीं।

    वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यदि गंभीर धाराओं के साक्ष्य मिलते हैं, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।अब देखना यह होगा कि उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद कुदरकोट पुलिस इस मामले में क्या ठोस कदम उठाती है और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा या नहीं।

  • औरैया में दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल, पुलिस ने दिखाया एक्शन प्लान

    औरैया में दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल, पुलिस ने दिखाया एक्शन प्लान

    रिपोर्टर: अमित शर्मा औरैया – त्योहारों के सीजन को देखते हुए औरैया पुलिस पूरी तरह से सतर्क हो गई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के नेतृत्व में शुक्रवार को तिरंगा मैदान में दंगा नियंत्रण को लेकर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने बलवा जैसी स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी का प्रदर्शन किया।

    ड्रिल में दो पक्षों के बीच झड़प की काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जहां एक ओर उपद्रवी भीड़ थी तो दूसरी ओर पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। उपद्रवियों को समझाने के प्रयास असफल रहने पर पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े, इसके बाद फायर ब्रिगेड की मदद से पानी की बौछार की गई। भीड़ के न मानने पर लाठीचार्ज किया गया और अंत में चेतावनी के बाद फायरिंग की गई, जिसमें दो लोगों के घायल होने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। घायलों को एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भेजा गया।

    एसपी अभिषेक भारती ने मौके पर मौजूद जवानों को दंगा नियंत्रण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी भी पुलिसकर्मी को अपने साथियों से अलग नहीं होना चाहिए और पीछे मुड़कर भागने की गलती नहीं करनी चाहिए।त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह मॉक ड्रिल बेहद उपयोगी साबित हुई। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार है।

  • औरैया- जेके सिटी में जलभराव से परेशान लोग, घरों में घुसा पानी

    औरैया- जेके सिटी में जलभराव से परेशान लोग, घरों में घुसा पानी

    औरैया: बेला कस्बे की जेके सिटी कॉलोनी में जलभराव की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। लगातार बारिश और नाले की उचित व्यवस्था न होने से क्षेत्र में घरों तक पानी घुस गया है। स्थानीय निवासी पिछले कई सालों से इस समस्या का सामना कर रहे हैं। औरैया- जेके सिटी में जलभराव से परेशान लोग

    मंडी रोड स्थित इस क्षेत्र के लोगों ने बताया कि ग्राम प्रधान से बार-बार शिकायत करने के बावजूद जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। गलियों में भरे गंदे पानी के कारण लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। बच्चों को रोजाना कीचड़ और दूषित पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है। औरैया- जेके सिटी में जलभराव से परेशान लोग

    ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मचारी महीनों से क्षेत्र में नहीं आते। गंदे पानी और कीचड़ के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ रही है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। औरैया- जेके सिटी में जलभराव से परेशान लोग

    अमित पोरवाल, श्याम नारायण, राज नारायण और बल्लू ठाकुर समेत अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करेंगे।इस बीच ग्राम प्रधान राकेश सिंह चौहान ने आश्वासन दिया है कि जिला पंचायत से नाला बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है और जल्द ही इसका काम शुरू कराया जाएगा।

  • पीलीभीत -जंगल से बाघ निकलकर खेतों में टहलता दिखा, ग्रामीण दहशत में माहौल

    पीलीभीत -जंगल से बाघ निकलकर खेतों में टहलता दिखा, ग्रामीण दहशत में माहौल

    पीलीभीत- पीलीभीत के थाना सेहरामऊ क्षेत्र में हाल ही में जंगल से एक बाघ खेतों में टहलते हुए दिखाई दिया। यह घटना ग्राम गदिहर फतेहपुर रोड के आसपास हुई, जहां राहगीरों ने बाघ का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

    ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से बाघ की दहशत में जीने को मजबूर हैं। खेतों में पैदावार और घरों की सुरक्षा को लेकर लोगों में भारी चिंता व्याप्त है। कई बार वन विभाग को सूचना देने के बावजूद भी बाघ को पकड़ने की कोशिशें सफल नहीं हो सकीं। पीलीभीत -जंगल से बाघ निकलकर खेतों में टहलता दिखा

    वन विभाग ने कहा है कि वे लगातार निगरानी कर रहे हैं और बाघ को पकड़ने के लिए विशेष टीम तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों को किसी भी स्थिति में बाघ के पास जाने से बचना चाहिए और तुरंत स्थानीय वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। पीलीभीत -जंगल से बाघ निकलकर खेतों में टहलता दिखा

    यह मामला वन्य जीवों और मानव बस्ती के समीप रहने की समस्याओं पर गंभीर सवाल उठाता है। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को जल्द से जल्द कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। पीलीभीत -जंगल से बाघ निकलकर खेतों में टहलता दिखा

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