कानपुर देहात।जिलाधिकारी कपिल सिंह ने रविवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ईवीएम वेयरहाउस का मासिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वेयरहाउस की सीसीटीवी व्यवस्था, साफ-सफाई, रखरखाव और सुरक्षा प्रबंधन का बारीकी से अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि ईवीएम वेयरहाउस में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए वेयरहाउस की सभी व्यवस्थाओं को नियमित रूप से दुरुस्त और अपडेट रखा जाए।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे — भाजपा से श्याम बिहारी शुक्ला, श्यामू शुक्ला,सपा से शेखू खान, बृजमोहन यादव, कांग्रेस से गोविंद यादव, कम्युनिस्ट पार्टी से राम औतार भारती।इसके अलावा वेयरहाउस इंचार्ज व भूमि संरक्षण अधिकारी देवेंद्र कुमार वर्मा, सहायक निर्वाचन अधिकारी गिरवर प्रसाद, अन्य अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षा कर्मी भी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी में रहे और किसी भी तकनीकी खराबी पर तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही, सभी पार्टी प्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए गए ताकि पारदर्शिता और विश्वास की भावना बनी रहे।
कानपुर देहात। सड़क पर नियमों की अनदेखी कर स्टंट करने वाले बाइक सवारों पर कानपुर देहात की यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को 216 दोपहिया चालकों का चालान काटा गया।
वहीं, काली फिल्म लगी 31 कारों और जाति सूचक शब्द लिखने वाले 146 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई।
जिले में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग लगातार अभियान चला रहे हैं। इसके बावजूद हादसों के आंकड़े चिंताजनक बने हुए हैं। जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच जिले में 558 सड़क दुर्घटनाओं में 478 लोग घायल और 309 की मौत हो चुकी है।
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर अभियान परिवहन आयुक्त के आदेश पर रविवार को जिलेभर में अभियान चलाया गया। यातायात प्रभारी राम बहादुर सिंह ने बताया कि बिना हेलमेट बाइक चलाने, सीट बेल्ट न लगाने और दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। लोगों को नियमों का पालन करने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्टंट करने वालों और तेज रफ्तार में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही स्कूल-कॉलेजों के पास विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि युवा वर्ग को दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।
यातायात पुलिस ने जनता से अपील की है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें, और स्टंट या तेज रफ्तार से बचें, ताकि अपनी और दूसरों की जान सुरक्षित रखी जा सके।
कानपुर देहात जिला समाज कल्याण अधिकारी गीता सिंह ने जानकारी दी है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए वंचित समस्त वर्गों के छात्रों हेतु ऑनलाइन पोर्टल खोला गया है। इसके साथ ही आवेदन की समय सारिणी भी जारी की गई है।
उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा मास्टर डेटा लॉक (कक्षा 11-12 को छोड़कर) की प्रक्रिया 10 अक्टूबर से 14 अक्टूबर 2025 तक पूरी की जाएगी। इस दौरान संस्थान अपने पाठ्यक्रम, सीटों की संख्या, निर्धारित शुल्क, एफिलिएटिंग एजेंसी या विश्वविद्यालय के नाम आदि सूचनाएं अद्यतन कर डिजिटल हस्ताक्षर से लॉक करेंगे।
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इसके बाद एफिलिएटिंग एजेंसी/विश्वविद्यालय द्वारा फीस आदि का सत्यापन 18 अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा, जबकि जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा फीस की पुष्टि 26 अक्टूबर 2025 तक की जाएगी।
छात्रों द्वारा रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक चलेगी। आवेदन की हार्ड कॉपी संलग्नकों सहित संस्थान में 1 नवम्बर 2025 तक जमा करनी होगी।
संस्थान द्वारा आवेदन का ऑनलाइन सत्यापन एवं अग्रसारण2 नवम्बर 2025 तक किया जाएगा। यदि आवेदन में कोई त्रुटि पाई जाती है तो छात्र उसे 8 से 11 नवम्बर 2025 के बीच सही कर पुनः जमा कर सकेंगे। संशोधित आवेदन को 12 नवम्बर 2025 तक पुनः अग्रसारित किया जाना आवश्यक है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों एवं छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर सभी कार्यवाही पूर्ण करें, ताकि किसी भी छात्र को छात्रवृत्ति से वंचित न रहना पड़े।
कानपुर देहात उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के रेउना क्षेत्र के गांव गिरशी में आयोजित कार्यक्रम में बंजारा समाज के महापुरुष लाखा बंजारा की मूर्ति का भव्य अनावरण किया गया। इस अवसर पर लक्खीशाह क्रांतिकारी समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश नायक अपने काफिले के साथ पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने हरीश नायक का पगड़ी, पटका और माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने बंजारा समाज के लोगों, विशेषकर नव युवाओं और महिलाओं को शिक्षा, समाज सेवा और अपने अधिकारों के लिए जागरूक होने का संदेश दिया। हरीश नायक ने कहा कि बंजारा समाज के साथ हमेशा से आई और गई सरकारों का सौतेला व्यवहार रहा है, और समाज को शासन सत्ता धारियों द्वारा उनके हक से वंचित किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि बंजारा समाज के लोग अक्सर ठगी और राजनीतिक खेल का शिकार होते रहे हैं, और अब यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हरीश नायक ने युवाओं और समाज के लोगों से अपील की कि वह अपने बच्चों को हर हाल में शिक्षित करें और समाज के विकास में योगदान दें।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को उन्होंने “गुलामी छोड़ो, समाज जोड़ो” का नारा दिया। साथ ही नव युवा, जो विभिन्न पार्टियों और संगठनों में कार्यरत हैं, उन्हें एक ही बैनर तले आने और लाखा बंजारा के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया।
हरीश नायक ने अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान रूरा थाना क्षेत्र के गांव सुमेरपुर में भी लाखा बंजारा की मूर्ति का अनावरण किया। इस अवसर पर मंगल सिंह नायक, विनय कुमार एडवोकेट, गिरीश नायक, मनोज बंजारा, अनोज बंजारा, सोनू निगम, रामनरेश उर्फ छोटे नायक सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।हरीश नायक ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि लक्खीशाह क्रांतिकारी समाज पार्टी की नीति राजनीति नहीं, सेवा है, और पार्टी समाज के हर व्यक्ति के न्याय और विकास के लिए काम करती रहेगी।
कानपुर देहात: भारतीय जनता पार्टी ने जिले में जीएसटी कटौती उत्सव मनाया। जिला अध्यक्ष रेणुका सचान ने जनकपुरी मैदान से पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ अकबरपुर बाजार जाकर व्यापारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू जीएसटी सुधारों पर चर्चा की। व्यापारियों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने जिला अध्यक्ष का स्वागत किया।
भाजपा जिला अध्यक्ष रेणुका सचान ने बताया कि सोमवार से लागू नई जीएसटी प्रणाली से किराने और दैनिक आवश्यक वस्तुओं पर 13% तक की बचत होगी। एक छोटी कार खरीदने पर लगभग 70,000 रुपये की बचत संभव है। स्टेशनरी, कपड़े, जूते और दवाओं पर 7–12% की छूट मिलेगी, जबकि स्वास्थ्य और जीवन बीमा में 18% तक की बचत होगी।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष रामजी मिश्रा, बृजेंद्र सिंह, सत्यम सिंह चौहान, सौरभ मिश्रा, मलखान सिंह चौहान, अमित राजपूत, श्यामू शुक्ला, शिव विलास मिश्रा, सत्यम चतुर्वेदी, सूर्यकांत त्रिपाठी, जगदीश गुप्ता, झब्बू अग्रवाल, विकास मिश्रा और जिला मीडिया प्रभारी मौजूद रहे।
राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि जीएसटी कटौती से ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलेगा और यह नवरात्रि के मौके पर जनता के लिए एक उपहार के समान है।
कानपुर देहात- कानपुर देहात की पुलिस अधीक्षक (SP) श्रद्धा नरेंद्र पांडेय का हालिया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह जमीन पर बैठकर एक दिव्यांग महिला से उसकी शिकायत सुनती नजर आ रही हैं। इस व्यवहार ने आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा दिया।
मामला उस समय का है जब SP कार्यालय में जनसुनवाई चल रही थी। इस दौरान एक दिव्यांग महिला अपनी समस्या लेकर आई। महिला को कार्यालय तक लाने की व्यवस्था की जा रही थी, लेकिन SP श्रद्धा नरेंद्र पांडेय खुद महिला के पास गईं और उनके सामने जमीन पर बैठकर पूरे धैर्य के साथ महिला की शिकायत सुनी।
सिर्फ सुनने तक ही नहीं, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत उचित कार्रवाई के निर्देश भी दिए। यह संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण सोशल मीडिया पर लोगों की खूब सराहना पा रहा है। लोग बता रहे हैं कि इस तरह के व्यवहार से पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम होती है और समाज में विश्वास का माहौल बनता है।
कौन हैं आईपीएस श्रद्धा?
श्रद्धा पांडेय का जन्म 1 जून 1986 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता का नाम नरेंद्र राममूर्ति पांडेय है। श्रद्धा अपने नाम के साथ पिता का नाम भी लिखती हैं। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी से एमटेक तक की पढ़ाई की। इसके बाद बीमा और आईसीएलएस सेवा में कार्यरत रहीं। श्रद्धा का सपना सेना में जाने का था। इसके लिए उन्होंने वर्ष 2011 में संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा में भाग लिया। वे अखिल भारतीय स्तर पर चौथी रैंक हासिल करने में सफल रहीं। हालांकि, दृष्टि दोष के कारण मेडिकल राउंड पास नहीं कर सकीं
श्रद्धा नरेंद्र पांडेय की यह पहल यह साबित करती है कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य और करुणा का भी प्रतीक होती है।
कानपुर देहात – कानपुर देहात से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहाँ एक ऐसे घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें मृतक जय सिंह के नाम पर सरकारी खजाने से लाखों रुपये हड़प लिए गए। इस मामले में प्रधान बृजेन्द्र सिंह यादव, उनका बेटा कपूर सिंह और सचिव की मिलीभगत सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि DPRO विकास पटेल ने भी इस घोटाले में मिलीभगत की, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है।
मृतक को ‘जिंदा’ दिखाकर करोड़ों की लूट
जानकारी के अनुसार, जय सिंह की मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उसे जिंदा दिखाया गया। इसके आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और सरकारी खजाने से लाखों रुपये ट्रांसफर किए गए। मौत के 14 महीने बाद भी फर्जी तरीके से 27,660 रुपये निकालने का खुलासा हुआ। इसके अलावा, कपूर सिंह के मोबाइल नंबर का उपयोग करके फर्जी ट्रांसफर किया गया।
शिकायतकर्ता ने किया पर्दाफाश
शिकायतकर्ता नवनीत कुमार ने इस घोटाले का पर्दाफाश किया। अदालत में शिकायत दर्ज कराई गई, और FIR करवा दी गई। इसके बावजूद DPRO विकास पटेल इस मामले में निष्क्रिय दिखे। इससे यह मामला सरकारी व्यवस्था में मिलीभगत और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
फर्जी दस्तावेज और ट्रांसफर
जांच में यह सामने आया कि फर्जी दस्तावेज और फर्जी ट्रांसफर के माध्यम से जनता के पैसों को लूटा गया। यह न केवल कानूनी अपराध है बल्कि जनता के प्रति विश्वासघात भी है। इस घोटाले में शामिल लोग उच्च पदों का दुरुपयोग करके लाखों रुपये हड़पने में सफल रहे।
सामाजिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस मामले ने कानपुर देहात की जनता में भारी गुस्सा पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग और सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ‘भ्रष्टाचार मुर्दाबाद’ का नारा लगा रहे हैं और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यदि तुरंत एक्शन नहीं लिया गया तो आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
कानूनी प्रक्रिया और FIR
अदालत ने शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर FIR दर्ज कर ली है। इस FIR में प्रधान बृजेन्द्र सिंह यादव, उनके बेटे कपूर सिंह और सचिव के नाम शामिल हैं। जांच में यह भी पता चला है कि DPRO विकास पटेल की मिलीभगत के कारण यह घोटाला लंबा खिंच गया।
फर्जी खाता और ट्रांसफर का खेल
इस घोटाले की सबसे घिनौनी बात यह है कि मृतक जय सिंह के नाम पर 1 लाख रुपये से अधिक ट्रांसफर किए गए। मृतक के नाम पर फर्जी खाता बनाया गया और लाखों रुपये इस खाता में ट्रांसफर किए गए। यह घटना सरकारी खजाने और सिस्टम की कमजोरी को उजागर करती है।
प्रशासनिक चूक और मिलीभगत
घोटाले के मामले में प्रशासनिक चूक और DPRO की मिलीभगत पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों की निष्क्रियता ने फर्जी ट्रांसफर को संभव बनाया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं है बल्कि सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार का उदाहरण है।
जनता की आवाज: तुरंत कार्रवाई की मांग
जनता और सोशल मीडिया पर लोगों ने सरकार से तत्काल CBI जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। लोग चाहते हैं कि प्रधान, बेटा और सचिव को जेल में डालकर न्याय किया जाए। यह मामला यह दर्शाता है कि प्रशासनिक निगरानी और पारदर्शिता की कितनी आवश्यकता है।
भ्रष्टाचार का सामाजिक प्रभाव
ऐसे घोटाले समाज में विश्वास की कमी पैदा करते हैं। मृतक को जिंदा दिखाकर पैसा हड़पना सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं बल्कि नैतिक और सामाजिक अपराध भी है। इससे आम जनता में भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्सा और असंतोष बढ़ता है।
भविष्य के कदम और सुधार
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के मामलों को रोकने के लिए सरकारी खजाने और ट्रांसफर सिस्टम में कड़ी निगरानी, डिजिटल सत्यापन और पारदर्शिता आवश्यक है। DPRO और अन्य अधिकारियों की मिलीभगत को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करनी होगी। कानपुर देहात का यह घोटाला केवल एक स्थानीय मामला नहीं है, बल्कि यह सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार, प्रशासनिक चूक और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का उदाहरण है। मृतक जय सिंह के नाम पर लाखों रुपये हड़पना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी कमजोर करता है। अब जनता और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है कि दोषियों को कठोर सजा दिलाई जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाए।
कानपुर देहात। जिले के जैसलपुर गांव में एक अद्भुत और दुर्लभ घटना देखने को मिली। किसान दीपक सिंह की भैंस ने गुरुवार सुबह एक साथ दो बच्चों को जन्म दिया, और दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह खबर इलाके में कौतुहल और खुशी का कारण बनी हुई है।
कैसे हुआ जन्म
भैंस ने सुबह 4 बजे एक साथ दोनों बच्चों को जन्म दिया। जैसे ही यह जानकारी ग्रामीणों को मिली, बड़ी संख्या में लोग दीपक सिंह के घर देखने के लिए पहुंच गए। ग्रामीण बच्चे और भैंस की देखभाल के लिए उत्सुकता दिखा रहे हैं और बच्चों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही हैं।
पशु चिकित्सकों की राय
सिकंदरा पशु चिकित्सालय के चिकित्सक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि भैंस द्वारा एक साथ दो बच्चों का जन्म देना बेहद दुर्लभ है। “ऐसे मामलों में अक्सर एक बच्चे की मौत हो जाती है या जन्मी पाड़ी में से अधिकांश बांझ रहती है,” उन्होंने कहा। इस लिहाज से दीपक सिंह की भैंस की प्रसव सफलता काफी खास मानी जा रही है।
किसान और पशुपालन की खुशी
दीपक सिंह ने बताया कि उनकी भैंस ने पहले दो बार प्रसव में एक-एक बच्चे को जन्म दिया था। इस बार दोनों बच्चे स्वस्थ हैं और मां के दूध पीकर खेल-कूद कर रहे हैं। दीपक सिंह और परिवार के लिए यह खुशी का अवसर है।
रिपोर्टहिमांशु शर्माकानपुर देहात -कानपुर देहात के अकबरपुर में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तैयार नया सिटी बस स्टैंड अब यात्री सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है। इस स्टैंड से परिवहन निगम 14 बसों के संचालन की योजना बना रहा है, जिनमें से चार बसें पहले ही शुरू कर दी गई हैं।
यह बसें कानपुर से होकर लखनऊ तक अलग-अलग समय पर चलेंगी, जिससे यात्रियों को समय पर और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। नए बस स्टैंड के बनने से न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार भी होगा।
परिवहन निगम ने बताया कि जल्द ही सभी 14 बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। यात्रियों को सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए बसों में आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल ग्रामीण और शहरी इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने में सहायक होगी।
स्थानीय लोगों ने इस कदम का स्वागत किया है और कहा कि इससे रोजमर्रा की यात्रा में समय की बचत होगी और आर्थिक रूप से भी सुविधा होगी। अधिकारियों ने यात्रियों से बस स्टैंड का सही तरीके से इस्तेमाल करने और नियमों का पालन करने की अपील की है।यह नया बस स्टैंड कानपुर और लखनऊ के बीच आवागमन को सरल, तेज और सुरक्षित बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
रिपोर्ट: हिमांशुकानपुर देहात -कानपुर देहात में राज्य निर्वाचन आयोग ने ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची जारी की है। आयोग द्वारा भेजी गई इस सूची में लगभग 2 लाख 2 सौ 57 मतदाता संभावित डुप्लीकेट के रूप में दर्ज हैं।सूची में उन मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं, जिनके नाम एक से अधिक ग्राम पंचायतों में दर्ज पाए गए हैं। इसमें मतदाता का नाम, संबंधी का नाम, आयु, मतदान स्थल और मतदाता क्रमांक जैसे कॉलम दिए गए हैं।
बीएलओ कर रहे हैं सत्यापन
सूची मिलने के बाद अब ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं का ग्राम पंचायतवार सत्यापन कर रहे हैं। यह प्रक्रिया 29 सितंबर 2025 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत पांडेय ने बताया कि –“राज्य निर्वाचन आयोग से मिली संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची बीएलओ को सौंप दी गई है। सभी अधिकारी गांव-गांव जाकर सत्यापन कर रहे हैं।”
राज्य निर्वाचन आयोग ने भले ही 2 लाख से अधिक मतदाताओं को डुप्लीकेट की श्रेणी में रखा हो, लेकिन इसने पिछले 5 सालों में हुए ग्राम प्रधानी और विधानसभा चुनावों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर इस पुनरीक्षण अभियान को गंभीरता से लिया जा रहा है ताकि आगामी चुनावों में मतदाता सूची पूरी तरह से सटीक और निष्पक्ष हो सके।