विजय हजारे ट्रॉफी में ईशन किशन का शतक भारतीय घरेलू क्रिकेट में चर्चा का विषय बन गया है। झारखंड के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशन किशन ने कर्नाटक के खिलाफ मात्र 33 गेंदों में शतक जड़कर नया इतिहास रच दिया। यह मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया, जहां किशन ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
ईशन किशन ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने कर्नाटक के गेंदबाजों पर कोई रहम नहीं दिखाया और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट्स लगाए। उनकी इस पारी में चौकों और छक्कों की भरमार देखने को मिली। केवल 33 गेंदों में शतक पूरा कर उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया।
विजय हजारे ट्रॉफी में ईशन किशन का शतक इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह पारी दबाव भरे मुकाबले में आई। कर्नाटक जैसी मजबूत टीम के खिलाफ किशन ने जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता के साथ बल्लेबाजी की, उसने मैच की दिशा ही बदल दी। उनकी पारी की बदौलत झारखंड की टीम बड़े स्कोर की ओर तेजी से बढ़ी।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने ईशन किशन की बल्लेबाजी का जमकर आनंद लिया। हर बाउंड्री और छक्के के साथ स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पारियां घरेलू क्रिकेट के स्तर को और ऊंचा उठाती हैं।
इस शतक के साथ ईशन किशन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह सीमित ओवरों के प्रारूप में कितने खतरनाक बल्लेबाज हैं। उनकी यह पारी आने वाले समय में चयनकर्ताओं का भी ध्यान आकर्षित कर सकती है। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन से किशन ने अपनी दावेदारी मजबूत की है।
कुल मिलाकर, विजय हजारे ट्रॉफी में ईशन किशन का शतक न सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भारतीय घरेलू क्रिकेट के लिए भी एक यादगार पल बन गया है।
18 साल का लंबा इंतजार, अनगिनत सपने, टूटती उम्मीदें, और फिर से (IPL 2025 Final) जागता भरोसा। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की दुनिया में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और पंजाब किंग्स (PBKS) जैसी टीमें इन भावनाओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं। दोनों टीमें सालों से उस एक ट्रॉफी की तलाश में हैं, जो उनकी किस्मत को बदल दे। मंगलवार, 3 जून 2025 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले IPL 2025 फाइनल में यह सपना हकीकत में बदलने वाला है। सवाल यह है कि क्या यह खिताब RCB के लिए विराट कोहली का तमगा बनेगा, या फिर श्रेयस अय्यर की कप्तानी में PBKS इतिहास रचेगी? IPL 2025 Final
विराट कोहली: एक ट्रॉफी का अधूरा सपना
विराट कोहली, जिन्हें क्रिकेट की दुनिया में ‘किंग कोहली’ के नाम से जाना जाता है, ने अपने करियर में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। 2008 में अंडर-19 विश्व कप, 2011 में वनडे विश्व कप, 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी, और 2024 में टी20 विश्व कप—कोहली ने हर बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ी। लेकिन IPL का खिताब उनके लिए अब तक एक अधूरी कहानी रहा है। RCB ने 2009, 2011 और 2016 में फाइनल खेला, लेकिन हर बार जीत से चूक गई। इस बार कोहली के लिए यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि 18 साल की तपस्या को पूरा करने का मौका है। IPL 2025 Final
कोहली इस सीजन में शानदार फॉर्म में हैं। 614 रन के साथ वे RCB के सबसे बड़े रन-स्कोरर हैं, और उनकी मैदान पर मौजूदगी पूरी टीम के लिए प्रेरणा का काम करती है। क्वालिफायर 1 में PBKS के खिलाफ उनकी 73 रनों की नाबाद पारी ने दिखाया कि बड़े मैचों में वे कितने खतरनाक हो सकते हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी स्टेडियम की बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच पर क्या कोहली वह कमाल कर पाएंगे, जो RCB को पहला खिताब दिलाए? IPL 2025 Final
श्रेयस अय्यर: शांत लेकिन घातक कप्तान
पंजाब किंग्स की कमान संभाल रहे श्रेयस अय्यर ने इस सीजन में अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी से सबको प्रभावित किया है। 603 रन और 175 की स्ट्राइक रेट के साथ वे PBKS की बैटिंग की रीढ़ रहे हैं। क्वालिफायर 2 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ उनकी नाबाद 87 रनों की पारी ने PBKS को फाइनल में पहुंचाया। श्रेयस की खासियत उनकी शांतचित्त मानसिकता है। जहां कोहली मैदान पर भावनाओं का तूफान लाते हैं, वहीं श्रेयस ठंडे दिमाग से रणनीति बनाते हैं। IPL 2025 Final
श्रेयस पहले भी दिल्ली कैपिटल्स (2020) और कोलकाता नाइट राइडर्स (2024) को फाइनल में ले जा चुके हैं, और KKR के साथ खिताब भी जीता। अब PBKS के साथ वे एक नया इतिहास लिखना चाहते हैं। मेगा ऑक्शन में 26.75 करोड़ रुपये में खरीदे गए श्रेयस पर भरोसा दिखाता है कि PBKS उनमें कितना विश्वास रखती है। लेकिन RCB के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण, खासकर जोश हेजलवुड और सुयश प्रभुदेसाई के सामने उनकी परीक्षा होगी। IPL 2025 Final
रजत पाटीदार: RCB की नई उम्मीद
RCB की कप्तानी इस बार रजत पाटीदार के हाथों में है, और यह उनका पहला सीजन है। क्वालिफायर 1 में उन्होंने अपनी रणनीतिक समझ से PBKS को 101 रनों पर समेट दिया था। रजत ने अपनी कप्तानी में RCB को एक नया जोश दिया है। उनकी सादगी और ‘कंट्रोल द कंट्रोलेबल्स’ का मंत्र RCB को इस फाइनल में ले आया है। अगर RCB यह खिताब जीतती है, तो रजत वह कर दिखाएंगे, जो पिछले कई कप्तानों के लिए असंभव रहा।
दोनों टीमों की ताकत और कमजोरियां
RCB की ताकत उनकी गहरी बल्लेबाजी और मजबूत गेंदबाजी इकाई है। फिल सॉल्ट, मयंक अग्रवाल, और जितेश शर्मा जैसे बल्लेबाज कोहली के साथ मिलकर किसी भी स्कोर का पीछा कर सकते हैं। गेंदबाजी में जोश हेजलवुड (21 विकेट) और सुयश शर्मा की स्पिन ने इस सीजन में कमाल किया है। लेकिन उनकी कमजोरी यह है कि वे कभी-कभी दबाव में बिखर जाते हैं, जैसा कि लखनऊ में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 232 रनों के लक्ष्य का पीछा करते समय हुआ था।
वहीं, PBKS की ताकत उनकी विस्फोटक शुरुआत है। प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह जैसे युवा बल्लेबाज पावरप्ले में तेजी से रन बना सकते हैं। अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल की गेंदबाजी भी उनकी ताकत है। लेकिन क्वालिफायर 1 में उनकी बल्लेबाजी का ढहना दिखाता है कि दबाव में उनकी रणनीति कभी-कभी गड़बड़ा जाती है।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम: बल्लेबाजों का स्वर्ग
अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम अपनी सपाट पिचों के लिए जाना जाता है, जो बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग है। लेकिन मौसम विभाग ने 3 जून को हल्की बारिश की भविष्यवाणी की है। अगर बारिश खेल बिगाड़ती है और मैच रद्द होता है, तो लीग स्टेज में टॉप पर रहने वाली PBKS को विजेता घोषित किया जाएगा। यह RCB के लिए एक बड़ा खतरा है, क्योंकि वे इस सीजन में इस मैदान पर नहीं खेले हैं, जबकि PBKS ने यहां अच्छा प्रदर्शन किया है।
फैन्स का जोश और सोशल मीडिया का माहौल
सोशल मीडिया पर RCB और PBKS के फैन्स के बीच जंग छिड़ी हुई है। स्टार स्पोर्ट्स के एक सर्वे के मुताबिक, 51% फैन्स PBKS का समर्थन कर रहे हैं, जबकि 49% RCB के साथ हैं। कोहली के फैन्स चाहते हैं कि उनका ‘किंग’ इस बार ट्रॉफी उठाए, वहीं कई लोग श्रेयस को BCCI के इंग्लैंड दौरे से बाहर करने के फैसले का जवाब खिताब के रूप में देना चाहते हैं। RCB के फैन्स का जोश तो देखते ही बनता है, खासकर तब जब कोहली मैदान पर उतरते हैं। उनकी ऊर्जा और जुनून हर बार स्टेडियम में एक अलग माहौल बनाते हैं।
क्या होगा इस फाइनल का नतीजा?
यह फाइनल सिर्फ दो टीमों के बीच का मुकाबला नहीं है, बल्कि यह कोहली की भावनाओं बनाम श्रेयस की शांति, रजत की नई कप्तानी बनाम PBKS की युवा ऊर्जा का टकराव है। RCB के पास अनुभव है, PBKS के पास जोश है। दोनों टीमें पहली बार खिताब जीतने की कगार पर हैं, और यह मुकाबला क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा।
क्या विराट कोहली अपनी 18 साल की तपस्या को पूरा करेंगे? क्या श्रेयस अय्यर एक बार फिर अपनी कप्तानी का लोहा मनवाएंगे? या फिर रजत पाटीदार एक नई कहानी लिखेंगे? जवाब 3 जून की रात को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिलेगा। लेकिन एक बात तय है—यह फाइनल हर क्रिकेट प्रेमी के लिए एक यादगार लम्हा होगा।