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Tag: कानपुर देहात न्यूज़

  • कानपुर देहात में बौद्ध कथा के दौरान विवाद,कथावाचक पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप, आयोजक समेत दो हिरासत में

    कानपुर देहात में बौद्ध कथा के दौरान विवाद,कथावाचक पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप, आयोजक समेत दो हिरासत में

    कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र के मलखानपुर गांव में आयोजित एक बौद्ध कथा कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब कथावाचक अर्चना सिंह बौद्ध पर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगा।

    कार्यक्रम के दौरान दिए गए कथित बयानों का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इलाके में माहौल तनावपूर्ण हो गया। वीडियो वायरल होते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल समेत कई हिंदू संगठनों ने इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए रसूलाबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आयोजक गुलाब राम और कथावाचक अर्चना सिंह बौद्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति जिला प्रशासन से ली गई थी, लेकिन कथा के दौरान कथावाचक द्वारा कथित रूप से धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता रसूलाबाद कोतवाली पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखने को मिला, जिसके चलते क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालात को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

    हिंदू संगठनों का कहना है कि उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • 19 साल 7 महीने बाद जेल से रिहा हुआ दस्यु सरगना मंगली केवट, कहा– अब शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता हूं

    19 साल 7 महीने बाद जेल से रिहा हुआ दस्यु सरगना मंगली केवट, कहा– अब शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता हूं

    रिपोर्ट – हिमांशु शर्मा / कानपुर देहात कानपुर देहात। कभी चंबल के बीहड़ों में दहशत का दूसरा नाम रहे दस्यु सरगना मंगली केवट को आज लंबी अवधि की सजा काटने के बाद माती जिला कारागार से रिहा कर दिया गया।

    90 के दशक में “चंबल का शेर” कहे जाने वाले मंगली केवट की रिहाई को लेकर उनके परिजनों और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग जेल के बाहर जमा रहे और बाहर आते ही फूल–मालाओं से उनका स्वागत किया गया।

    रिहाई के बाद बदली भाषा— बोले, अब समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहता हूं

    जेल से बाहर निकलते ही मंगली केवट ने कहा कि अब वह अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन जीना चाहते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में बताया कि वह समाज की मुख्यधारा में लौटकर आगे बढ़ना चाहते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने राजनीति में किस्मत आजमाने की इच्छा भी व्यक्त की।

    कैसे बना था गैंग? मंगली का दावा पुलिस प्रताड़ना ने बनाया बागी

    मंगली केवट ने बताया कि 90 के दशक में पुलिस की कथित प्रताड़ना और कार्यशैली ने उन्हें बागी बनने पर मजबूर कर दिया। अपनी पत्नी दस्यु सुंदरी मालती केवट के साथ उन्होंने एक बड़ा गिरोह तैयार किया। इस गैंग में वही लोग शामिल थे जो पुलिस उत्पीड़न से परेशान बताए जाते थे।

    उनके अनुसार, उनके गैंग को उस समय कुख्यात निर्भय गुर्जर गिरोह से भी सहयोग मिलता था। बीहड़ों में मुखबरी, अपहरण और फिरौती वसूली उनके गैंग की प्रमुख गतिविधियों में शामिल थीं।

    2006 में किया आत्मसमर्पण, तीन आजीवन कारावास की सजा

    वर्ष 2006 में मंगली केवट और उनकी पत्नी मालती दोनों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। अदालत ने मंगली को तीन आजीवन कारावास और दस-दस वर्ष की तीन सजा सुनाई थी। लंबे समय तक जेल में रहने के दौरान उनके अच्छे आचरण की वजह से प्रशासन उनकी प्रशंसा करता रहा।वहीं मालती केवट को भी आजीवन कारावास की सजा हुई थी, और उनकी रिहाई सितंबर 2025 में हो चुकी है।

    जेल से बाहर अब नया अध्याय

    आज रिहाई के बाद मंगली केवट ने कहा कि अब वह अपने परिवार के साथ रहकर, समाज में सम्मानजनक जीवन जीते हुए खुद को एक नई शुरुआत देना चाहते हैं।

  • कानपुर देहात: एनएचआई 27 पर स्ट्रीट लाइट बंद, रात में हाईवे हुआ अंधेरे में डूबा

    कानपुर देहात: एनएचआई 27 पर स्ट्रीट लाइट बंद, रात में हाईवे हुआ अंधेरे में डूबा

    कानपुर देहात। जिले की एनएचआई 27 सड़क पर स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात में हाईवे अंधेरे में डूब गया है। इस स्थिति के कारण भोगनीपुर से बारा जोड़ तक वाहन चालक और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    खतरे की स्थिति

    स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने बताया कि रात के समय सड़क पर किसी भी तरह की रोशनी न होने के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। कई बार छोटे वाहन और दोपहिया वाहन चालक धक्कामुक्की और फिसलने की घटनाओं से भी जूझते नजर आए हैं।

    इस मामले में जिला प्रशासन ने भी संज्ञान लिया है। कानपुर देहात के डीएम ने जांच कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। प्रशासन जल्द ही तकनीकी टीम भेजकर स्ट्रीट लाइटों की स्थिति की समीक्षा करेगा और सुधार सुनिश्चित करेगा।स्थानीय निवासी और वाहन चालक प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि हाईवे पर जल्द से जल्द सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि अंधेरे में चलने वाले राहगीरों और वाहन चालकों की जान को खतरा न हो। इसके अलावा, लोगों ने CCTV कैमरे और अतिरिक्त लाइटिंग की भी मांग की है।

  • KanpurDehat: रनिया हाईवे पर ऑटो-ट्रक टक्कर, दो की मौत, दो महिलाएं गंभीर घायल

    KanpurDehat: रनिया हाईवे पर ऑटो-ट्रक टक्कर, दो की मौत, दो महिलाएं गंभीर घायल

    KanpurDehat रनिया हाईवे पर शनिवार दोपहर को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना उस वक्त हुई जब एक ऑटो और एक ट्रक आमने-सामने टकरा गए।

    हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। दोनों मृतक घटनास्थल पर ही दम तोड़ चुके थे। गंभीर रूप से घायल महिलाओं को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।पुलिस ने बताया कि हादसे के समय सड़क पर धूप और भीड़ दोनों थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ऑटो चालक सड़क पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह भीषण टक्कर हुई। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हादसे की पूरी जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए हाईवे पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। ग्रामीण और स्थानीय लोग सड़क की खतरनाक स्थिति पर नाराजगी जता रहे हैं।यह हादसा कानपुर देहात में सड़क सुरक्षा के मुद्दे को फिर से ताजा कर गया है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

  • कानपुर देहात: “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” का अकबरपुर महाविद्यालय में हुआ आयोजन

    कानपुर देहात: “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” का अकबरपुर महाविद्यालय में हुआ आयोजन

    कानपुर देहात, 14 अगस्त 2025 – अकबरपुर महाविद्यालय में आज “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” का आयोजन नवांगतुक जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक अरविन्द मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी लक्ष्मी एन, और प्राचार्य अकबरपुर डिग्री कॉलेज की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।

    चित्र प्रदर्शनी और डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन ,विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

    कार्यक्रम की शुरुआत में 2 मिनट का मौन रखकर 1947 के विभाजन में शहीद हुए और विस्थापित लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद भारत विभाजन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन जिलाधिकारी, अधिकारियों और छात्र-छात्राओं ने किया।
    इसके साथ ही विभाजन की पीड़ा, संघर्ष और बलिदान को दर्शाती डॉक्यूमेंट्री/लघु फिल्म भी दिखाई गई, जिसने सभी को भावुक कर दिया।

    जिलाधिकारी का संदेश,विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

    अन्य वक्ताओं के विचार विभाजन,विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

    जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा,“यह दिवस हमें याद दिलाता है कि 1947 में देश आज़ाद हुआ, लेकिन लाखों परिवारों को अपने घर, ज़मीन और अपनों को छोड़कर पलायन करना पड़ा। यह इतिहास की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक थी।”उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इतिहास को गहराई से समझने के लिए प्रमाणिक पुस्तकों और मूल स्रोतों का अध्ययन करें, ताकि तथ्यों के साथ उस समय के सामाजिक, भावनात्मक और सांस्कृतिक पहलुओं की भी समझ मिल सके।
    जिलाधिकारी ने आपसी सौहार्द, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लेने पर जोर दिया।

    पुलिस अधीक्षक अरविन्द मिश्र, विद्यालय के प्राचार्य और अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हमें अतीत से सबक लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकनी चाहिए।

    कार्यक्रम में उपस्थिति ,विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

    इस मौके पर परियोजना निदेशक वीरेन्द्र सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी, उपायुक्त एनआरएलएम गंगाराम, जिला विद्यालय निरीक्षक, अपर जिला विद्यालय निरीक्षक सहित विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।