शाहजहांपुर। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारिणी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली शाहजहांपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया और देश की सुरक्षा एवं विकास पर अपनी राय रखी।
ऑपरेशन सिंदूर पर बयान
मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि भारत आज दुनिया में एक पावरफुल देश बनकर उभरा है। जब-जब देश पर आतंकी हमले हुए, तब भारत और मजबूत होकर खड़ा हुआ। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को इसकी जीती-जागती मिसाल बताया। उनका कहना था कि देश की सीमाओं से घुसपैठ को पूरी ताकत से रोकना चाहिए ताकि आगे कोई दहशतगर्दाना हरकत न हो सके।
गोरखपुर घटना और युवाओं की शिक्षा
मौलाना ने गोरखपुर में हुई घटना पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर को बेहतर बनाना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही, नौजवानों को क्वालिटी एजुकेशन मिलने पर जोर दिया ताकि वे देश की अर्थव्यवस्था में योगदान कर सकें और अपराध पर अंकुश लग सके।
बिहार चुनाव और वोटिंग अधिकार
बिहार चुनाव और SIR मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि जिनका वोट कटा है उन्हें दोबारा वोटिंग का अधिकार मिले। मौलाना ने आम जनता से अपील की कि वे अपने वोट के प्रति जागरूक रहें और हर हाल में मतदान करें।मौलाना के इस बयान से शाहजहांपुर में सुरक्षा, शिक्षा और नागरिक अधिकारों पर चर्चा गर्म हो गई है। उनके भाषण ने राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर लोगों को सोचने के लिए मजबूर कर दिया।
स्टोरी: संदीप कुमार India defense satellite launch:भारत के सैन्य इतिहास में “ऑपरेशन सिंदूर” (7 से 10 मई 2025) एक ऐसा अभियान साबित हुआ जिसने न केवल पाकिस्तान को चौंकाया बल्कि आधुनिक युद्ध में भारत की अंतरिक्ष शक्ति को भी प्रमाणित किया। भारतीय वायुसेना ने महज 22 मिनट में पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को ठप कर दिया और सटीक निशानों पर प्रहार कर आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। ये सफलता संभव हुई भारत की इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW), सिग्नल जैमिंग, और उपग्रह आधारित सर्विलांस तकनीकों के कुशल प्रयोग से।
इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और 22 मिनट का खौफ-India defense satellite launch
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के सैन्य रेडार और कम्युनिकेशन नेटवर्क को 22 मिनट के लिए पूरी तरह जैम कर दिया। इस जैमिंग ऑपरेशन की मदद से वायुसेना के फाइटर जेट्स ने सटीकता से जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों पर हमला किया।
इसमें भारत ने स्वदेशी कार्टोसैट सैटेलाइट और विदेशी कमर्शियल उपग्रहों की मदद ली, जिनसे मिली रियल टाइम इमेज और पोजिशनिंग ने यह सुनिश्चित किया कि हर बम अपने लक्ष्य पर गिरे।
भारत की भविष्य की सैटेलाइट रणनीति- India defense satellite launch
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत सरकार ने निर्णय लिया कि अंतरिक्ष निगरानी को और अधिक मज़बूत किया जाए। इसी के तहत रक्षा मंत्रालय ने अक्टूबर 2024 में ₹26,968 करोड़ के बजट को मंज़ूरी दी। इसके अंतर्गत कुल 52 रक्षा निगरानी उपग्रह लॉन्च किए जाएंगे:
ISRO बनाएगा और लॉन्च करेगा: 21 उपग्रह
तीन निजी कंपनियां करेंगी निर्माण व प्रक्षेपण: 31 उपग्रह
पहला लॉन्च अप्रैल 2026 तक, पूरा नेटवर्क 2029 के अंत तक तैयार
इन उपग्रहों की मदद से भारत पाकिस्तान, चीन और हिंद महासागर क्षेत्र में निरंतर निगरानी कर सकेगा।
HAPS: उपग्रहों के बाद की अगली क्रांति- India defense satellite launch
भारतीय वायुसेना ने अब “हाई-एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट्स (HAPS)” की ओर भी कदम बढ़ा लिया है। ये UAV जैसे दिखने वाले यान 18–22 किमी की ऊँचाई पर उड़ते हैं और लंबे समय तक वहीं रह सकते हैं। इनमें हाई-रेजोल्यूशन कैमरे, इंफ्रारेड और रडार लगे होते हैं, जो नीचे की ज़मीन की सटीक निगरानी करते हैं।
HAPS की खासियत:
कम लागत, तेज तैनाती
स्थिर डेटा स्ट्रीमिंग
सटीक निगरानी और मिशन नियंत्रण
सैटेलाइट सर्विलांस से बदले युद्ध के नियम- India defense satellite launch
भारत ने इस ऑपरेशन में जो उपग्रह डेटा इस्तेमाल किया, उसने कई मोर्चों पर निर्णय को आसान किया:
सटीक लक्ष्य निर्धारण: आतंकी शिविरों की पिन-पॉइंट लोकेशन
डैमेज कंट्रोल: बमबारी के बाद प्राप्त तस्वीरों से मूल्यांकन
दुष्प्रचार की धज्जियाँ: पाकिस्तान के झूठे दावों को उपग्रह तस्वीरों से झुठलाया गया
इन तस्वीरों और वीडियो से भारतीय एजेंसियों को रणनीतिक बढ़त मिली और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत ने अपने दावे सिद्ध किए।
ऑपरेशन सिंदूर ने यह प्रमाणित कर दिया कि भारत अब स्पेस वॉरफेयर में निर्णायक क्षमता हासिल कर चुका है।
चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के खिलाफ भारत को टैक्टिकल एडवांटेज मिला है।
यह अंतरिक्ष-आधारित तकनीकें अब भारत की थलसेना, नौसेना और वायुसेना—तीनों को सपोर्ट कर रही हैं।
ऑपरेशन सिंदूर न सिर्फ एक सफल सैन्य अभियान था, बल्कि भारत की तकनीकी और अंतरिक्ष शक्ति का प्रदर्शन भी था। जिस तरह से भारत ने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, रडार जैमिंग, और उपग्रह निगरानी को एकीकृत किया, वह आने वाले वर्षों में मॉडर्न वॉरफेयर की नई दिशा तय करेगा।
नई दिल्ली: पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत को एक बार फिर (Operation Sindoor) अपनी सैन्य ताकत और दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाने का मौका दिया. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दुनिया को अपनी रणनीतिक क्षमता का परिचय दिया. इस अभियान में भारतीय नौसेना, थल सेना, और वायुसेना ने मिलकर अभूतपूर्व समन्वय दिखाया. इस बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत का दौरा किया और नौसेना के जवानों का उत्साह बढ़ाया. यह लेख ऑपरेशन सिंदूर की सफलता, INS विक्रांत की विशेषताओं, और भारत की समुद्री शक्ति पर प्रकाश डालता है. Operation Sindoor
भारत की शान INS विक्रांत पर आदरणीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी का स्वागत,
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 6-7 मई 2025 की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया. इस अभियान का उद्देश्य पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले क्षेत्रों में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करना था. भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी आकाश मिसाइल सिस्टम और ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों के साथ सटीक हमले किए, जिससे आतंकी ढांचे तबाह हो गए. दूसरी ओर, भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अपनी रणनीतिक तैनाती से पाकिस्तानी नौसेना को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अभियान को भारत की सैन्य रणनीति का मील का पत्थर बताया. उन्होंने कहा, “हमने आतंकियों और उनके समर्थकों को साफ संदेश दिया कि भारत अब चुप नहीं रहता, बल्कि निर्णायक कार्रवाई करता है.” नौसेना ने अपने कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ समुद्र में पूर्ण वर्चस्व स्थापित किया, जिससे पाकिस्तान की नौसैन्य गतिविधियाँ बंदरगाहों तक सीमित हो गईं.
#WATCH INS विक्रांत पर के दौरे पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "…पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद, जब भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, तो हमारी सशस्त्र बल ने जिस गति, गहराई और स्पष्टता के साथ कार्रवाई की, वह अद्भुत था। उसने न केवल आतंकवादियों को, बल्कि… pic.twitter.com/4D6Q47ZVot
INS विक्रांत: भारत का स्वदेशी गौरव- Operation Sindoor
INS विक्रांत, भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत, भारतीय नौसेना की ताकत का प्रतीक है. कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित, यह युद्धपोत ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का जीवंत उदाहरण है. इसमें 70% से अधिक स्वदेशी तकनीक और सामग्री का उपयोग हुआ है. यह 262 मीटर लंबा, 62 मीटर चौड़ा, और 59 मीटर ऊँचा है, जो इसे एक विशाल समुद्री किला बनाता है.
INS विक्रांत की प्रमुख विशेषताएँ:-
विस्थापन: 45,000 टन, जो इसे समुद्र में अभेद्य शक्ति प्रदान करता है।
विमान क्षमता: 30 से अधिक लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर, जैसे MiG-29K, कामोव Ka-31, और स्वदेशी ALH ध्रुव। जल्द ही राफेल M भी शामिल होगा।
हथियार प्रणाली: 64 बराक-8 मिसाइलें (हवा में मार करने वाली), 16 ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलें (400 किमी रेंज), और टॉरपीडो लॉन्चर।
इंजन: जनरल इलेक्ट्रिक टर्बाइन, जो 1.10 लाख हॉर्सपावर की शक्ति देता है और 56 किमी/घंटा की गति प्रदान करता है।
INS विक्रांत का कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, जिसमें विध्वंसक, फ्रिगेट्स, और पनडुब्बी रोधी पोत शामिल हैं, एक शक्तिशाली इकाई है। यह समूह हवाई, सतह, और पनडुब्बी हमलों से रक्षा करने के साथ-साथ खोज-बचाव और समुद्री निगरानी में सक्षम है। ऑपरेशन सिंदूर में इस ग्रुप ने पाकिस्तानी नौसेना को तटों तक सीमित कर भारत की सामरिक श्रेष्ठता साबित की।
रक्षा मंत्री का INS विक्रांत दौरा
30 मई 2025 को, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरब सागर में तैनात INS विक्रांत का दौरा किया। उन्होंने नौसेना के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात की, उनकी बहादुरी की सराहना की, और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर चर्चा की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “INS विक्रांत पर खड़े होकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है। आपकी दृढ़ता और साहस भारत की असली ताकत है।”
उन्होंने नौसेना की आक्रामक रणनीति और समुद्री निगरानी की तारीफ की, जिसने पाकिस्तानी नौसेना को कोई मौका नहीं दिया। 1971 के युद्ध का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “उस समय हमने पाकिस्तान को दो हिस्सों में बाँट दिया था। इस बार अगर नौसेना पूरे जोश में उतरती, तो शायद पाकिस्तान के कई टुकड़े हो जाते।”
ब्रह्मोस मिसाइल: भारत की सटीक ताकत
ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने अहम भूमिका निभाई। भारत और रूस के संयुक्त उद्यम से निर्मित यह मिसाइल अपनी गति (ध्वनि की गति से 3 गुना) और सटीकता के लिए जानी जाती है। इसकी विशेषताएँ हैं:
रेंज: 400 किमी तक, जिसे जल्द ही 800 किमी तक बढ़ाया जाएगा।
लॉन्च मोड: जमीन, समुद्र, और हवा से प्रक्षेपण की क्षमता।
सटीकता: उन्नत नेविगेशन सिस्टम से पिनपॉइंट सटीकता।
इस अभियान में 12 से अधिक ब्रह्मोस मिसाइलों ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों और सैन्य सुविधाओं को नष्ट किया। इसकी सफलता ने भारत की रक्षा तकनीक को वैश्विक मंच पर चमकाया और कई देशों को इस मिसाइल की खरीद के लिए प्रेरित किया।
आत्मनिर्भर भारत: रक्षा क्षेत्र में नया दौर
INS विक्रांत और ब्रह्मोस मिसाइल भारत की आत्मनिर्भरता की मिसाल हैं। पिछले एक दशक में भारत का रक्षा निर्यात 30 गुना से अधिक बढ़ा है, जो 20,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुँच गया है। स्वदेशी हथियार जैसे आकाश मिसाइल, तेजस विमान, और ATAGS तोप ने भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में एक मजबूत स्थान दिलाया है।
रक्षा मंत्री ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में ब्रह्मोस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य भारत को रक्षा उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाना है।” यह इकाई न केवल भारत की रक्षा क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि रोजगार सृजन में भी योगदान देगी।
भविष्य की चुनौतियाँ और नौसेना की तैयारियाँ
राजनाथ सिंह ने नौसेना को आगाह किया कि भविष्य में चुनौतियाँ और जटिल होंगी। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को समझ लेना चाहिए कि आतंकवाद का समय अब खत्म हो चुका है। अगर वह दोबारा कोई गलती करता है, तो हमारी नौसेना पूरी ताकत से जवाब देगी।”
हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते सामरिक और आर्थिक महत्व को देखते हुए, भारतीय नौसेना अपनी क्षमताओं को और मजबूत कर रही है। INS विक्रांत, INS विक्रमादित्य, और अन्य आधुनिक युद्धपोत भारत को समुद्री शक्ति के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
भुज (गुजरात): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के भुज में भव्य रोड शो (PM MODI BHUJ ROADSHOW) किया और ₹53,400 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया. इस दौरान जनसमूह ने मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया और पूरे शहर में उत्सव का माहौल देखने को मिला. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि “भुज की विकास गाथा प्रेरणादायक है. आज शुरू की गई परियोजनाएं पावर, रिन्यूएबल एनर्जी, पोर्ट और अन्य बुनियादी ढांचे में नई गति लाएंगी.” PM MODI BHUJ ROADSHOW
मेगा प्रोजेक्ट्स से होगा विकास को बढ़ावा
प्रधानमंत्री द्वारा जिन प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया गया, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं:-
खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क से उत्पन्न होने वाली पवन और सौर ऊर्जा को ले जाने के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क
कांडला पोर्ट पर विस्तारीकरण कार्य
तापी जिले में अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट यूनिट
राज्य सरकार की सड़क, जल आपूर्ति और सौर ऊर्जा परियोजनाएं
जब भी मैं कच्छ के विकास को गति देने आता हूं तो मुझे लगता है कि मैं और कुछ करूंगा, कुछ नया करूंगा, और कुछ नया करूंगा… मन रुकने का नाम नहीं करता है।
आज यहां विकास से जुड़े 50 हजार करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि ये योजनाएं न सिर्फ गुजरात, बल्कि देश के ऊर्जा भविष्य के लिए भी निर्णायक साबित होंगी. PM MODI BHUJ ROADSHOW
ऑपरेशन सिंदूर पर कड़ा संदेश- PM MODI BHUJ ROADSHOW
भुज से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के दाहोद में एक जनसभा को भी संबोधित किया. वहां उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सरकार की रणनीति पर खुलकर बात की और हाल ही में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए सख्त संदेश दिया.
कच्छ के लोग,यहां के लोगों का आत्मविश्वास अभावों के बीच भी आत्मविश्वास से भरे हुए लोग… ये हमेशा हमेशा मेरे जीवन को दिशा देते रहे हैं।
जो पुरानी पीढ़ी के लोग हैं वो जानते हैं, वर्तमान पीढ़ी को शायद पता नहीं है, आज तो यहां का जीवन बहुत आसान हो गया है, लेकिन तब हालात कुछ और हुआ… pic.twitter.com/8j2Lmqe0Aw
PM मोदी ने कहा, “जब कोई हमारी बहनों के सिंदूर को मिटाता है, तो उसका भी मिटना तय हो जाता है।” उन्होंने इसे केवल एक सैन्य ऑपरेशन नहीं, बल्कि भारतीय भावनाओं और मूल्यों का प्रतीक बताया.
आज कच्छ व्यापार, कारोबार और टूरिज्म का बड़ा सेंटर है.
आतंकवाद के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति- PM MODI BHUJ ROADSHOW
पुलवामा और हाल ही में पहलगाम जैसे आतंकी हमलों के जवाब में भारत की जवाबी कार्रवाई को लेकर मोदी सरकार की नीति स्पष्ट रही है। ऑपरेशन सिंदूर को इसी दृष्टिकोण का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें भारत ने सीमा पार आतंक के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है.
मोदी ने कहा, “हमारे सैनिकों ने यह दिखा दिया है कि भारत अब सहने वाला देश नहीं है, जवाब देने वाला राष्ट्र बन चुका है.”
जनता से जबरदस्त जुड़ाव
भुज के रोड शो में हजारों लोगों ने मोदी के समर्थन में हाथ हिलाकर उनका स्वागत किया. पूरे रास्ते को फूलों और बैनरों से सजाया गया था. मोदी के इस दौरे को लोकसभा चुनावों से पहले एक मजबूत राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” (Mann Ki Baat) के 122वें संस्करण में राष्ट्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में भारत की सशक्त भूमिका और गौरवशाली सैन्य पराक्रम की सराहना की. इस दौरान उन्होंने हाल में संपन्न हुए “ऑपरेशन सिंदूर” को विशेष रूप से रेखांकित किया, जो आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और बदलते राष्ट्रीय दृष्टिकोण का प्रतीक बनकर उभरा है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि “आज हर भारतीय का संकल्प है – आतंकवाद को जड़ से खत्म करना.” ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना द्वारा जिस साहस और सटीकता के साथ आतंकवादी ठिकानों पर प्रहार किया गया, वह “असाधारण और प्रेरणादायक” है. उन्होंने इसे केवल एक सैन्य मिशन नहीं, बल्कि नए भारत की तस्वीर, संकल्प और साहस का प्रतीक बताया. Mann Ki Baat
ऑपरेशन सिंदूर: देशभक्ति की लहर और जनसहभागिता- Mann Ki Baat
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतवासियों के दिलों में देशभक्ति की एक नई ज्वाला जलाई है. कई शहरों, कस्बों और गांवों में तिरंगा यात्राएं निकाली गईं. हजारों नागरिक सड़कों पर उतर आए, हाथों में तिरंगा लिए, अपने वीरों को नमन करने और राष्ट्र के प्रति समर्पण व्यक्त करने. Mann Ki Baat
इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने भावुक होते हुए बताया कि कई परिवारों ने अपने नवजात बच्चों का नाम ‘सिंदूर’ रखा, जिससे यह अभियान लोगों के जीवन का हिस्सा बन गया है. बिहार के कटिहार, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और अन्य कई क्षेत्रों में यह देशभक्ति की भावना का नया प्रतीक बन गया. Mann Ki Baat
उन्होंने आगे कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर ने दुनियाभर में आतंकवाद के खिलाफ एक स्पष्ट और मजबूत संदेश दिया है. इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि भी और मजबूत हुई है.” यह बदलते भारत की झलक है – एक ऐसा भारत जो अब आतंक के हर स्वरूप का जवाब देने में सक्षम है. Mann Ki Baat
आज माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम अपने आवास पर साथियों के साथ सुना… आज हर भारतीय का यही संकल्प है, हमें आतंकवाद को खत्म करना ही है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेनाओं ने जो पराक्रम दिखाया है, उसने हर हिंदुस्तानी का सिर ऊंचा कर दिया है।… pic.twitter.com/NJSWyYOBu9
पीएम मोदी ने यह स्पष्ट किया कि सेना की रणनीति और संचालन में दिखी सटीकता अद्वितीय है. सीमापार जाकर दुश्मनों के अड्डों को तबाह करना और आतंकवादियों को जवाब देना, भारत की सैन्य क्षमताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा में उन्नत दृष्टिकोण का प्रतीक है.
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ गोलियों और बंदूकों की कहानी नहीं, बल्कि भारत के बदलते आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति की कहानी है. इसके बाद भारतवासियों ने न केवल सोशल मीडिया पर अपना समर्थन जताया, बल्कि जनजागरूकता अभियानों और शांति रैलियों में भी भाग लिया.
शेरों के संरक्षण पर भी बोले प्रधानमंत्री
इस बार के मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी ने पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की भी चर्चा की. उन्होंने गुजरात के गिर वन में शेरों की संख्या में वृद्धि को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की.
प्रधानमंत्री ने कहा, “शेरों की आबादी पिछले 5 वर्षों में 674 से बढ़कर 891 हो गई है. यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि हमारी पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का प्रमाण है.”
उन्होंने कहा कि भारत अब न केवल आतंक के खिलाफ एकजुट है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता की रक्षा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है. शेरों की संख्या में यह वृद्धि सामूहिक प्रयासों, वन अधिकारियों की मेहनत और सरकार की नीतियों का परिणाम है.
आज प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री @ajaeybjp जी ने हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा के लालढांग मण्डल की बूथ संख्या 36 पर प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के प्रेरणादायक कार्यक्रम 'मन की बात' के 122वें संस्करण को बूथ कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय जनों के साथ सुना।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर वन विभाग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि अब अधिक महिलाएं वन रक्षकों और पर्यावरण अधिकारियों के रूप में कार्य कर रही हैं. यह न केवल लैंगिक समानता की दिशा में सकारात्मक कदम है, बल्कि भारत के समावेशी विकास मॉडल को भी दर्शाता है.
मन की बात बना राष्ट्रीय प्रेरणा का माध्यम
‘मन की बात’ के इस संस्करण ने एक बार फिर साबित किया कि यह कार्यक्रम केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और समाज को दिशा देने का एक प्रभावशाली मंच बन गया है.
ऑपरेशन सिंदूर और शेरों के संरक्षण जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाकर प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल लोगों में जागरूकता बढ़ाई, बल्कि एकजुटता, सम्मान और आत्मगौरव की भावना को भी मजबूती प्रदान की.
नई दिल्ली/भुज: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को गुजरात के भुज एयर फोर्स स्टेशन (RAJNATH SLAMS PAKISTAN) का दौरा कर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए वायुसेना के जवानों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना ने इस ऑपरेशन में आतंकवाद के खिलाफ इतनी तेजी और सटीकता से कार्रवाई की कि जितनी देर में आम आदमी नाश्ता करता है, उतनी ही देर में दुश्मन को ध्वस्त कर दिया गया.
“23 मिनट में दुश्मन खत्म” – राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को खुली चेतावनी
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद को कुचलने के लिए भारतीय वायुसेना के लिए सिर्फ 23 मिनट ही काफी थे।” उन्होंने आगे कहा, “जितनी देर में लोग नाश्ता करते हैं, उतनी देर में आपने दुश्मनों को निपटा दिया.”
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत ने पाकिस्तान की धरती पर मौजूद 9 बड़े आतंकी ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त किया. साथ ही, पाकिस्तान की कई प्रमुख सैन्य सुविधाओं को भी गंभीर क्षति पहुंचाई गई.
ऑपरेशन सिंदूर अभी ख़त्म नहीं हुआ है, जो कुछ भी हुआ वह सिर्फ़ एक ट्रेलर मात्र था, जब सही समय आएगा, हम पूरी पिक्चर भी दुनिया को दिखला देंगे: रक्षा मंत्री @rajnathsingh
वायुसेना बनी ‘स्काइफोर्स’, छू ली आसमान की नई ऊंचाई
राजनाथ सिंह ने वायुसेना के जवानों की सराहना करते हुए कहा, “आपने इस ऑपरेशन में न केवल दुश्मन को डॉमिनेट किया, बल्कि उसे पूरी तरह से डेसीमेट भी किया.” उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना अब एक ऐसी ‘स्काइफोर्स’ बन गई है जो शौर्य, पराक्रम और तकनीकी क्षमता में विश्व में अग्रणी मानी जाती है. उन्होंने यह भी बताया कि भारत अब केवल आयातित हथियारों पर निर्भर नहीं है, बल्कि ‘मेड इन इंडिया’ शस्त्रों और तकनीकों से सुसज्जित हो चुका है.
ब्रह्मोस की मार से अंधेरे में दिखा दिन का उजाला
रक्षा मंत्री ने ब्रह्मोस मिसाइल की चर्चा करते हुए कहा, “भारत में बनी ब्रह्मोस मिसाइल ने दुश्मन को रात के अंधेरे में दिन का उजाला दिखा दिया.” उन्होंने कहा कि भारत के एयर डिफेंस सिस्टम में DRDO द्वारा विकसित ‘आकाश’ मिसाइल और राडार प्रणाली की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही. यह पहली बार है जब भारत ने बिना सीमा पार किए, लॉन्ग रेंज प्रिसिजन स्ट्राइक से पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया है.
बदल रही है भारत की युद्ध नीति और तकनीक
राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर इस बात का प्रमाण है कि भारत की युद्ध नीति और टेक्नोलॉजी दोनों में आमूलचूल परिवर्तन आ चुका है.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब भारत मूल रूप से तैयार हथियारों और अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों के दम पर दुश्मन को मात दे सकता है.
इस ऑपरेशन के दौरान, हाईपरसोनिक ड्रोन्स, स्टील्थ फाइटर जेट्स, और AI-नियंत्रित मिशन मैपिंग सिस्टम का उपयोग किया गया, जिसने पूरे मिशन को विश्व स्तर पर उल्लेखनीय बना दिया.
पाकिस्तान को ‘शेर’ के जरिए चेताया
अपने भाषण में राजनाथ सिंह ने उर्दू शायर बशीर बद्र की एक प्रसिद्ध पंक्ति के जरिए पाकिस्तान को चेतावनी दी:
“कागज़ का है लिबास, चराग़ों का शहर है; संभल-संभल के चलना, क्योंकि तुम नशे में हो.”
यह शेर न केवल पाकिस्तान के खोखले आतंकी तंत्र पर चोट करता है, बल्कि भारत के बदले हुए रुख की झलक भी देता है.
पाकिस्तान की जनता का टैक्स जा रहा आतंकवादियों की जेब में
रक्षा मंत्री ने खुलासा किया कि पाकिस्तान सरकार आम नागरिकों से वसूले गए कर (टैक्स) का पैसा आतंकी संगठनों को दे रही है. उन्होंने बताया कि ‘जैश-ए-मुहम्मद’ के मुखिया मसूद अजहर, जो कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी है, को पाकिस्तान सरकार द्वारा 14 करोड़ रुपए की मदद दी गई. उन्होंने कहा कि ये स्थिति बेहद चिंताजनक है और पाकिस्तान को अब यह समझना होगा कि आतंक का कोई भविष्य नहीं है.
दोनों मोर्चों पर भारतीय फौज सजग
राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में श्रीनगर में भारतीय सेना के जवानों से मुलाकात की और अब देश के पश्चिमी मोर्चे पर वायुसेना कर्मियों से संवाद कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि आप भारत की सीमाओं को हर स्थिति में सुरक्षित रखेंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि भारत न केवल जवाब दे, बल्कि ऐसा जवाब दे जो आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बने.
नई दिल्ली: पाकिस्तान द्वारा भारत के विरुद्ध आक्रामक रुख अपनाने के बाद भारतीय सेना (OPERATION SINDOOR) ने महज चार दिनों में जो जवाबी कार्रवाई की है, उसने न केवल पड़ोसी मुल्क को सामरिक स्तर पर झकझोर दिया है, बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी उसे बर्बादी की राह पर ला खड़ा किया है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना और वायुसेना ने पाकिस्तान के 11 प्रमुख एयरबेस, आतंकियों के लॉन्चपैड और उसके सामरिक ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है. इस अभियान में 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने और अरबों रुपये के सैन्य नुकसान की पुष्टि हुई है.
OPERATION SINDOOR: पाकिस्तान की वायु शक्ति को करारा झटका
भारतीय वायुसेना की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 11 एयरबेस को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया. इनमें नूर खान/चकलाला एयरबेस (रावलपिंडी), रफीकी बेस (शोरकोट), मुरीद बेस, सियालकोट एयरबेस, स्कार्दू, पसरूर, भोलारी और जैकोबाबाद जैसे सामरिक दृष्टि से अहम केंद्र शामिल हैं.
विशेषज्ञों के मुताबिक, इन एयरबेस पर हुए हमलों से पाकिस्तान की वायुसेना लगभग पंगु हो गई है. फाइटर जेट्स की तैनाती और उड़ान संचालन में बाधा उत्पन्न हो चुकी है. इन ठिकानों की मरम्मत और पुनर्निर्माण में महीनों लग सकते हैं.
ऑपरेशन के दौरान भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान के सबसे अहम एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) विमान को भी निशाना बनाया. यह विमान पाकिस्तानी पंजाब क्षेत्र में उड़ान भर रहा था, जब उसे ध्वस्त कर दिया गया. इस विमान की अनुमानित कीमत ₹5,845 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जिससे पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नामक सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की. इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकियों के 9 बड़े ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया.
इस अभियान में मारे गए आतंकियों में पाकिस्तान के टॉप-5 खूंखार आतंकी भी शामिल हैं:
मुदस्सर खादियान
हाफिज मुहम्मद जमील
मोहम्मद यूसुफ अजहर
खालिद उर्फ अबू अक्शा
मोहम्मद हसन खान
इनमें से कई मसूद अजहर जैसे मोस्ट वांटेड आतंकियों के करीबी माने जाते थे. भारतीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इनकी मौत से आतंकियों के नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है.
10-11 मई 2025 की रात हुएसैन्य सैन्य कार्रवाई और एयरस्पेस उल्लंघन के बाद, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी (#COAS) ने पश्चिमी सीमाओं के सेना कमांडरों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की#COAS ने 10 मई 2025 को हुई DGMO वार्ता में हुए समझौते के किसी भी उल्लंघन पर "काइनेटिक… pic.twitter.com/bwKuOqK6UG
एलओसी के निकट स्थित पाकिस्तान के आतंकी लॉन्चपैड, हथियार भंडारण और प्रशिक्षण केंद्र पूरी तरह बर्बाद कर दिए गए हैं. इन केंद्रों को फिर से खड़ा करना पाकिस्तान के लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि यह भारी निवेश और समय मांगता है.
भारतीय सेना की विशेष इकाइयों द्वारा की गई इन कार्रवाइयों ने पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुंचाया है और PoK में भर्ती प्रक्रिया भी लगभग ठप हो गई है.
महिला अधिकारियों की भूमिका: रणनीति से लेकर हमले तक
ऑपरेशन सिंदूर में महिला सैन्य अधिकारियों की भूमिका भी सराहनीय रही. सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ऑपरेशन के दौरान रणनीतिक दिशा-निर्देशों और मिशन को अंजाम देने में सक्रिय सहभागिता की.
कर्नल कुरैशी ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान की रक्षा प्रणाली को जड़ से हिलाना और आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करना था. “हमने मुख्य रूप से रडार स्टेशनों, कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर और हथियार डिपो को निशाना बनाया,” उन्होंने कहा.
📉 7,900 करोड़ का आर्थिक नुकसान
एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार, भारत से हुई इस जवाबी कार्रवाई के कारण पाकिस्तान को करीब ₹7,900 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है. इसमें शामिल हैं:
वायुसेना के बेस और विमानों का नुकसान
मिसाइल और हथियार भंडारण का नाश
आतंकियों की मौत और प्रशिक्षण केंद्रों का विनाश
आर्थिक गतिविधियों पर असर
यह नुकसान पाकिस्तान की पहले से ही जर्जर अर्थव्यवस्था को और डगमगाने वाला साबित हो सकता है.
भारत का स्पष्ट संदेश: हमला बर्दाश्त नहीं
इस ऑपरेशन से भारत ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि आतंक और सैन्य दुस्साहस के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, भारत भविष्य में भी ऐसे किसी हमले का जवाब सटीक, तीव्र और निर्णायक तरीके से देगा.
औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर पूर्व सैनिकों और कवियों ने (AURAIYA NEWS) एकजुट होकर भारत की सैन्य कार्रवाई को सराहा और पाकिस्तान के खिलाफ सख्त तेवर दिखाए. शहीद पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में सेना के समर्थन में आवाज बुलंद की गई और यह संदेश दिया गया कि चाहे पाकिस्तान हो या चीन, भारत का झुकना अब असंभव है.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने बढ़ाया देश का गौरव– AURAIYA NEWS
कार्यक्रम का आयोजन उस समय हुआ जब भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी शिविरों पर मिसाइल हमले कर कई ठिकानों को नष्ट कर दिया. यह ऑपरेशन पहलगाम में आतंकियों द्वारा की गई वीभत्स घटनाओं, जिनमें महिलाओं के सिंदूर उजाड़े गए थे, के जवाब में किया गया.
पूर्व सैनिकों का संकल्प: “जरूरत पड़ी तो सीमा पर जाएंगे फिर से लड़ने”
पूर्व सैनिक और भारत प्रेरणा मंच के अध्यक्ष अविनाश अग्निहोत्री ने कहा कि देश के लिए उन्होंने पहले भी सीमा पर लड़ा है और यदि जरूरत पड़ी तो फिर से लड़ने को तैयार हैं. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की नींव हिल चुकी है. अब वह भयभीत है और उसे भयभीत होना भी चाहिए. इस बार उसका सफाया तय है.” (AURAIYA NEWS)
औरैया में पूर्व सैनिकों और कवियों ने भरी हुंकार (Photo- Nation Now Samachar)
वीर रस की कविताओं से गूंजा शहीद पार्क
कवि अजय शुक्ला ‘अंजाम’ ने कहा कि यह आतंकवाद पाकिस्तान प्रायोजित है और भारत ने अब तक सहन किया है, लेकिन अब जवाब देने का वक्त है. उन्होंने कहा, “पहले हमने क्षमा की, पर इस बार हमारी बहनों के सामने उनके सुहाग उजाड़े गए. अब देश ने ठान लिया है कि जवाब ऐसा होगा जो सदियों तक याद रखा जाएगा.”
“पाकिस्तान को सबक सिखाने का वक्त आ गया है”
कार्यक्रम में भारत की रणनीति की भी सराहना की गई. अजय शुक्ला ने कहा, “12 दिन की तैयारी के बाद जो हमला हुआ, उससे लाहौर, कराची, रावलपिंडी और इस्लामाबाद सब दहल गए हैं. अब पाकिस्तान को महसूस हो रहा है कि उसने किस दुश्मन से पंगा लिया है.”
एक स्वर में बोले सैनिक और नागरिक: “हिंदुस्तान जिंदाबाद”
कार्यक्रम के दौरान ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे भी लगे. जनमानस में जोश इस बात का संकेत था कि भारत अब कमजोर नहीं, बल्कि आक्रामक और निर्णायक कार्रवाई के लिए तैयार राष्ट्र है.
नई दिल्ली: भारतीय सेना ने 7 मई को सुबह 1:30 बजे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत (JeM LeT TERRORISTS KILLED) पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी शिविरों पर एक साथ हमला किया. यह कार्रवाई हालिया आतंकी हमलों के जवाब में की गई थी और इसमें लश्कर-ए-तैयबा व जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के कई शीर्ष आतंकी मारे गए. खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन में करीब 100 आतंकियों के मारे जाने की संभावना है.
🚨 ऑपरेशन सिंदूर ब्रेकिंग 🚨 🔹 भारतीय सशस्त्र बलों का बड़ा एक्शन, 7 मई को किया गया सटीक हमला 🔹 पाकिस्तान व PoK में LeT और JeM के 9 आतंकी ठिकाने तबाह 🔹 IC-814 प्लेन हाइजैक केस में वांछित मौलाना यूसुफ अजहर मारा गया pic.twitter.com/1wKNxy4wf4
हमले में मारे गए पांच खतरनाक आतंकी (JeM LeT TERRORISTS KILLED)
1- मुदस्सर खादियान खास उर्फ अबू जुंदाल मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर मरकज तैयबा का प्रभारी मुदस्सर खादियान खास पाकिस्तान के लिए विशेष महत्व रखता था. उसकी मौत के बाद पाकिस्तानी सेना ने उसे गार्ड ऑफ ऑनर दिया और नमाज एक सरकारी स्कूल में पढ़ी गई, जिसमें सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज भी शामिल हुए. यह इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान की सरकार और सेना आतंकियों को खुलेआम सम्मान देती है.
2- हाफिज मुहम्मद जमील जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हाफिज मुहम्मद जमील, मसूद अजहर का सबसे बड़ा साला था. वह बहावलपुर में स्थित मरकज सुभान अल्लाह का प्रभारी था. वह युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें फिदायीन बनाता और संगठन के लिए फंड जुटाता था. भारतीय सेना ने उसके ठिकाने को ऑपरेशन सिंदूर में पूरी तरह तबाह कर दिया.
3- मोहम्मद यूसुफ अजहर यूसुफ अजहर, जिसे उस्ताद जी और मोहम्मद सलीम के नाम से भी जाना जाता था, IC-814 विमान अपहरण कांड में भारत का वांछित आतंकवादी था. वह जैश के लिए हथियार प्रशिक्षण की जिम्मेदारी संभालता था और जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों की योजना बनाता था. उसकी मौत से जैश को गहरा झटका लगा है.
4- खालिद उर्फ अबू अकाशा लश्कर का यह आतंकी जम्मू-कश्मीर में कई हमलों में संलिप्त रहा था और अफगानिस्तान से हथियारों की तस्करी में भी भूमिका निभाता था. उसका अंतिम संस्कार फैसलाबाद में हुआ, जिसमें पाकिस्तानी सेना के अधिकारी और डिप्टी कमिश्नर शामिल हुए.
5- मोहम्मद हसन खान जैश का यह ऑपरेशनल कमांडर, मुफ्ती असगर खान कश्मीरी का बेटा था. वह पीओके से भारत में हमलों के समन्वयन में सक्रिय भूमिका निभाता था. उसकी मौत जैश की कमांड संरचना के लिए बड़ा झटका है.
पाकिस्तान सेना ने पश्चिमी मोर्चे पर आक्रामक गतिविधियां जारी रखी हैं। लड़ाकू विमान, ड्रोन और मिसाइल का इस्तेमाल किया, नियंत्रण रेखा पर भी भारी गोलाबारी की, श्रीनगर से नलिया तक 26 से ज्यादा स्थानों पर हवाई घुसपैठ का प्रयास हुआ, उधमपुर, पठानकोट, आदमपुर और भुज में हमें थोड़ा नुकसान… pic.twitter.com/FEWsGzEAN0
एयर स्ट्राइक के निशाने पर कौन-कौन से आतंकी ठिकाने थे?
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना ने कुल 9 लोकेशन पर 24 से अधिक हमले किए. इनमें चार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में और पांच पीओके में स्थित थे.
पाकिस्तान में निशाने पर रहे स्थान:–
बहावलपुर का जैश मुख्यालय मरकज सुभान अल्लाह
मुरीदके का लश्कर मुख्यालय मरकज तैयबा
सियालकोट का जैश कैंप सरजल
हिजबुल का महमूना कैंप
पीओके में नष्ट किए गए शिविर:–
कोटली का बॉम्बर कैंप
गुलपुर कैंप
मुजफ्फराबाद का सवाई कैंप
जैश का बिलाल कैंप
भीमबेर का बरनाला टेरर कैंप
पाकिस्तान की दोहरी नीति उजागर
ऑपरेशन सिंदूर के बाद जिस तरह से पाकिस्तान के सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी मारे गए आतंकियों के जनाजों में शामिल हुए, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान का दावा कि वह आतंक का समर्थन नहीं करता—पूरी तरह से झूठा है. यह कार्रवाई भारत के लिए सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि कूटनीतिक जीत भी है.
मेरठ: पाकिस्तान की ओर से भारत के खिलाफ की गई आतंकवादी हरकतों (MEERUT AGAINST TERROR ATTACK) को लेकर देशभर में आक्रोश है. इसी के तहत मेरठ में गुरुवार रात मुस्लिम समाज के लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने आरटीओ ऑफिस के पास सड़क पर पाकिस्तान का पुतला जलाया और “पाकिस्तान मुर्दाबाद” के नारे लगाए. लोगों ने पाकिस्तान को कायर करार देते हुए कहा कि अब भारत को जवाबी कार्रवाई करनी चाहिए.
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से बार-बार किए जा रहे आतंकवादी हमले अब सहन नहीं किए जाएंगे. प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से मुस्लिम समाज के लोग शामिल थे, जो देश के साथ अपनी एकता और वफादारी जताने के लिए सड़कों पर उतरे.
🔥 पुतला फूंक कर जताया आक्रोश प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हाल ही में पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर में निर्दोष नागरिकों और जवानों पर किए गए हमले बेहद शर्मनाक और कायरतापूर्ण हरकत है. उन्होंने कहा कि यह हमला न केवल भारत की संप्रभुता पर चोट है, बल्कि मानवता के खिलाफ भी है.
Indian Navy's maiden initiative of Indian Ocean Ship Sagar, jointly crewed by personnel from 9 IOR Navies, concluded its month-long deployment in SW IOR region and returned to Kochi on 8 May. The successful completion of the deployment marks a new chapter in maritime cooperation… pic.twitter.com/l0Dsm1WZZL
इस मौके पर मौजूद हसीन अहमद सैफी ने कहा, “पाकिस्तान ने अब तक जितनी भी जंगें लड़ी हैं, हर बार उसे मुंह की खानी पड़ी है और आगे भी उसका यही अंजाम होगा. भारत की सेना हर बार की तरह इस बार भी मजबूती से जवाब देगी.” उन्होंने कहा कि “जिस तरह पहलगाम में निर्दोष भारतीयों का खून बहाया गया है, उसे हम चुपचाप नहीं देख सकते.”
👥 मुस्लिम समाज का स्पष्ट संदेश प्रदर्शन में मौजूद कई लोगों ने यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और पाकिस्तान जैसे देश की हरकतों को किसी भी कीमत पर समर्थन नहीं दिया जा सकता. एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम मुस्लिम हैं, लेकिन सबसे पहले हम भारतीय हैं. पाकिस्तान जैसे आतंकी देश से हमारा कोई लेना-देना नहीं है.” लोगों ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि पाकिस्तान को उसके कर्मों की सज़ा दी जाए.
In Samba Sector of Jammu Frontier BSF, in the intervening night of 8th and 9th of May 2025, an infiltration attempt by a big group of terrorists has been tried, which was detected by surveillance grid.
📍 प्रदर्शन स्थल पर भारी भीड़, पुलिस रही सतर्क यह विरोध प्रदर्शन मेरठ के आरटीओ ऑफिस के पास हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोग जुटे और उन्होंने डंडों से पाकिस्तान के पुतले को पीटकर अपना गुस्सा निकाला. इस दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रही.
✊ जनता का समर्थन, सोशल मीडिया पर भी दिखा असर इस प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही हैं. ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोगों ने मुस्लिम समाज की इस देशभक्ति की सराहना की और कहा कि यह भारत की सच्ची एकता और अखंडता का प्रतीक है.