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Tag: पीपरपुर थाना क्षेत्र

  • Amethi Crime: भाई ने भाई को उतारा मौत के घाट, 36 दिन बाद 25 हजार का इनामी गिरफ्तार

    Amethi Crime: भाई ने भाई को उतारा मौत के घाट, 36 दिन बाद 25 हजार का इनामी गिरफ्तार

    Amethi Crime : संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। जिस खेत में दो सगे भाई बचपन से साथ खेले और बड़े हुए, उसी खेत में एक भाई ने दूसरे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। यह दिल दहला देने वाली घटना पीपरपुर थाना क्षेत्र के डिहवा मजरे दुर्गापुर गांव की है, जहां 36 दिन तक फरार रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    आलू के खेत में हुआ खूनी विवाद

    पुलिस अधीक्षक अमेठी अपर्णा रजत कौशिक के अनुसार, 4 दिसंबर को गांव निवासी राकेश वर्मा (50) अपने खेत में आलू की मेढ़ी चढ़ा रहा था। इसी दौरान उसका छोटा भाई दिनेश वर्मा वहां पहुंचा। किसी पुराने पारिवारिक विवाद को लेकर दोनों भाइयों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि रिश्तों की सारी सीमाएं टूट गईं।गुस्से में आकर दिनेश ने राकेश के हाथ से कुदाल छीन ली और उसी से उसके सिर पर जोरदार वार कर दिया। खेत में काम कर रहे राकेश लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और कुछ ही देर में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    शव छिपाकर फरार हुआ हत्यारा भाई

    हत्या के बाद आरोपी दिनेश ने अपने अपराध को छिपाने के लिए शव को करीब 300 मीटर दूर झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद वह गांव छोड़कर फरार हो गया। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। राकेश के बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया और परिवार पूरी तरह टूट गया।

    36 दिन तक पुलिस को देता रहा चकमा

    हत्या के बाद से ही आरोपी दिनेश पुलिस की पकड़ से बाहर था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस और एसओजी की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी रही।आखिरकार 10 जनवरी को थाना पीपरपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर दिनेश को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ।

    पूछताछ में कबूला जुर्म

    पुलिस पूछताछ में आरोपी दिनेश ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि हत्या के बाद वह रेलवे स्टेशन पीपरपुर के पास झाड़ियों में कुदाल छिपाकर ट्रेन से फरार हो गया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त वही खून से सनी कुदाल भी बरामद कर ली है।

    भाईचारे और परिवार की टूटी नींव

    यह वारदात सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों, भरोसे और परिवार की बुनियाद के टूटने की कहानी है। जिस घर में दो भाई साथ पले-बढ़े, वहां आज एक भाई जेल की सलाखों के पीछे है और दूसरा हमेशा के लिए इस दुनिया से चला गया।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे जेल भेजने की विधिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में साक्ष्य मजबूत हैं और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • अमेठी: बंद सार्वजनिक रास्ता खुलवाने की मांग, तहसील दिवस में पीड़ित परिजनों ने सीडीओ से लगाई गुहार

    अमेठी: बंद सार्वजनिक रास्ता खुलवाने की मांग, तहसील दिवस में पीड़ित परिजनों ने सीडीओ से लगाई गुहार

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी। जनपद अमेठी के पीपरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाहीपुर गांव में सार्वजनिक रास्ता बंद किए जाने का मामला अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। रास्ता बंद होने से परेशान पीड़ित परिजनों ने तहसील दिवस के मौके पर पहुंचकर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से शिकायत दर्ज कराई और तत्काल कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने जबरन सार्वजनिक रास्ते को घूर-गोबर डालकर बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    दबंगों पर जबरन रास्ता बंद करने का आरोप

    पीड़ित परिजनों ने बताया कि गांव में वर्षों से उपयोग में आ रहा यह रास्ता सार्वजनिक है, जिसका इस्तेमाल कई परिवार रोजमर्रा के आवागमन के लिए करते हैं। आरोप है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने निजी स्वार्थ के चलते इस रास्ते पर घूर और गोबर डालकर उसे पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। इससे न सिर्फ पैदल चलने वालों, बल्कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

    पुलिस से शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान

    पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पहले पीपरपुर थाना पुलिस से भी शिकायत की थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो रास्ता खुलवाया गया और न ही आरोपितों के खिलाफ कोई प्रभावी कदम उठाया गया। लगातार अनदेखी से आहत पीड़ित परिवारों ने आखिरकार तहसील दिवस में प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने का फैसला किया।

    तहसील दिवस में सीडीओ से शिकायत

    मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में पीड़ित परिजन बड़ी उम्मीद के साथ पहुंचे और सीडीओ को लिखित शिकायत सौंपते हुए रास्ता तत्काल खुलवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरन उच्च अधिकारियों और न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।

    प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

    सीडीओ ने पीड़ितों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया है। प्रशासन की ओर से कहा गया कि सार्वजनिक रास्तों को अवैध रूप से बंद करना कानूनन अपराध है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीणों में आक्रोश

    गांव में इस मामले को लेकर अन्य ग्रामीणों में भी रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि सार्वजनिक रास्ते इस तरह बंद किए जाते रहे तो आम जनजीवन प्रभावित होगा। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि कब तक रास्ता खुलवाकर उन्हें राहत दी जाती है।