Nation Now Samachar

Tag: यूपी सरकार

  • हाथरस के सासनी के प्रसिद्ध अमरूद देख गदगद हुए सीएम योगी, 2 किलो का अमरूद बना आकर्षण

    हाथरस के सासनी के प्रसिद्ध अमरूद देख गदगद हुए सीएम योगी, 2 किलो का अमरूद बना आकर्षण

    उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले का सासनी क्षेत्र अपने प्रसिद्ध अमरूद के लिए जाना जाता है। हाल ही में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सासनी के अमरूद की 15 से अधिक प्रजातियां देखीं, तो वे खुद को सराहना से रोक नहीं सके। सासनी के अमरूद की गुणवत्ता, आकार और विविधता ने मुख्यमंत्री को गदगद कर दिया।

    15 से अधिक प्रजातियों ने खींचा ध्यान

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने सासनी क्षेत्र में उगाए जा रहे विभिन्न प्रकार के अमरूद प्रस्तुत किए गए। इनमें अलग-अलग स्वाद, रंग और आकार के अमरूद शामिल थे। बागवानी विशेषज्ञों और किसानों ने सीएम को बताया कि यहां पारंपरिक किस्मों के साथ-साथ उन्नत प्रजातियों की भी खेती की जा रही है, जो स्थानीय किसानों की आय का प्रमुख साधन हैं।

    दो किलो का अमरूद बना आकर्षण

    प्रदर्शित अमरूदों में करीब दो किलो वजनी एक विशाल अमरूद ने सभी का ध्यान खींचा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसे हाथ में लेकर न सिर्फ देखा, बल्कि उस पल को यादगार बनाते हुए फोटो भी खिंचवाई। इसके बाद उन्होंने अमरूद की पैदावार, लागत, सिंचाई व्यवस्था और बाजार तक पहुंच से जुड़ी जानकारियां भी बारीकी से लीं।

    बागवानों की चिंता सीएम तक पहुंची

    इस अवसर पर सासनी विधायक अंजुला माहौर ने अमरूद के उजड़ते बागों और बागवानों की समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। उन्होंने बताया कि पानी की कमी, मिट्टी में नमी घटने और बदलते मौसम के कारण लगातार अमरूद के बाग प्रभावित हो रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

    किसानों के साथ साझा की चुनौतियां

    विधायक अंजुला माहौर बागवानी करने वाले किसानों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री से मिलीं। उन्होंने अमरूद से भरी एक टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की, जिसमें 15 से अधिक प्रजातियों के अमरूद शामिल थे। किसानों ने सीएम को बताया कि यदि समय रहते संरक्षण और सहायता नहीं मिली, तो सासनी की पहचान बने अमरूद के बाग समाप्त होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।

    प्रस्ताव बनाने का मिला आश्वासन

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बागवानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने विधायक से कहा कि अमरूद की बागवानी को बचाने और किसानों की मदद के लिए एक प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए, ताकि सरकार स्तर पर उचित कार्रवाई की जा सके।सासनी के अमरूद न सिर्फ हाथरस, बल्कि पूरे प्रदेश की पहचान हैं। यदि संरक्षण और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिले, तो यह क्षेत्र बागवानी के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर सकता है।

  • बाराबंकी में CM योगी ने 1734 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया

    बाराबंकी में CM योगी ने 1734 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया

    बाराबंकी में CM योगी आदित्यनाथ बुधवार को फतेहपुर पहुंचे, जहाँ उन्होंने 1734 करोड़ रुपये की 254 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। दिल्ली ब्लास्ट की घटना के बाद मुख्यमंत्री का यह पहला दौरा था, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया। पूरे इलाके में पुलिस और पीएसी के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे।

    कार्यक्रम से पहले CM योगी ने X पर पोस्ट कर बाराबंकी दौरे के महत्व को बताया। उन्होंने लिखा कि “श्री लोधेश्वर महादेव जी की कृपा से अभिसिंचित जनपद बाराबंकी आज ‘समग्र विकास’ के एक नए युग का साक्षी बनने जा रहा है।” साथ ही सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह अभियान के तहत इन परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास को ऐतिहासिक कदम बताया।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इन विकास परियोजनाओं से जिले की आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा। कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए, ताकि उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।

    कार्यक्रम के दौरान एक भावुक क्षण तब देखने को मिला जब CM योगी मंच के पास मौजूद बच्चियों और बच्चों से मिले। उन्होंने एक बच्चे को गोद में उठाकर दुलारा और उसके हाथ में खिलौना देकर स्नेह दिखाया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

    जिला प्रशासन ने पूरे दौरे को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए थे। अधिकारियों ने बताया कि आगे भी बाराबंकी में विकास कार्यों की गति तेज रहेगी।

  • “नो हेलमेट नो फ्यूल” 1 से 30 सितंबर तक यूपी में लागू नया नियम

    “नो हेलमेट नो फ्यूल” 1 से 30 सितंबर तक यूपी में लागू नया नियम

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में 1 सितंबर से 30 सितंबर तक “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बिना हेलमेट लगाए दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा।सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को दंडित करना नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है। जिलाधिकारी के नेतृत्व में अभियान का संचालन होगा और जिला सड़क सुरक्षा समिति (डीआरसीएस) इसका समन्वय करेगी। पुलिस, परिवहन विभाग और जिला प्रशासन प्रवर्तन की मुख्य जिम्मेदारी निभाएंगे।

    पहले हेलमेट फिर मिलेगा ईंधन “नो हेलमेट, नो फ्यूल”

    परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने कहा-नो हेलमेट, नो फ्यूल दंड का अभियान नहीं है, बल्कि सुरक्षा का संकल्प है। हेलमेट पहनना जीवन का सबसे आसान और सस्ता बीमा है। सरकार चाहती है कि ‘हेलमेट पहले, ईंधन बाद में’ को एक स्थायी नियम बनाया जाए।”

    तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों की भूमिका “नो हेलमेट, नो फ्यूल”

    इस अभियान को सफल बनाने के लिए आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी तेल विपणन कंपनियों से सहयोग मांगा गया है। पेट्रोल पंप संचालकों से अपील की गई है कि वे बिना हेलमेट वालों को ईंधन न दें और अभियान को पूरी तरह लागू करें। खाद्य एवं रसद विभाग पेट्रोल पंप स्तर पर समन्वय और निगरानी करेगा।

    ईंधन बिक्री पर असर नहीं “नो हेलमेट, नो फ्यूल”

    परिवहन विभाग का कहना है कि ऐसे अभियानों का पहले भी सकारात्मक असर देखा गया है। शुरुआत में थोड़ी असुविधा होती है, लेकिन जल्द ही लोग हेलमेट पहनकर पेट्रोल पंप आने लगते हैं। इससे ईंधन बिक्री पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता, बल्कि यह पहल नागरिकों की सुरक्षा और सड़क हादसों में कमी लाने का प्रभावी कदम है।