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Tag: राजनीति

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले की गाड़ी ने DSP को पीछे से मारी टक्कर

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले की गाड़ी ने DSP को पीछे से मारी टक्कर

    दीदारगंज।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कारकेड से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें सुरक्षा काफिले में शामिल एक स्कॉर्पियो वाहन ने ड्यूटी पर तैनात DSP को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस घटना में कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ, लेकिन यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।यह पूरा मामला दीदारगंज इलाके का बताया जा रहा है, जहां से घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री के कारकेड में शामिल एक स्कॉर्पियो अचानक आगे बढ़ती है और सामने मौजूद DSP को टक्कर मार देती है। टक्कर लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना बेहद गंभीर हो सकती थी, लेकिन समय रहते संतुलन बनने से DSP की जान बच गई। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाला और कारकेड को आगे बढ़ाया गया।इस पूरे घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में चूक को लेकर बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि जब मुख्यमंत्री का काफिला गुजर रहा था, तो इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, स्कॉर्पियो चालक की लापरवाही या गलत अनुमान के चलते यह टक्कर हुई।

    फिलहाल इस मामले में पुलिस स्तर पर जांच की बात कही जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि वाहन चालक ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया या नहीं। घटना में शामिल वाहन और ड्राइवर की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को शेयर करते हुए मुख्यमंत्री की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे बड़ी चूक बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।हालांकि, इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह साफ है कि थोड़ी सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती थी

  • Bihar band aaj NDA : बिहार बंद आज — NDA का प्रदर्शन और रविशंकर प्रसाद की प्रतिक्रिया

    Bihar band aaj NDA : बिहार बंद आज — NDA का प्रदर्शन और रविशंकर प्रसाद की प्रतिक्रिया

    Bihar band aaj NDA ; 4 सितंबर 2025 को बिहार में एनडीए (NDA) ने पांच घंटे का बिहार बंद बुलाया। यह विरोध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता के खिलाफ महागठबंधन के किसी मंच पर कही गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ था। इस बंद का नेतृत्व भाजपा महिला मोर्चा और एनडीए की अन्य समर्थक महिलाओं ने किया। इसमें मुख्य भूमिका भाजपा नेता एवं केंद्रीय सांसद रविशंकर प्रसाद ने निभाई, जिन्होंने प्रतिरोध के स्वर में तीखी टिप्पणियाँ कीं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे—बंद का असर, प्रशासनिक प्रतिबिंब, रविशंकर प्रसाद का बयान, और राजनीतिक पटल पर इसकी गूंज।

    1. बंद का ऐलान और उद्देश्य

    • एनडीए ने 4 सितंबर 2025, सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक का बिहार बंद बुलाया। इसका उद्देश्य था—प्रमोद की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर विरोध जताना।
    • बंद के नेतृत्व में शामिल थे—भाजपा महिला मोर्चा, जदयू महिला मोर्चा, लोजपा (रा.), हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा), राष्ट्रीय लोक मोर्चा की महिलाएं।

    2. बंद के दौरान क्या खुला और बंद रहा

    • आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं और रेलवे जैसी आवश्यक सेवाएं नियमित रहीं; परंतु स्कूल, कार्यालय और परिवहन सेवाओं में व्यापक व्यवधान रहा।

    3. बंद का प्रभाव और प्रदर्शन

    “बिहार बंद आज NDA ;

    • पटना, गया जैसे प्रमुख शहरों में सड़क जाम और प्रदर्शन देखे गए। कई जगहों पर ट्रेन रोकी गई, शॉपिंग और सार्वजनिक गतिविधियाँ ठप रहीं।
    • दानापुर में आगजनी की घटनाएं हुईं; बाजार और चौराहों पर उसका असर रहा।

    4. रविशंकर प्रसाद का तीखा बयान

    Bihar band aaj NDA
    • भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने इस बंद के माध्यम से विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मतदाता सूची पुनरीक्षण मामले पर दबाव बनाने के लिए सड़कों पर उतर रहा है।
    • उनका सवाल था—“जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है, तब विपक्ष क्यों प्रदर्शन कर रहा है? क्या उनका उद्देश्य अवैध मतदाताओं को वोटर लिस्ट में बनाए रखना है?”
    • उन्होंने मतदाता सूची की पारदर्शिता की बात की और कहा कि अधिकांश लोग स्वयं मतदाता सूची में अपना विवरण अपडेट कर चुके हैं।
    • एक अन्य मौके पर उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि क्या वे चाहते हैं “घुसपैठिए” मतदाता सूची में बने रहें—जिससे यह सवाल राजनीति निर्माण का हिस्सा है।

    5. प्रतिपक्ष की प्रतिक्रिया और बयानबाजी

    • तेजस्वी यादव ने इस घटना की निंदा की, कहा कि मां के खिलाफ अपमान अस्वीकार्य है और व्यक्तिगत हमले लोकतांत्रिक परिधि पर हावी नहीं होने चाहिए।
    • हालांकि उनका बयान सीधे इस बंद के संदर्भ में नहीं था, लेकिन भावनात्मक और राजनीतिक प्रतिवाद का हिस्सा बना।

    राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

    बंद का महत्व:

    • लोकतांत्रिक चेतना और सम्मान की राजनीति;
    • मुखर विरोध का प्रदर्शन: महिलाएं प्रमुख भूमिका में;
    • आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के प्रक्षेपवक्र पर असर।

    प्रशासनिक चुनौतियां:

    • स्कूल, कार्यालय और परिवहन बाधित;
    • लेकिन सेवाओं में चुस्त कार्यक्रम को रक्षा मिली।

    राजनीतिक संदेश:

    • रविशंकर प्रसाद का बयान सुप्रीम कोर्ट और चुनावी प्रक्रिया पर विपक्ष के संदेह को रेखांकित करता है;
    • बंद ने विपक्ष के राजनीतिक रणनीतियों पर सवाल खड़े किए।

    निष्कर्ष

    आज का बिहार बंद एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश था—यह मजबूत, सुनियोजित और NDA का विपक्ष विरोधी प्रदर्शन था। रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर सुप्रीम कोर्ट में मुद्दा विचाराधीन होने के बावजूद सड़क राजनीति करने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने विरोध को असंवेदनशील और अपमानजनक घटना के खिलाफ मानवीय और संवैधानिक प्रतिक्रिया बताया।

    भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह घटना आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को कैसे प्रभावित करती है—क्या यह NDA को गति देगी, या विपक्ष के लिए प्रतिक्रिया का मंच बनेगी? आपकी राय या प्रतिक्रिया इस विषय पर क्या है? कृपया नीचे टिप्पणी करके साझा करें।

    Read more: Ramswaroop Memorial University में छात्रों पर लाठीचार्ज, प्रशासनिक गाज और राजनीतिक विडंबना

  • राहुल गांधी की चुनाव अधिकारियों को धमकी – ‘आप कहीं भी हों, हम नहीं छोड़ेंगे’

    राहुल गांधी की चुनाव अधिकारियों को धमकी – ‘आप कहीं भी हों, हम नहीं छोड़ेंगे’

    नई दिल्ली –कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर अपने तीखे और विवादित बयान से सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। इस बार निशाने पर रहे चुनाव आयोग के अधिकारी। राहुल गांधी ने खुले मंच से चुनाव अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा –
    “आप जहां भी होंगे, हम आपको ढूंढ निकालेंगे और छोड़ेंगे नहीं।”

    राहुल गांधी का यह बयान हाल ही में संपन्न उपचुनावों में कथित धांधली और निष्पक्षता को लेकर आया है। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों ने सरकार के दबाव में काम किया और लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाई।

    कांग्रेस ने जताई नाराज़गी, भाजपा ने किया पलटवार राहुल गांधी की चुनाव अधिकारियों को धमकी

    राहुल गांधी के इस बयान के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी प्रवक्ताओं ने इसे “लोकतंत्र के संस्थानों पर हमला” बताया और चुनाव आयोग से इस बयान पर संज्ञान लेने की मांग की है।

    चुनाव आयोग की चुप्पी बनी सवाल राहुल गांधी की चुनाव अधिकारियों को धमकी

    विवाद के बीच चुनाव आयोग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यदि आयोग इस मामले में चुप रहा, तो यह लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख पर असर डाल सकता है।

    सियासत गरमाई, सोशल मीडिया पर भी बहस राहुल गांधी की चुनाव अधिकारियों को धमकी

    राहुल गांधी का यह बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है। समर्थक इसे ईमानदारी की आवाज बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत कह रहे हैं।

  • मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

    मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

    मैनपुरी: जिले में सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का प्रयास कर रही है। मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन

    भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन

    समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि गरीब और ग्रामीण बच्चे पढ़-लिख न सकें, ताकि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के काबिल न बनें। प्रदर्शन के दौरान मौजूद सपा विधायक बृजेश कठेरिया ने कहा:”भाजपा सरकार एक ओर सरकारी स्कूल बंद कर रही है और दूसरी ओर गांव-गांव में शराब के ठेके खोलकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।”

    राज्यपाल को भेजा गया ज्ञापन मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन

    सपा प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि बंद हो रहे सभी प्राथमिक और जूनियर स्कूलों को पुनः संचालित किया जाए ताकि शिक्षा के अधिकार का हनन न हो।

    जिले में बना राजनीतिक माहौल मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन

    इस मुद्दे को लेकर जिले में राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। समाजवादी पार्टी इसे जनविरोधी नीति बताते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी है।