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  • रायबरेली: ई-रिक्शे में सवारियों से चैन, मंगलसूत्र और पर्स उड़ा कर फरार होने वाला गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ा

    रायबरेली: ई-रिक्शे में सवारियों से चैन, मंगलसूत्र और पर्स उड़ा कर फरार होने वाला गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ा

    रायबरेली, उत्तर प्रदेश। शहर में टप्पेबाज़ी की बढ़ती घटनाओं के बीच पुलिस ने एक हापुड़ और दिल्ली मूल के शातिर गैंग को गिरफ्तार किया है। गैंग में दो पुरुष और पांच महिलाएं शामिल थीं, जो भीड़-भाड़ वाले इलाकों में ई-रिक्शे पर सवारियों को निशाना बनाकर चैन, मंगलसूत्र और पर्स छीनकर फरार हो रहे थे।

    घटना का तरीका
    शहर के कोतवाली इलाके में हुई कई टप्पेबाज़ी की घटनाओं में महिलाएं सवारियों के साथ ई-रिक्शे पर बैठकर पहले बच्चे या किसी अन्य बहाने से सवारी को उलझाती थीं, और इसी दौरान उनके जेवर या पर्स उड़ा लेती थीं। फिर वह आरोपित महिलाएं अपने साथियों द्वारा लाए गए एर्टिगा वाहन में बैठकर शिकार को छोड़ते हुए अस्थायी ठिकाने पर ले जाती थीं।

    पुलिस ने कैसे पकड़ा गैंग
    सीओ सदर ने इस तरह की घटनाओं पर तुरंत ध्यान दिया और कोतवाली पुलिस व एसओजी को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा। टीम ने इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूत्रों के माध्यम से आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में गैंग के सदस्यों ने अपने अपराध का पूरा तरीका पुलिस के सामने खोल दिया।

    बरामद सामान और आगे की कार्रवाई
    अधिकारी बताते हैं कि आरोपियों के कब्जे से लुटा हुआ सामान बरामद किया गया है। पुलिस अब इस गैंग की पूरा नेटवर्क और अन्य संभावित शिकारों की जांच कर रही है।पुलिस ने जनता से अपील की है कि भीड़-भाड़ वाले इलाकों में अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

  • रायबरेली: शरद पूर्णिमा पर बाबा घिसियावन दास कुटी में दमा रोगियों को वितरित होगी औषधीय खीर

    रायबरेली: शरद पूर्णिमा पर बाबा घिसियावन दास कुटी में दमा रोगियों को वितरित होगी औषधीय खीर

    रायबरेली के महाराजगंज क्षेत्र के गंगापुर खेखरुवा स्थित बाबा घिसियावन दास कुटी में हर साल की तरह इस बार भी शरद पूर्णिमा के अवसर पर दमा रोगियों को औषधीय खीर का प्रसाद वितरित किया जाएगा। यह परंपरा करीब 150 वर्षों से लगातार चली आ रही है, जिसमें हजारों श्रद्धालु और मरीज आस्था के साथ शामिल होते हैं।

    कुटी के वर्तमान महंत राम बचन दास इस विशेष खीर प्रसाद को तैयार करते हैं। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों में औषधीय गुण आ जाते हैं। इसलिए यह खीर रात भर चाँदनी में रखी जाती है, जिससे इसमें प्राकृतिक ऊर्जा का संचार होता है। इसे खाने से दमा और श्वास संबंधी रोगों में राहत मिलती है।

    महंत राम बचन दास केवल खीर ही नहीं, बल्कि इसके साथ एक विशेष पेड़ की जड़ और जड़ी-बूटियाँ भी वितरित करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन औषधीय तत्वों से खीर का प्रभाव और बढ़ जाता है।

    हर वर्ष यहाँ दूर-दराज़ जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं। आंकड़ों के अनुसार, प्रति वर्ष चार से पाँच सौ से अधिक मरीज इस प्रसाद को ग्रहण करते हैं और कई लोगों ने इससे लाभ मिलने की बात भी कही है।लोगों का विश्वास है कि यह बाबा घिसियावन दास की दी हुई अमूल्य परंपरा है, जो आज भी लोगों के स्वास्थ्य और आस्था दोनों को मजबूत बना रही है।