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  • Kuldeep Sengar News : कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 साल की सजा निलंबन से किया इनकार

    Kuldeep Sengar News : कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 साल की सजा निलंबन से किया इनकार

    Kuldeep Sengar News नई दिल्ली: उन्नाव रेप कांड से जुड़े एक अहम मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत के मामले में दी गई 10 साल की सजा को निलंबित करने से साफ इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद कुलदीप सिंह सेंगर को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

    दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामला अत्यंत गंभीर प्रकृति का है और इसमें सजा निलंबन के लिए कोई ठोस आधार नहीं बनता। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा प्रथम दृष्टया उचित प्रतीत होती है।

    क्या है पूरा मामला?

    यह मामला वर्ष 2018 का है, जब उन्नाव रेप पीड़िता के पिता को पुलिस ने अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद उनकी हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआत में पुलिस ने इसे सामान्य घटना बताने की कोशिश की, लेकिन बाद में जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि पीड़िता के पिता के साथ पुलिस कस्टडी में मारपीट की गई थी, जिसके चलते उनकी मौत हुई। मामले में आरोप लगा कि तत्कालीन विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर पूरी साजिश रची।

    निचली अदालत का फैसला

    मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद निचली अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई थी। अदालत ने माना था कि सेंगर की भूमिका प्रत्यक्ष न होते हुए भी साजिश में अहम रही और उन्होंने अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया।

    हाईकोर्ट में याचिका खारिज

    सजा के खिलाफ सेंगर ने दिल्ली हाईकोर्ट में सजा निलंबन की याचिका दाखिल की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता, पीड़ित परिवार के अधिकार और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए याचिका को खारिज कर दिया।कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में नरमी न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए सेंगर को कोई अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती।

    पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद

    हाईकोर्ट के इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है। यह फैसला एक बार फिर यह संदेश देता है कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, वह जवाबदेही से बच नहीं सकता।

  • KGMU विवाद: अपर्णा यादव से झड़प के बाद डॉक्टर और कर्मचारी आर-पार, हड़ताल और OPD बंद करने की चेतावनी

    KGMU विवाद: अपर्णा यादव से झड़प के बाद डॉक्टर और कर्मचारी आर-पार, हड़ताल और OPD बंद करने की चेतावनी

    KGMU विवाद : राजधानी लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में चल रहा महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और लव जिहाद का मामला अब और गंभीर होता नजर आ रहा है। KGMU विवाद ने सोमवार को उस समय नया मोड़ ले लिया, जब उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष अपर्णा यादव की टीम और यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों व कर्मचारियों के बीच तीखी झड़प और बहस हो गई। इस घटना के बाद केजीएमयू में तनाव का माहौल है और डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने के साथ ही ओपीडी सेवाएं बंद करने की चेतावनी दे दी है।

    यह पूरा विवाद डॉक्टर रमीज से जुड़े कथित धर्मांतरण प्रकरण से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद द्वारा इस मामले पर आयोजित की जाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले अपर्णा यादव के समर्थकों और केजीएमयू के डॉक्टरों व कर्मचारियों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। इस घटना से पूरे मेडिकल कैंपस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि बाहरी हस्तक्षेप से संस्थान की गरिमा और स्वायत्तता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि संवेदनशील मामले में बिना समन्वय के दबाव बनाने की कोशिश की गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। KGMU विवाद को लेकर डॉक्टर संगठनों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों और आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो वे हड़ताल और ओपीडी सेवाएं बंद करने जैसे कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

    वहीं दूसरी ओर, यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेता दिख रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम में ‘फेवरेट’ बनने की कोशिश से जुड़ा है। अपर्णा यादव, जो समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की बहू हैं, ने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थामा था। हालांकि, पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें न तो लोकसभा चुनाव में टिकट मिला और न ही महिला आयोग की अध्यक्ष जैसे किसी संवैधानिक पद पर नियुक्ति हुई।

    अब 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि KGMU विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में हुई झड़प और बयानबाजी अपर्णा यादव की राजनीतिक छवि और महत्वाकांक्षा पर असर डाल सकती है। फिलहाल, पूरे मामले पर प्रशासन और सरकार की नजर बनी हुई है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की जा रही है।

  • HimachalPradesh : सिस्सू लेक हादसा: जमी बर्फ टूटी, रील बनाते समय दो पर्यटक डूबने से बचे

    HimachalPradesh : सिस्सू लेक हादसा: जमी बर्फ टूटी, रील बनाते समय दो पर्यटक डूबने से बचे

    HimachalPradesh : हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति ज़िले में भारी बर्फबारी के बाद एक बार फिर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। बर्फ से ढके पहाड़, जमी झीलें और खूबसूरत नज़ारे सोशल मीडिया यूजर्स को खूब आकर्षित कर रहे हैं। इसी बीच सिस्सू लेक हादसा सामने आया है, जिसने पर्यटकों की लापरवाही और प्राकृतिक खतरों को उजागर कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार, सिस्सू लेक की जमी हुई झील की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे थे। इन्हीं नजारों को करीब से कैमरे में कैद करने के लिए दो पर्यटक रील बनाते समय झील की जमी बर्फ पर उतर गए। शुरुआत में बर्फ मजबूत दिख रही थी, लेकिन कुछ ही पलों में झील की सतह का एक हिस्सा अचानक टूट गया। इससे दोनों पर्यटक संतुलन खो बैठे और बर्फीले पानी में डूबने लगे।

    घटना के वक्त वहां मौजूद अन्य पर्यटकों ने शोर मचाया, जिसके बाद पुलिस और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। सिस्सू लेक हादसा गंभीर रूप ले सकता था, लेकिन समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दोनों पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बताया जा रहा है कि दोनों को प्राथमिक उपचार दिया गया और उनकी हालत स्थिर है।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि सर्दियों में झील की सतह जमी हुई जरूर दिखाई देती है, लेकिन अंदर की बर्फ कमजोर होती है। ऐसे में झील पर चलना या फोटो और रील बनाने के लिए जोखिम उठाना जानलेवा साबित हो सकता है। सिस्सू लेक हादसा इसी लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है।

    घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने पर्यटकों से अपील की है कि वे प्राकृतिक स्थलों पर सावधानी बरतें और चेतावनी बोर्डों का पालन करें। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, जो बेहद खतरनाक है। भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सिस्सू लेक और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा सकती है।

    पर्यटन विभाग ने भी साफ किया है कि बर्फबारी के बाद झीलों और ऊंचाई वाले इलाकों में खतरा बना रहता है। सिस्सू लेक हादसा पर्यटकों के लिए एक चेतावनी है कि प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

  • “जाट हूं, 50 थार खरीद दूंगी” वीडियो वायरल, गाजियाबाद में 2 दरोगाओं संग दबंगई

    “जाट हूं, 50 थार खरीद दूंगी” वीडियो वायरल, गाजियाबाद में 2 दरोगाओं संग दबंगई

    गाजियाबाद से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। गाजियाबाद दबंगई वीडियो में एक महिला खुलेआम यह कहते हुए नजर आ रही है कि “मैं जाट हूं, खड़े-खड़े 50 थार खरीद दूंगी”। हैरानी की बात यह है कि यह बयान दो पुलिस दरोगाओं की मौजूदगी में दिया गया, लेकिन मौके पर कोई सख्त कार्रवाई होती नजर नहीं आई।

    दरोगाओं के सामने दिखा दबंग अंदाज

    वायरल वीडियो में महिला खुद को प्रभावशाली बताते हुए पुलिस पर रौब झाड़ती दिख रही है। वीडियो में मौजूद दो दरोगा उसकी बातों को सुनते नजर आते हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। महिला का यह व्यवहार सोशल मीडिया यूजर्स को खासा नाराज कर रहा है।बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी स्थानीय विवाद के दौरान रिकॉर्ड किया गया, जहां पुलिस मौके पर पहुंची थी। उसी दौरान महिला ने जाति और आर्थिक ताकत का हवाला देकर दबंगई दिखाई।

    सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा

    वीडियो सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या कानून सभी के लिए समान है। कई यूजर्स ने पुलिस पर आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के सामने कार्रवाई करने से बचा जाता है। वहीं कुछ लोगों ने इसे पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला मामला बताया है।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान समाज में गलत संदेश देते हैं और कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा कमजोर करते हैं।

    पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

    इस पूरे प्रकरण ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हों और फिर भी इस तरह की दबंगई हो, तो आम नागरिकों को न्याय कैसे मिलेगा। हालांकि, वीडियो के वायरल होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया है।पुलिस विभाग का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।फिलहाल, गाजियाबाद दबंगई वीडियो कानून, व्यवस्था और पुलिस जवाबदेही को लेकर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है।

  • कानपुर में मेयर-पार्षद विवाद सड़क पर, प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हंगामा

    कानपुर में मेयर-पार्षद विवाद सड़क पर, प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हंगामा

    कानपुर में नगर निगम की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। कानपुर मेयर पार्षद विवाद उस समय खुलकर सामने आ गया, जब एक सरकारी कार्यक्रम में पार्षद समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। खास बात यह रही कि जिस कार्यक्रम में यह विवाद हुआ, उसमें प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।

    प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हुआ हंगामा

    जानकारी के अनुसार, कानपुर में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। पार्षदों के समर्थक कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी करने लगे और मेयर के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। हंगामे के चलते कुछ देर के लिए कार्यक्रम बाधित भी हुआ, जिससे प्रशासन और आयोजकों में अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पार्षद समर्थक नगर निगम में अनदेखी और भेदभाव के आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि विकास कार्यों और फैसलों में पार्षदों की भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    पार्षद समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने

    पार्षदों और उनके समर्थकों का आरोप है कि मेयर द्वारा लिए जा रहे कई फैसलों में उनकी सहमति नहीं ली जाती। इसी असंतोष ने धीरे-धीरे बड़े विवाद का रूप ले लिया। कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि नगर निगम के भीतर चल रहा तनाव अब सार्वजनिक हो चुका है।

    स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। सुरक्षा बलों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया, ताकि कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा सके।

    नगर निगम की राजनीति पर सवाल

    इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर समय रहते मेयर और पार्षदों के बीच संवाद नहीं हुआ, तो आने वाले समय में विवाद और गहरा सकता है।

    प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में हुआ यह हंगामा प्रदेश स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि सरकार इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर सकती है, ताकि नगर निगम में चल रही खींचतान को सुलझाया जा सके।

    फिलहाल, कानपुर मेयर पार्षद विवाद ने यह साफ कर दिया है कि नगर निगम की अंदरूनी राजनीति अब सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सड़क पर उतर आई है।

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले की गाड़ी ने DSP को पीछे से मारी टक्कर

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले की गाड़ी ने DSP को पीछे से मारी टक्कर

    दीदारगंज।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कारकेड से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें सुरक्षा काफिले में शामिल एक स्कॉर्पियो वाहन ने ड्यूटी पर तैनात DSP को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस घटना में कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ, लेकिन यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।यह पूरा मामला दीदारगंज इलाके का बताया जा रहा है, जहां से घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री के कारकेड में शामिल एक स्कॉर्पियो अचानक आगे बढ़ती है और सामने मौजूद DSP को टक्कर मार देती है। टक्कर लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना बेहद गंभीर हो सकती थी, लेकिन समय रहते संतुलन बनने से DSP की जान बच गई। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाला और कारकेड को आगे बढ़ाया गया।इस पूरे घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में चूक को लेकर बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि जब मुख्यमंत्री का काफिला गुजर रहा था, तो इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, स्कॉर्पियो चालक की लापरवाही या गलत अनुमान के चलते यह टक्कर हुई।

    फिलहाल इस मामले में पुलिस स्तर पर जांच की बात कही जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि वाहन चालक ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया या नहीं। घटना में शामिल वाहन और ड्राइवर की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को शेयर करते हुए मुख्यमंत्री की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे बड़ी चूक बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।हालांकि, इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह साफ है कि थोड़ी सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती थी

  • PannaNews – पन्ना में दो दोस्तों की खुली किस्मत, मिला 15.34 कैरेट का बेशकीमती हीरा

    PannaNews – पन्ना में दो दोस्तों की खुली किस्मत, मिला 15.34 कैरेट का बेशकीमती हीरा

    PannaNews – मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक बार फिर किस्मत बदल देने वाली खबर सामने आई है। पन्ना में मिला 15.34 कैरेट हीरा दो युवाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आया है। कृष्णा कल्याणपुर क्षेत्र में खदान संचालन कर रहे 24 वर्षीय सतीश खटीक और 23 वर्षीय साजिद मोहम्मद को यह बेशकीमती जेम्स क्वालिटी हीरा मिला है।

    खास बात यह है कि दोनों युवाओं ने महज 20 दिन पहले ही खदान का काम शुरू किया था। शुरुआती दौर में ही इतनी बड़ी सफलता मिलने से इलाके में खुशी का माहौल है। बताया जा रहा है कि यह हीरा इस साल अब तक पन्ना में मिला सबसे बड़ा और बेहद चमकदार हीरा है।

    हीरा विशेषज्ञों के अनुसार, इस 15.34 कैरेट के हीरे की कीमत 50 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है। नियमानुसार हीरे को पन्ना हीरा कार्यालय में जमा कराया जाएगा, जहां इसकी नीलामी की प्रक्रिया पूरी होगी।

    पन्ना जिला लंबे समय से हीरा खनन के लिए जाना जाता है और समय-समय पर ऐसी घटनाएं स्थानीय युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बनती हैं। पन्ना में मिला 15.34 कैरेट हीरा एक बार फिर साबित करता है कि यहां किस्मत कब बदल जाए, कहा नहीं जा सकता।

  • मेरठ क्लीनिक हमला, नकाबपोश बदमाशों ने डॉक्टर को पीटा, CCTV में कैद वारदात

    मेरठ क्लीनिक हमला, नकाबपोश बदमाशों ने डॉक्टर को पीटा, CCTV में कैद वारदात

    मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र स्थित हवाईपट्टी कॉलोनी में मंगलवार सुबह मेरठ क्लीनिक हमला की सनसनीखेज घटना सामने आई। नकाबपोश बदमाशों ने एक निजी क्लीनिक में घुसकर डॉक्टर के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना के दौरान बीच-बचाव करने आई डॉक्टर की पत्नी के साथ भी अभद्रता की गई और डॉक्टर के गले से सोने की चेन लूट ली गई। पूरी वारदात पास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।

    पीड़ित चिकित्सक शुभम, जो हवाईपट्टी कॉलोनी में ‘प्रेक्षा’ नाम से क्लीनिक चलाते हैं, अपनी पत्नी पारूल के साथ क्लीनिक में मौजूद थे। तभी दो बाइकों पर सवार चार नकाबपोश युवक क्लीनिक में दाखिल हुए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने करीब डेढ़ तोले की सोने की चेन लूट ली और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।

    घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें चार युवक मुंह पर कपड़ा बांधकर क्लीनिक में आते-जाते साफ दिखाई दे रहे हैं। डॉक्टर शुभम ने थाने में तहरीर देकर एक आरोपी को नामजद किया है।

    इंस्पेक्टर सतवीर सिंह अत्री के अनुसार, डॉक्टर का कुछ समय पहले एक पड़ोसी युवक से विवाद हुआ था, जिस एंगल पर भी जांच की जा रही है। वहीं, मेरठ एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।मेरठ क्लीनिक हमला की इस घटना ने शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • पीएम मोदी–जिनपिंग बैठक की पहली तस्वीरें आईं सामने

    पीएम मोदी–जिनपिंग बैठक की पहली तस्वीरें आईं सामने

    नई दिल्ली। भारत–चीन संबंधों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात की पहली तस्वीरें सामने आई हैं। दोनों नेताओं की यह बैठक कूटनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है।

    बैठक में सीमा विवाद, व्यापारिक संबंध और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। तस्वीरों में पीएम मोदी और जिनपिंग एक-दूसरे से हाथ मिलाते और मुस्कुराते हुए नजर आए।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात भारत–चीन संबंधों में नई दिशा तय कर सकती है।