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  • पाकिस्तान पर हमले के बाद अलर्ट पर हिंदुस्तान, UP में आज ब्लैक आउट, आपात स्थिति से निपटने की तैयारी- BLACKOUT MOCKDRILL IN UP

    पाकिस्तान पर हमले के बाद अलर्ट पर हिंदुस्तान, UP में आज ब्लैक आउट, आपात स्थिति से निपटने की तैयारी- BLACKOUT MOCKDRILL IN UP

    नई दिल्ली: पाकिस्तान पर 7 मई 2025 को हुई भारतीय एयर स्ट्राइक के बाद केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट (BLACKOUT MOCKDRILL IN UP) पर हैं. केंद्र सरकार ने सुरक्षा समीक्षा के बाद देशभर के 244 जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्णय लिया है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इसकी शुरुआत मंगलवार को हुई, जहां युद्ध जैसी स्थिति में राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया. गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश जारी किए हैं कि वे युद्ध या आतंकी हमलों जैसे हालात में तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहें. इस आदेश के तहत उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में 7 मई को ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की जाएगी. राज्य के डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि ड्रिल के दौरान कुछ देर के लिए बिजली की आपूर्ति और सार्वजनिक स्थानों की लाइटें बंद कर दी जाएंगी.

    सायरन बजते ही राहत टीमें हुईं एक्टिव
    लखनऊ की पुलिस लाइन में हुए मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजते ही सिविल डिफेंस, एंबुलेंस, दमकल और पुलिस टीमों ने तत्काल हरकत में आकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और भीड़भाड़ वाली जगहों को खाली कराया गया. इस ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास नहीं, बल्कि एक रियल-टाइम रेस्पॉन्स सिस्टम को परखना है, ताकि वास्तविक आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. (BLACKOUT MOCKDRILL IN UP)

    ब्लैकआउट की तैयारी, 19 जिलों में रात को बिजली बंद
    डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि 7 मई की रात को गोरखपुर, कानपुर, आगरा, वाराणसी, लखनऊ, मेरठ समेत 19 जिलों में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होगी. इन जिलों को गृह मंत्रालय ने A, B, और C कैटेगरी में बांटा है, जिसमें सुरक्षा की गंभीरता के आधार पर गतिविधियां निर्धारित की गई हैं. विशेष सतर्कता नेपाल सीमा से लगे जिलों सिद्धार्थनगर, बहराइच और महाराजगंज में बरती जा रही है. इन जिलों में मॉक ड्रिल के दौरान एयर रेड सायरन, ब्लैकआउट, कैमोफ्लाज प्रोटोकॉल, नागरिकों का प्रशिक्षण और छात्र-अभियान आयोजित होंगे. (BLACKOUT MOCKDRILL IN UP)

    गोरखपुर में 7 से 8 बजे होगा ब्लैकआउट
    गोरखपुर में सिविल डिफेंस और जिला प्रशासन के सहयोग से मॉक ड्रिल का आयोजन शहर के प्रमुख स्थानों पर होगा. शाम 7 से 8 बजे तक शहर में ब्लैकआउट रहेगा. सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन डॉ. संजीव गुलाटी ने बताया कि 500 प्रशिक्षित कार्यकर्ता लोगों को युद्ध जैसी स्थिति से बचने का प्रशिक्षण देंगे. साथ ही नागरिकों को एयर रेड सायरन की पहचान, अफवाहों से बचाव और नजदीकी शरणस्थलों की जानकारी देने का भी अभ्यास कराया जाएगा.

    सोनभद्र में अधिकारियों ने बनाई रणनीति
    सोनभद्र जिले में मॉक ड्रिल को लेकर डीएम बद्रीनाथ सिंह और एसपी अशोक कुमार मीणा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई. बैठक में औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा, आपातकालीन यातायात प्रबंधन, ब्लैकआउट की प्रक्रिया, और धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकर से अलर्ट जारी करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई. 7 मई को सुबह 9 से 11 बजे तक जिले के विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी. औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है.

    आगरा में 8 स्थानों पर मॉक ड्रिल, 5 मिनट का ब्लैकआउट
    आगरा के डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि जिले में 8 से 10 लोकेशन्स पर मॉक ड्रिल की योजना बनाई गई है. बुधवार रात 8 बजे 5 मिनट के लिए ब्लैकआउट किया जाएगा.
    इस दौरान सायरन बजाया जाएगा और सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे पैनिक न करें और इसे युद्ध न समझें. रामकृष्णा कन्या महाविद्यालय, बल्केश्वर में माइक्रो मॉक ड्रिल भी होगी, जिसमें आपात स्थिति में घायलों के इलाज का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

    देशभर की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
    गृह मंत्रालय ने कहा है कि मॉक ड्रिल के जरिये यह देखा जाएगा कि किसी भी संभावित युद्ध या आतंकी हमले के समय प्रशासन और नागरिकों की प्रतिक्रिया कितनी प्रभावी है. सभी राज्य, जिला और स्थानीय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हर सेक्टर में तैयारियां सुनिश्चित करें और ड्रिल को वास्तविक हालात जैसा बनाएं.

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    भारत का ‘इजरायली स्टाइल स्ट्राइक’: वायु सेना ने POK में 9 आतंकी ठिकानों को किया तबाह- INDIA PAKISTAN WAR

    नई दिल्ली: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15वें दिन भारत ने जवाबी कार्रवाई (INDIA PAKISTAN WAR) करते हुए “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए. भारत की यह सैन्य कार्रवाई इजरायल की सैन्य रणनीति की तरह मानी जा रही है, जिसमें सीमित लेकिन घातक हमलों के जरिए दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया जाता है.

    पहलगाम हमले के बाद भारत की आक्रामक रणनीति
    पहलगाम में हुए आत्मघाती हमले में कई सुरक्षाबलों की शहादत के बाद देश में रोष फैल गया था. भारत ने 7 मई, 2025 को पाकिस्तान के भीतर बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद जैसे आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर नौ अलग-अलग लोकेशनों पर मिसाइल स्ट्राइक की. इन हमलों को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया, जो भारत की बदलती सैन्य नीति का प्रतीक है. (INDIA PAKISTAN WAR)

    इजरायली रणनीति से प्रेरित भारत की स्ट्राइक
    भारत की इस कार्रवाई की तुलना इजरायल की सैन्य रणनीति से की जा रही है. इजरायल वर्षों से सीमित, सटीक और खुफिया-आधारित हमलों के लिए जाना जाता है, जिससे बड़े युद्ध की स्थिति टलती है, लेकिन दुश्मन को गहरा झटका मिलता है. भारत ने भी 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक में इसी शैली का पालन किया था.

    कैसे हुआ ऑपरेशन सिंदूर?
    भारत ने इस ऑपरेशन में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया. सैटेलाइट इमेजरी, ड्रोन, और नेट्रा AWACS जैसी प्रणाली से दुश्मन के ठिकानों को पहले लॉक किया गया, फिर सुपरसोनिक ब्रह्मोस और रुद्रम-1 मिसाइलों से हमला किया गया. RISAT-2BR1 सैटेलाइट और अन्य निगरानी प्रणालियों ने टारगेट की स्थिति और गतिविधियों पर निगरानी रखी. यह पूरी तरह से इजरायल की टारगेट लॉकिंग और प्री-स्ट्राइक इंटेलिजेंस मॉडल से मेल खाता है.

    पाकिस्तान का HQ-9 एयर डिफेंस हुआ फेल
    भारत की मिसाइलें पाकिस्तान के आधुनिक माने जाने वाले चीनी HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर अपने टारगेट पर सटीक वार कर पाईं. HQ-9 भले ही 100 टारगेट को ट्रैक करने और 6 को एकसाथ नष्ट करने की क्षमता रखता है, लेकिन ब्रह्मोस की तेज गति और कम ऊंचाई पर उड़ान के चलते यह उसे रोक नहीं सका. HQ-9 की रडार क्षमताएं भारत के S-400 सिस्टम के मुकाबले कमजोर हैं. यही कारण था कि पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था इन हमलों को रोकने में असफल रही.

    SEAD रणनीति का इस्तेमाल
    भारत ने SEAD (Suppression of Enemy Air Defenses) रणनीति का उपयोग करते हुए पाकिस्तान के एयर डिफेंस को निष्क्रिय किया. सुखोई-30 MKI विमानों से Kh-31P और रुद्रम-1 मिसाइलों का इस्तेमाल कर रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को पहले नष्ट किया गया. भारत ने इस ऑपरेशन में केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे. यह भी इजरायली शैली की खासियत है कि हमले सटीक और सीमित होते हैं.

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