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  • Pilibhit News: शहीद लखविंदर सिंह को राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख की श्रद्धांजलि, पीलीभीत में दी गई अंतिम विदाई

    Pilibhit News: शहीद लखविंदर सिंह को राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख की श्रद्धांजलि, पीलीभीत में दी गई अंतिम विदाई

    पीलीभीत: जिले के ग्राम धुरिया पलिया, थाना माधौटांडा के (Pilibhit news) निवासी हवलदार लखविंदर सिंह ने सिक्किम के लाचुंग क्षेत्र में देश सेवा के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। यह दुखद घटना तब हुई जब लाचुंग में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिसमें सेना का एक शिविर प्रभावित हुआ। इस हादसे में लखविंदर सिंह सहित अन्य जवान शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर ने पूरे पीलीभीत जिले को शोक में डुबो दिया हौ। Pilibhit news

    उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के राज्यमंत्री और पीलीभीत जिले के प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख ने शहीद के पैतृक गांव पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने शहीद लखविंदर सिंह के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शहीद के परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा, “लखविंदर सिंह का बलिदान देश के लिए गर्व का विषय है। उनका त्याग और समर्पण हम सभी को प्रेरित करता है।” Pilibhit news

    राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने किया शहीद को नमन. (फोटो- नेशन नाव समाचार )

    शहीद के परिजनों ने बताया कि लखविंदर सिंह ने अपनी ड्यूटी के प्रति हमेशा अटूट निष्ठा दिखाई। उनकी पत्नी रुपिंदर कौर, सात वर्षीय बेटा, और तीन माह की नवजात बेटी इस दुखद घटना से गहरे सदमे में हैं। परिवार के साथ-साथ गांव और आसपास के लोग भी शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके घर पहुंचे। इस दौरान अपर जिलाधिकारी ऋतु पूनिया ने भी परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। Pilibhit news


    लखविंदर सिंह की शहादत कोई पहली घटना नहीं है। उनके चचेरे भाई मनतेज सिंह भी 2023 में अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे। ग्रामीणों ने मांग की है कि शहीद लखविंदर और मनतेज की स्मृति में गांव के प्रवेश द्वार पर शहीद द्वार बनाए जाएं। इसके अलावा, लैहारी पुल का नामकरण भी शहीदों के नाम पर करने की मांग उठी है।

    राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने ईश्वर से प्रार्थना की कि शहीद की आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्राप्त हो। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन और सेना के अधिकारियों ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी। लखविंदर सिंह की शहादत न केवल पीलीभीत, बल्कि पूरे देश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है, जो आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और बलिदान की भावना से प्रेरित करेगा।

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