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Tag: औरैया न्यूज़

  • औरैया 48 घंटे के भीतर पिंटू हत्याकांड का खुलासा, कई अहम खुलासे

    औरैया 48 घंटे के भीतर पिंटू हत्याकांड का खुलासा, कई अहम खुलासे

    रिपोर्टर अमित शर्मा उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में हुए सनसनीखेज औरैया पिंटू हत्याकांड का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। सहायल थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में हत्या के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस, दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की है।

    पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 25 दिसंबर 2025 को थाना सहायल क्षेत्र में एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य संकलन कराया गया और मामले के शीघ्र अनावरण के लिए विशेष टीमें गठित की गईं।

    परिजनों की तहरीर के आधार पर अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अभिषेक उर्फ दीपक कुमार पुत्र छविनाथ, निवासी फतेहपुर थाना सहार जनपद औरैया के रूप में हुई है। वह मृतक पिंटू उर्फ सतीश का दूर का रिश्तेदार और साढ़ू बताया जा रहा है। दूसरा अभियुक्त उसका मित्र गौरव कठेरिया है, जो पूरी वारदात में उसके साथ शामिल था।

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    पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि अभिषेक को शक था कि मृतक के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध थे। इस बात को लेकर दोनों के बीच पहले भी कई बार विवाद और कहासुनी हो चुकी थी। अभियुक्त का आरोप है कि मृतक द्वारा लगातार धमकी दिए जाने से वह मानसिक रूप से परेशान था।इसी रंजिश के चलते अभिषेक ने अपने मित्र गौरव के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। दोनों ने मृतक को सुनसान इलाके में बुलाया और शराब पिलाने के बाद 315 बोर के तमंचे से गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गोली लगने से मृत्यु की पुष्टि हुई है।फिलहाल पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

  • औरैया फीस के अभाव में स्कूल नहीं जा रही थी छात्रा, प्रिंसिपल ने खुद पहुंचकर दिया भरोसा

    औरैया फीस के अभाव में स्कूल नहीं जा रही थी छात्रा, प्रिंसिपल ने खुद पहुंचकर दिया भरोसा

    औरैया।उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से शिक्षा और संवेदनशीलता से जुड़ी एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है। यहां एक छात्रा कई दिनों से स्कूल नहीं आ रही थी। जब इस बात की जानकारी स्कूल प्रबंधन को हुई, तो स्कूल के प्रिंसिपल ने एक जिम्मेदार शिक्षक की भूमिका निभाते हुए खुद छात्रा के घर जाकर उससे मुलाकात की।

    मुलाकात के दौरान छात्रा ने जो कारण बताया, वह चौंकाने वाला था। उसने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह स्कूल की फीस नहीं भर पा रही थी, इसी वजह से उसने स्कूल जाना बंद कर दिया। छात्रा की बात सुनते ही प्रिंसिपल ने बेहद संवेदनशील अंदाज में पूछा “तुमसे फीस किसने मांगी है?”

    प्रिंसिपल का यह जवाब सुनकर छात्रा भावुक हो गई। यह छोटा सा संवाद अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे शिक्षा के क्षेत्र में इंसानियत और जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं।

    प्रिंसिपल ने छात्रा को भरोसा दिलाया कि उसकी पढ़ाई फीस के अभाव में नहीं रुकेगी। उन्होंने छात्रा और उसके परिवार को समझाया कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और किसी भी हाल में आर्थिक तंगी उसकी पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी। इसके बाद छात्रा को नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रेरित किया गया।

    इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था में फीस और आर्थिक असमानता के मुद्दे को उजागर कर दिया है। कई परिवार आज भी आर्थिक कारणों से अपने बच्चों को स्कूल भेजने में असमर्थ हैं, जिससे बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाता है। ऐसे में औरैया के इस स्कूल प्रिंसिपल का कदम शिक्षा जगत के लिए एक सकारात्मक संदेश देता है।

    सोशल मीडिया पर लोग इस प्रिंसिपल की जमकर सराहना कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि अगर हर शिक्षक और स्कूल प्रबंधन इसी तरह संवेदनशीलता दिखाए, तो कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा। कई लोगों ने इसे “सच्चे गुरु” की पहचान बताया है।

    यह मामला केवल एक छात्रा की स्कूल वापसी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज को सोचने पर मजबूर करता है कि क्या फीस किसी बच्चे की शिक्षा से बड़ी हो सकती है? औरैया की यह घटना साबित करती है कि जब इंसानियत और जिम्मेदारी साथ चलें, तो शिक्षा सचमुच समाज को बदल सकती है।

  • औरैया में कफ सिरप से मासूम की मौत, 8 माह का बच्चा गंभीर; क्लीनिक सील

    औरैया में कफ सिरप से मासूम की मौत, 8 माह का बच्चा गंभीर; क्लीनिक सील

    औरैया | रिपोर्ट: अमित शर्मा उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एरवाकटरा थाना क्षेत्र में वयस्कों के लिए बने कफ सिरप का सेवन कराने से 20 माह के मासूम की मौत हो गई, जबकि उसका 8 माह का भाई गंभीर हालत में सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और प्रशासन ने तत्काल बड़ी कार्रवाई की है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, सचिन अपनी पत्नी और दो बच्चों—रोहन (20 माह) और सोहन (8 माह)—के साथ नगला कहारन स्थित अपने मौसा प्रकाश बाबू के घर एक मुंडन कार्यक्रम में शामिल होने गया था। रात के समय दोनों बच्चों को खांसी-जुकाम की शिकायत हुई। इस दौरान घर में पहले से रखा वयस्कों के लिए बना कफ सिरप बच्चों को पिला दिया गया।

    कफ सिरप पीते ही दोनों बच्चों की हालत अचानक बिगड़ गई। घबराए परिजन आनन-फानन में बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने रोहन को मृत घोषित कर दिया। वहीं सोहन की हालत गंभीर होने पर उसे तुरंत सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।घटना की सूचना मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सुरेंद्र सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर ज्योत्सना आनंद और उपजिलाधिकारी अमित कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से पूछताछ की और यह जानने का प्रयास किया कि कफ सिरप कहां से आया था और उसका उपयोग कैसे किया गया।

    प्राथमिक जांच में सामने आया कि यह कफ सिरप करीब डेढ़ माह पहले किसी वयस्क के लिए खरीदा गया था और घर में रखा हुआ था। बच्चों को दिए जाने से पहले किसी डॉक्टर से सलाह नहीं ली गई थी।

    स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरु प्रसाद अस्पताल/क्लीनिक से कफ सिरप के नमूने लेकर उन्हें लखनऊ लैब भेज दिया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सिरप में कोई मिलावट थी या यह मामला ओवरडोज़ का है। साथ ही मृतक बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है, जहां डॉक्टरों के पैनल द्वारा जांच की जा रही है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने गुरु प्रसाद क्लीनिक को सील कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना चिकित्सकीय परामर्श बच्चों को दवाइयां बिल्कुल न दें, खासकर वयस्कों की दवाएं।

  • औरैया विवाहिता ने खाया जहरीला पदार्थ, इलाज के बाद घर लौटी और हुई मौत, पति ओडिशा में कार्यरत

    औरैया विवाहिता ने खाया जहरीला पदार्थ, इलाज के बाद घर लौटी और हुई मौत, पति ओडिशा में कार्यरत

    रिपोर्टर – अमित शर्मा औरैया कोतवाली क्षेत्र के बबीना सुखचैनपुर गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला ने पांच दिन पहले जहरीला पदार्थ खाया था। कई दिनों तक इलाज के बाद जब हालत में सुधार हुआ, तो परिजन उसे घर ले आए। लेकिन शनिवार देर शाम उसकी तबीयत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    जानकारी के मुताबिक, मृतका संगीता सिंह (28) भदसिया गांव की रहने वाली थीं। वर्ष 2014 में उनकी शादी ऐरवाकटरा थाना क्षेत्र के नगला पहाड़ी निवासी रोहित चौहान से हुई थी। यह दंपत्ति बीते तीन साल से रैपिड स्कूल के पास किराए के मकान में रह रहा था। वहीं, रोहित चौहान प्राइवेट नौकरी करते हैं और ओडिशा में कार्यरत हैं।

    बताया जा रहा है कि 15 अक्टूबर को संगीता ने किसी बात को लेकर जहरीला पदार्थ खा लिया था। परिवार ने आनन-फानन में उन्हें बिधूना के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत गंभीर होने पर 16 अक्टूबर को उन्हें कानपुर के कल्याणपुर स्थित एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। पति रोहित चौहान भी सूचना मिलने पर ओडिशा से कानपुर पहुंच गए थे।

    तीन दिनों के इलाज के बाद संगीता की हालत में सुधार दिखा, जिसके बाद परिजन शुक्रवार (17 अक्टूबर) को उसे घर लेकर लौट आए। हालांकि, शनिवार देर शाम संगीता की तबीयत अचानक बिगड़ गई और घर पर ही उसकी मौत हो गई।मृतका संगीता अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं — पुत्र प्रिंस (9), पुत्री प्रांशी (6) और दिव्यांशी (3)। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

    प्रभारी निरीक्षक मुकेश चौहान ने बताया कि “शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा। तहरीर मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

  • औरैया: तहसील परिसर में बंदरों का आतंक, नोट उड़ाकर मचाई अफरा-तफरी

    औरैया: तहसील परिसर में बंदरों का आतंक, नोट उड़ाकर मचाई अफरा-तफरी

    रिपोर्टर: अमित शर्मा औरैया। जनपद में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला तहसील परिसर का है, जहां बंदरों ने अचानक नोटों की गड्डी उड़ाकर पूरे परिसर में अफरा-तफरी मचा दी। औरैया: तहसील परिसर में बंदरों का आतंक

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बंदर किसी तरह नोटों की गड्डी लेकर आए और अचानक उन्हें तहसील परिसर में इधर-उधर उड़ाने लगे। नोटों को गिरते देख लोग हैरान रह गए और उन्हें समेटने के लिए दौड़ पड़े।औरैया: तहसील परिसर में बंदरों का आतंक

    इस घटना से तहसील परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल बन गया। हालांकि बाद में लोगों को समझ आया कि यह कोई शरारत नहीं बल्कि बंदरों की करतूत थी। औरैया: तहसील परिसर में बंदरों का आतंक

    गौरतलब है कि औरैया जिले में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन बंदरों द्वारा लोगों को परेशान करने और सामान छीनने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। अब तहसील परिसर में इस तरह नोट उड़ाए जाने की घटना प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।औरैया: तहसील परिसर में बंदरों का आतंक

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  • औरैया- जेके सिटी में जलभराव से परेशान लोग, घरों में घुसा पानी

    औरैया- जेके सिटी में जलभराव से परेशान लोग, घरों में घुसा पानी

    औरैया: बेला कस्बे की जेके सिटी कॉलोनी में जलभराव की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। लगातार बारिश और नाले की उचित व्यवस्था न होने से क्षेत्र में घरों तक पानी घुस गया है। स्थानीय निवासी पिछले कई सालों से इस समस्या का सामना कर रहे हैं। औरैया- जेके सिटी में जलभराव से परेशान लोग

    मंडी रोड स्थित इस क्षेत्र के लोगों ने बताया कि ग्राम प्रधान से बार-बार शिकायत करने के बावजूद जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। गलियों में भरे गंदे पानी के कारण लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। बच्चों को रोजाना कीचड़ और दूषित पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है। औरैया- जेके सिटी में जलभराव से परेशान लोग

    ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मचारी महीनों से क्षेत्र में नहीं आते। गंदे पानी और कीचड़ के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ रही है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। औरैया- जेके सिटी में जलभराव से परेशान लोग

    अमित पोरवाल, श्याम नारायण, राज नारायण और बल्लू ठाकुर समेत अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करेंगे।इस बीच ग्राम प्रधान राकेश सिंह चौहान ने आश्वासन दिया है कि जिला पंचायत से नाला बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है और जल्द ही इसका काम शुरू कराया जाएगा।