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Tag: यूपी राजनीति

  • कानपुर: बिल्हौर थाने में Bjp विधायक राहुल बच्चा सोनकर का बयान,”मस्जिदों में सूअर का मांस न मिले तो नाम बदल देना”

    कानपुर: बिल्हौर थाने में Bjp विधायक राहुल बच्चा सोनकर का बयान,”मस्जिदों में सूअर का मांस न मिले तो नाम बदल देना”

    कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिल्हौर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राहुल बच्चा सोनकर सोमवार देर रात बिल्हौर थाने पहुंचे, जहां उनका अंदाज़ और बयान चर्चा का विषय बन गया। थाने के अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों से बातचीत के दौरान विधायक ने जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया, उसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।

    थाने में विधायक का तीखा तेवर

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक राहुल बच्चा सोनकर देर रात बिल्हौर थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस कई लोगों को ठीक से नहीं जानती क्योंकि वह केवल ऑफिस में बैठकर नौकरी कर रही है। विधायक ने यह भी कहा कि उनका इतिहास भी “बहुत गंदा” रहा है और वे खुद को पूरी तरह साफ छवि वाला व्यक्ति नहीं मानते, जितना लोग समझते हैं

    बयान का वीडियो और चर्चा

    विधायक के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने बीजेपी और विधायक पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। इस मामले में कार्रवाई नहीं होने पर विधायक राहुल बच्चा बिल्हौर थाने पहुंचे और इलाके के पूरे मस्जिदों में सूअर का मांस फेंकने की धमकी दे डाली. इस मामले में जानवरों की कटाई करने वाली रहमान कुरैशी की फैक्ट्री को तत्काल सील कर दिया गया है. साथ ही प्रतिबंधित मांस की तस्करी करने के आरोप में 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है.

    फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और मांस के अवशेषों के सैंपल को जांच करने के लिए कलेक्ट किया.वहीं, इस मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार एडीसीपी कपिल देव सिंह मौके पर पहुँचे. पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने गौ वंस वाले मामले में लापरवाही बरतने पर चार पुलिस कर्मियों निलंबित कर दिया है. बिल्हौर इंस्पेक्टर अशोक कुमार सरोज ,चौकी इंचार्ज प्रेमवीर, हल्का इंचार्ज आफताब आलम हेड कांस्टेबल दिलीप गंगवार को इस मामले में निलंबित किया गया है.

  • मेरठ दौरे पर अखिलेश यादव ने पहना ब्लैक कोट, जिला पंचायत सदस्य ने गिफ्ट किया

    मेरठ दौरे पर अखिलेश यादव ने पहना ब्लैक कोट, जिला पंचायत सदस्य ने गिफ्ट किया

    मेरठ में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का हाल ही में हुआ दौरा चर्चा का विषय बना हुआ है। इस दौरान उन्होंने ब्लैक कलर का कोट पहना, जो न केवल उनके स्टाइल को उभार रहा था, बल्कि राजनीतिक और व्यक्तिगत जुड़ाव का प्रतीक भी माना जा रहा है।

    इस ब्लैक कोट का खास महत्व है। बताया जा रहा है कि लगभग 20 दिन पहले मेरठ के विद्यार्थी खादी भंडार से अखिलेश यादव को यह कोट पसंद आया था। तब उन्होंने इसे देखा और वार्ड नंबर-14 से जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक को यह कोट पहने देखा। कुछ ही समय बाद, यही कोट उन्हें गिफ्ट के रूप में दिया गया।

    अखिलेश यादव ने मेरठ दौरे के दौरान यह कोट पहनकर आम जनता और मीडिया के बीच अपने स्टाइल और सादगी का मिश्रण दिखाया। सोशल मीडिया पर भी यह तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेता के स्टाइल और पहनावे पर भी लोगों की नजर रहती है, और यह कोट अखिलेश यादव के व्यक्तित्व को और भी प्रभावशाली बनाता है।

    जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक ने इस गिफ्ट के माध्यम से न केवल व्यक्तिगत सम्मान व्यक्त किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि नेताओं और आम जनता के बीच संवाद और सहयोग कितना महत्वपूर्ण होता है। खादी भंडार का यह कोट स्थानीय स्तर पर उत्पादन और हस्तशिल्प को भी बढ़ावा देने वाला प्रतीक बन गया है।

    मेरठ दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने स्थानीय नेताओं और समर्थकों से मुलाकात की, साथ ही जनता से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने राजनीतिक एजेंडे और आगामी योजनाओं पर चर्चा भी की। उनके स्टाइलिश ब्लैक कोट ने इस दौरे की तस्वीरों में एक अलग पहचान बनाई और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

    इस तरह, अखिलेश यादव ब्लैक कोट सिर्फ फैशन का प्रतीक नहीं बल्कि राजनीतिक सादगी और स्थानीय समर्थन का भी संदेश दे रहा है। जनता और समर्थकों के बीच इस कोट की कहानी अब लंबे समय तक याद रहेगी।

  • सीरप कांड में सपा नेताओं की मिलीभगत का आरोप, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का बड़ा बयान

    सीरप कांड में सपा नेताओं की मिलीभगत का आरोप, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का बड़ा बयान

    उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित सीरप मामले में सपा नेताओं की मिलीभगत को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राज्य के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस पूरे प्रकरण में सपा नेताओं का सीधा कनेक्शन सामने आ रहा है। मंत्री ने दावा किया कि आरोपियों की तस्वीरें समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ मौजूद हैं, जिससे मिलीभगत स्पष्ट होती है।

    दयाशंकर सिंह ने कहा कि यह मामला केवल अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक संरक्षण की भी आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर नकली या संदिग्ध सीरप से जुड़े आरोप हैं, उनके संबंध सपा के प्रभावशाली नेताओं से रहे हैं। मंत्री के अनुसार, तस्वीरें और सार्वजनिक मंचों पर मौजूदगी इस बात का प्रमाण हैं कि आरोपी अकेले नहीं थे।

    परिवहन मंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान योगी सरकार इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शने के मूड में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही हैं और चाहे कोई भी कितना ही बड़ा नेता क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है।

    सीरप मामले में सपा नेताओं की मिलीभगत के आरोपों के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से भी पलटवार देखने को मिला है। सपा नेताओं ने इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है और कहा है कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बयान दे रही है।

    इस पूरे विवाद के बीच मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। जहां भाजपा इसे पिछली सरकारों के दौरान पनपे भ्रष्टाचार का उदाहरण बता रही है, वहीं सपा इसे भाजपा की विफलताओं से ध्यान हटाने की रणनीति करार दे रही है।

    फिलहाल सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि जांच प्रक्रिया जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में जांच की दिशा क्या मोड़ लेती है, इस पर प्रदेश की राजनीति की नजरें टिकी हुई हैं।

  • UP News : मर्सिडीज से गमला चोरी पर CM योगी की टिप्पणी, अखिलेश यादव का तीखा हमला

    UP News : मर्सिडीज से गमला चोरी पर CM योगी की टिप्पणी, अखिलेश यादव का तीखा हमला

    UP News : लखनऊ। राजधानी लखनऊ में हुए एक दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जी-20 शिखर सम्मेलन से जुड़ी एक रोचक और चौंकाने वाली घटना साझा की। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान शहर को सजाने के लिए लगाए गए गमलों में से कुछ गमले एक व्यक्ति मर्सिडीज कार में आकर उठा ले गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड भी हुई।

    सीएम योगी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में मौजूद मूल्यों और नैतिकता की कमी की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ एक ओर अंतरराष्ट्रीय अतिथि भारत की मेहमाननवाज़ी और स्वच्छता की सराहना कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग सार्वजनिक संपत्ति को अपना समझकर उठा ले जा रहे थे। मुख्यमंत्री ने इसे सामाजिक चेतना की कमी और “व्यक्ति–प्रधान मानसिकता” का उदाहरण बताया।


    अखिलेश यादव का पलटवार: “मर्सिडीज़ वालों से बुलडोज़र डरता है क्या?”

    सीएम योगी के इस बयान के बाद सियासी माहौल भी गर्म हो गया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने X (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए तंज कसा“मर्सिडीज़ वालों से बुलडोज़र डरता है क्या, या अमीरों को विशेष छूट?”अखिलेश का यह बयान अप्रत्यक्ष रूप से सरकार पर हमला था, जिसमें उन्होंने कानून के समान अनुपालन पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि अगर गमला चोरी जैसी घटना किसी गरीब या आम नागरिक ने की होती, तो कार्रवाई होती, लेकिन मर्सिडीज कार से जुड़ी घटना पर सरकार की तरफ से कोई बुलडोज़र कार्रवाई नहीं हुई।


    राजनीतिक टकराव का नया मुद्दा

    सीएम योगी की टिप्पणी मूल रूप से सामाजिक मूल्यों पर सवाल उठाने के लिए थी, लेकिन अखिलेश यादव ने इसे राजनीतिक रंग दे दिया। इससे यूपी की राजनीति में एक बार फिर “बुलडोज़र मॉडल”, “अमीर–गरीब के लिए अलग कानून” और “कानून-व्यवस्था” जैसे मुद्दे फिर से सुर्खियों में आ गए।विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी मौसम में ऐसी बयानबाज़ी सिर्फ विवाद नहीं बढ़ाती, बल्कि राजनीतिक मैदान में नए नैरेटिव भी गढ़ती है।

  • कानपुर देहात में जिला विकास समन्वय समिति की बैठक में हंगामा, सांसद और पूर्व सांसद में तीखी झड़प

    कानपुर देहात में जिला विकास समन्वय समिति की बैठक में हंगामा, सांसद और पूर्व सांसद में तीखी झड़प

    कानपुर देहात। जिला विकास समन्वय समिति की बैठक के दौरान रविवार को बड़ा हंगामा खड़ा हो गया, जब मौजूदा सांसद देवेंद्र सिंह भोले और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया।बैठक में मौजूद अफसरों और जनप्रतिनिधियों के बीच कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।

    सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान विकास कार्यों को लेकर चर्चा चल रही थी, तभी दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक को मौके पर पहुंचना पड़ा। अधिकारियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया।

    हंगामे के दौरान समिति के कई सदस्य और अफसरों ने दोनों नेताओं को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ता गया। हालांकि बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप से बैठक को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कराया गया।स्थानीय सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच यह विवाद पुराने राजनीतिक मतभेदों को लेकर है, जो अब सार्वजनिक मंच पर फूट पड़ा। इस घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का माहौल है।जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और बैठक के बाद सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी अपने-अपने कार्यों में लौट गए हैं।

  • इकरा हसन का जन्मदिन, डिंपल यादव ने काटा केक, अखिलेश यादव ने दिया खास तोहफा

    इकरा हसन का जन्मदिन, डिंपल यादव ने काटा केक, अखिलेश यादव ने दिया खास तोहफा

    लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का एक अलग अंदाज़ उस वक्त देखने को मिला, जब उन्होंने इकरा हसन को उनके जन्मदिन पर खास अंदाज़ में बधाई दी। राजधानी लखनऊ के एक फाइव स्टार होटल में इकरा हसन का बर्थडे सेलिब्रेशन आयोजित किया गया। इस मौके पर अखिलेश यादव ने इकरा हसन को 100 रुपये का नोट गिफ्ट में थमाया, जिसे देखकर इकरा शर्म से लाल हो गईं। इकरा हसन का जन्मदिन

    सोशल मीडिया पर इस मौके की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। समर्थकों के बीच अखिलेश यादव का यह अंदाज़ चर्चा का विषय बना हुआ है।कार्यक्रम में पार्टी के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इकरा हसन ने सभी का आभार जताया और कहा कि यह जन्मदिन उनके लिए बेहद खास बन गया। जैसे ही केक सामने आया, सभी सांसद एक स्वर में इकरा हसन को हैप्पी बर्थडे विश करने लगे। वहां मौजूद सांसदों ने तालियां बजाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया। इसी बीच, अखिलेश यादव ने 100 रुपए का नोट निकाला और इकरा को जन्मदिन पर गिफ्ट किया। यह देखकर वहां मौजूद सभी लोग हंसने लगे। इकरा हसन का जन्मदिन

    इकरा ने शेयर कीं तस्‍वीरें इकरा हसन का जन्मदिन

    जन्‍मदिन की तस्‍वीरें अपने X अकाउंट पर शेयर करते हुए इकरा हसन ने सभी का आभार जताया है। उन्‍होंने लिखा- ‘मेरे जन्मदिवस के अवसर पर लखनऊ में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अखिलेश यादव एवं पार्टी के सभी सम्मानित सांसदों एवं नेताओं द्वारा जो स्नेह, आशीर्वाद और प्यार मुझे मिला, उसके लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। आपका यह विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है, जो मुझे समाज और जनता की सेवा के लिए और अधिक समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद यूं ही बना रहे, मैं खुदा से यही कामना करती हूं।’

  • ‘अनिरुद्धाचार्य नहीं धर्म के ठेकेदार’, स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से सियासत गरमाई, मायावती संग आने के संकेत

    ‘अनिरुद्धाचार्य नहीं धर्म के ठेकेदार’, स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से सियासत गरमाई, मायावती संग आने के संकेत

    UP News: बस्ती मंडल में आयोजित विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा। सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में लोक मोर्चा के संयोजक और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि “यूपी बचाओ, बीजेपी हटाओ” अब आंदोलन का नारा बन चुका है और 2027 में बीजेपी को सत्ता से बेदखल करना ही लक्ष्य होगा।स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से सियासत गरमाई

    मौर्य ने सम्मेलन के दौरान देश के चर्चित संत अनिरुद्धाचार्य द्वारा महिलाओं पर की गई टिप्पणी का विरोध करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति को हमेशा सर्वोपरि स्थान दिया गया है। देवियों के रूप में नारी की पूजा होती रही है, ऐसे में संतों द्वारा महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाना घोर निंदनीय है। स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से सियासत गरमाई

    उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि किसी भी नारी की स्वतंत्रता और आजादी का कोई संत ठेका नहीं ले सकता। हर महिला किसी मां के गर्भ से जन्म लेती है, धर्माचार्यों की भी बहनें और बेटियां होती हैं, तो वे महिलाओं को शक की नजर से क्यों देखते हैं। मौर्य ने स्पष्ट किया कि धर्म के ठेकेदारों को अपने आचरण में सुधार लाना चाहिए, वरना समाज उनका सम्मान नहीं करेगा।

    इस सम्मेलन से साफ हो गया कि स्वामी प्रसाद मौर्य न केवल बीजेपी सरकार के खिलाफ सियासी मोर्चा खोले हुए हैं, बल्कि नारी सम्मान के मुद्दे पर भी बड़ा संदेश दे रहे हैं।स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से सियासत गरमाई

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    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/satyam-trivedi-of-kanpur-spoke-while-crying-in-front-of-akhilesh-yadav-know-what-is-the-whole-matter/
  • अखिलेश यादव के सामने रोते हुए बोला कानपुर का सत्यम त्रिवेदी, जानिए क्या है पूरा मामला

    अखिलेश यादव के सामने रोते हुए बोला कानपुर का सत्यम त्रिवेदी, जानिए क्या है पूरा मामला

    कानपुर। इंस्पेक्टर पर पिटाई करने का आरोप लगाने वाला युवक सपा नेता के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास लखनऊ पहुंचा और रो पड़ा। उसने कहा कि इंस्पेक्टर ने जाति विशेष को लेकर अपमानित किया और जमीन पर बैठाकर पीटा। पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। कानपुर का सत्यम त्रिवेदी

    पनकी के रतनपुर निवासी सत्यम त्रिवेदी ने बताया कि पड़ोसी से 25 अप्रैल को घर के बाहर की नाली को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्ष पनकी थाने पहुंचे, जहां एक पक्ष ने पड़ोसी को कुर्सी पर बैठाने और उन्हें जमीन पर बैठाने का आरोप लगाया

    आरोप है कि पनकी इंस्पेक्टर मानवेन्द्र सिंह ने जाति विशेष शब्दों का प्रयोग कर पीटा व गाली-गलौज कर अपमानित किया। कहीं सुनवाई न होने पर शुक्रवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय भी पहुंचे। इसके बाद मामले की जांच एडीसीपी पश्चिम को सौंपी गई। कानपुर का सत्यम त्रिवेदी

    सोमवार को कानपुर महानगर के युवजन सभा अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी ने पनकी थाना अध्यक्ष द्वारा अप्रैल में सत्यम त्रिवेदी को पनकी थानाध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह द्वारा जूतों से मारते हुए जातिसूचक गालियां दी गयी थी। जिसकी सूचना कानपुर महानगर के युवजन सभा अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी ने सपा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को इस मामले की जानकारी दी। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें सत्यम त्रिवेदी के साथ लखनऊ बुलाया, जहां सत्यम रो पकड़े और आपबीती बता इंस्पेक्टर पर पिटाई का आरोप लगाया। कानपुर का सत्यम त्रिवेदी

    पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि पार्टी न्याय दिलाने का काम करेगी। कार्रवाई भी कराएंगे। वहीं, इंस्पेक्टर मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि सत्यम का पड़ोसी से विवाद हुआ तो उसने उनसे मारपीट की थी। सत्यम पर पहले से ही पनकी, गुजैनी थाने समेत थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके आरोप झूठे हैं।कानपुर का सत्यम त्रिवेदी