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Tag: क्राइम न्यूज

  • “जाट हूं, 50 थार खरीद दूंगी” वीडियो वायरल, गाजियाबाद में 2 दरोगाओं संग दबंगई

    “जाट हूं, 50 थार खरीद दूंगी” वीडियो वायरल, गाजियाबाद में 2 दरोगाओं संग दबंगई

    गाजियाबाद से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। गाजियाबाद दबंगई वीडियो में एक महिला खुलेआम यह कहते हुए नजर आ रही है कि “मैं जाट हूं, खड़े-खड़े 50 थार खरीद दूंगी”। हैरानी की बात यह है कि यह बयान दो पुलिस दरोगाओं की मौजूदगी में दिया गया, लेकिन मौके पर कोई सख्त कार्रवाई होती नजर नहीं आई।

    दरोगाओं के सामने दिखा दबंग अंदाज

    वायरल वीडियो में महिला खुद को प्रभावशाली बताते हुए पुलिस पर रौब झाड़ती दिख रही है। वीडियो में मौजूद दो दरोगा उसकी बातों को सुनते नजर आते हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। महिला का यह व्यवहार सोशल मीडिया यूजर्स को खासा नाराज कर रहा है।बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी स्थानीय विवाद के दौरान रिकॉर्ड किया गया, जहां पुलिस मौके पर पहुंची थी। उसी दौरान महिला ने जाति और आर्थिक ताकत का हवाला देकर दबंगई दिखाई।

    सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा

    वीडियो सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या कानून सभी के लिए समान है। कई यूजर्स ने पुलिस पर आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के सामने कार्रवाई करने से बचा जाता है। वहीं कुछ लोगों ने इसे पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला मामला बताया है।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान समाज में गलत संदेश देते हैं और कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा कमजोर करते हैं।

    पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

    इस पूरे प्रकरण ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हों और फिर भी इस तरह की दबंगई हो, तो आम नागरिकों को न्याय कैसे मिलेगा। हालांकि, वीडियो के वायरल होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया है।पुलिस विभाग का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।फिलहाल, गाजियाबाद दबंगई वीडियो कानून, व्यवस्था और पुलिस जवाबदेही को लेकर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है।

  • बाराबंकी : फर्जी अभिवहन पास से लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़, वन दरोगा अनुज सिंह की कार्रवाई

    बाराबंकी : फर्जी अभिवहन पास से लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़, वन दरोगा अनुज सिंह की कार्रवाई

    उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में फर्जी अभिवहन पास से लकड़ी तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यह कार्रवाई हैदरगढ़ वन क्षेत्र में वन दरोगा अनुज कुमार सिंह द्वारा की गई, जिन्होंने सतर्कता दिखाते हुए अवैध वन उत्पाद के परिवहन को रोक दिया। यह घटना 06 दिसंबर 2025 की रात की है, जब वन विभाग की टीम हैदरगढ़–महाराजगंज मार्ग पर नियमित गश्त कर रही थी।

    रात करीब 11:50 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि एक डीसीएम वाहन (UP 36T 6712) संदिग्ध रूप से लकड़ी का कोयला लेकर गुजर रहा है। सूचना मिलते ही वन दरोगा अनुज सिंह ने टीम के साथ वाहन का पीछा कर हैदरगढ़ मुख्य चौराहे पर उसे रोक लिया। चालक की पहचान आशीष कुमार, निवासी सुल्तानपुर के रूप में हुई। पूछताछ में चालक ने बताया कि वह वाहन में लदा लकड़ी का कोयला रायबरेली से पटना, बिहार ले जा रहा है।

    जांच के दौरान वाहन में लकड़ी का कोयला मिला, लेकिन चालक कोई वैध अभिवहन पास प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद वाहन को जब्त कर वन विभाग की अभिरक्षा में रेंज कार्यालय हैदरगढ़ लाया गया। कुछ समय बाद वन दरोगा के मोबाइल पर अयाज पुत्र मोहम्मद नफीस, निवासी रायबरेली का फोन आया। उसने दावा किया कि उसके पास अभिवहन पास है और वह उसे व्हाट्सएप के जरिए भेज रहा है।

    जब भेजे गए पास की जांच की गई, तो उसमें अंकित वाहन संख्या जब्त वाहन से मेल नहीं खा रही थी। बाद में आरोपी ने दूसरा पास भेजा, लेकिन दोनों पासों में एक ही पत्रांक, आवेदन संख्या और परमिट नंबर पाए गए, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। वन विभाग ने पास को संदिग्ध मानते हुए वाहन छोड़ने से इनकार कर दिया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों अभिवहन पासों को जांच के लिए हैदरगढ़ वन प्रभाग भेजा गया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि दोनों पास पूरी तरह फर्जी थे। इसके बाद आरोपी अयाज को गिरफ्तार कर सख्त पूछताछ की गई, जिसमें उसने स्वीकार किया कि वह कई वर्षों से फर्जी अभिवहन पास से लकड़ी तस्करी का काम कर रहा था।

    यह कार्रवाई जिला वन प्रभागीय अधिकारी आकाशदीप बाघवान के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। वन विभाग ने साफ संदेश दिया है कि वन माफियाओं और तस्करों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और ऐसी अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।