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Tag: यातायात नियम

  • कानपुर देहात में सड़क सुरक्षा अभियान तेज, स्टंट करने वाले 216 बाइक सवारों पर कार्रवाई

    कानपुर देहात में सड़क सुरक्षा अभियान तेज, स्टंट करने वाले 216 बाइक सवारों पर कार्रवाई

    कानपुर देहात। सड़क पर नियमों की अनदेखी कर स्टंट करने वाले बाइक सवारों पर कानपुर देहात की यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को 216 दोपहिया चालकों का चालान काटा गया।

    वहीं, काली फिल्म लगी 31 कारों और जाति सूचक शब्द लिखने वाले 146 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई।

    जिले में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग लगातार अभियान चला रहे हैं। इसके बावजूद हादसों के आंकड़े चिंताजनक बने हुए हैं। जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच जिले में 558 सड़क दुर्घटनाओं में 478 लोग घायल और 309 की मौत हो चुकी है।

    परिवहन आयुक्त के निर्देश पर अभियान
    परिवहन आयुक्त के आदेश पर रविवार को जिलेभर में अभियान चलाया गया। यातायात प्रभारी राम बहादुर सिंह ने बताया कि बिना हेलमेट बाइक चलाने, सीट बेल्ट न लगाने और दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। लोगों को नियमों का पालन करने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि स्टंट करने वालों और तेज रफ्तार में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही स्कूल-कॉलेजों के पास विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि युवा वर्ग को दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।

    यातायात पुलिस ने जनता से अपील की है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें, और स्टंट या तेज रफ्तार से बचें, ताकि अपनी और दूसरों की जान सुरक्षित रखी जा सके।

  • “नो हेलमेट नो फ्यूल” 1 से 30 सितंबर तक यूपी में लागू नया नियम

    “नो हेलमेट नो फ्यूल” 1 से 30 सितंबर तक यूपी में लागू नया नियम

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में 1 सितंबर से 30 सितंबर तक “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बिना हेलमेट लगाए दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा।सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को दंडित करना नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है। जिलाधिकारी के नेतृत्व में अभियान का संचालन होगा और जिला सड़क सुरक्षा समिति (डीआरसीएस) इसका समन्वय करेगी। पुलिस, परिवहन विभाग और जिला प्रशासन प्रवर्तन की मुख्य जिम्मेदारी निभाएंगे।

    पहले हेलमेट फिर मिलेगा ईंधन “नो हेलमेट, नो फ्यूल”

    परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने कहा-नो हेलमेट, नो फ्यूल दंड का अभियान नहीं है, बल्कि सुरक्षा का संकल्प है। हेलमेट पहनना जीवन का सबसे आसान और सस्ता बीमा है। सरकार चाहती है कि ‘हेलमेट पहले, ईंधन बाद में’ को एक स्थायी नियम बनाया जाए।”

    तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों की भूमिका “नो हेलमेट, नो फ्यूल”

    इस अभियान को सफल बनाने के लिए आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी तेल विपणन कंपनियों से सहयोग मांगा गया है। पेट्रोल पंप संचालकों से अपील की गई है कि वे बिना हेलमेट वालों को ईंधन न दें और अभियान को पूरी तरह लागू करें। खाद्य एवं रसद विभाग पेट्रोल पंप स्तर पर समन्वय और निगरानी करेगा।

    ईंधन बिक्री पर असर नहीं “नो हेलमेट, नो फ्यूल”

    परिवहन विभाग का कहना है कि ऐसे अभियानों का पहले भी सकारात्मक असर देखा गया है। शुरुआत में थोड़ी असुविधा होती है, लेकिन जल्द ही लोग हेलमेट पहनकर पेट्रोल पंप आने लगते हैं। इससे ईंधन बिक्री पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता, बल्कि यह पहल नागरिकों की सुरक्षा और सड़क हादसों में कमी लाने का प्रभावी कदम है।