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Tag: बिहार चुनाव

  • बिहार विधानसभा चुनाव 2025 -लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने परिवार संग डाला वोट, बोले– लोकतंत्र को मजबूत बनाएं

    बिहार विधानसभा चुनाव 2025 -लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने परिवार संग डाला वोट, बोले– लोकतंत्र को मजबूत बनाएं

    बिहार विधानसभा चुनाव 2025 पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में आज राज्य के 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान जारी है। इस बीच, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपनी पत्नी एवं पूर्व सीएम राबड़ी देवी और पूरे परिवार के साथ मतदान किया। वोट डालने के बाद सभी ने स्याही लगी उंगलियां दिखाकर लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी का संदेश दिया।

    मतदान केंद्र से बाहर आते हुए लालू यादव ने कहा कि “लोकतंत्र में जनता ही सबसे बड़ी ताकत है। सभी लोगों को अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए।” वहीं, राबड़ी देवी ने कहा कि बिहार का भविष्य जनता के हाथ में है, इसलिए हर नागरिक को जिम्मेदारी के साथ मतदान करना चाहिए।

    लालू परिवार के मतदान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। RJD समर्थकों ने इसे लोकतंत्र के प्रति आस्था और एकता का प्रतीक बताया है।बिहार में पहले चरण के मतदान को लेकर सुबह से ही वोटिंग केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, सुबह 9 बजे तक लगभग 13.13% मतदान दर्ज किया गया।

  • Bihar band aaj NDA : बिहार बंद आज — NDA का प्रदर्शन और रविशंकर प्रसाद की प्रतिक्रिया

    Bihar band aaj NDA : बिहार बंद आज — NDA का प्रदर्शन और रविशंकर प्रसाद की प्रतिक्रिया

    Bihar band aaj NDA ; 4 सितंबर 2025 को बिहार में एनडीए (NDA) ने पांच घंटे का बिहार बंद बुलाया। यह विरोध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता के खिलाफ महागठबंधन के किसी मंच पर कही गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ था। इस बंद का नेतृत्व भाजपा महिला मोर्चा और एनडीए की अन्य समर्थक महिलाओं ने किया। इसमें मुख्य भूमिका भाजपा नेता एवं केंद्रीय सांसद रविशंकर प्रसाद ने निभाई, जिन्होंने प्रतिरोध के स्वर में तीखी टिप्पणियाँ कीं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे—बंद का असर, प्रशासनिक प्रतिबिंब, रविशंकर प्रसाद का बयान, और राजनीतिक पटल पर इसकी गूंज।

    1. बंद का ऐलान और उद्देश्य

    • एनडीए ने 4 सितंबर 2025, सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक का बिहार बंद बुलाया। इसका उद्देश्य था—प्रमोद की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर विरोध जताना।
    • बंद के नेतृत्व में शामिल थे—भाजपा महिला मोर्चा, जदयू महिला मोर्चा, लोजपा (रा.), हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा), राष्ट्रीय लोक मोर्चा की महिलाएं।

    2. बंद के दौरान क्या खुला और बंद रहा

    • आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं और रेलवे जैसी आवश्यक सेवाएं नियमित रहीं; परंतु स्कूल, कार्यालय और परिवहन सेवाओं में व्यापक व्यवधान रहा।

    3. बंद का प्रभाव और प्रदर्शन

    “बिहार बंद आज NDA ;

    • पटना, गया जैसे प्रमुख शहरों में सड़क जाम और प्रदर्शन देखे गए। कई जगहों पर ट्रेन रोकी गई, शॉपिंग और सार्वजनिक गतिविधियाँ ठप रहीं।
    • दानापुर में आगजनी की घटनाएं हुईं; बाजार और चौराहों पर उसका असर रहा।

    4. रविशंकर प्रसाद का तीखा बयान

    Bihar band aaj NDA
    • भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने इस बंद के माध्यम से विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मतदाता सूची पुनरीक्षण मामले पर दबाव बनाने के लिए सड़कों पर उतर रहा है।
    • उनका सवाल था—“जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है, तब विपक्ष क्यों प्रदर्शन कर रहा है? क्या उनका उद्देश्य अवैध मतदाताओं को वोटर लिस्ट में बनाए रखना है?”
    • उन्होंने मतदाता सूची की पारदर्शिता की बात की और कहा कि अधिकांश लोग स्वयं मतदाता सूची में अपना विवरण अपडेट कर चुके हैं।
    • एक अन्य मौके पर उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि क्या वे चाहते हैं “घुसपैठिए” मतदाता सूची में बने रहें—जिससे यह सवाल राजनीति निर्माण का हिस्सा है।

    5. प्रतिपक्ष की प्रतिक्रिया और बयानबाजी

    • तेजस्वी यादव ने इस घटना की निंदा की, कहा कि मां के खिलाफ अपमान अस्वीकार्य है और व्यक्तिगत हमले लोकतांत्रिक परिधि पर हावी नहीं होने चाहिए।
    • हालांकि उनका बयान सीधे इस बंद के संदर्भ में नहीं था, लेकिन भावनात्मक और राजनीतिक प्रतिवाद का हिस्सा बना।

    राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

    बंद का महत्व:

    • लोकतांत्रिक चेतना और सम्मान की राजनीति;
    • मुखर विरोध का प्रदर्शन: महिलाएं प्रमुख भूमिका में;
    • आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के प्रक्षेपवक्र पर असर।

    प्रशासनिक चुनौतियां:

    • स्कूल, कार्यालय और परिवहन बाधित;
    • लेकिन सेवाओं में चुस्त कार्यक्रम को रक्षा मिली।

    राजनीतिक संदेश:

    • रविशंकर प्रसाद का बयान सुप्रीम कोर्ट और चुनावी प्रक्रिया पर विपक्ष के संदेह को रेखांकित करता है;
    • बंद ने विपक्ष के राजनीतिक रणनीतियों पर सवाल खड़े किए।

    निष्कर्ष

    आज का बिहार बंद एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश था—यह मजबूत, सुनियोजित और NDA का विपक्ष विरोधी प्रदर्शन था। रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर सुप्रीम कोर्ट में मुद्दा विचाराधीन होने के बावजूद सड़क राजनीति करने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने विरोध को असंवेदनशील और अपमानजनक घटना के खिलाफ मानवीय और संवैधानिक प्रतिक्रिया बताया।

    भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह घटना आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को कैसे प्रभावित करती है—क्या यह NDA को गति देगी, या विपक्ष के लिए प्रतिक्रिया का मंच बनेगी? आपकी राय या प्रतिक्रिया इस विषय पर क्या है? कृपया नीचे टिप्पणी करके साझा करें।

    Read more: Ramswaroop Memorial University में छात्रों पर लाठीचार्ज, प्रशासनिक गाज और राजनीतिक विडंबना

  • सीतामढ़ी: गृह मंत्री अमित शाह ने जानकी मंदिर के लिए किया भूमि पूजन, नीतीश कुमार भी रहे मौजूद

    सीतामढ़ी: गृह मंत्री अमित शाह ने जानकी मंदिर के लिए किया भूमि पूजन, नीतीश कुमार भी रहे मौजूद

    बिहार– गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सीतामढ़ी में जानकी मंदिर के लिए आज भूमि पूजन किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद थे. अमित शाह आज इस मंदिर के भूमि पूजन के लिए खास तौर पर दिल्ली से सीतामढ़ी पहुंचे. सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में मां सीता का मंदिर बनाया जा रहा है. इस स्थान को पौराणिक मान्यताओं में मां सीता का जन्मस्थान माना गया है. आज एक धार्मिक अनुष्ठान में गृह मंत्री ने इस मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया.

    सीतामढ़ी: गृह मंत्री अमित शाह ने जानकी मंदिर के लिए किया भूमि पूजन

    आज पुनौरा धाम की सुंदर सजावट की गई है. यहां बड़ी संख्या में लोग इस अनुष्ठान में शामिल होने पहुंचे हैं. पुनौरा धाम में 67 एकड़ में माता सीता के भव्य मंदिर का निर्माण किया जाना है. वैसे पुनौरा धाम में पहले से भी माता सीता का एक मंदिर स्थापित है. इसे सीता जन्मस्थली के तौर पर जाना जाता है. इस मंदिर के निर्माण के लिए 11 महीने का डेडलाइन रखा गया है.

    सीतामढ़ी: गृह मंत्री अमित शाह ने जानकी मंदिर के लिए किया भूमि पूजन

    गौरतलब है कि पुनौरा धाम में पहले से ही मां सीता का एक मंदिर मौजूद है, जिसे सीता जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है। नए मंदिर के निर्माण से यहां धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।