कानपुर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले में 26 भारतीयों की जान जाने के बाद भारतीय सेना (OPERATION SINDOOR) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त हवाई हमले किए. इस कार्रवाई को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया है, जिसे लेकर पूरे देश में गर्व और भावुकता की लहर दौड़ पड़ी है.
इस ऑपरेशन की गूंज कानपुर तक सुनाई दी, जहां पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले शुभम द्विवेदी के परिवार ने इसे “न्याय” बताया. शुभम की पत्नी एशान्या, भाई सौरभ, और माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. उनका कहना है कि सेना ने शुभम के “सिंदूर” का बदला ले लिया. (OPERATION SINDOOR)
भावुक हुआ कानपुर, परिवार ने जताया गर्व कानपुर निवासी शहीद शुभम द्विवेदी के परिजनों के लिए यह क्षण गर्व और संतोष का संगम लेकर आया. जैसे ही भारतीय सेना की कार्रवाई की जानकारी मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आई, शुभम के घर में देशभक्ति के नारे गूंज उठे.
शुभम की पत्नी एशन्या ने कहा, “मुझे भरोसा था कि भारतीय सेना बदला जरूर लेगी. उन्होंने मेरे सिंदूर का बदला लिया है. ये सिर्फ मेरी नहीं, पूरे देश की जीत है.” उन्होंने सरकार से शुभम को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की.
शुभम के परिजनों से मिलने घर पहुंचे सतीश महाना सुबह होते ही उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना शुभम के परिजनों से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा, “सेना ने पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक कर न सिर्फ पहलगाम, बल्कि 26/11 और पुलवामा जैसे कायराना हमलों का भी हिसाब चुकता किया है.” साथ ही उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक शहीदों का ऋणी है और उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा.
शुभम द्विवेदी के परिजनों से मिलने पहुंचे सतीश महाना. (फोटो- Nation Now Samachar)
शुभम के भाई सौरभ ने कहा – ‘ये सिर्फ शुरुआत है’ शौर्य और दुख के इस मौके पर शुभम के भाई सौरभ ने कहा: “शुभम अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन आज उसकी आत्मा को सुकून मिला होगा. ये कार्रवाई हर भारतीय के मन में छिपे दर्द को आवाज देती है. ये सिर्फ शुरुआत है. आतंक का अंत होना बाकी है.”
लोगों ने मनाया जश्न कानपुर शहर में कई स्थानों पर लोगों ने आतिशबाजी और मिठाई बांटकर सेना की कार्रवाई का स्वागत किया. सोशल मीडिया पर शुभम के नाम के साथ #OperationSindoor, #JusticeForMartyrs, और #ShubhamDwivedi जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे.
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले का जवाब भारत ने (OPERATION SINDOOR) निर्णायक तरीके से दिया है. भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल स्ट्राइक की गई है. इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया, जो अब तक की सबसे साहसिक सैन्य कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है.
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई थी. इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)’ ने ली थी. हमले की क्रूरता ने पूरे देश को झकझोर दिया था और भारत सरकार ने जवाबी कार्रवाई का फैसला लिया.
ऑपरेशन सिंदूर: एक सुनियोजित सैन्य रणनीति विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मीडिया को जानकारी दी कि ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह से भारतीय सुरक्षा बलों की योजना के अनुसार अंजाम दिया गया. इस अभियान में विशेष भूमिका निभाने वाली दो महिला अधिकारी — लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह — ने ऑपरेशन के ब्योरे साझा किए.
OPERATION SINDOOR:
INDIAN ARMED FORCES CARRIED OUT PRECISION STRIKE AT TERRORIST CAMPS
➡️The Indian Armed Forces launched ‘OPERATION SINDOOR’, hitting terrorist infrastructure in Pakistan and Pakistan-occupied Jammu and Kashmir from where terrorist attacks against India have… pic.twitter.com/BNaC0qg9pT
कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य उन आतंकी ठिकानों को तबाह करना था जहां से भारत के खिलाफ आतंक की साजिशें रची जा रही थीं. उन्होंने बताया कि PoK और पाकिस्तान में स्थित 9 ठिकानों को टारगेट किया गया जिनमें लॉन्चपैड, ट्रेनिंग सेंटर्स और हथियारों के गोदाम शामिल थे.
विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया कि इस ऑपरेशन के तहत आतंकियों के लॉन्चपैड और प्रशिक्षण केंद्रों को सटीक रूप से निशाना बनाया गया. यह कार्रवाई देर रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच अंजाम दी गई. उन्होंने बताया कि सबसे पहले निशाना बना मुजफ्फराबाद स्थित सवाई नाला, जहां लश्कर-ए-तैयबा का बड़ा ट्रेनिंग सेंटर था. यहीं से सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम में हमला करने वाले आतंकी प्रशिक्षित हुए थे.
इसके अलावा, सैयदना बिलाल कैंप में आतंकियों को हथियारों के उपयोग, विस्फोटकों की हैंडलिंग और जंगलों में जीवित रहने की ट्रेनिंग दी जाती थी. एक अन्य महत्वपूर्ण ठिकाना था कोटली गुरपुर कैंप, जहां 2023 में पुंछ में श्रद्धालुओं पर हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों को तैयार किया गया था.
तबाह हुए प्रमुख आतंकी ठिकाने
सवाई नाला, मुजफ्फराबाद – लश्कर-ए-तैयबा का ट्रेनिंग कैंप जहां सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम हमलों के आतंकी प्रशिक्षित हुए.
सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद – हथियार, विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल की ट्रेनिंग दी जाती थी.
कोटली गुरपुर कैंप – पुंछ हमले के आतंकी यहां से प्रशिक्षित हुए थे.
मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर – जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय, जिसे मिसाइल हमले में निशाना बनाया गया.
रात के सन्नाटे में गरजीं भारतीय मिसाइलें यह ऑपरेशन देर रात 1:05 बजे से लेकर 1:30 बजे के बीच अंजाम दिया गया. सटीक टारगेटिंग और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ भारत ने इन ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया. सेना ने इन हमलों के वीडियो भी जारी किए हैं जिसमें साफ दिखाई देता है कि कैसे PoK और पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकाने ध्वस्त हुए.
मसूद अजहर के परिवार को बड़ा झटका भारत की इस कार्रवाई का असर जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर के परिवार पर भी पड़ा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर में उसके परिवार के 10 सदस्य और चार करीबी सहयोगी मारे गए हैं. खुद मसूद अजहर ने इस बात की पुष्टि की है और कहा कि “काश मैं भी इस हमले में मारा जाता.”
इस हमले में उसकी बड़ी बहन, मौलाना कशफ का पूरा परिवार, मुफ्ती अब्दुल रऊफ के पोते-पोतियां और सबसे बड़ी बेटी के चार बच्चे घायल हुए हैं. यह भारत की सैन्य रणनीति की सफलता का स्पष्ट संकेत है.
Markaz Subhan Allah, Bahawalpur (Punjab, Pakistan) was the headquarters of Jaish-e-Mohammad.
This facility was a key hub for orchestrating terror operations, including the Pulwama attack on Feb 14, 2019. The perpetrators of the bombing were trained at this very site.… pic.twitter.com/meg8qo0yaG
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि मजबूत विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा और मानवता की रक्षा के लिए की गई है. उन्होंने कहा कि भारत ने पहले दुनिया को आतंकवाद के बारे में आगाह किया था और अब उसने अपने नागरिकों की रक्षा के लिए यह निर्णायक कदम उठाया है.
इस ऑपरेशन की सराहना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों और सामरिक मामलों के जानकारों द्वारा की जा रही है. कई देशों ने भारत के आत्मरक्षात्मक अधिकार को सही ठहराया है और पाकिस्तान से आतंकवाद को समर्थन बंद करने की अपील की है.
महिला शक्ति की भूमिका इस ऑपरेशन में दो महिला अफसरों – लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह – की अहम भूमिका रही. कर्नल सोफिया ने जहां रणनीतिक टारगेटिंग का नेतृत्व किया, वहीं विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने एयरस्ट्राइक में अहम तकनीकी भूमिका निभाई. ये दोनों महिलाएं भारतीय सेना में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनकर सामने आई हैं.