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  • डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के भाषण शुरू होते ही गुल हो गई बिजली, मंच से भड़के ‘केशव’

    डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के भाषण शुरू होते ही गुल हो गई बिजली, मंच से भड़के ‘केशव’

    आगरा। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य शुक्रवार को आगरा दौरे पर रहे। इस दौरान फतेहाबाद स्थित सती मंदिर परिसर में चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जब डिप्टी सीएम के भाषण से ठीक पहले अचानक बिजली कट गई। बिजली न होने के कारण करीब 15 मिनट तक कार्यक्रम पूरी तरह ठप रहा।

    जनरेटर में भी नहीं था डीजल, बढ़ी अव्यवस्था

    स्थिति उस वक्त और गंभीर हो गई, जब बैकअप के लिए लगाए गए जनरेटर में भी डीजल नहीं मिला। इससे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अव्यवस्थाओं को देखकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी।

    “लापरवाही बर्दाश्त नहीं” – डिप्टी सीएम

    कुछ देर बाद बिजली बहाल होने पर मंच से संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि जन कार्यक्रमों में इस तरह की लापरवाही जनता के भरोसे को ठेस पहुंचाती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तय है

    जीरामजी एक्ट की बताईं खूबियां

    अपने संबोधन में डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने जीरामजी एक्ट की सराहना करते हुए कहा कि यह कानून भ्रष्टाचार के रास्तों को बंद करने वाला साबित होगा। उन्होंने बताया कि यह एक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में तैयार किया गया है। इस कानून के माध्यम से आने वाले समय में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर स्मार्ट गांवों का निर्माण होगा।

    मतदाता सूची पर दिया जवाब

    एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) में मतदाताओं के नाम कटने को लेकर उठ रहे सवालों पर डिप्टी सीएम ने कहा कि किसी का नाम नहीं काटा गया है। नाम जोड़ने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हट गया है, तो वह फॉर्म-6 भरकर दोबारा मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकता है

  • डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सरकारी आवास पर पहुंचे संदिग्ध व्यक्ति को लखनऊ पुलिस ने पकड़ा, हड़कंप

    डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सरकारी आवास पर पहुंचे संदिग्ध व्यक्ति को लखनऊ पुलिस ने पकड़ा, हड़कंप

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya News) के सरकारी आवास पर उस समय हड़कंप मच गया जब गुरुवार सुबह एक संदिग्ध युवक अचानक सुरक्षा घेरे को पार कर अंदर पहुंचने की कोशिश करने लगा। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उसे रोका और लखनऊ पुलिस को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में पुलिस मौके पर पहुंच गई और युवक को हिरासत में ले लिया।

    संदिग्ध तरीके से पहुंचा व्यक्ति, सुरक्षा में हलचल

    घटना के दौरान डिप्टी सीएम आवास पर नियमित मुलाकातियों का समय चल रहा था। लेकिन इसी बीच एक युवक बिना अनुमति गेट के पास पहुंच गया। सुरक्षा कर्मियों ने पूछताछ की तो वह खुद को किसी “जरूरी काम” से आया बताने लगा। उसके पास न कोई पहचान पत्र मिला और न ही कोई वैध अनुमति पत्र। संदेह होने पर सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे दबोच लिया।

    पुलिस ने की गहन पूछताछ

    सूचना मिलते ही हजरतगंज पुलिस और स्थानीय इंटेलिजेंस यूनिट मौके पर पहुंची। संदिग्ध युवक को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस के शुरुआती इनपुट के अनुसार युवक मानसिक रूप से व्याकुल या भ्रमित भी हो सकता है, लेकिन उसकी मंशा और पृष्ठभूमि का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
    पुलिस ने उसके मोबाइल फोन, बैग और निजी सामान की भी स्क्रीनिंग की है।

    सुरक्षा एंगल से उच्चस्तरीय जांच

    डिप्टी सीएम जैसे वीवीआईपी पद के आवास पर किसी भी अनजान व्यक्ति का यूं पहुँच जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा अलर्ट है। इसी कारण इंटेलिजेंस एजेंसियों को भी मामले में शामिल कर लिया गया है।
    सूत्रों के अनुसार, यह भी पता लगाया जा रहा है कि युवक कैसे सुरक्षा घेरा पार कर मुख्य गेट तक पहुंच गया और क्या इससे पहले भी उसने किसी वीवीआईपी क्षेत्र में प्रवेश की कोशिश की है।

    डिप्टी सीएम कार्यालय ने बढ़ाई सुरक्षा

    घटना के बाद डिप्टी सीएम कार्यालय ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने के निर्देश दिए हैं। प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं और विज़िटर एंट्री सिस्टम की पुनः समीक्षा शुरू हो गई है।

    पुलिस ने कहा – जांच के बाद होगी आधिकारिक पुष्टि

    हजरतगंज पुलिस ने बताया कि युवक की पहचान की पुष्टि की जा रही है। शुरुआती पूछताछ के बाद ही यह साफ होगा कि उसकी नीयत क्या थी और वह किन परिस्थितियों में सरकारी आवास तक पहुंचा।