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Tag: कानपुर देहात

  • कानपुर देहात में NIA की बड़ी कार्रवाई: कमलकांत वर्मा के 15 ठिकानों पर छापेमारी

    कानपुर देहात में NIA की बड़ी कार्रवाई: कमलकांत वर्मा के 15 ठिकानों पर छापेमारी

    रिपोर्ट – हिमांशु शर्मा | कानपुर देहात कानपुर देहात में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम बम निरोधक दस्ता और औरैया पुलिस के साथ जिले में दाखिल हुई। टीम ने कानपुर–झांसी हाईवे पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। यह पेट्रोल पंप कमलकांत वर्मा का बताया जा रहा है, जिनके खिलाफ कई गंभीर आरोप और पुराने मामले दर्ज हैं।

    सुबह-सुबह पेट्रोल पंप पर पहुंची NIA की टीम

    सुबह करीब 7 बजे NIA की टीम अचानक पेट्रोल पंप पर पहुंची और पूरे परिसर को घेर लिया। बम निरोधक दस्ते ने पेट्रोल पंप के हर हिस्से की गहन जांच की। इस दौरान कर्मचारियों और मैनेजर को हिरासत में लेकर कई घंटे तक पूछताछ की गई। जांच पूरी होने के बाद NIA टीम पेट्रोल पंप मैनेजर को अपने साथ ले गई।

    औरैया व कानपुर देहात में 15 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

    सूत्रों के मुताबिक, कमलकांत वर्मा के औरैया तथा कानपुर देहात में कुल 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी जारी है। औरैया के स्थानीय प्रतिष्ठानों पर भी NIA की टीमें सर्च ऑपरेशन कर रही हैं। बताया जा रहा है कि कमलकांत वर्मा पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह हथियार तस्करी से जुड़े मामलों में जेल भी जा चुका है।

    सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई एक बड़े हथियार तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के तहत की जा रही है। NIA को संदेह है कि कुछ नए इनपुट मिलने के बाद कमलकांत वर्मा की गतिविधियों पर शिकंजा कसना जरूरी हो गया था।

    हथियार तस्करी से जुड़ा बड़ा मामला होने की आशंका

    बम निरोधक दस्ता की मौजूदगी यह संकेत देती है कि मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है। छापेमारी के दौरान टीम ने पेट्रोल पंप के एक-एक कोने की तलाशी ली, CCTV फुटेज की जांच की और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले।

    कमलकांत वर्मा का इतिहास भी NIA की रडार को और मजबूत करता है। वह पहले भी पंजाब की जेल में हथियार तस्करी के मामले में सजा काट चुका है। अब दोबारा उसके ठिकानों पर कार्रवाई होने से यह साफ है कि उसके खिलाफ गंभीर सबूत मिले हैं।

    फिलहाल जांच जारी

    NIA की कार्रवाई देर रात से लगातार जारी है और अभी और ठिकानों पर भी दस्तक दी जा सकती है। टीम की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन शुरुआती जानकारी के आधार पर यह साफ माना जा रहा है कि मामला हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

  • कानपुर देहात: 6 महीने से गायब नवजात, बेबस मां दर–दर भटक रही… पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप

    कानपुर देहात: 6 महीने से गायब नवजात, बेबस मां दर–दर भटक रही… पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप

    कानपुर देहात से पुलिसिया लापरवाही का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक मां अपनी नवजात बच्ची की तलाश में 6 महीने से थाना–चौकी से लेकर SP ऑफिस तक चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक उसे अपनी बच्ची की एक झलक भी नसीब नहीं हुई।

    जन्म लेते ही गायब कर दी गई बच्ची

    डेरापुर थाना क्षेत्र के कपासी गांव की पीड़ित महिला का आरोप है कि जैसे ही उसने बच्ची को जन्म दिया—उसी समय उसकी नवजात को गायब करा दिया गया। महिला को शक है कि बच्ची को उसी आरोपी ने गायब किया है जिसने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया।महिला का दर्द “6 महीने हो गए… कोई नहीं बता रहा कि मेरी बच्ची कहां है… मुझे डर है कि वह उसे मार न दे…”

    शादी का झांसा, शोषण और फिर नवजात को गायब करने का आरोप

    पीड़ित महिला का दावा:आरोपी ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए गर्भवती होने पर भी आरोपी ने कोई जिम्मेदारी नहीं लीबच्ची जन्म लेते ही आरोपी बच्ची को उठाकर ले गया छह महीने तक पुलिस ने न तो बच्ची बरामद की, न आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की

    पुलिस पर सुस्ती का आरोप – 6 महीने बाद भी नहीं मिली बच्ची

    महिला का कहना है कि पुलिस से लेकर SP ऑफिस तक उसने बार–बार गुहार लगाई, लेकिन कार्रवाई बेहद धीमी रही।पीड़ित मां का आरोप:“मैं SP ऑफिस पहुंची थी, लेकिन पुलिसवालों ने अंदर ही नहीं जाने दिया…”

    गांव में सनसनी, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

    कपासी गांव में लोग कह रहे हैं कि6 महीने तक एक नवजात बच्ची का कोई सुराग न लग पाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    सबसे बड़ा सवाल कब भरेगी मां की गोद?

    मामला डेरापुर पुलिस के पास है, लेकिन अब सवाल यह है कब बरामद होगी नवजात?कब मिलेगी इस बेबस मां को इंसाफ?कब समझेगी पुलिस एक मां का दर्द?पीड़ित महिला आज भी अधिकारियों की चौखट पर खड़ी हैबस अपनी बच्ची की एक झलक के इंतजार में…

  • कानपुर देहात: अकबरपुर पुल से मुख्यालय रोड तक भीषण जाम, एम्बुलेंस और कैदी वैन फंसी

    कानपुर देहात: अकबरपुर पुल से मुख्यालय रोड तक भीषण जाम, एम्बुलेंस और कैदी वैन फंसी

    कानपुर देहात। अकबरपुर पुल से लेकर मुख्यालय रोड तक भीषण ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे आम जनता के साथ-साथ स्कूली बच्चों, मरीजों और कैदियों को ले जा रही कैदी वैन तक घंटों फंसी रही।

    सबसे गंभीर स्थिति तब देखी गई जब एक एम्बुलेंस मरीज को अस्पताल ले जाने के दौरान जाम में अटक गई। यातायात माह के दौरान हुए इस जाम ने प्रशासन की तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जाम की शुरुआत अकबरपुर पुल के पास हुई, लेकिन कुछ ही समय में यह बढ़ते हुए मुख्यालय रोड तक पहुंच गई। बड़ी संख्या में वाहन रेंगते रहे और कई जगह पर दोपहर तक ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। जाम में फंसे लोगों का कहना है कि अव्यवस्थित पार्किंग, सड़क किनारे लगाए गए ठेले और वाहनों की गलत लेन का उपयोग इस समस्या की बड़ी वजह है।

    जाम के कारण मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई। एम्बुलेंस के फंसने से अस्पताल पहुंचने में देरी का खतरा था, जो किसी भी गंभीर मरीज की जान जोखिम में डाल सकता था। स्कूली बसों के फंसने के कारण बच्चों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं कैदियों को ले जा रही वैन के रुकने से सुरक्षा संबंधी चिंताएँ भी सामने आईं।

    कानपुर देहात में पिछले कुछ समय से ट्रैफिक अव्यवस्था लगातार बढ़ रही है। हालांकि यातायात माह के तहत जागरूकता अभियान और चेकिंग ड्राइव चलाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव स्पष्ट रूप से नहीं दिखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की संख्या कम होने और सड़क पर निगरानी कमजोर होने से ऐसी स्थिति बार–बार पैदा होती है।

    जाम खत्म कराने के लिए पुलिस को कई घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि व्यस्त स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और ट्रैफिक उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • कानपुर देहात: दबंगों ने की रामकली मौसी की पिटाई, सामाजिक कार्यों के लिए CM योगी भी कर चुके हैं सराहना

    कानपुर देहात: दबंगों ने की रामकली मौसी की पिटाई, सामाजिक कार्यों के लिए CM योगी भी कर चुके हैं सराहना

    कानपुर देहात। जिले में एक बार फिर दबंगों का आतंक सामने आया है। क्षेत्र की जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता रामकली मौसी पर दबंगों द्वारा की गई पिटाई का मामला तेजी से वायरल हो रहा है। रामकली मौसी पिछले कई वर्षों से समाजसेवा में सक्रिय हैं और उनके कार्यों की सराहना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल भी सार्वजनिक मंचों पर कर चुके हैं। ऐसे में उनके साथ हुई यह घटना स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रही है।

    घटना के अनुसार, इलाके में रहने वाले कुछ दबंगों ने किसी विवाद को लेकर रामकली मौसी के साथ मारपीट की। बताया जा रहा है कि उन्होंने न सिर्फ दुर्व्यवहार किया, बल्कि उन्हें गंभीर चोटें भी आईं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।

    रामकली मौसी लंबे समय से महिलाओं की सुरक्षा, गरीबों की सहायता और सामाजिक न्याय के लिए काम करती रही हैं। उनके कई अभियानों को सरकार स्तर पर भी सम्मानित किया गया है। यही वजह है कि उनके साथ हुई मारपीट की यह घटना पूरे क्षेत्र में आक्रोश का कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दबंग काफी समय से इलाके में उत्पात मचा रहे हैं, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के कारण उनके हौंसले बुलंद हैं।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई अभी भी धीमी है और आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। लोगों ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

    सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से ट्रेंड कर रहा है। हजारों लोग रामकली मौसी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों ने भी आगे आकर प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील की है।फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जिले में बढ़ते दबंगई के मामलों को देखते हुए सवाल यह है कि क्या प्रशासन ऐसे मामलों पर तुरंत और कठोर कार्रवाई करेगा या फिर पीड़ितों को न्याय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।

  • कानपुर देहात: कोल्ड स्टोरेज में लगी आग से कर्मचारी की मौत, परिजनों ने हाईवे जाम कर काटा हंगामा

    कानपुर देहात: कोल्ड स्टोरेज में लगी आग से कर्मचारी की मौत, परिजनों ने हाईवे जाम कर काटा हंगामा

    कानपुर देहात। अकबरपुर थाना क्षेत्र के श्री आनंदेश्वर कोल्ड स्टोरेज में लगी आग से झुलसे एक कर्मचारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद सुबह गुस्साए परिजनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप है कि युवक की मौत सही इलाज न मिलने के कारण हुई, वहीं पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन कोल्ड स्टोरेज मालिक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।

    हाईवे पर लगे जाम के कारण करीब 5 किलोमीटर लंबा वाहन जाम लग गया। मौके पर एसडीएम, सीओ समेत कई थानों की पुलिस तैनात की गई। प्रशासन ने परिजनों से बातचीत कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर धीरे-धीरे जाम खुलवाया जा सका।

    बताया गया है कि दो दिन पहले कोल्ड स्टोरेज में अचानक लगी आग में चार कर्मचारी झुलस गए थे, जिनमें से एक की मौत हो गई। अन्य तीन घायल कर्मचारियों का उपचार जारी है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।

    https://nationnowsamachar.com/headlines/the-idea-of-only-muslims-are-terrorists-is-wrong-hindus-were-also-caught-video-of-deoband-inspector-goes-viral/
  • कानपुर देहात: भोगनीपुर के पास हलधरपुर रेलवे क्रॉसिंग पर नवनिर्मित ओवरब्रिज चालू, मंत्री राकेश सचान ने किया उद्घाटन; जाम से मिलेगी राहत

    कानपुर देहात: भोगनीपुर के पास हलधरपुर रेलवे क्रॉसिंग पर नवनिर्मित ओवरब्रिज चालू, मंत्री राकेश सचान ने किया उद्घाटन; जाम से मिलेगी राहत

    कानपुर देहात कानपुर देहात के लोगों का वर्षों पुराना इंतज़ार आज खत्म हो गया। भोगनीपुर के पास हलधरपुर रेलवे क्रॉसिंग पर बनाए गए नवनिर्मित उपरिगामी पुल (ओवरब्रिज) को आज से जनता के लिए खोल दिया गया है। कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने विधि-विधान के साथ हरा झंडा दिखाकर पुल का उद्घाटन किया।

    उद्घाटन के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल अग्निहोत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष रेणुका सचान, स्थानीय जनप्रतिनिधि और कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। मंत्री सचान ने इस पुल को क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधा बताते हुए कहा कि इसके शुरू होने से परिवहन सुगम होगा, यात्रियों को राहत मिलेगी और भोगनीपुर-हलधरपुर मार्ग पर लगने वाले लंबे जाम से छुटकारा मिलेगा।

    निर्माण में दो साल की देरी

    पुल का शिलान्यास 30 मई 2023 को किया गया था, लेकिन कार्यदायी संस्था CCC की धीमी कार्य गति के कारण परियोजना करीब दो साल की देरी से पूरी हो सकी। लगातार बढ़ते ट्रैफिक, रेलवे क्रॉसिंग पर लंबी लाइनें और लोगों की परेशानियों को देखते हुए स्थानीय जनता लंबे समय से पुल के निर्माण को लेकर इंतजार कर रही थी।

    परिवहन होगा आसान

    ओवरब्रिज चालू होते ही हलधरपुर रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और मार्ग पर आवागमन पहले से अधिक तेज और सुरक्षित होगा। स्थानीय व्यापारियों, छात्रों और दैनिक यात्रियों ने पुल के शुरू होने पर खुशी जताई है।

  • कानपुर देहात जिला मुख्यालय से दूर खुलेआम जलाई जा रही पराली , सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की फिर उड़ी धज्जियां

    कानपुर देहात जिला मुख्यालय से दूर खुलेआम जलाई जा रही पराली , सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की फिर उड़ी धज्जियां

    कानपुर देहात के जिला मुख्यालय से मात्र कुछ दूर बारा जोड़ के पास नेशनल हाईवे से कुछ ही दूरी पर स्थित खेतों में किसानों द्वारा खुलेआम पराली जलाई जा रही है। दिन के उजाले में उठता घना धुआं न केवल वायु गुणवत्ता को खराब कर रहा है, बल्कि यह साफ दिखाता है कि जिम्मेदार विभागों की निगरानी में भारी लापरवाही बरती जा रही है।

    सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेश फिर अनदेखे

    पराली जलाने को लेकर सर्वोच्च न्यायालय पहले ही सख्त निर्देश दे चुका है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा था किपराली जलाने से देश में प्रदूषण बढ़ रहा है,लोगों की जीवन-अवधि कम हो रही है,और सरकारें इस पर रोक लगाने में असफल दिख रही हैं।कोर्ट ने राज्यों के मुख्य सचिवों, जिला अधिकारियों, तहसीलदारों और स्थानीय पुलिस प्रशासन को आदेश दिया था कि उनके क्षेत्र में एक भी जगह पर पराली न जले, इसके लिए कड़ी निगरानी और तुरंत कार्रवाई अनिवार्य है।

    मैदान पर हालात बदतर

    इसके बावजूद किसान दिन या रात का फायदा उठाकर खेतों में पराली जला रहे हैं।इससे न सिर्फ वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि हाईवे के आसपास धुआं फैलने से सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है।सबसे बड़ी चिंता यह है कि पराली जलाने से निकलने वाले कणीय पदार्थ (PM 2.5) आम जनता के फेफड़ों, हृदय और आंखों पर गंभीर असर डालते हैं।

    प्रशासन की लापरवाही उजागर

    अधिकारियों की कठोरता के अभाव के कारण यह अवैध गतिविधि लगातार जारी है।जब इस संबंध में सदर तहसील अकबरपुर की एसडीएम नीलमा यादव से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने जांच कर उचित कार्रवाई करने की बात कही।

  • कानपुर देहात: दिशा बैठक में हंगामा , सांसद भोले बोले “मैं सबसे बड़ा हिस्ट्रीशीटर हूं”, पूर्व सांसद वारसी से भिड़ंत का वीडियो वायरल

    कानपुर देहात: दिशा बैठक में हंगामा , सांसद भोले बोले “मैं सबसे बड़ा हिस्ट्रीशीटर हूं”, पूर्व सांसद वारसी से भिड़ंत का वीडियो वायरल

    कानपुर देहात:जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक मंगलवार को राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गई,

    जब बीजेपी सांसद देवेंद्र सिंह भोले और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी के बीच जमकर बहसबाजी हो गई।बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सांसद भोले खुद को “सबसे बड़ा बदमाश” और “हिस्ट्रीशीटर” बताते दिख रहे हैं।


    वारसी के आरोप – “सांसद गुंडों के चेयरमैन हैं”

    बैठक के दौरान पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने आरोप लगाया कि दिशा समिति में सांसद भोले ने ऐसे लोगों को शामिल किया है जो आम नागरिकों को परेशान करते हैं, झूठे मुकदमे दर्ज कराते हैं और फैक्ट्री मालिकों से वसूली करते हैं।
    वारसी ने कहा“सांसद गुंडों के चेयरमैन हैं, इन्हें इलाज की जरूरत है।”उनके इस बयान के बाद बैठक में हंगामा मच गया और माहौल गरमा गया।


    सांसद भोले का पलटवार – “मुझसे बड़ा कोई बदमाश नहीं”

    वारसी के आरोपों पर भड़के सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने कहा कि वारसी हर चुनाव से पहले माहौल खराब करते हैं और अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं।पत्रकारों से बातचीत में भोले ने चौंकाने वाला बयान दिया “कानपुर देहात में मुझसे बड़ा कोई बदमाश नहीं है।मैं यहां का हिस्ट्रीशीटर हूं।सपा सरकार में मेरे खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए थे।”भोले ने आगे कहा कि वारसी न भारत सरकार को मानते हैं, न प्रदेश सरकार को, और वे समाज में ब्राह्मणवाद फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।


    वीडियो वायरल, बीजेपी में मचा सियासी बवाल

    बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बीजेपी की अंदरूनी कलह फिर सुर्खियों में आ गई है।लोग सांसद के बयान पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।वहीं, जिला प्रशासन ने कहा कि बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा की जानी थी, लेकिन विवाद के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था, जिसे पुलिस और अधिकारियों ने शांत कराया।

  • कानपुर देहात में जिला विकास समन्वय समिति की बैठक में हंगामा, सांसद और पूर्व सांसद में तीखी झड़प

    कानपुर देहात में जिला विकास समन्वय समिति की बैठक में हंगामा, सांसद और पूर्व सांसद में तीखी झड़प

    कानपुर देहात। जिला विकास समन्वय समिति की बैठक के दौरान रविवार को बड़ा हंगामा खड़ा हो गया, जब मौजूदा सांसद देवेंद्र सिंह भोले और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया।बैठक में मौजूद अफसरों और जनप्रतिनिधियों के बीच कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।

    सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान विकास कार्यों को लेकर चर्चा चल रही थी, तभी दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक को मौके पर पहुंचना पड़ा। अधिकारियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया।

    हंगामे के दौरान समिति के कई सदस्य और अफसरों ने दोनों नेताओं को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ता गया। हालांकि बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप से बैठक को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कराया गया।स्थानीय सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच यह विवाद पुराने राजनीतिक मतभेदों को लेकर है, जो अब सार्वजनिक मंच पर फूट पड़ा। इस घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का माहौल है।जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और बैठक के बाद सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी अपने-अपने कार्यों में लौट गए हैं।

  • कानपुर देहात सड़क हादसा: पांच वर्षीय मासूम सार्थक की मौत से गांव में बवाल, ग्रामीणों ने लगाया जाम

    कानपुर देहात सड़क हादसा: पांच वर्षीय मासूम सार्थक की मौत से गांव में बवाल, ग्रामीणों ने लगाया जाम

    कानपुर देहात। डेरापुर थाना क्षेत्र के महोई गांव में रविवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में पांच वर्षीय मासूम सार्थक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मासूम की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम का माहौल छा गया। परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।

    जानकारी के अनुसार, रविवार को अकबरपुर अमूल दूध प्लांट का एक लोडर वाहन डेरापुर क्षेत्र के दुग्ध केंद्रों से दूध एकत्रित कर महोई गांव से गुजर रहा था। उसी दौरान गांव निवासी पंकज का पुत्र सार्थक सड़क पार कर रहा था। इसी बीच तेज रफ्तार लोडर ने मासूम को टक्कर मार दी। हादसे में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद लोडर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। मासूम की मौत की सूचना जैसे ही गांव पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। गुस्साए ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि क्षेत्र में लगातार तेज रफ्तार वाहन चलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती।

    सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने के प्रयास शुरू किए। सीओ और थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटाया गया। पुलिस ने बताया कि लोडर वाहन को कब्जे में लेकर चालक की तलाश की जा रही है।फिलहाल कानपुर देहात सड़क हादसा में मासूम की मौत से पूरे गांव में गम और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।