Nation Now Samachar

Tag: पहलगाम हमला

  • लखनऊ: गायिका नेहा सिंह राठौर ने हजरतगंज कोतवाली में बयान दर्ज कराया

    लखनऊ: गायिका नेहा सिंह राठौर ने हजरतगंज कोतवाली में बयान दर्ज कराया

    लखनऊ: गायिका नेहा सिंह राठौर सोमवार को सुबह 11 बजे हजरतगंज कोतवाली पहुंचीं और वहां बयान दर्ज कराया। यह मामला उनके द्वारा गाए गए गाने ‘चौकीदारवा कायर बा’ से जुड़ा हुआ है, जो उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर प्रस्तुत किया था। इस गाने को लेकर प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर कार्रवाई की गई थी।

    सुप्रीम कोर्ट ने नेहा की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई हुई है, जिससे उनकी सुरक्षा और कानूनी अधिकार सुनिश्चित किए गए हैं। इस अंतरिम रोक के चलते नेहा सुरक्षित रूप से कोतवाली में अपने बयान दर्ज कराने पहुंची। गायिका ने बयान में अपनी स्थिति स्पष्ट की और कहा कि उनका गाना केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया थी, जिसका उद्देश्य किसी विशेष व्यक्ति या समुदाय को निशाना बनाना नहीं था।

    हजरतगंज कोतवाली में उनका आगमन सुबह से ही मीडिया और पुलिस के लिए महत्वपूर्ण रहा। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और कोतवाली में भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए गए। नेहा सिंह राठौर ने अधिकारियों के सवालों का उत्तर दिया और मामले की जांच में सहयोग किया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के मामले में बयान दर्ज करना कानूनी प्रक्रिया का अहम हिस्सा होता है। बयान में गायक या कलाकार से उनकी प्रतिक्रिया और नजरिया पूछा जाता है, ताकि मामले को निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ाया जा सके। नेहा ने भी पूरी ईमानदारी और सहयोग के साथ बयान दिया।

    सोशल मीडिया पर नेहा की सुरक्षा और उनकी कानूनी स्थिति को लेकर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। उनके फैंस ने उन्हें समर्थन दिया है और कहा कि गायक को अपने भावनाओं को व्यक्त करने का अधिकार है। वहीं कुछ आलोचक इस मामले को लेकर कड़ा रुख अपनाए हुए हैं।

    इस बयान दर्ज करने के बाद पुलिस और प्रशासन मामले की आगे की जांच कर रहे हैं। जांच में सोशल मीडिया पोस्ट, गाने के वीडियो और उनकी प्रतिक्रिया को भी शामिल किया जाएगा। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करें।

    कुल मिलाकर, नेहा सिंह राठौर का बयान दर्ज कराना कानूनी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है। सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक और सुरक्षा उपायों के तहत गायिका ने अपना बयान दिया और मामले की निष्पक्ष जांच में सहयोग किया। यह घटना हिंदी संगीत जगत और कानूनी प्रक्रिया दोनों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • नेहा सिंह राठौर ने हजरतगंज पुलिस में दिया बयान, कहा – जांच में सहयोग कर रही हूं

    नेहा सिंह राठौर ने हजरतगंज पुलिस में दिया बयान, कहा – जांच में सहयोग कर रही हूं

    लोकगायक नेहा सिंह राठौर मंगलवार को हजरतगंज पुलिस स्टेशन पहुंचीं और पहलगाम आतंकी हमले पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भी तरह से गिरफ्तार नहीं किया गया है और वे पूरी तरह से जांच में सहयोग कर रही हैं।पुलिस सूत्रों के अनुसार, नेहा सिंह राठौर ने अपने बयान में कहा कि उनका इरादा किसी भी समुदाय या घटना के खिलाफ नहीं था। उन्होंने मीडिया और अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि जांच में वह पूरी तरह से सहयोग करेंगी और किसी भी तरह की गलतफहमी को दूर करने के लिए तैयार हैं।

    हजरतगंज पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी चल रही है और बयान दर्ज करने के बाद अगले कानूनी कदम तय किए जाएंगे। यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय भी बना हुआ है, जहां लोगों ने नेहा के बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी।इस मामले में पुलिस की प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बयान के संदर्भ और सन्दर्भ को ध्यान में रखते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोकगायक ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें जांच प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग देने में कोई आपत्ति नहीं है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक हस्तियों के बयान अक्सर सामाजिक और राजनीतिक संवेदनाओं को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा बयान दर्ज करना और मामले की जांच करना जरूरी होता है। नेहा सिंह राठौर के सहयोग से पुलिस को मामले की जांच में आसानी हो रही है और जल्द ही सटीक निष्कर्ष सामने आने की संभावना है।

    लोकगायक ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं किसी भी विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहती। मेरा उद्देश्य सिर्फ अपने पक्ष को स्पष्ट करना और जांच में सहयोग करना है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में सोशल मीडिया पर बयान देने में और सावधानी बरती जाएगी।अधिकारियों ने भी यह स्पष्ट किया कि नेहा सिंह राठौर के सहयोग से मामले में जल्द निष्कर्ष निकलने की संभावना है और जांच में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी। अब पुलिस पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ा रही है।

  • Akhilesh Yadav Parliament News: संसद में बहस से पहले अखिलेश यादव का बड़ा सवाल –”पहलगाम हमले के आतंकवादी कहां गए?”

    Akhilesh Yadav Parliament News: संसद में बहस से पहले अखिलेश यादव का बड़ा सवाल –”पहलगाम हमले के आतंकवादी कहां गए?”

    नई दिल्ली, 26 जुलाई 2025– संसद के मॉनसून सत्र में चर्चा की शुरुआत से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर सीधा सवाल दागा है। उन्होंने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मुद्दा उठाते हुए पूछा –”सरकार बताए कि पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादी अब तक कहां हैं? क्या उन्हें पकड़ा गया? अगर नहीं, तो क्यों?”

    🔴 क्या है पहलगाम हमला? Akhilesh Yadav Parliament News

    हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में तीर्थयात्रियों पर हुए हमले में कई निर्दोष श्रद्धालु घायल हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है, और जांच एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं।

    अखिलेश यादव का आरोप Akhilesh Yadav Parliament News

    अखिलेश यादव का कहना है कि सरकार देश की सुरक्षा को लेकर केवल दावे कर रही है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है।उन्होंने पूछा –”जब इतना बड़ा हमला हुआ है, तो अब तक कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? सरकार को जवाब देना होगा।”संसद में विपक्ष इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है। संभावना है कि आज की कार्यवाही के दौरान सुरक्षा चूक, राष्ट्रीय सुरक्षा नीति, और जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर तीखी बहस हो सकती है।

    Akhilesh Yadav Parliament News

  • भारत का ‘इजरायली स्टाइल स्ट्राइक’: वायु सेना ने POK में 9 आतंकी ठिकानों को किया तबाह- INDIA PAKISTAN WAR

    भारत का ‘इजरायली स्टाइल स्ट्राइक’: वायु सेना ने POK में 9 आतंकी ठिकानों को किया तबाह- INDIA PAKISTAN WAR

    नई दिल्ली: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15वें दिन भारत ने जवाबी कार्रवाई (INDIA PAKISTAN WAR) करते हुए “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए. भारत की यह सैन्य कार्रवाई इजरायल की सैन्य रणनीति की तरह मानी जा रही है, जिसमें सीमित लेकिन घातक हमलों के जरिए दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया जाता है.

    पहलगाम हमले के बाद भारत की आक्रामक रणनीति
    पहलगाम में हुए आत्मघाती हमले में कई सुरक्षाबलों की शहादत के बाद देश में रोष फैल गया था. भारत ने 7 मई, 2025 को पाकिस्तान के भीतर बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद जैसे आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर नौ अलग-अलग लोकेशनों पर मिसाइल स्ट्राइक की. इन हमलों को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया, जो भारत की बदलती सैन्य नीति का प्रतीक है. (INDIA PAKISTAN WAR)

    इजरायली रणनीति से प्रेरित भारत की स्ट्राइक
    भारत की इस कार्रवाई की तुलना इजरायल की सैन्य रणनीति से की जा रही है. इजरायल वर्षों से सीमित, सटीक और खुफिया-आधारित हमलों के लिए जाना जाता है, जिससे बड़े युद्ध की स्थिति टलती है, लेकिन दुश्मन को गहरा झटका मिलता है. भारत ने भी 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक में इसी शैली का पालन किया था.

    कैसे हुआ ऑपरेशन सिंदूर?
    भारत ने इस ऑपरेशन में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया. सैटेलाइट इमेजरी, ड्रोन, और नेट्रा AWACS जैसी प्रणाली से दुश्मन के ठिकानों को पहले लॉक किया गया, फिर सुपरसोनिक ब्रह्मोस और रुद्रम-1 मिसाइलों से हमला किया गया. RISAT-2BR1 सैटेलाइट और अन्य निगरानी प्रणालियों ने टारगेट की स्थिति और गतिविधियों पर निगरानी रखी. यह पूरी तरह से इजरायल की टारगेट लॉकिंग और प्री-स्ट्राइक इंटेलिजेंस मॉडल से मेल खाता है.

    पाकिस्तान का HQ-9 एयर डिफेंस हुआ फेल
    भारत की मिसाइलें पाकिस्तान के आधुनिक माने जाने वाले चीनी HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर अपने टारगेट पर सटीक वार कर पाईं. HQ-9 भले ही 100 टारगेट को ट्रैक करने और 6 को एकसाथ नष्ट करने की क्षमता रखता है, लेकिन ब्रह्मोस की तेज गति और कम ऊंचाई पर उड़ान के चलते यह उसे रोक नहीं सका. HQ-9 की रडार क्षमताएं भारत के S-400 सिस्टम के मुकाबले कमजोर हैं. यही कारण था कि पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था इन हमलों को रोकने में असफल रही.

    SEAD रणनीति का इस्तेमाल
    भारत ने SEAD (Suppression of Enemy Air Defenses) रणनीति का उपयोग करते हुए पाकिस्तान के एयर डिफेंस को निष्क्रिय किया. सुखोई-30 MKI विमानों से Kh-31P और रुद्रम-1 मिसाइलों का इस्तेमाल कर रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को पहले नष्ट किया गया. भारत ने इस ऑपरेशन में केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे. यह भी इजरायली शैली की खासियत है कि हमले सटीक और सीमित होते हैं.

    ये भी पढ़ें- युद्ध के दृष्टिकोण से हाई रिस्क जोन में मेरठ,देश की तीसरी सबसे बड़ी छावनी मेरठ

  • पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों के स्केच जारी, आम लोगों से सुराग देने की अपील

    पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों के स्केच जारी, आम लोगों से सुराग देने की अपील

    श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (pahalgam terrorist attack) स्थित बैसरन में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बुधवार को तीन संदिग्ध आतंकियों के स्केच जारी किए हैं। यह हमला 22 अप्रैल को हुआ था, जिसमें अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। हमलावरों ने पर्यटकों से भरे इस शांत क्षेत्र को गोलियों की बौछार से मौत के मैदान में तब्दील कर दिया।

    अधिकारियों ने बताया कि आतंकी करीब 20 मिनट तक AK-47 राइफलों से लगातार फायरिंग करते रहे। इस हमले में शामिल संदिग्ध आतंकियों की पहचान आसिफ फूजी, सुलेमान शाह, और अबू तल्हा के रूप में हुई है। इनमें से दो आतंकी पाकिस्तानी नागरिक बताए जा रहे हैं, जबकि एक स्थानीय है। सभी का संबंध लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके फ्रंट संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से बताया गया है।

    ‘मिनी-स्विट्जरलैंड’ बना मौत का मैदान
    बैसरन को अक्सर ‘मिनी-स्विट्जरलैंड’ कहा जाता है। वसंत के मौसम में पर्यटक बड़ी संख्या में यहां आते हैं, लेकिन आतंकियों ने इस प्राकृतिक सौंदर्य से भरे स्थान को खून-खराबे से लाल कर दिया। चश्मदीदों के मुताबिक हमले के दौरान अफरा-तफरी मच गई थी। लोग चीखते-चिल्लाते जान बचाने के लिए भाग रहे थे। हर तरफ दहशत, खून और चीखें थीं।

    जनता से सहयोग की अपील
    सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया है। ड्रोन, हेलीकॉप्टर, खोजी कुत्तों और अतिरिक्त जवानों की मदद से अनंतनाग और आसपास के जिलों में सघन तलाशी ली जा रही है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध जानकारी को साझा करें जिससे हमलावरों तक पहुंच बनाई जा सके।

    पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों के स्केच जारी
    इस हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपातकालीन सुरक्षा समीक्षा बैठक की। उन्होंने पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि यह हमला न सिर्फ निर्दोष लोगों पर, बल्कि घाटी में लौटती शांति पर भी हमला है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों को जल्द न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।

    सबसे भयावह आतंकी घटनाओं में एक
    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इसे कश्मीर के हालिया इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला बताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना उन ताकतों का चेहरा उजागर करती है जो घाटी में अमन नहीं देखना चाहतीं।