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Tag: पहलगाम आतंकी हमला

  • कानपुर में राजकीय सम्मान के साथ शुभम द्विवेदी का अंतिम संस्कार, सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि- Pahalgam terrorist attack

    कानपुर में राजकीय सम्मान के साथ शुभम द्विवेदी का अंतिम संस्कार, सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि- Pahalgam terrorist attack

    कानपुर। पहलगाम में आतंकी हमले में मृत शुभम द्विवेदी (Shubham Dwivedi) का कानपुर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। ड्योढ़ी घाट पर हजारों की भीड़ मौजूद थी। इसके पहले उनके पैतृक आवास पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई। इस मौके पर पाकिस्तान के खिलाफ लोगों ने जमकर नारेबाजी की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया.

    सीएम योगी ने कहा कि आतंकियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और डबल इंजन की सरकार मुंहतोड़ जवाब देगी. मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शुभम की जान चली गई. शुभम की हाल ही में दो महीने पहले शादी हुई थी.

    बाजार रहे बंद, व्यापारियों ने जताया शोक
    कानपुर के व्यापारियों ने गुरुवार को दोपहर दो बजे तक अपनी दुकानों को बंद रखकर शुभम को श्रद्धांजलि दी. नवीन मार्केट, नया गंज, बिरहाना रोड, सीसामऊ सहित पूरे शहर के कई इलाकों में बाजार पूरी तरह बंद रहे. व्यापारी नेता गुरुजिंदर सिंह और सुनील बजाज ने शुभम की मौत को व्यापार समुदाय के लिए गहरी क्षति बताया.

    राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
    महाराजपुर थाना क्षेत्र के ड्योढ़ी घाट पर शुभम द्विवेदी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया. अंतिम संस्कार में पुलिस प्रशासन के अधिकारी, राजनीतिक नेता, रिश्तेदार और स्थानीय लोग मौजूद रहे. अंतिम यात्रा के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा.

    गुस्से और ग़म में डूबा गांव
    शुभम की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा. पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोग नम आंखों से शुभम को अंतिम विदाई दे रहे थे. उनकी पत्नी ईशान्या और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा.

  • पहलगाम आतंकी हमला: कानपुर में शुभम द्विवेदी की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त- Pahalgam Terror Attack

    पहलगाम आतंकी हमला: कानपुर में शुभम द्विवेदी की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त- Pahalgam Terror Attack

    कानपुर, उत्तर प्रदेश: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) में कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी की शहादत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को शुभम का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव हाथीपुर पहुंचा, जहां गम और गुस्से के माहौल में उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। लोगों की भारी भीड़ ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक, परिजनों को दिया भरोसा
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हाथीपुर गांव पहुंचे और शुभम द्विवेदी के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई। उन्होंने कहा, “आतंकियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। डबल इंजन की सरकार मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।” उन्होंने यह भी कहा कि पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है, और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।

    सीएम ने भावुक स्वर में कहा कि आतंकियों ने धर्म पूछकर बहनों और बेटियों का सिंदूर उजाड़ दिया है। उन्होंने शुभम के पिता से फोन पर बात कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया था। योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का भी जिक्र किया और कहा कि भारत अब एक निर्णायक मोड़ पर है।

    शुभम की दो महीने पहले हुई थी शादी
    शुभम द्विवेदी हाल ही में शादी के बाद पत्नी ईशान्या के साथ घूमने कश्मीर गए थे। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए हमला किया, जिसमें शुभम की मौके पर ही मौत हो गई। यह खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुभम के माता-पिता, पत्नी और परिजन गहरे सदमे में हैं।

    अंतिम यात्रा में पाकिस्तान विरोधी नारे
    शुभम की अंतिम यात्रा भारी सुरक्षा के बीच निकाली गई। इस दौरान लोगों ने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए और आतंकवाद के खिलाफ सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनके गांव से लेकर श्मशान घाट तक लोगों की आंखों में आंसू और दिलों में गुस्सा था।

    राजनीतिक व सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
    शुभम की शहादत को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक प्रकट किया है। भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे एक कायरतापूर्ण हमला बताया और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। सोशल मीडिया पर भी शुभम को श्रद्धांजलि देने वालों की बाढ़ सी आ गई।

    भारत की आतंकवाद पर नीति
    सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने आतंक के खिलाफ ठोस रणनीति बनाई है और जो लोग इस घटना के पीछे हैं, उन्हें जल्द ही उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

  • पहलगाम आतंकी हमला: पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक एक्स अकाउंट भारत में ब्लॉक किया गया- Pakistan x account

    पहलगाम आतंकी हमला: पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक एक्स अकाउंट भारत में ब्लॉक किया गया- Pakistan x account

    नई दिल्ली – जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं, जिनमें दशकों पुरानी सिंधु जल संधि को निलंबित करना, वरिष्ठ पाकिस्तानी राजनयिकों को निष्कासित करना, और पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट को भारत में बंद (pakistan x account) करना शामिल है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक के बाद लिया गया। बैठक का उद्देश्य पहलगाम हमले के जवाब में भारत की रणनीतिक कार्रवाई तय करना था।

    कूटनीतिक संबंधों में भारी कटौती
    विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार शाम एक प्रेस ब्रीफिंग में इन फैसलों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों देशों ने अपने-अपने उच्चायोगों में तैनात राजनयिकों की संख्या 55 से घटाकर 30 करने का निर्णय लिया है, जिसे 1 मई तक लागू किया जाएगा।

    भारत ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग से सभी रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को भी निष्कासित कर दिया है। इन अधिकारियों को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित करते हुए एक सप्ताह के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। इसी प्रकार, भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग से सैन्य सलाहकारों को भी वापस बुलाने का निर्णय लिया है।

    सार्क वीजा छूट योजना पर रोक
    भारत ने पाकिस्तान के नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके तहत जारी सभी वीजा अब रद्द कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, अटारी में स्थित भारत-पाकिस्तान के बीच एकमात्र चालू भूमि सीमा क्रॉसिंग को भी तत्काल बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

    सिंधु जल संधि का निलंबन: ऐतिहासिक कदम
    भारत का सबसे अहम फैसला 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करना रहा, जो अब तक भारत और पाकिस्तान के बीच जल संसाधनों के बंटवारे का आधार थी। इस संधि के तहत पाकिस्तान को झेलम, सिंधु और चेनाब नदियों पर विशेष अधिकार दिए गए थे, जबकि भारत को रावी, ब्यास और सतलुज पर नियंत्रण प्राप्त था।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस संधि को निलंबित करना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका होगा, क्योंकि वहां की कृषि और पेयजल आपूर्ति काफी हद तक इन नदियों पर निर्भर करती है।

    पाकिस्तानी नागरिकों को लौटने का निर्देश
    भारत ने स्पष्ट किया है कि जो पाकिस्तानी नागरिक वैध दस्तावेजों के साथ भारत में मौजूद हैं, वे 1 मई से पहले तक स्वदेश लौट सकते हैं। इसके बाद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक नई नीति की घोषणा नहीं होती।

    पाकिस्तान की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा
    इन निर्णयों के बाद अब पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर निगाहें टिकी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटनाक्रम भारत-पाक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत कर सकता है, जहां भारत अब और अधिक आक्रामक कूटनीति अपनाता दिखाई देगा।

  • पहलगाम आतंकी हमला: सिंधु जल समझौता सस्पेंड, वीजा पर रोक… CCS बैठक में PAK के खिलाफ लिए गए ये 5 कड़े फैसले- Pahalgam terror attack

    पहलगाम आतंकी हमला: सिंधु जल समझौता सस्पेंड, वीजा पर रोक… CCS बैठक में PAK के खिलाफ लिए गए ये 5 कड़े फैसले- Pahalgam terror attack

    नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam terror attack) में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार शाम कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अहम बैठक हुई, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ पांच कड़े फैसले लिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजित डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर मौजूद थे। बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

    पाकिस्तान के खिलाफ भारत के पांच प्रमुख फैसले:पाकिस्तान के खिलाफ भारत के पांच प्रमुख फैसले:
    वाघा-अटारी सीमा बंदी: भारत ने पाकिस्तान से जुड़ी एकमात्र सड़क मार्ग सीमा वाघा-अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार और यातायात को प्रभावित करेगा।

    पाकिस्तानी दूतावास बंदी: भारत ने पाकिस्तान में स्थित अपने दूतावास को बंद करने का निर्णय लिया है, जो कूटनीतिक रिश्तों में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

    इंडस वॉटर ट्रीटी का निलंबन: भारत ने 1960 में पाकिस्तान के साथ हुए ‘इंडस वॉटर ट्रीटी’ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने कहा कि यह कदम तब तक लागू रहेगा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं करता।

    पाकिस्तानी राजनयिकों की निष्कासन: भारत ने पाकिस्तान के रक्षा, सैन्य, नौसेना और वायुसेना सलाहकारों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर दिया है और उन्हें एक सप्ताह के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया है।

    दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या में कमी: भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपने-अपने दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या में कमी की है। भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने दूतावास से सैन्य सलाहकारों को वापस बुला लिया है और कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी है।

    आतंकी हमले में 28 लोगों की मौतआतंकी हमले में 28 लोगों की मौत
    हमला 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसारन घाटी में हुआ, जहां आतंकवादियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। हमले में 28 पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए। मृतकों में भारतीय नौसेना के एक अधिकारी और एक खुफिया ब्यूरो के अधिकारी भी शामिल हैं। हमले के बाद क्षेत्र में शोक और विरोध प्रदर्शन हुए, और सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।

  • पहलगाम आतंकी हमला: फर्रुखाबाद में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, पाकिस्तान का फूंका पुतला- pahalgam terror attack

    पहलगाम आतंकी हमला: फर्रुखाबाद में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, पाकिस्तान का फूंका पुतला- pahalgam terror attack

    फर्रुखाबाद: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (pahalgam terror attack) में हुए भीषण आतंकी हमले में 27 निर्दोष लोगों की मौत के बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल है। इसी क्रम में बुधवार को फर्रुखाबाद जिले के फतेहगढ़ स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में हिंदू संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया और पाकिस्तान का पुतला फूंका।

    प्रदर्शन का नेतृत्व हिंदू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा किया गया। उन्होंने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे भारत की संप्रभुता और शांति पर सीधा हमला बताया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

    ‘पाकिस्तान को सिखाया जाए सबक’
    प्रदर्शन के दौरान हिंदू जागरण मंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि पाकिस्तान को उसकी हरकतों का करारा जवाब दिया जाए। मंच ने कहा कि भारत पर बार-बार आतंकी हमले कराने वाले पाकिस्तान को अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

    हिंदू जागरण मंच के वक्ताओं ने कहा, “भारत के 27 नागरिकों की हत्या एक साजिश के तहत कराई गई है। ऐसे जिहादियों को संरक्षण देने वाले पाकिस्तान को अब नेस्तनाबूद कर देना चाहिए।”

    जिहादी मानसिकता की निंदा
    संगठन ने पाकिस्तान की जिहादी मानसिकता और आतंक को बढ़ावा देने वाली नीतियों की घोर निंदा की। साथ ही कहा कि सरकार को अब कठोर रुख अपनाना होगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

  • पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों के स्केच जारी, आम लोगों से सुराग देने की अपील

    पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों के स्केच जारी, आम लोगों से सुराग देने की अपील

    श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (pahalgam terrorist attack) स्थित बैसरन में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बुधवार को तीन संदिग्ध आतंकियों के स्केच जारी किए हैं। यह हमला 22 अप्रैल को हुआ था, जिसमें अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। हमलावरों ने पर्यटकों से भरे इस शांत क्षेत्र को गोलियों की बौछार से मौत के मैदान में तब्दील कर दिया।

    अधिकारियों ने बताया कि आतंकी करीब 20 मिनट तक AK-47 राइफलों से लगातार फायरिंग करते रहे। इस हमले में शामिल संदिग्ध आतंकियों की पहचान आसिफ फूजी, सुलेमान शाह, और अबू तल्हा के रूप में हुई है। इनमें से दो आतंकी पाकिस्तानी नागरिक बताए जा रहे हैं, जबकि एक स्थानीय है। सभी का संबंध लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके फ्रंट संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से बताया गया है।

    ‘मिनी-स्विट्जरलैंड’ बना मौत का मैदान
    बैसरन को अक्सर ‘मिनी-स्विट्जरलैंड’ कहा जाता है। वसंत के मौसम में पर्यटक बड़ी संख्या में यहां आते हैं, लेकिन आतंकियों ने इस प्राकृतिक सौंदर्य से भरे स्थान को खून-खराबे से लाल कर दिया। चश्मदीदों के मुताबिक हमले के दौरान अफरा-तफरी मच गई थी। लोग चीखते-चिल्लाते जान बचाने के लिए भाग रहे थे। हर तरफ दहशत, खून और चीखें थीं।

    जनता से सहयोग की अपील
    सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया है। ड्रोन, हेलीकॉप्टर, खोजी कुत्तों और अतिरिक्त जवानों की मदद से अनंतनाग और आसपास के जिलों में सघन तलाशी ली जा रही है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध जानकारी को साझा करें जिससे हमलावरों तक पहुंच बनाई जा सके।

    पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों के स्केच जारी
    इस हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपातकालीन सुरक्षा समीक्षा बैठक की। उन्होंने पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि यह हमला न सिर्फ निर्दोष लोगों पर, बल्कि घाटी में लौटती शांति पर भी हमला है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों को जल्द न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।

    सबसे भयावह आतंकी घटनाओं में एक
    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इसे कश्मीर के हालिया इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला बताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना उन ताकतों का चेहरा उजागर करती है जो घाटी में अमन नहीं देखना चाहतीं।

  • पहलगाम आतंकी हमले के बाद PM मोदी का कानपुर दौरा रद्द, सुरक्षा बैठकों में व्यस्त

    पहलगाम आतंकी हमले के बाद PM मोदी का कानपुर दौरा रद्द, सुरक्षा बैठकों में व्यस्त

    कानपुर/नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना सऊदी अरब दौरा छोटा कर तुरंत भारत लौट आए हैं। इस घटना के मद्देनजर उन्होंने 24 अप्रैल को कानपुर की यात्रा रद्द कर दी है। पीएम मोदी इस समय सुरक्षा एजेंसियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठकें कर रहे हैं।

    कानपुर दौरे का क्या था कार्यक्रम?
    प्रधानमंत्री मोदी को 24 अप्रैल को कानपुर आकर 20,656 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करना था, जिसमें शामिल थे:

    • कानपुर मेट्रो के 5 नए स्टेशनों का उद्घाटन.
    • यूपी के विभिन्न शहरों के लिए बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाएं.
    • रोजगारोन्मुखी परियोजनाओं का लोकार्पण.

    इस दौरे की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रविवार को कानपुर पहुंचे थे और अधिकारियों को हर व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए थे.

    पहलगाम हमले के बाद PM मोदी की प्रतिक्रिया

    • पीएम मोदी ने सऊदी अरब से समय से पहले लौटकर सुरक्षा समीक्षा बैठकें शुरू कीं.
    • उन्होंने पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता जताई और आतंकवाद की कड़ी निंदा की.
    • भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कानपुर दौरे के स्थगन की पुष्टि की.

    क्यों रद्द हुआ कानपुर दौरा?

    1. सुरक्षा समीक्षा की आवश्यकता: पहलगाम हमले के बाद देशभर में सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस.
    2. राजनीतिक संदेश: आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख दिखाने के लिए सार्वजनिक कार्यक्रमों को टालना.
    3. पीड़ितों को प्राथमिकता: PM ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का संकेत दिया.

    पहलगाम हमले का असर

    • 28 मरे, 17 घायल – पर्यटकों को निशाना बनाया गया.
    • TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने जिम्मेदारी ली, जो लेट का प्रॉक्सी ग्रुप है.
    • पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ होने की आशंका.

  • पहलगाम आतंकी हमले के बाद BCCI सख्त, पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने से फिर किया इनकार

    पहलगाम आतंकी हमले के बाद BCCI सख्त, पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने से फिर किया इनकार

    पहलगाम, जम्मू-कश्मीरः जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस नृशंस हमले में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है और 17 अन्य घायल हुए हैं। यह हमला दोपहर करीब 2:30 बजे हुआ, जब पर्यटक एक पार्क में घुड़सवारी का आनंद ले रहे थे। आतंकियों ने पहचान पूछने के बाद अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के फ्रंट ग्रुप ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है।

    BCCI का पाकिस्तान को लेकर दोटूक जवाब
    इस कायराना हमले को लेकर देशभर में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। आम नागरिकों से लेकर खेल जगत तक हर कोई इसकी निंदा कर रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस घटना पर गहरा शोक जताते हुए कहा, “हम पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। यह हमला अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।” जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत को पाकिस्तान से क्रिकेट संबंध खत्म कर देने चाहिए, तो उन्होंने स्पष्ट किया, “हम भारत सरकार की नीति का पालन करते हैं। यही वजह है कि हम पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलते और आगे भी नहीं खेलेंगे।”

    उन्होंने आगे कहा कि केवल ICC टूर्नामेंट जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में ही भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले संभव हैं, क्योंकि यह वैश्विक संस्था की भागीदारी के तहत होता है।

    भारत-पाक क्रिकेट संबंधों का इतिहास
    भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज 2012-13 में खेली गई थी, जिसमें पाकिस्तान ने भारत का दौरा किया था। उस सीरीज में 3 वनडे और 2 टी20 मैच खेले गए थे। भारत ने आखिरी बार पाकिस्तान का दौरा 2007 में टेस्ट सीरीज के लिए किया था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध लगभग ठप हो गए हैं।

    हाल ही में भारतीय टीम ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था। इसके चलते ICC को दुबई या किसी तटस्थ स्थान पर टूर्नामेंट आयोजित करने पर विचार करना पड़ा।

  • पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला: 28 की मौत, लश्कर समर्थित टीआरएफ ने ली जिम्मेदारी

    पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला: 28 की मौत, लश्कर समर्थित टीआरएफ ने ली जिम्मेदारी

    श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में सोमवार को हुए भीषण आतंकी हमले में 28 पर्यटकों की जान चली गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। यह हमला घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाकर किया गया अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला बताया जा रहा है। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है।

    इस हमले में शामिल चार आतंकियों में से दो के पाकिस्तानी होने की पुष्टि हुई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह हमला पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया। बताया जा रहा है कि आतंकियों ने एक पर्यटक बस को निशाना बनाया, जो पहलगाम से लौट रही थी। हमले के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब के दौरे पर थे और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत में मौजूद थे, जिससे इस हमले की टाइमिंग पर भी कई सवाल उठ रहे हैं।

    सूत्रों के मुताबिक, इस आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान की गहरी साजिश है। हाल के दिनों में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) प्रमुख मसूद अजहर के फिर से सक्रिय होने की खबरें सामने आई थीं। जुलाई में उसे पाकिस्तान के बहावलपुर में एक शादी समारोह में देखा गया था, जहाँ उसने खुलेआम भाषण देते हुए कश्मीर और फिलिस्तीन के जिहाद का जिक्र किया। इस घटना ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि पाकिस्तान की सरजमीं पर पल रहे आतंकी संगठन भारत में अशांति फैलाने की कोशिशों में लगे हैं।

    पिछले कुछ महीनों में घाटी में आतंकी गतिविधियों में तेजी देखी गई है, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों की भूमिका सामने आई है। ये आतंकी संगठन स्थानीय आतंकियों को आगे रखकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इन हमलों की तह में जाकर इस साजिश का पर्दाफाश किया है।

    केंद्र सरकार ने इस हमले के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया है और पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं, एनआईए और अन्य एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया है कि आतंकी संगठन घाटी में शांति को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं और अब टूरिज्म सेक्टर को भी निशाना बना रहे हैं।