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  • कानपुर में मेयर-पार्षद विवाद सड़क पर, प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हंगामा

    कानपुर में मेयर-पार्षद विवाद सड़क पर, प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हंगामा

    कानपुर में नगर निगम की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। कानपुर मेयर पार्षद विवाद उस समय खुलकर सामने आ गया, जब एक सरकारी कार्यक्रम में पार्षद समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। खास बात यह रही कि जिस कार्यक्रम में यह विवाद हुआ, उसमें प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।

    प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हुआ हंगामा

    जानकारी के अनुसार, कानपुर में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। पार्षदों के समर्थक कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी करने लगे और मेयर के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। हंगामे के चलते कुछ देर के लिए कार्यक्रम बाधित भी हुआ, जिससे प्रशासन और आयोजकों में अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पार्षद समर्थक नगर निगम में अनदेखी और भेदभाव के आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि विकास कार्यों और फैसलों में पार्षदों की भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    पार्षद समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने

    पार्षदों और उनके समर्थकों का आरोप है कि मेयर द्वारा लिए जा रहे कई फैसलों में उनकी सहमति नहीं ली जाती। इसी असंतोष ने धीरे-धीरे बड़े विवाद का रूप ले लिया। कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि नगर निगम के भीतर चल रहा तनाव अब सार्वजनिक हो चुका है।

    स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। सुरक्षा बलों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया, ताकि कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा सके।

    नगर निगम की राजनीति पर सवाल

    इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर समय रहते मेयर और पार्षदों के बीच संवाद नहीं हुआ, तो आने वाले समय में विवाद और गहरा सकता है।

    प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में हुआ यह हंगामा प्रदेश स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि सरकार इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर सकती है, ताकि नगर निगम में चल रही खींचतान को सुलझाया जा सके।

    फिलहाल, कानपुर मेयर पार्षद विवाद ने यह साफ कर दिया है कि नगर निगम की अंदरूनी राजनीति अब सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सड़क पर उतर आई है।

  • कानपुर में कार सवारों का कहर: 2 दरोगा और होमगार्ड को रौंदा, आरोपी फरार

    कानपुर में कार सवारों का कहर: 2 दरोगा और होमगार्ड को रौंदा, आरोपी फरार

    कानपुर में कार सवारों ने दरोगा को रौंदा जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चेकिंग के दौरान कार सवार आरोपियों ने पुलिस टीम पर वाहन चढ़ा दिया, जिसमें दो दरोगा और एक होमगार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी तीन बैरियर तोड़ते हुए मौके से फरार हो गए।जानकारी के अनुसार, घटना कानपुर में उस समय हुई जब पुलिस और होमगार्ड की टीम नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन कार सवारों ने रुकने के बजाय अचानक तेज रफ्तार में वाहन दौड़ा दिया और पुलिसकर्मियों को कुचलते हुए निकल गए।

    हमले में एक दरोगा कार की टक्कर से करीब 10 फीट दूर जा गिरा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। वहीं, दूसरे दरोगा और होमगार्ड को भी चोटें लगी हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को संभालने में मदद की।कानपुर में कार सवारों ने दरोगा को रौंदा की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, लेकिन एक दरोगा की हालत गंभीर बनी हुई है।

    घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी कार सवारों ने भागने के दौरान तीन पुलिस बैरियर भी तोड़ दिए। पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह हमला सरकारी ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों पर किया गया है, जिसे गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।फिलहाल पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं और जल्द ही गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। घटना के बाद से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है।

  • कानपुर के BSF जवान विनोद कुमार पाल का निधन, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

    कानपुर के BSF जवान विनोद कुमार पाल का निधन, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

    कानपुर के BSF जवान का निधन पूरे क्षेत्र के लिए बेहद भावुक कर देने वाली खबर बन गया। अमृतसर में तैनात BSF के हवलदार विनोद कुमार पाल (52) की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। बुधवार सुबह जब उनका पार्थिव शरीर कानपुर स्थित उनके घर पहुंचा तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी, बेटी और बेटे का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

    हवलदार विनोद कुमार पाल मूल रूप से कानपुर के अरौल थाना क्षेत्र के बहरामपुर गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में उनका परिवार कल्याणपुर क्षेत्र के मिर्जापुर में रह रहा था। अमृतसर में पोस्टमॉर्टम के बाद बुधवार सुबह सबसे पहले पार्थिव शरीर कल्याणपुर लाया गया, जहां से सेना के वाहन द्वारा गांव बहरामपुर ले जाया गया।

    तिरंगे में लिपटे जवान के शव को देखते ही गांव में मातम पसर गया। अंतिम यात्रा में 500 से अधिक युवा तिरंगा लेकर शामिल हुए। “भारत माता की जय” और “वीर जवान अमर रहें” के गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के लोग अंतिम विदाई में शामिल हुए।

    कानपुर के BSF जवान का निधन रविवार देर रात करीब एक बजे ड्यूटी के दौरान हुआ। अचानक तबीयत बिगड़ने पर साथी जवान उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। BSF मुख्यालय की ओर से देर रात उनके घर फोन कर इस दुखद खबर की जानकारी दी गई। खबर सुनते ही पत्नी बेसुध होकर गिर पड़ीं।

    गंगा घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान BSF जवानों ने सलामी दी और राष्ट्रगान के साथ वीर सपूत को अंतिम विदाई दी गई।

    परिवार ने सरकार से दोनों बच्चों को उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी देने, गांव में शहीद स्मारक बनाए जाने और शहीद विनोद कुमार पाल के नाम से सड़क निर्माण की मांग की है।