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Tag: जमीन विवाद

  • वाराणसी में कमिश्नर के वाहन के सामने महिलाओं का धरना, जमीन विवाद का मामला

    वाराणसी में कमिश्नर के वाहन के सामने महिलाओं का धरना, जमीन विवाद का मामला

    संवाददाता मनीष पटेल वाराणसी में उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई जब कुछ महिलाएं पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के कार्यालय के बाहर उनके वाहन के सामने धरने पर बैठ गईं। महिलाओं का आरोप था कि चोलापुर थाने में जमीन विवाद की शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही, जिससे परेशान होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।कार्यालय पुलिस आयुक्त के गेट पर धरना देख कैंट पुलिस महिलाओं को समझाकर हटाने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल मौके पर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए उन्होंने वाहन से उतरकर स्वयं महिलाओं से बातचीत की और उनकी समस्या को गंभीरता से सुना। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने सभी महिलाओं को अपने कार्यालय में बुलाया।

    चोलापुर थाने पर सुनवाई न होने का आरोप

    धरने पर बैठी महिलाओं ने बताया कि उनकी जमीन उनकी सास धनों देवी के नाम दर्ज है, लेकिन धनंजय यादव और उसके परिवार के लोग आए दिन उनकी जमीन पर आकर जबरन कब्जा करने का प्रयास करते हैं। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें धमकाया जाता है और मारपीट की जाती है।महिलाओं ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में चोलापुर थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब कथित आरोपियों को पता चला कि महिलाएं थाने गई हैं, तो वे उनके घर पर चढ़ आए और बच्चों व पुरुषों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की।

    पुलिस आयुक्त ने लिया संज्ञान

    थाने से न्याय न मिलने पर महिलाएं सीधे वाराणसी पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने महिलाओं की पूरी बात सुनी और मामले को गंभीर बताया।उन्होंने महिलाओं को आश्वासन दिया कि चोलापुर थाने को इस मामले में निर्देश दे दिए गए हैं। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर सुनवाई और कार्रवाई नहीं होती है, तो महिलाएं दोबारा उनसे संपर्क करें

    एक सप्ताह में कार्रवाई का भरोसा

    पुलिस आयुक्त के आश्वासन के बाद महिलाओं ने धरना समाप्त किया। प्रशासन की ओर से यह संदेश दिया गया कि जमीन विवाद जैसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा।यह मामला एक बार फिर स्थानीय थानों की कार्यप्रणाली और आम नागरिकों की सुनवाई को लेकर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन के निर्देशों के बाद चोलापुर थाना इस विवाद में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

  • jhansi farji registry vivad: कलेक्ट्रेट में भिड़े 2 पक्ष, पुलिस कर रही जांच

    jhansi farji registry vivad: कलेक्ट्रेट में भिड़े 2 पक्ष, पुलिस कर रही जांच

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    झांसी, उत्तर प्रदेश। मंगलवार को झांसी कलेक्ट्रेट परिसर उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब फर्जी जमीनों की रजिस्ट्री के आरोप में दो पक्ष आपस में भिड़ गए। गाली-गलौज और हाथापाई की सूचना पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। यह घटना एक बार फिर भूमि विवादों में धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों को उजागर करती है, जिसकी जांच नवाबाद पुलिस कर रही है।

    क्या है पूरा मामला jhansi farji registry vivad: कलेक्ट्रेट में भिड़े दो पक्ष, पुलिस कर रही जांच: कलेक्ट्रेट में क्यों भिड़े दो पक्ष?

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    जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के ग्राम सिंगररा निवासी विनोद राय किसी निजी कार्य से कलेक्ट्रेट गए थे। उसी दौरान, सुनील साहू भी अपनी जमीन से जुड़े एक पुराने मुकदमे की पैरवी करने के लिए वहां मौजूद थे। दोनों पक्षों का आमना-सामना होते ही उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और गुत्थम-गुत्थी में बदल गई।

    इस अप्रत्याशित घटना से परिसर में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हंगामे की सूचना मिलते ही नवाबाद थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को शांत कराया और मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें थाने ले आई।

    फर्जी रजिस्ट्रियों का गंभीर आरोप

    थाने में, दोनों पक्षों से अलग-अलग पूछताछ की गई। इसी दौरान, एक पक्ष सुनील साहू ने विनोद राय पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। सुनील साहू ने पुलिस को बताया कि विनोद राय ने उनकी जमीनों की फर्जी रजिस्ट्रियां कराकर उन्हें बेच दिया है। सुनील साहू का यह भी आरोप है कि विपक्षी ने सिर्फ उनकी ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोगों की जमीनों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें धोखाधड़ी से बेचा है। इसी जमीन विवाद और धोखाधड़ी के कारण दोनों के बीच कहासुनी और हाथापाई हुई थी।

    यह आरोप दर्शाता है कि यह मामला सिर्फ दो व्यक्तियों के बीच का विवाद नहीं है, बल्कि यह एक बड़े और सुनियोजित फर्जीवाड़े का हिस्सा हो सकता है। पुलिस के लिए यह जांचना महत्वपूर्ण होगा कि क्या वास्तव में फर्जी दस्तावेज बनाए गए थे और क्या इस मामले में कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।

    पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच on jhansi farji registry vivad: कलेक्ट्रेट में भिड़े दो पक्ष, पुलिस कर रही जांच

    नवाबाद पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। दोनों पक्षों के बयानों को दर्ज किया जा रहा है और आरोपों की सच्चाई जानने के लिए जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। पुलिस को अब संबंधित दस्तावेजों की जांच करनी होगी और जमीन के रिकॉर्ड्स को सत्यापित करना होगा। यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या इस तरह की और भी शिकायतें पहले दर्ज की गई हैं।

    यह घटना झांसी जैसे शहर में बढ़ते भूमि विवादों और धोखाधड़ी की घटनाओं की ओर ध्यान दिलाती है। इस तरह के मामलों में, पुलिस की निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई न्याय सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह घटना आम जनता के लिए भी एक चेतावनी है कि वे अपनी संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों के प्रति अधिक सतर्क रहें और किसी भी संदेहजनक गतिविधि की तुरंत सूचना दें। पुलिस मामले की जांच पूरी करने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

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  • खेलो इंडिया गोल्ड मेडलिस्ट कीर्ति यादव की मां और बहन से मारपीट, भूमि विवाद ने लिया हिंसक मोड़

    खेलो इंडिया गोल्ड मेडलिस्ट कीर्ति यादव की मां और बहन से मारपीट, भूमि विवाद ने लिया हिंसक मोड़

    मैनपुरी, उत्तर प्रदेश | रिपोर्ट: दीपक सिंह उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से एक शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। खेलो इंडिया प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली वेटलिफ्टर कीर्ति यादव की मां और राज्य स्तरीय खिलाड़ी बहन शिवानी यादव पर उनके ही रिश्तेदारों ने हमला कर दिया। भूमि विवाद को लेकर हुए इस हमले में शिवानी गंभीर रूप से घायल हो गईं।खेलो इंडिया गोल्ड मेडलिस्ट कीर्ति यादव की मां और बहन से मारपीट

    घटना भोगांव थाना क्षेत्र के पड़ुआ रोड इलाके की है, जहां कीर्ति यादव की जमीन को लेकर लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा है। जानकारी के मुताबिक, 22 जुलाई को आरोपी मनोज यादव ने बिना आदेश के नीम का पेड़ कटवाकर जबरन निर्माण कार्य शुरू करवा दिया। जब कीर्ति की मां शिला देवी और बहन शिवानी ने इसका विरोध किया तो आरोपी संजू देवी, सुरेंद्र और बृजेश ने दोनों की पिटाई कर दी।खेलो इंडिया गोल्ड मेडलिस्ट कीर्ति यादव की मां और बहन से मारपीट

    इस हमले से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने घायल मां-बेटी के साथ मिलकर जीटी रोड पर जाम लगा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी संध्या शर्मा और क्षेत्राधिकारी सत्य प्रकाश शर्मा मौके पर पहुंचे और पीड़ितों से बातचीत की।खेलो इंडिया गोल्ड मेडलिस्ट कीर्ति यादव की मां और बहन से मारपीट

    पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। बताया गया है कि भूमि विवाद की सुनवाई 30 जुलाई को न्यायालय में होनी है। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    🔴 यह हैरान करने वाला मामला कई सवाल खड़े करता है:खेलो इंडिया गोल्ड मेडलिस्ट कीर्ति यादव की मां और बहन से मारपीट

    • जब एक राष्ट्रीय खिलाड़ी को न्याय नहीं मिल रहा, तो आम जनता का क्या होगा?
    • पुलिस शिकायत के बावजूद दोबारा हमले को कैसे अंजाम दिया गया?