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Tag: पहलगाम आतंकी हमला

  • Bilawal Bhutto India statement: आतंक फैलाने के बाद पाकिस्तान का शांति का ढोंग, बिलावल भुट्टो ने कहा- भारत साझेदारी करे

    Bilawal Bhutto India statement: आतंक फैलाने के बाद पाकिस्तान का शांति का ढोंग, बिलावल भुट्टो ने कहा- भारत साझेदारी करे

    Bilawal Bhutto India statement: आतंकवाद को खुलेआम समर्थन देने वाला पाकिस्तान एक बार फिर शांति की दुहाई देकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को ‘संजीदा’ दिखाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के प्रमुख और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने बुधवार को एक बार फिर भारत की ओर कथित ‘शांति’ का हाथ बढ़ाया है। लेकिन भारत ने हमेशा की तरह साफ किया है कि बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते। Bilawal Bhutto India statement

    🗣️ क्या बोले बिलावल भुट्टो?

    बिलावल भुट्टो ने इस्लामाबाद पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कहा,

    "पाकिस्तान भारत के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ अभूतपूर्व साझेदारी के लिए तैयार है। हम दुश्मन नहीं हैं बल्कि ऐसे पड़ोसी हैं जो आतंक की महामारी से लोगों को बचाने की नैतिक जिम्मेदारी साझा करते हैं।"

    बिलावल ने आगे कहा कि भारत को अपने “अहंकार” को छोड़कर पाकिस्तान के साथ शांति कायम करनी चाहिए।

    https://nationnowsamachar.com/national/pm-modi-foreign-visit-africa-latin-america-brics-summit-2025/

    🔥 पहलगाम हमला: पाकिस्तान की सच्चाई- Bilawal Bhutto India statement

    यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब भारत अभी भी 22 अप्रैल के पाक प्रायोजित पहलगाम हमले की त्रासदी से उबर रहा है, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। भारत ने इस हमले का सीधा दोष पाकिस्तान पर मढ़ा और इसके बाद सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया।

    🚀 ऑपरेशन सिंदूर: भारत का जवाब- Bilawal Bhutto India statement

    पाकिस्तान के आतंकी रवैये पर भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर चलाया। यह सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में की गई, जिसमें सैकड़ों आतंकियों को ढेर किया गया। इसके बाद दोनों देशों के बीच चार दिन की सीमावर्ती झड़पें भी हुईं।

    https://nationnowsamachar.com/national/pm-modi-holds-second-meeting-with-nsa-ajit-doval-india-pakistan-tension/

    🎭 पाकिस्तान का दोहरा चरित्र- Bilawal Bhutto India statement

    भारत बार-बार यह साफ कर चुका है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ संभव नहीं। जबकि पाकिस्तान बार-बार शांति का मुखौटा पहनता है लेकिन सीमा पार से आतंकियों को समर्थन और शरण देना बंद नहीं करता।

    बिलावल भुट्टो खुद एक बयान में यह स्वीकार कर चुके हैं कि

    "आतंकवाद को समर्थन देना पाकिस्तान के इतिहास का काला अध्याय रहा है।"

    फिर भी, वही नेता भारत से ‘साझेदारी’ की बात कर रहे हैं।

    भारत की स्पष्ट नीति- Bilawal Bhutto India statement

    भारत सरकार का रुख शुरू से स्पष्ट है – “No talks until terror stops”। जब तक पाकिस्तान आतंकवादियों को संरक्षण और समर्थन देता रहेगा, तब तक कोई बातचीत संभव नहीं।

    🤝 बातचीत का बहाना या कूटनीतिक चाल?- Bilawal Bhutto India statement

    विश्लेषकों का मानना है कि बिलावल भुट्टो का यह बयान केवल एक कूटनीतिक स्टंट है। पाकिस्तान FATF और अंतरराष्ट्रीय दबाव से बचने के लिए इस तरह के दिखावटी बयानों का सहारा लेता है।

    सोर्स- AAJ TAK

  • RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT: राजनाथ सिंह ने कश्मीर में शांति, सुरक्षा और सैन्य शक्ति का दिया संदेश

    RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT: राजनाथ सिंह ने कश्मीर में शांति, सुरक्षा और सैन्य शक्ति का दिया संदेश

    नई दिल्ली/श्रीनगर: भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते के कुछ ही दिन बाद, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT) का श्रीनगर दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा. गुरुवार को श्रीनगर एयरपोर्ट पर पहुंचे राजनाथ सिंह का स्वागत जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किया. यह दौरा तब हुआ है जब जम्मू-कश्मीर एक बार फिर आतंकी हमलों और सैन्य अभियानों के कारण सुर्खियों में है.

    बादामी बाग छावनी में पाकिस्तान को चेतावनी- RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT

    रक्षा मंत्री ने बादामी बाग छावनी पहुंचकर हाल ही में गिराए गए पाकिस्तानी मोर्टार शेल का निरीक्षण किया. वहां उन्होंने शहीद हुए जवानों और निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी. सिंह ने कहा, “मैं उन बहादुर सैनिकों को नमन करता हूं जो आतंकवाद से लड़ते हुए शहीद हो गए. मैं पहलगाम हमले में मारे गए नागरिकों को भी श्रद्धांजलि देता हूं और घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं.”

    उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर के नागरिकों द्वारा पाकिस्तान और आतंकवादियों के खिलाफ जताया गया आक्रोश एक प्रेरणा है. उन्होंने कहा. “आपने जो जोश और साहस दिखाया है, उससे दुश्मन बुरी तरह हिल गया है. पाकिस्तानी चौकियों को जिस तरह तबाह किया गया है, वह पाकिस्तान के लिए चेतावनी है,”

    पहलगाम हमला और ‘ऑपरेशन सिंदूर’

    22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई निर्दोष नागरिक मारे गए थे. इस घटना ने घाटी की स्थिति को अस्थिर कर दिया. इसके जवाब में 7 मई को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें सीमापार स्थित आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त कार्रवाई की गई. इसके बाद घाटी में तनाव और भी बढ़ गया. रक्षा मंत्री का यह दौरा इन परिस्थितियों में सेना और आम जनता के लिए मनोबल बढ़ाने वाला है.

    स्कूलों के फिर से खुलने की घोषणा

    संघर्षविराम के बाद एक सकारात्मक संकेत के रूप में जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में 15 मई से स्कूल खोलने की घोषणा की गई है. यह निर्णय जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों में लागू होगा, जहां हाल के तनाव के कारण स्कूल बंद कर दिए गए थे.

    स्कूलों के खुलने से न केवल शिक्षा की बहाली होगी, बल्कि आम जनजीवन में सामान्य स्थिति की वापसी भी देखी जाएगी. जिन क्षेत्रों में स्कूल खुलेंगे उनमें शामिल हैं:

    • जम्मू: चौकी चौरा, भलवाल, डंसाल, गांधी नगर
    • कठुआ: बरनोटी, लखनपुर, सलान, घगवाल
    • राजौरी: पीरी, कालाकोट, थानामंडी, मोघला, कोटरंका, खवास, लोअर हथल, दरहल
    • पुंछ: सुरनकोट, बफलियाज़

    यह निर्णय दर्शाता है कि प्रशासन अब आम नागरिकों के जीवन को सामान्य करने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है.

    हेलीकॉप्टर सेवाएं फिर शुरू

    कटरा से श्री माता वैष्णो देवी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी एक सप्ताह के निलंबन के बाद फिर शुरू कर दी गई है. यह सेवा सुरक्षा कारणों से बंद की गई थी, जिससे तीर्थयात्रियों को असुविधा हो रही थी. अब सेवाएं बहाल होने से न केवल श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी बल्कि इससे क्षेत्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है.

    आतंकियों पर भारतीय सेना की सख्त कार्रवाई

    भारतीय सेना ने हाल के हमलों का जवाब देते हुए आतंकवादियों के खिलाफ सघन अभियान चलाया है. मंगलवार को शोपियां जिले में हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा (LET) से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए. इनमें से एक शाहिद कुट्टे था, जो 8 अप्रैल को श्रीनगर के डेनिश रिसॉर्ट पर हुए हमले में शामिल था. उस हमले में दो जर्मन पर्यटक और एक स्थानीय ड्राइवर घायल हो गए थे.

    सेना की इस त्वरित और निर्णायक कार्रवाई ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगा और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है.

    सरकार और सेना का साझा संकल्प

    राजनाथ सिंह का दौरा केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है. सेना, सरकार और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से घाटी में शांति की संभावना मजबूत हुई है.

    ऑपरेशन सद्भावना‘ जैसी पहलें भी राज्य में सामाजिक समरसता और विश्वास की भावना को प्रोत्साहित कर रही हैं. सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास की योजनाएं धीरे-धीरे ज़मीन पर उतर रही हैं.

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    SOURCE- JAGRAN , NDTV INDIA

  • ऑपरेशन सिंदूर: भारत की ऐतिहासिक जवाबी कार्रवाई, 9 आतंकी ठिकाने तबाह, विदेश सचिव ने दी जानकारी – OPERATION SINDOOR

    ऑपरेशन सिंदूर: भारत की ऐतिहासिक जवाबी कार्रवाई, 9 आतंकी ठिकाने तबाह, विदेश सचिव ने दी जानकारी – OPERATION SINDOOR

    नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले का जवाब भारत ने (OPERATION SINDOOR) निर्णायक तरीके से दिया है. भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल स्ट्राइक की गई है. इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया, जो अब तक की सबसे साहसिक सैन्य कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है.

    22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई थी. इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)’ ने ली थी. हमले की क्रूरता ने पूरे देश को झकझोर दिया था और भारत सरकार ने जवाबी कार्रवाई का फैसला लिया.

    ऑपरेशन सिंदूर: एक सुनियोजित सैन्य रणनीति
    विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मीडिया को जानकारी दी कि ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह से भारतीय सुरक्षा बलों की योजना के अनुसार अंजाम दिया गया. इस अभियान में विशेष भूमिका निभाने वाली दो महिला अधिकारी — लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह — ने ऑपरेशन के ब्योरे साझा किए.

    कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य उन आतंकी ठिकानों को तबाह करना था जहां से भारत के खिलाफ आतंक की साजिशें रची जा रही थीं. उन्होंने बताया कि PoK और पाकिस्तान में स्थित 9 ठिकानों को टारगेट किया गया जिनमें लॉन्चपैड, ट्रेनिंग सेंटर्स और हथियारों के गोदाम शामिल थे.

    https://twitter.com/PIB_India/status/1920012335827038696

    विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया कि इस ऑपरेशन के तहत आतंकियों के लॉन्चपैड और प्रशिक्षण केंद्रों को सटीक रूप से निशाना बनाया गया. यह कार्रवाई देर रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच अंजाम दी गई. उन्होंने बताया कि सबसे पहले निशाना बना मुजफ्फराबाद स्थित सवाई नाला, जहां लश्कर-ए-तैयबा का बड़ा ट्रेनिंग सेंटर था. यहीं से सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम में हमला करने वाले आतंकी प्रशिक्षित हुए थे.

    इसके अलावा, सैयदना बिलाल कैंप में आतंकियों को हथियारों के उपयोग, विस्फोटकों की हैंडलिंग और जंगलों में जीवित रहने की ट्रेनिंग दी जाती थी. एक अन्य महत्वपूर्ण ठिकाना था कोटली गुरपुर कैंप, जहां 2023 में पुंछ में श्रद्धालुओं पर हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों को तैयार किया गया था.

    तबाह हुए प्रमुख आतंकी ठिकाने

    • सवाई नाला, मुजफ्फराबाद – लश्कर-ए-तैयबा का ट्रेनिंग कैंप जहां सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम हमलों के आतंकी प्रशिक्षित हुए.
    • सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद – हथियार, विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल की ट्रेनिंग दी जाती थी.
    • कोटली गुरपुर कैंप – पुंछ हमले के आतंकी यहां से प्रशिक्षित हुए थे.
    • मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर – जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय, जिसे मिसाइल हमले में निशाना बनाया गया.

    रात के सन्नाटे में गरजीं भारतीय मिसाइलें
    यह ऑपरेशन देर रात 1:05 बजे से लेकर 1:30 बजे के बीच अंजाम दिया गया. सटीक टारगेटिंग और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ भारत ने इन ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया. सेना ने इन हमलों के वीडियो भी जारी किए हैं जिसमें साफ दिखाई देता है कि कैसे PoK और पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकाने ध्वस्त हुए.

    मसूद अजहर के परिवार को बड़ा झटका
    भारत की इस कार्रवाई का असर जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर के परिवार पर भी पड़ा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर में उसके परिवार के 10 सदस्य और चार करीबी सहयोगी मारे गए हैं. खुद मसूद अजहर ने इस बात की पुष्टि की है और कहा कि “काश मैं भी इस हमले में मारा जाता.”

    इस हमले में उसकी बड़ी बहन, मौलाना कशफ का पूरा परिवार, मुफ्ती अब्दुल रऊफ के पोते-पोतियां और सबसे बड़ी बेटी के चार बच्चे घायल हुए हैं. यह भारत की सैन्य रणनीति की सफलता का स्पष्ट संकेत है.

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि मजबूत
    विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा और मानवता की रक्षा के लिए की गई है. उन्होंने कहा कि भारत ने पहले दुनिया को आतंकवाद के बारे में आगाह किया था और अब उसने अपने नागरिकों की रक्षा के लिए यह निर्णायक कदम उठाया है.

    इस ऑपरेशन की सराहना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों और सामरिक मामलों के जानकारों द्वारा की जा रही है. कई देशों ने भारत के आत्मरक्षात्मक अधिकार को सही ठहराया है और पाकिस्तान से आतंकवाद को समर्थन बंद करने की अपील की है.

    महिला शक्ति की भूमिका
    इस ऑपरेशन में दो महिला अफसरों – लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह – की अहम भूमिका रही. कर्नल सोफिया ने जहां रणनीतिक टारगेटिंग का नेतृत्व किया, वहीं विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने एयरस्ट्राइक में अहम तकनीकी भूमिका निभाई. ये दोनों महिलाएं भारतीय सेना में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनकर सामने आई हैं.

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  • कासगंज: साध्वी प्राची का बड़ा बयान, कहा- “अब वक्त आ गया है, पाकिस्तान को नक्शे से मिटा दिया जाए”- SADHVI PRACHI ON PAKISTAN

    कासगंज: साध्वी प्राची का बड़ा बयान, कहा- “अब वक्त आ गया है, पाकिस्तान को नक्शे से मिटा दिया जाए”- SADHVI PRACHI ON PAKISTAN

    कासगंज: हिंदूवादी नेता साध्वी प्राची (SADHVI PRACHI ON PAKISTAN) एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कासगंज पहुंचीं, जहां उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी. मीडिया से बातचीत में साध्वी ने केंद्र सरकार से पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि “अब वक्त आ गया है जब पाकिस्तान को नक्शे से ही मिटा देना चाहिए.” उन्होंने इस हमले को कायराना हरकत करार दिया और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की.

    कार्यक्रम के दौरान साध्वी प्राची ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और एनएसए अजीत डोभाल से निवेदन करती हूं कि अब पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी है. इस आतंकवादी देश को नक्शे से खत्म कर देना चाहिए.” उन्होंने कहा कि भारत को अब इजरायल, जापान और वर्मा से सीखना चाहिए कि आतंकवाद से कैसे निपटा जाए.

    कासगंज पहुंचीं साध्वी प्राची का पाकिस्तान पर हमला. (Video- Nation Now Samachar)

    इतना ही नहीं, साध्वी प्राची ने देश के मुसलमानों को लेकर भी विवादित बयान दिया. उन्होंने कहा कि “हिंदुओं को अब इन मुसलमानों से दूरी बनानी चाहिए. अपने घरों में इनसे कोई काम न लें, इनकी दुकानों से कुछ भी न खरीदें. जब तक आर्थिक रूप से इन्हें कमजोर नहीं किया जाएगा, आतंकवाद को खत्म नहीं किया जा सकता.”

    साध्वी प्राची ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा
    साध्वी प्राची ने कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि “कांग्रेस के शासनकाल में उनके नेता आतंकवादियों से गले मिलते थे. इसीलिए देश में आतंकवाद पनपता रहा. लेकिन अब समय आ गया है कि देशहित में एकजुट होकर कठोर निर्णय लिए जाएं.”

    कार्यक्रम में साध्वी की बातें सुनकर समर्थकों ने तालियों से स्वागत किया. लेकिन उनके बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद भी खड़ा हो गया है. कई लोगों ने इसे सांप्रदायिक भावना भड़काने वाला बयान बताया है. पुलिस प्रशासन कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहा, लेकिन किसी तरह की कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनी.

  • पहलगाम हमला: NSA अजीत डोभाल ने 24 घंटे में दो बार की पीएम मोदी से मुलाकात, पाकिस्तान पर हमले की तैयारी?- INDIA PAKISTAN TENSION

    पहलगाम हमला: NSA अजीत डोभाल ने 24 घंटे में दो बार की पीएम मोदी से मुलाकात, पाकिस्तान पर हमले की तैयारी?- INDIA PAKISTAN TENSION

    नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव (INDIA PAKISTAN TENSION) एक बार फिर चरम पर है. इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर अहम मुलाकात की. केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की रणनीति बनाने में जुटी हुई है. सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी बीते 24 घंटों में दूसरी बार एनएसए डोभाल से मिल चुके हैं. यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब देशभर में 7 मई को बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल का आयोजन होने जा रहा है, जिसका उद्देश्य आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा तैयारियों को परखना है.

    हमले के बाद हाई-लेवल मीटिंग का दौर
    प्रधानमंत्री मोदी पहलगाम हमले के बाद से लगातार उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता कर रहे हैं. उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुखों के साथ कई बार बैठकें की हैं. इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की रणनीति बनाना है. सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे भारत की प्रतिक्रिया की प्रकृति, लक्ष्य और समय तय करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं. (INDIA PAKISTAN TENSION)

    मॉक ड्रिल को लेकर गृह मंत्रालय सक्रिय
    देशभर में 7 मई को होने वाली मॉक ड्रिल को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क है. दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए. बताया जा रहा है कि यह मॉक ड्रिल 1971 के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर की जा रही है. उस वर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था. इस बार मॉक ड्रिल में एयर रेड सायरन, ब्लैकआउट, आपात निकासी जैसी गतिविधियां शामिल होंगी. नागरिकों, खासकर छात्रों को सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी.

    पहलगाम आतंकी हमले ने देश को झकझोर दिया
    22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे. इस हमले ने 2019 के पुलवामा हमले की भयावहता की याद दिला दी, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक इस हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ हो सकता है. हमले के बाद से नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है.

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  • पाकिस्तान भी गजब है! यूक्रेन को बेच दिए हथियार, गोदाम हो गए खाली; अब भारत से कैसे लड़ेगा युद्ध?- PAHALGAM TERROR ATTACK

    पाकिस्तान भी गजब है! यूक्रेन को बेच दिए हथियार, गोदाम हो गए खाली; अब भारत से कैसे लड़ेगा युद्ध?- PAHALGAM TERROR ATTACK

    नई दिल्ली/लखनऊ: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (PAHALGAM TERROR ATTACK) के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते एक बार फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं. भारत में आतंकवाद पर सख्त प्रतिक्रिया की संभावनाओं के चलते पाकिस्तान की सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है. हालांकि, चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि अगर दोनों देशों के बीच युद्ध होता है, तो पाकिस्तान मात्र चार दिन तक ही मैदान में टिक पाएगा. इसका बड़ा कारण यूक्रेन को बेचे गए हथियार बताए जा रहे हैं.

    पाकिस्तान ने यूक्रेन को बेच दिया गोला-बारूद
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने अपने रणनीतिक सैन्य भंडार से बड़े पैमाने पर गोला-बारूद यूक्रेन को बेच दिया है. नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने युद्ध में इस्तेमाल होने वाले 155 मिमी गोले और BM-21 रॉकेट सिस्टम के लिए 122 मिमी रॉकेट भी यूक्रेन को बेच दिए हैं. इस वजह से अब पाकिस्तान के पास युद्ध के लिए आवश्यक सैन्य संसाधनों की भारी कमी हो गई है. (PAHALGAM TERROR ATTACK)

    POF की उत्पादन क्षमता बेहद कमजोर
    सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक पाकिस्तान की आर्टिलरी-आधारित सैन्य रणनीति को बनाए रखने के लिए पर्याप्त गोला-बारूद नहीं है. पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (POF) की उत्पादन क्षमता बेहद कमजोर है, जिससे नए गोला-बारूद का निर्माण बेहद धीमा हो रहा है. इस स्थिति को गंभीर मानते हुए 2 मई को पाकिस्तान की कोर कमांडर्स की एक विशेष बैठक भी हुई, जिसमें यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है.

    बाजवा की भविष्यवाणी सच साबित हो रही है
    पूर्व पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने एक बार कहा था कि पाकिस्तान के पास लंबे युद्ध के लिए न तो गोला-बारूद है और न ही आर्थिक ताकत. मौजूदा हालात उनके उसी बयान की पुष्टि करते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान को अब सैन्य अभ्यासों को रद्द करना पड़ रहा है और ईंधन की कमी के चलते राशन में भी कटौती करनी पड़ रही है.

    भारत ने सिंधु जल संधि पर लिया ऐतिहासिक फैसला
    22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 16 लोग घायल हुए थे. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया. यह पहला मौका है जब भारत ने इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई की है. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता.

    भारत तैयार, खौफ में पाकिस्तान
    भारत की सैन्य तैयारी को देखते हुए पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में गोला-बारूद के डिपो बनाए जा रहे हैं. लेकिन आर्थिक हालात ऐसे हैं कि यह तैयारी बेहद सीमित और दिखावटी साबित हो रही है. पाकिस्तान की महंगाई चरम पर है, विदेशी मुद्रा भंडार न्यूनतम स्तर पर है और जीडीपी के मुकाबले कर्ज का बोझ भारी हो चुका है.

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  • मेरठ- पहलगाम हमले के विरोध में उतरा मुस्लिम समाज, बुजुर्ग ने भावुक होकर कही ये बात- MUSLIM COMMUNITY PROTEST

    मेरठ- पहलगाम हमले के विरोध में उतरा मुस्लिम समाज, बुजुर्ग ने भावुक होकर कही ये बात- MUSLIM COMMUNITY PROTEST

    मेरठ- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ देशभर में आक्रोश देखने को मिल रहा है. इसी कड़ी में मेरठ में भी जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया. इस प्रदर्शन में मुस्लिम समाज (MUSLIM COMMUNITY PROTEST) के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आतंकवाद के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया. प्रदर्शनकारियों ने कमिश्नर चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए और आतंकवाद की कड़ी निंदा की. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक भी शामिल हुए जिन्होंने हमले के खिलाफ खुलकर अपनी बात रखी.

    प्रदर्शन के दौरान भावुक हुआ बुजुर्ग
    प्रदर्शन के दौरान एक बुजुर्ग मुस्लिम ने भावुक होकर कहा, “अगर प्रधानमंत्री हमें इजाजत दें, तो हम अपनी जान की बाजी लगाकर आतंकियों को टुकड़े-टुकड़े कर देंगे.” उनका यह बयान वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर गया. उन्होंने कहा कि यह हमला किसी एक मजहब पर नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान पर हुआ है, और हर आम नागरिक का खून इस घटना से खौल रहा है. बुजुर्ग ने यह भी कहा कि “भारतवासी एकजुट हैं और आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.” उनका कहना था कि आतंकवादी न तो किसी मजहब का प्रतिनिधित्व करते हैं और न ही इंसानियत का.

    पाकिस्तान पर जमकर साधा निशाना
    प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थक बताते हुए उस पर कड़ा हमला बोला. उनका कहना था कि पाकिस्तान को पहले खुद को संभालना चाहिए क्योंकि भारत उससे कहीं अधिक शक्तिशाली और विकसित देश है. प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से मांग की कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और इस हमले के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर भारतीय की जिम्मेदारी है.

    पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में मुस्लिम समाज का विरोध प्रदर्शन.

    सैलानियों की जान बचाने वाले आम कश्मीरी को सम्मानित करने की मांग
    प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अलाउद्दीन नामक आम कश्मीरी की बहादुरी की भी प्रशंसा की, जिन्होंने पहलगाम हमले के दौरान सैलानियों की जान बचाई. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि ऐसे वीर नागरिकों को सम्मानित किया जाए और उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाए. उनका कहना था कि यही असली कश्मीरियत है, जो आतंकवाद के खिलाफ खड़ी है.

    ई-रिक्शा चालकों ने भी दिखाई एकजुटता
    प्रदर्शन में शामिल ई-रिक्शा चालकों ने अपने काम को कुछ देर के लिए रोक कर विरोध प्रदर्शन में भाग लिया. उन्होंने कहा कि वो आम लोग हैं, लेकिन अगर देश की जरूरत पड़ी तो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आगे रहेंगे. उनका स्पष्ट संदेश था – “हम भारतवासी हैं, और हम किसी भी आतंकवादी सोच को भारत में पनपने नहीं देंगे.”

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  • TRF की नई साजिश बेनकाब: पहलगाम हमले के बाद कश्मीर में फिर बड़े हमले की तैयारी, अलर्ट पर आर्मी – PAHALGAM ATTACK

    TRF की नई साजिश बेनकाब: पहलगाम हमले के बाद कश्मीर में फिर बड़े हमले की तैयारी, अलर्ट पर आर्मी – PAHALGAM ATTACK

    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए हिंदू पर्यटकों के नरसंहार (PAHALGAM ATTACK) के बाद पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) एक और बड़ी आतंकी साजिश की तैयारी में है। इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, TRF कश्मीर घाटी में किसी बड़े आतंकी हमले की योजना बना रहा है। इसके पीछे पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर के इशारों पर काम करने वाले आतंकी नेटवर्क की भूमिका मानी जा रही है। रिपोर्ट सामने आने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती की गई है। क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को भी तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    कश्मीरी पंडितों और प्रवासी मजदूरों को बनाया जा सकता है निशाना
    एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खुफिया एजेंसियों को मिले ताज़ा इनपुट्स से संकेत मिलते हैं कि आतंकवादी समूह कश्मीरी पंडितों, प्रवासी मजदूरों और यहां तक कि सुरक्षा बलों के जवानों को भी निशाना बना सकते हैं। इसके चलते भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी की जा रही है और जवानों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

    TRF का भड़काऊ वीडियो और जिम्मेदारी से इनकार
    पिछले सप्ताह TRF ने एक वीडियो जारी कर भारतीय सुरक्षा बलों को धमकी दी थी। इसमें TRF ने घरों के ध्वस्तीकरण को लेकर हमलों की चेतावनी दी थी। हालांकि बाद में संगठन ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी से इनकार किया। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि TRF ही इस हमले के पीछे है और वह लश्कर-ए-तैयबा का ही मुखौटा संगठन है, जो पाकिस्तान की शह पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता है।

    जवानों को सतर्कता के निर्देश
    इंटेलिजेंस इनपुट के बाद घाटी में तैनात सभी सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है। सभी यूनिट्स को कैजुअल मूवमेंट बंद करने और ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा बलों को कहा गया है कि वे बिना पूर्व सूचना के किसी भी स्थान पर न जाएं।

    क्या है TRF : TRF (The Resistance Front) साल 2019-20 के दौरान उभरा एक आतंकी संगठन है, जो लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी माना जाता है। यह संगठन कई आतंकी घटनाओं की जिम्मेदारी ले चुका है, खासकर कश्मीर में नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमलों के लिए कुख्यात है।

  • सिंधु जल संधि पर भारत-पाकिस्तान में बढ़ा तनाव, पाकिस्तान ने दी ‘पूरी ताकत से जवाब’ की चेतावनी- India Pakistan conflict 2025

    सिंधु जल संधि पर भारत-पाकिस्तान में बढ़ा तनाव, पाकिस्तान ने दी ‘पूरी ताकत से जवाब’ की चेतावनी- India Pakistan conflict 2025

    नई दिल्लीः पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों तनाव (India Pakistan conflict 2025) बढ़ता जा रहा है. इस हमले के बाद भारत ने बड़ा कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को खत्म करने का ऐलान कर दिया है, जिससे पाकिस्तान बौखला गया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान के पानी को कम करने या मोड़ने की किसी भी कोशिश का पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा।

    प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, “हम किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। किसी को इस बारे में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। यह देश 240 मिलियन लोगों का है और हम अपने बहादुर सशस्त्र बलों के पीछे खड़े हैं। हमारा संदेश पूरी तरह साफ और दो टूक होना चाहिए।”

    शहबाज शरीफ ने आगे कहा कि शांति पाकिस्तान की प्राथमिकता है, लेकिन अपनी अखंडता और सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम किसी भी तटस्थ और संवाद प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे।”

    सिंधु जल संधि पर चेतावनी
    सिंधु जल संधि को लेकर शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने या मोड़ने की किसी भी कोशिश का पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा। उनका कहना था कि पाकिस्तान अपने जल संसाधनों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

    बिलावल भुट्टो का उग्र बयान
    इस बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने भी इस मुद्दे पर उग्र बयान दिया है। सिंधु नदी के किनारे सखर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “सिंधु दरिया में या तो अब पानी बहेगा, या उनका खून बहेगा जो हमारी हिस्सेदारी छीनना चाहता है। सिंधु दरिया हमारा था, है और रहेगा।”

    बिलावल ने आगे कहा कि पाकिस्तान की जनता बहादुर और गैरतमंद है। “हमारे दुश्मन यह न सोचें कि उनकी जनसंख्या ज्यादा है तो वे पानी के अधिकार भी तय करेंगे। पाकिस्तान की फौज और अवाम हर चुनौती का डटकर मुकाबला करने को तैयार हैं,” उन्होंने कहा।

    https://twitter.com/BBhuttoZardari/status/1900510986336886960

    ‘दरिया पर डाका मंज़ूर नहीं’
    बिलावल भुट्टो ने सिंधु नदी को पूरे पाकिस्तान की सांझी विरासत बताते हुए देश की जनता से एकजुटता की अपील की। उन्होंने कहा, “दुश्मन की नजरें हमारे पानी पर हैं। पूरे पाकिस्तान को मिलकर इसका जवाब देना होगा। हम दुनिया को सिंधु दरिया का पैगाम देंगे कि दरिया पर डाका मंजूर नहीं।”

    भारत का रुख
    भारत ने पहलगाम हमले के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि वह सिंधु जल संधि की समीक्षा करेगा और यदि आवश्यक हुआ तो इसे रद्द भी कर सकता है। भारत का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा और जल संसाधनों के संरक्षण के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।

    आपको बता दें कि सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता से हुई थी, जो अब तक दोनों देशों के जल बंटवारे का आधार रही है। इस संधि के तहत भारत को व्यास, रावी और सतलुज नदियों के पानी पर अधिकार मिला था, जबकि पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चेनाब नदियों का पानी मिला था। अब इस संधि पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।

  • फर्रुखाबाद: पहलगाम आतंकी हमले में 26 मौतों पर व्यापारियों में आक्रोश, पाकिस्तान के खिलाफ उग्र प्रदर्शन- PAHALGAM TERROR ATTACK

    फर्रुखाबाद: पहलगाम आतंकी हमले में 26 मौतों पर व्यापारियों में आक्रोश, पाकिस्तान के खिलाफ उग्र प्रदर्शन- PAHALGAM TERROR ATTACK

    फर्रुखाबाद: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले (PAHALGAM TERROR ATTACK) में 26 निर्दोष लोगों की मौत से पूरे देश में रोष फैला हुआ है. इस घटना के विरोध में फर्रुखाबाद के व्यापारियों ने आज बाजार बंद करके पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए और सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया. व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में पाकिस्तान का पुतला फूंककर आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई.

    व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने इस हमले को कायराना करार देते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन कर निर्दोषों की जान ले रहा है, जिसे भारतवासी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे. विरोध प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे गूंजते रहे और जगह-जगह पुतले फूंके गए. सभी प्रमुख बाजारों में दुकानों के शटर डाउन रहे. व्यापारियों ने रैली निकाल कर लोगों को एकजुट किया और सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को संरक्षण देता रहेगा, तब तक भारत को सख्त नीति अपनानी होगी.

    विरोध प्रदर्शन में शहर के छोटे-बड़े सभी व्यापारी संगठनों ने भाग लिया. बाजारों में ताले लटकते रहे और हर ओर पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा दिखाई दिया. इस एकता ने यह साबित कर दिया कि देश की अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा, “हमारा प्रदर्शन केवल संवेदना नहीं, बल्कि चेतावनी है कि अगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो भारत की जनता चुप नहीं बैठेगी.”

    पुलिस और प्रशासन ने भी प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग दिया. पूरे जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. यह विरोध प्रदर्शन केवल फर्रुखाबाद ही नहीं, बल्कि पूरे देश में व्याप्त जनक्रोध का प्रतीक है. भारत अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई चाहता है और यह संदेश पाकिस्तान तक पहुंच चुका है.