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Tag: कानपुर देहात

  • कानपुर देहात में धर्मांतरण का बड़ा खुलासा: ‘नवाकांती सोसाइटी’ पर 10 साल से ईसाई बनाने का आरोप, तीन गिरफ्तार

    कानपुर देहात में धर्मांतरण का बड़ा खुलासा: ‘नवाकांती सोसाइटी’ पर 10 साल से ईसाई बनाने का आरोप, तीन गिरफ्तार

    कानपुर देहात जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है। “नवाकांती सोसाइटी” नाम से संचालित एक संस्था पर आरोप है कि वह बीते करीब दस वर्षों से गरीब, असहाय और दलित समुदाय के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही थी।इस पूरे मामले की शिकायत राम भरोसे नामक व्यक्ति ने पुलिस से की है, जो स्वयं लंबे समय तक इस संस्था से जुड़ा रहा और पहले ही धर्म परिवर्तन करा चुका था। राम भरोसे के अनुसार, शुरुआत में संस्था सामाजिक सेवा और रोजगार से जुड़े कामों का सहारा लेकर लोगों को जोड़ती थी, लेकिन धीरे-धीरे इन गतिविधियों का मकसद बदलता चला गया।

    प्रलोभन देकर बनाया जाता था नेटवर्क

    शिकायतकर्ता के मुताबिक, संस्था की ओर से सिलाई मशीन, ब्यूटी पार्लर ट्रेनिंग, हेयर कटिंग, हैंडपंप लगवाने, घरेलू सामान और रोजगार दिलाने जैसे प्रलोभन दिए जाते थे। जो लोग नए लोगों को जोड़कर लाते थे, उन्हें हर महीने ₹6,000 तक देने का लालच भी दिया जाता था। इन्हीं लालचों के जरिए गरीब और जरूरतमंद लोगों को बैठकों में बुलाया जाता था।

    बैठकों में बदल जाता था माहौल

    पीड़ितों का आरोप है कि शुरुआती बैठकों में सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन धीरे-धीरे बाइबल पढ़वाई जाती, ईसाई प्रार्थनाएं कराई जातीं और धर्म परिवर्तन के लिए कसम-वादे कराए जाते थे। कुछ बैठकों में सफेद पैंट-शर्ट पहने विदेशी नागरिकों की मौजूदगी भी देखी गई, जिससे पूरे नेटवर्क पर शक और गहराता चला गया।

    विरोध करने पर धमकियां

    पीड़ित परिवारों का कहना है कि जब उन्होंने इन गतिविधियों पर सवाल उठाए या धर्म परिवर्तन से इनकार किया, तो उन्हें रुपये दुगने लौटाने और जान से मारने तक की धमकियां दी गईं। लगातार डर और दबाव के चलते आखिरकार उन्होंने पुलिस का सहारा लिया।

    कोतवाली से 500 मीटर दूर चलता रहा खेल

    सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह कथित गोरखधंधा अकबरपुर कोतवाली से महज 500 मीटर की दूरी पर करीब 10 वर्षों से चल रहा था, लेकिन अब तक पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की।पुलिस ने डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी और सावित्री शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

    पुलिस जांच में जुटी

    फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हुई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बीते 10 वर्षों में कितने लोगों का धर्मांतरण कराया गया और इसके पीछे फंडिंग कहां से हो रही थी। सूत्रों के मुताबिक, हजारों लोगों के धर्म परिवर्तन की आशंका जताई जा रही है।

  • कानपुर देहात: तेज़ रफ्तार कार अनियंत्रित होकर हाईवे पर पलटी, CCTV में कैद हुआ हादसा

    कानपुर देहात: तेज़ रफ्तार कार अनियंत्रित होकर हाईवे पर पलटी, CCTV में कैद हुआ हादसा

    कानपुर देहात जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत कृपालपुर गांव के पास हाईवे पर एक तेज़ रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि कार कई बार गोल-गोल घूमती हुई काफी दूर जाकर गिरी।

    हाईवे पर मची अफरा-तफरी

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक संतुलन बिगड़ने के बाद वाहन हाईवे पर पलटता चला गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।हादसे में कार सवार चार लोग घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।

    CCTV कैमरों में कैद हुआ हादसा

    इस पूरी घटना की तस्वीरें हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई हैं। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे तेज रफ्तार कार नियंत्रण खो बैठती है और कई बार पलटते हुए सड़क से दूर जा गिरती है। वीडियो सामने आने के बाद हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची

    सूचना मिलते ही अकबरपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

  • कानपुर के BSF जवान विनोद कुमार पाल का निधन, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

    कानपुर के BSF जवान विनोद कुमार पाल का निधन, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

    कानपुर के BSF जवान का निधन पूरे क्षेत्र के लिए बेहद भावुक कर देने वाली खबर बन गया। अमृतसर में तैनात BSF के हवलदार विनोद कुमार पाल (52) की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। बुधवार सुबह जब उनका पार्थिव शरीर कानपुर स्थित उनके घर पहुंचा तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी, बेटी और बेटे का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

    हवलदार विनोद कुमार पाल मूल रूप से कानपुर के अरौल थाना क्षेत्र के बहरामपुर गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में उनका परिवार कल्याणपुर क्षेत्र के मिर्जापुर में रह रहा था। अमृतसर में पोस्टमॉर्टम के बाद बुधवार सुबह सबसे पहले पार्थिव शरीर कल्याणपुर लाया गया, जहां से सेना के वाहन द्वारा गांव बहरामपुर ले जाया गया।

    तिरंगे में लिपटे जवान के शव को देखते ही गांव में मातम पसर गया। अंतिम यात्रा में 500 से अधिक युवा तिरंगा लेकर शामिल हुए। “भारत माता की जय” और “वीर जवान अमर रहें” के गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के लोग अंतिम विदाई में शामिल हुए।

    कानपुर के BSF जवान का निधन रविवार देर रात करीब एक बजे ड्यूटी के दौरान हुआ। अचानक तबीयत बिगड़ने पर साथी जवान उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। BSF मुख्यालय की ओर से देर रात उनके घर फोन कर इस दुखद खबर की जानकारी दी गई। खबर सुनते ही पत्नी बेसुध होकर गिर पड़ीं।

    गंगा घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान BSF जवानों ने सलामी दी और राष्ट्रगान के साथ वीर सपूत को अंतिम विदाई दी गई।

    परिवार ने सरकार से दोनों बच्चों को उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी देने, गांव में शहीद स्मारक बनाए जाने और शहीद विनोद कुमार पाल के नाम से सड़क निर्माण की मांग की है।

  • कानपुर देहात में ई-रिक्शा पर सख्ती: परिवहन विभाग का विशेष जांच अभियान, 250 वाहनों का चालान

    कानपुर देहात में ई-रिक्शा पर सख्ती: परिवहन विभाग का विशेष जांच अभियान, 250 वाहनों का चालान

    कानपुर देहात। जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा के खिलाफ विशेष जांच अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत जनपद के विभिन्न कस्बों और ग्रामीण इलाकों में पैसेंजर ई-रिक्शा और ई-कार्ट की गहन जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई लगातार बढ़ रही शिकायतों और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए की जा रही है।

    250 ई-रिक्शा का चालान, जांच जारी

    परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अभियान शुरू होने के बाद अब तक करीब 250 ई-रिक्शा का चालान किया जा चुका है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, कानपुर देहात में कुल 2643 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिनकी क्रमवार जांच की जा रही है। जांच के दौरान कई ई-रिक्शा बिना वैध दस्तावेज, फिटनेस प्रमाण पत्र और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के चलते पाए गए।

    HSRP और दस्तावेज अनिवार्य

    परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-रिक्शा भी मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत आते हैं, इसलिए इनके लिए वही नियम लागू होते हैं, जो अन्य वाहनों पर होते हैं। विभाग ने ई-रिक्शा चालकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में HSRP नंबर प्लेट, वैध फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र अवश्य बनवाएं और वाहन चलाते समय साथ रखें।

    अधिकारियों ने बताया कि कई चालकों में यह गलतफहमी पाई जा रही है कि ई-रिक्शा के लिए कम दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। नियमों की अनदेखी करने पर चालान और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम

    परिवहन विभाग का कहना है कि यह अभियान केवल चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। बिना फिटनेस और बीमा वाले ई-रिक्शा यात्रियों के लिए खतरा बन सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।

    चालकों से अपील

    विभाग ने सभी ई-रिक्शा चालकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज पूरे कराएं और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें। इससे न केवल कार्रवाई से बचा जा सकेगा, बल्कि सड़क पर चलने वाले आम नागरिकों और यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

  • कानपुर में 2.86 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, बाबा बिरयानी का मालिक विवादों में घिरा

    कानपुर में 2.86 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, बाबा बिरयानी का मालिक विवादों में घिरा

    कानपुर से एक चर्चित और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शहर के मशहूर बाबा बिरयानी प्रतिष्ठान के मालिक पर 2 करोड़ 86 लाख रुपये की धोखाधड़ी और एक लेदर कारोबारी को धमकाने का गंभीर आरोप लगा है। मामले के सामने आने के बाद व्यापारिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है।

    क्या है पूरा मामला?

    जानकारी के अनुसार, पीड़ित लेदर कारोबारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि बाबा बिरयानी के मालिक ने व्यापारिक साझेदारी और लेन-देन के नाम पर उससे 2.86 करोड़ रुपये हड़प लिए। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर कारोबारी को जान से मारने की धमकी दी गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

    पीड़ित का दावा है कि उसने विश्वास के आधार पर बड़ी रकम निवेश की थी, लेकिन तय समय पर न तो पैसा लौटाया गया और न ही किसी तरह का हिसाब दिया गया। जब उसने सख्ती से अपना पैसा मांगना शुरू किया, तो आरोपी ने दबाव बनाने और धमकाने का रास्ता अपनाया।

    पुलिस में दर्ज हुआ मामला

    लेदर कारोबारी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और धमकी से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और सभी दस्तावेजों व लेन-देन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

    आरोपी की तरफ से क्या कहा गया?

    फिलहाल बाबा बिरयानी के मालिक की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पक्ष आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है और इसे आपसी व्यापारिक विवाद करार दे रहा है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच का दावा कर रही है।

    शहर में चर्चा का विषय बना मामला

    बाबा बिरयानी कानपुर में एक जाना-पहचाना नाम है और ऐसे में इस प्रतिष्ठान के मालिक पर इतने बड़े आर्थिक घोटाले का आरोप लगना लोगों के लिए चौंकाने वाला है। व्यापारियों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे कारोबारी विश्वास पर गहरा असर पड़ेगा।पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी भी की जा सकती है। वहीं, पीड़ित लेदर कारोबारी ने न्याय की मांग करते हुए कहा है कि उसे उसकी मेहनत की कमाई वापस चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

  • UP Weather Update: ठंड ने पकड़ी रफ्तार, अगले 2–3 दिनों तक भारी शीतलहर का अलर्ट | कानपुर सबसे ठंडा जिला

    UP Weather Update: ठंड ने पकड़ी रफ्तार, अगले 2–3 दिनों तक भारी शीतलहर का अलर्ट | कानपुर सबसे ठंडा जिला

    UP Weather Update: साल का आखिरी महीना शुरू होते ही उत्तर प्रदेश में ठंड ने जोर पकड़ लिया है। तापमान तेजी से गिर रहा है और सुबह-सुबह घना कोहरा प्रदेश के ज्यादातर जिलों में छाया हुआ है। मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों तक भारी शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, इसके बाद ठंड से हल्की राहत मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

    पिछले 24 घंटे में तापमान में गिरावट

    IMD के अनुसार, बीते 24 घंटों में पूरे राज्य के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई अधिकतम तापमान में 2.5°C की गिरावट न्यूनतम तापमान में लगभग 2°C की गिरावट कोहरे की वजह से सुबह के समय दृश्यता (Visibility) कई जिलों में 100 मीटर से कम रिकॉर्ड की गई, जिससे यातायात और आवागमन पर भी असर पड़ा।

    कानपुर रहा सबसे ठंडा जिला

    प्रदेश में सबसे अधिक ठंड कानपुर में देखने को मिली, जहां न्यूनतम तापमान 6°C दर्ज किया गया।
    अन्य प्रमुख जिलों का न्यूनतम तापमान:

    • बरेली: 7.2°C
    • इटावा: 7.2°C
    • अयोध्या: 7.5°C
    • सहारनपुर: 7.7°C

    तापमान में लगातार गिरावट ने लोगों को सुबह-शाम अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया है।

    झांसी सबसे गर्म जिला, यहां दर्ज हुआ सबसे अधिक तापमान

    अधिकतम तापमान की बात करें तो झांसी सबसे गर्म जिला रहा, जहाँ दिन का तापमान 28.4°C दर्ज किया गया।
    अन्य जिलों का अधिकतम तापमान:

    • कानपुर: 28.3°C
    • प्रयागराज: 27.4°C
    • हमीरपुर: 26.6°C
    • फुरसतगंज: 26.5°C

    मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में अधिकतम तापमान अगले कुछ दिनों तक लगभग स्थिर रहेगा।


    13 दिसंबर से बदलेगा मौसम, मिलेगी हल्की राहत

    IMD के अनुसार, 13 दिसंबर से कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर प्रदेश को प्रभावित करेगा। इससे 3–4 दिनों तक पुरवा हवाएं चलेंगी, जिसके चलते ठंड में हल्की कमी आएगी न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है सुबह की गलन में भी कमी महसूस होगी फिलहाल, अगले 24 घंटे तक मौसम में किसी तरह का बड़ा बदलाव नहीं होगा।

  • कानपुर देहात: खेत में रोटावेटर में फंसे युवक की दर्दनाक मौत, चालक फरार,परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

    कानपुर देहात: खेत में रोटावेटर में फंसे युवक की दर्दनाक मौत, चालक फरार,परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

    कानपुर देहात जिले के रूरा थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। खेत की जुताई के दौरान रोटावेटर में फंसकर एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि युवक का शरीर कई टुकड़ों में बिखर गया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।

    कैसे हुआ हादसा,रोटावेटर में फंसकर मौके पर ही मौत

    जानकारी के मुताबिक, सलेमपुर गांव का एक युवक अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई करवा रहा था। ट्रैक्टर के पीछे रोटावेटर लगा हुआ था, जो अत्यंत तेज धारदार ब्लेड्स से चलने वाला उपकरण है। जुताई के दौरान अचानक युवक किसी तरह रोटावेटर के बेहद करीब पहुंच गया और पलक झपकते ही वह मशीन की चपेट में आ गया। मशीन की तेज रफ्तार ब्लेड्स के कारण युवक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में वहीं खेत में बिखर गया। यह दृश्य देखने वाले ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

    ट्रैक्टर चालक मौके से फरार,परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल

    घटना के तुरंत बाद ट्रैक्टर चालक वहां से फरार हो गया, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। परिजनों का कहना है कि अगर यह साधारण दुर्घटना थी तो चालक क्यों भागा? परिजन इसे सोची-समझी साजिश बताते हुए हत्या का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि युवक को जानबूझकर रोटावेटर में फंसाया गया है और घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस मौके पर पहुंची, शव के अवशेष इकट्ठा कर पोस्टमार्टम को भेजा

    सूचना मिलते ही रूरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव के बिखरे हिस्सों को एकत्रित कर पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। उच्च अधिकारियों, जिनमें डीएसपी स्तर के अधिकारी भी शामिल थे, ने गांव पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की।पुलिस ने फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है। इसके अलावा परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों को भी जांच में शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि घटना दुर्घटना थी या हत्या।

    गांव में तनाव, पुलिस ने बढ़ाई चौकसी

    घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों में आक्रोश है और वे जल्द से जल्द आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने एहतियातन इलाके में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है और हर कोण से मामले की जांच की जा रही है।

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  • कानपुर देहात: बिना अनुमति मिट्टी खोदकर बना दिया रास्ता, खनन पट्टा धारक पर गंभीर आरोप

    कानपुर देहात: बिना अनुमति मिट्टी खोदकर बना दिया रास्ता, खनन पट्टा धारक पर गंभीर आरोप

    कानपुर देहात जिले में अवैध खनन और प्रशासनिक मिलीभगत का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अमराहाट थाना क्षेत्र में बालू खनन के पट्टा धारक देव सिंह ने बिना वैध मिट्टी खनन की अनुमति लिए, रास्ता बनाने के नाम पर मिट्टी के टीले को काटकर अवैध रूप से रास्ता बना डाला। इस पूरे प्रकरण में खनन विभाग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।स्थानीय किसानों का आरोप है कि खनन पट्टा धारक ने न केवल नियमों को ताक पर रखा, बल्कि जबरन उनके खेतों से रास्ता निकालने की कोशिश की। किसानों के अनुसार, विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया और दबंगई दिखाई गई। मामला तब तूल पकड़ गया जब भूपियापुर गांव के कई किसान और महिलाएं जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं और अपनी शिकायत दर्ज कराई।

    किसानों ने लगाए जबरन रास्ता निकालने के आरोप

    पीड़ित किसानों का कहना है कि खनन शुरू होने से पहले ही पट्टा धारकों ने खेतों के बीच से रास्ता निकालने का प्रयास किया, जिससे खेती को नुकसान पहुंचा। जब किसानों ने इसका विरोध किया तो उन्हें डराने-धमकाने का सहारा लिया गया।

    खनन विभाग पर मिलीभगत का शक

    इस मामले में आरोप यह भी है कि बालू खनन पट्टा धारकों ने खनन अधिकारी से मिलीभगत कर उच्च अधिकारियों को गुमराह किया। बिना वैध अनुमति के मिट्टी के टीले को पूरी तरह साफ कर रास्ता बना दिया गया, जो स्पष्ट रूप से खनन नियमों का उल्लंघन है।

    डीएम ने गठित की स्पेशल टास्क टीम

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्पेशल टास्क टीम (STT) का गठन कर जांच के आदेश दिए हैं। टीम को यह जांच करने को कहा गया है कि रास्ता बनाने के लिए मिट्टी किस नियम के तहत निकाली गई, और इसमें किन अधिकारियों की भूमिका रही।

    खनन सिंडिकेट का आरोप

    किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि जनपद में खनन का ठेकेदार सोनू चंदेल इस पूरे सिंडिकेट को संचालित करने में अहम भूमिका निभाता है और अधिकारियों को मैनेज करने का काम करता है।

    फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच जारी है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पट्टा धारकों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

  • कानपुर देहात में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से शुरू

    कानपुर देहात में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से शुरू

    कानपुर देहात जिले में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से प्रारंभ हो गई हैं। इन परीक्षाओं में जिलेभर से करीब 1.29 लाख छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।

    सुरक्षा और गोपनीयता पर विशेष जोर

    बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर प्रश्नपत्रों की सीलबंदी तक हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रश्नपत्रों के बंडल पहले ही सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित तरीके से पहुंचा दिए गए हैं।

    निगरानी के लिए गठित की गई विशेष टीमें

    परीक्षा सामग्री की सुरक्षा और व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करेंगी और व्यवस्थाओं का जायजा लेंगी। सभी संबंधित विद्यालयों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने पाए

    छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था

    जिले में कुल 1090 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी केंद्रों पर छात्रों के लिए पेयजल, बिजली, बैठने और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि छात्र बिना किसी असुविधा के परीक्षा दे सकें।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन और शिक्षा विभाग ने शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे परीक्षा प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि परीक्षाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से संपन्न कराई जा सकें।

  • कानपुर देहात में दलित की जमीन पर कब्जा, जहर खाकर आयोग के सामने लगाई न्याय की गुहार

    कानपुर देहात में दलित की जमीन पर कब्जा, जहर खाकर आयोग के सामने लगाई न्याय की गुहार

    उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात से कानपुर देहात जमीन कब्जा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के नबीपुर गांव निवासी दलित परिवार के मुखिया रमेश पासी ने आरोप लगाया कि दबंगों ने उनकी कीमती जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया। पीड़ित के अनुसार उनकी जमीन हाईवे से करीब 500 मीटर दूरी पर लिंक रोड पर स्थित है, जिसकी बाजार कीमत काफी अधिक है।

    आरोप है कि ठाकुर राजन सिंह ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर पहले ही जमीन के एक हिस्से पर कब्जा कर गेस्ट हाउस का निर्माण करा लिया था। सोमवार सुबह दबंगों ने जेसीबी मशीन लगाकर शेष जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया। जब रमेश पासी ने इसका विरोध किया तो उन्हें धमकाते हुए जान से मारने की धमकी दी गई और मौके से भगा दिया गया।

    न्याय की आस में पीड़ित छोटे-छोटे बच्चों और परिवार के साथ सर्किट हाउस पहुंचा, जहां अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र कुंडे जिला अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। पीड़ित ने अपनी आपबीती आयोग के पीआरओ को बताई, लेकिन इसी दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उल्टियां शुरू हो गईं। बाद में पता चला कि उसने जहरीला पदार्थ खा लिया है।

    घटना की जानकारी मिलते ही अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य ने अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की और तुरंत एंबुलेंस 108 बुलाकर पीड़ित को जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां उसका इलाज जारी है और हालत स्थिर बताई जा रही है। आयोग सदस्य ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा भी दिलाया।

    वहीं जब इस मामले में एसडीएम सदर अकबरपुर नीलमा यादव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। कानपुर देहात जमीन कब्जा मामला अब प्रशासनिक लापरवाही और दबंगई का प्रतीक बनता जा रहा है।