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  • कानपुर देहात: पुलिस अधीक्षक ने पांच अधिकारियों के किए तबादले, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

    कानपुर देहात: पुलिस अधीक्षक ने पांच अधिकारियों के किए तबादले, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

    कानपुर देहात – कानपुर देहात में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे ने जिले के पांच अधिकारियों के तबादले किए हैं। ये आदेश देर रात जारी किए गए और सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए।

    किसका -किसका हुआ तबादला

    • निरीक्षक सतीश कुमार सिंह को अकबरपुर से रसूलाबाद थाने में तैनात किया गया।
    • निरीक्षक हरमीत सिंह को रसूलाबाद से अकबरपुर थाने में भेजा गया।
    • निरीक्षक महेश कुमार का स्थानांतरण राजपुर से मंगलपुर थाने में किया गया।
    • निरीक्षक धीरेन्द्र सिंह को मंगलपुर से गजनेर अपराध थाने में तैनात किया गया। यह कदम गजनेर क्षेत्र में अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है।
    • उपनिरीक्षक सनत कुमार को गोपनीय कार्यालय से राजपुर थाने में थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

    पुलिस अधीक्षक श्रद्धा पांडे ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए

    पुलिस अधीक्षक श्रद्धा पांडे ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने नए क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी जिम्मेदारी से काम करें। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन तबादलों से कानपुर देहात में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। अधिकारियों के नए क्षेत्र में पहुंचने के साथ ही उम्मीद है कि नागरिकों को सुरक्षित और बेहतर पुलिस सेवा मिलेगी।

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  • कानपुर देहात: स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में दो समुदायों के बीच विवाद, विश्व हिंदू परिषद का थाने पर हंगामा

    कानपुर देहात: स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में दो समुदायों के बीच विवाद, विश्व हिंदू परिषद का थाने पर हंगामा

    कानपुर देहात- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में शुक्रवार को दो समुदाय के बीच विवाद हो गया, सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इस मामले की जानकारी विश्वहिंदू परिषद के लोगों को लगते ही थाने पर पहुंचकर हंगामा काटने लगे तो वहीं पुलिस लोगों को शांत करने जुटी रही।

    क्या है पूरा मामला कानपुर देहात: स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में दो समुदायों के बीच विवाद

    दरअसल जिले के मंगलपुर थाना इलाके में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा था इसी बीच थाना क्षेत्र के संदलपुर कस्बे के हिसांवा रोड पर स्थित विद्यार्थी लाइब्रेरी में विशाल पाल निवासी बिछियापुर पढ़ाई करता है। स्वतंत्रता दिवस के पर्व पर सुबह से ही लाइब्रेरी में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। संदलपुर कस्बा निवासी दानिश भी उसी लाइब्रेरी में पढ़ाई करता है, विशाल पाल ने पुलिस को दिए तहरीर में आरोप लगाते हुए बताया कि लाइब्रेरी संचालक की अनुमति के बाद ध्वजारोहण कार्यक्रम हो रहा था तभी संदलपुर कस्बा निवासी दानिश ने राष्ट्रीय कार्यक्रम में बाधा उत्पन्न की व राष्ट्रगीत नहीं बजने दिया, आगे बताया कि राष्ट्रीय ध्वज भी फाड़ दिया इस पर मौजूद लोगों ने विरोध किया तो दानिश ने फोन करके जफर अली, जसीम, रमजान, शकील समेत 7-8 अज्ञात लोगों ने लाठी डंडे लेकर आए और मारपीट करने लगे जिससे पीड़ित विशाल को चोट भी आई है।

    मामले की जानकारी विश्वहिंदू परिषद को लगी कानपुर देहात: स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में दो समुदायों के बीच विवाद

    दो समुदाय के बीच विवाद होने की सूचना पर विश्वहिंदू परिषद के लोग बड़ी संख्या में थाने पर पहुंचे और पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी दी, आरोप है कि पुलिस के द्वारा कोई संतोषजनक कार्रवाई न होने पर बड़ी संख्या में लोग जमीन पर बैठ कर धरना प्रदर्शन करने लगे और आरोपी पक्ष के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग होने लगी, वहीं पुलिस धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास करती रही, पुलिस के द्वारा जब कार्रवाई का आश्वासन दिया गया तब जाकर धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया।

    मंगलपुर पुलिस का बयान कानपुर देहात: स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में दो समुदायों के बीच विवाद

    मंगलपुर थाना प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र सिंह ने बताया दो पक्षों में विवाद होने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की, वहीं उन्होंने बताया कि पीड़ित विशाल से तहरीर लेकर मामले की जांच कराई जा रही है और पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है जो भी सच्चाई सामने आएगी उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

  • शहीद चंद्रशेखर आजाद की 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

    शहीद चंद्रशेखर आजाद की 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

    कानपुर देहात : कानपुर देहात के जैनपुर स्थित बड़ा दरबार गेस्ट हाउस में अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की 119वीं जयंती पर देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आज़ाद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम की शुरुआत अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से की गई। उपस्थित वक्ताओं ने उनके बलिदान, साहस और भारत माता के लिए किए गए संघर्ष को याद किया।

    आजादी के आंदोलन में जन सहभागिता शहीद चंद्रशेखर आजाद की 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

    मुख्य अतिथि जुगल देवी इंटर कॉलेज कानपुर के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य आचार्य भूपति तिवारी ने आजाद के बारे में बताया कि उन्होंने कहा कि पंडित सीताराम तिवारी और जगरानी देवी के पुत्र चंद्रशेखर आजाद ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने काकोरी कांड और लाहौर षडयंत्र केस में सक्रिय भागीदारी की थी। शहीद चंद्रशेखर आजाद की 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

    मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त क्षेत्राधिकारी आर. के.अग्निहोत्री ने कहा कि चंद्रशेखर का नाम भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास में अमिट है। बचपन में अंग्रेजों ने उन्हें 15 कोड़ो का दंड दिया था तभी उन्होंने संकल्प लिया कि अब अंग्रेजों के हाथ कभी नहीं लगेंगे। इसी संकल्प को पूरा करते हुए उन्होंने 27 फरवरी 1931 को पुलिस से घिरने के बाद अल्फ्रेड पार्क इलाहाबाद में स्वयं को गोली मारकर अपने प्राणों की आहुति दे दी। गांधी जी के असहयोग आंदोलन से जुड़ने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आजादी की लड़ाई में अपने क्रांतिकारी क्रियाकलापों से स्वतंत्रता आंदोलन की ज्वाला को निरंतर प्रज्वलित करते रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एडवोकेट रविंद्र नाथ मिश्र ने एक रोचक प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि जब जज ने आजाद से उनका नाम पूछा, तो उन्होंने कहा – नाम आजाद और घर जेलखाना। कोड़े की सजा के दौरान हर कोड़े पर वंदे मातरम् का उद्घोष करते रहे।

    शहीद चंद्रशेखर आजाद की 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

    कार्यक्रम आयोजक रचना त्रिपाठी, राकेश शुक्ल, अशोक पांडे, संरक्षक प्रेमचंद्र त्रिपाठी, रजोल शुक्ला, पूर्व जिलाध्यक्ष राहुलदेव अग्निहोत्री, मुनेश शुक्ला, बीटू द्विवेदी,रामकिशोर पांडेय, प्रद्युम्न शुक्ल, अंबुज द्विवेदी, नरेंद्र शुक्ल (सेवानिवृत्त उप निरीक्षक), शिव प्रसाद मिश्र,राजेश अवस्थी, किरण अवस्थी, नीतू पांडेय, आनंद तिवारी, महेश तिवारी, बाबा रमाकांत तिवारी, रवींद्र शुक्ल (पूर्व ब्लॉक प्रमुख मलासा) रामभरोसे शास्त्री, सत्य नारायण शुक्ल, एडवोकेट अंकित शुक्ल,शिवकुमार मिश्रा, सूर्यप्रकाश शर्मा, रुचि त्रिपाठी, विनीत त्रिवेदी, गोविंद दीक्षित, सुधांशु चतुर्वेदी, दीपक मिश्रा, सुभाष तिवारी, श्याम जी दीक्षित। विवेक तिवारी, राकेश द्विवेदी, अमोद द्विवेदी, सुनील तिवारी, बृजेंद्र शुक्ला, पिंकी पाठक, राहुल शुक्ला आदि लोग मौजूद रहे।