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  • Monalisa: महाकुंभ में माला बेचने वाली मोनालिसा बनी स्टार, पहली फिल्म का ऐलान “द डायरी ऑफ मणिपुर”

    Monalisa: महाकुंभ में माला बेचने वाली मोनालिसा बनी स्टार, पहली फिल्म का ऐलान “द डायरी ऑफ मणिपुर”

    Monalisa: महाकुंभ में माला बेचने वाली मोनालिसा आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। कभी धार्मिक मेले में श्रद्धालुओं को माला बेचने वाली यह साधारण लड़की अब फिल्मी दुनिया में कदम रखने जा रही है। महाकुंभ की माला बेचने वाली मोनालिसा की कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो यह साबित करती है कि किस्मत कब और कैसे बदल जाए, कोई नहीं जानता।

    महाकुंभ के दौरान मोनालिसा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उनकी सादगी, आत्मविश्वास और अलग पहचान ने लोगों का ध्यान खींचा। देखते ही देखते वह सोशल मीडिया सेंसेशन बन गईं और यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ ले लिया। महाकुंभ की माला बेचने वाली मोनालिसा को ऐसे मौके मिले, जिनकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

    अब मोनालिसा अपनी पहली फिल्म “द डायरी ऑफ मणिपुर” के जरिए अभिनय की दुनिया में डेब्यू करने जा रही हैं। बताया जा रहा है कि वह फिलहाल फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं और प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साहित हैं। फिल्म से जुड़े लोगों के अनुसार, मोनालिसा का किरदार कहानी में अहम भूमिका निभाएगा और दर्शकों को उनकी सादगी व अभिनय का नया रूप देखने को मिलेगा।

    कभी साधारण जीवन जीने वाली मोनालिसा अब लग्जरी लाइफस्टाइल में नजर आ रही हैं। शूटिंग के सिलसिले में वह हेलिकॉप्टर से यात्रा कर रही हैं और कहा जा रहा है कि वह अब करोड़ों की संपत्ति की मालिक बन चुकी हैं। महाकुंभ की माला बेचने वाली मोनालिसा के लिए यह सब किसी सपने से कम नहीं है।

    मोनालिसा की कहानी संघर्ष, मेहनत और किस्मत के अनोखे मेल की मिसाल है। उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन उनकी पहचान महाकुंभ से निकलकर फिल्मी दुनिया तक पहुंचेगी। आज वह न सिर्फ खुद के लिए, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद बन गई हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।

    यह कहानी बताती है कि अवसर हर किसी के जीवन में आता है, बस जरूरत होती है उसे पहचानने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की। मोनालिसा का यह सफर आने वाले समय में और भी लोगों को प्रेरित करता रहेगा।

  • “जाट हूं, 50 थार खरीद दूंगी” वीडियो वायरल, गाजियाबाद में 2 दरोगाओं संग दबंगई

    “जाट हूं, 50 थार खरीद दूंगी” वीडियो वायरल, गाजियाबाद में 2 दरोगाओं संग दबंगई

    गाजियाबाद से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। गाजियाबाद दबंगई वीडियो में एक महिला खुलेआम यह कहते हुए नजर आ रही है कि “मैं जाट हूं, खड़े-खड़े 50 थार खरीद दूंगी”। हैरानी की बात यह है कि यह बयान दो पुलिस दरोगाओं की मौजूदगी में दिया गया, लेकिन मौके पर कोई सख्त कार्रवाई होती नजर नहीं आई।

    दरोगाओं के सामने दिखा दबंग अंदाज

    वायरल वीडियो में महिला खुद को प्रभावशाली बताते हुए पुलिस पर रौब झाड़ती दिख रही है। वीडियो में मौजूद दो दरोगा उसकी बातों को सुनते नजर आते हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। महिला का यह व्यवहार सोशल मीडिया यूजर्स को खासा नाराज कर रहा है।बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी स्थानीय विवाद के दौरान रिकॉर्ड किया गया, जहां पुलिस मौके पर पहुंची थी। उसी दौरान महिला ने जाति और आर्थिक ताकत का हवाला देकर दबंगई दिखाई।

    सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा

    वीडियो सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या कानून सभी के लिए समान है। कई यूजर्स ने पुलिस पर आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के सामने कार्रवाई करने से बचा जाता है। वहीं कुछ लोगों ने इसे पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला मामला बताया है।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान समाज में गलत संदेश देते हैं और कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा कमजोर करते हैं।

    पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

    इस पूरे प्रकरण ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हों और फिर भी इस तरह की दबंगई हो, तो आम नागरिकों को न्याय कैसे मिलेगा। हालांकि, वीडियो के वायरल होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया है।पुलिस विभाग का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।फिलहाल, गाजियाबाद दबंगई वीडियो कानून, व्यवस्था और पुलिस जवाबदेही को लेकर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है।

  • उज्जैन में सीएम मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु की शादी चर्चा में, दूल्हा-दुल्हन बैलगाड़ी में पहुंचे,परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम

    उज्जैन में सीएम मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु की शादी चर्चा में, दूल्हा-दुल्हन बैलगाड़ी में पहुंचे,परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम

    उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में इन दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की शादी शहर की चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है। परंपरा, संस्कृति और आधुनिकता के अनूठे मेल वाली इस शादी ने एक बार फिर उज्जैन को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है। सोशल मीडिया पर जो दृश्य सबसे ज्यादा वायरल हो रहा है, वह है दूल्हा-दुल्हन का बैलगाड़ी पर बैठकर जाना, जिसने लोगों का दिल जीत लिया है।

    शादी के पूर्व आयोजित रस्मों में परिवार ने पूरी तरह पारंपरिक अंदाज़ को अपनाया है। हल्दी, मेहंदी और अन्य अनुष्ठानों में स्थानीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी। खास बात यह रही कि पूरा आयोजन बिना किसी भव्यता, फिजूलखर्ची या दिखावे के, पूरी सादगी के साथ सम्पन्न किया गया। यही वजह है कि आम लोगों से लेकर सोशल मीडिया यूज़र्स तक, हर कोई इस शादी की तारीफ कर रहा है।

    बैलगाड़ी में दूल्हा-दुल्हन की झलक ने शहर भर का ध्यान आकर्षित किया। दोनों पारंपरिक परिधान में शांत और खुश नजर आए। बैलगाड़ी को फूलों से सजाया गया था, और गांव की लोक संस्कृति का रंग इसमें स्पष्ट दिखाई दिया। लोगों का कहना है कि इस तरह की शादियां समाज में एक सकारात्मक संदेश देती हैं—कि परंपरा को अपनाते हुए भी आधुनिक जीवन का संतुलन बनाए रखा जा सकता है।

    शादी का मुख्य समारोह 30 नवंबर 2025 को पवित्र मां शिप्रा नदी के तट पर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के परिवार ने एक विशेष आयोजन किया है, जिसमें 21 जोड़े एक साथ 21 मंडपों में विवाह करेंगे। इस सामाजिक पहल की काफी प्रशंसा की जा रही है, क्योंकि यह सामूहिक विवाह की परंपरा को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज के जरूरतमंद वर्ग को सहारा भी प्रदान करती है।

    उज्जैन में इन दिनों शादी को लेकर खास रौनक नजर आ रही है। स्थानीय लोग, प्रशासन और आम जनता पूरे उत्साह के साथ तैयारियों में जुटे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल बैलगाड़ी वीडियो इस शादी को और भी खास बना रहा है, और यह आयोजन लंबे समय तक चर्चा का विषय रहने वाला है।

  • “दाऊद इब्राहिम ने मुंबई में बम धमाके नहीं किए थे, वह आतंकवादी नहीं है”ममता कुलकर्णी

    “दाऊद इब्राहिम ने मुंबई में बम धमाके नहीं किए थे, वह आतंकवादी नहीं है”ममता कुलकर्णी

    बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी इन दिनों अपने एक विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में

    ममता कुलकर्णी ने कहा है कि “दाऊद इब्राहिम ने मुंबई में बम धमाके नहीं किए थे, वह आतंकवादी नहीं है।”

    ममता कुलकर्णी का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कई यूजर्स ने उनकी इस टिप्पणी पर नाराजगी जताई है, तो कुछ लोग उनके पक्ष में भी नजर आ रहे हैं। इस बयान के बाद ममता एक बार फिर से विवादों में घिर गई हैं।

    पूर्व बॉलीवुड एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी 90 के दशक में हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय अदाकाराओं में से एक थीं। उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया, लेकिन बाद में फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली। लंबे समय तक मीडिया से दूर रहने के बाद अब वह अपने दाऊद इब्राहिम पर दिए बयान से फिर से सुर्खियों में आ गई हैं।

    वीडियो में ममता कहती नजर आ रही हैं कि “दाऊद इब्राहिम को बेवजह आतंकवादी कहा गया। असली सच्चाई कोई नहीं जानता। वह मुंबई बम ब्लास्ट का जिम्मेदार नहीं था।”उनका यह वीडियो सोशल मीडियापर तेजी से फैल रहा है। कई यूजर्स ने इसे “संवेदनशील मामला” बताते हुए एक्ट्रेस की गिरफ्तारी की मांग की है, जबकि कुछ ने इसे उनकी निजी राय बताया।

    हालांकि, अभी तक इस बयान पर किसी सरकारी या पुलिस अधिकारी की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन, इस बयान से एक बार फिर मुंबई बम ब्लास्ट जैसे पुराने जख्म ताज़ा हो गए हैं।

  • बरेली में वायरल वीडियो: समोसों की ट्रे सिर पर रख जिग-जैग स्टाइल में बाइक चलाया, देख लोग दांतों तले दबा रहे ऊंगली

    बरेली में वायरल वीडियो: समोसों की ट्रे सिर पर रख जिग-जैग स्टाइल में बाइक चलाया, देख लोग दांतों तले दबा रहे ऊंगली

    बरेली में वायरल वीडियो -बरेली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स समोसों से भरी ट्रे सिर पर रखकर बाइक चला रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि शख्स जिग-जैग स्टाइल में बाइक चला रहा है, जिससे लोगों की सांसें थम सी गई हैं।

    इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफ़ॉर्म पर इस वीडियो को देखकर यूजर्स अपनी प्रतिक्रिया नहीं रोक पाए। कई लोग वीडियो शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि “बैलेंस हो तो ऐसा, जनाब ने समोसे की ट्रे सिर पर रखकर जिग-जैग स्टाइल में चलाई बाइक; देखने वालों ने दांतों तले दबाई ऊंगली।”

    इस वीडियो ने साबित कर दिया कि बरेली के लोग न केवल अपने काम में निपुण हैं, बल्कि धैर्य और संतुलन में भी माहिर हैं। वीडियो को देखकर लोग शख्स की बहादुरी और कौशल की तारीफ कर रहे हैं।सोशल मीडिया पर ऐसे वायरल वीडियो लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन जाते हैं। वीडियो में दिखाया गया यह अनोखा और जोखिम भरा तरीका, लोगों को हैरान और मज़े में डाल रहा है।इस वीडियो से यह भी पता चलता है कि छोटे शहरों में भी लोग किसी चुनौती को बड़े हुनर और आत्मविश्वास के साथ पूरा कर सकते हैं।

  • Love Story-“कैप्टन धर्मवीर सिंह ने शेयर किया प्रेमिका का 24 साल पुराना खत, वीडियो हुआ वायरल”

    Love Story-“कैप्टन धर्मवीर सिंह ने शेयर किया प्रेमिका का 24 साल पुराना खत, वीडियो हुआ वायरल”

    प्यार और जज़्बात का वो लम्हा… जो वक्त बीत जाने के बाद भी दिल को छू जाए। पूर्व सैन्य अधिकारी कैप्टन धर्मवीर सिंह ने अपनी प्रेमिका यानी अब पत्नी का 24 साल पुराना हाथ से लिखा खत सोशल मीडिया पर शेयर किया है। खत 2001 का है, जब कैप्टन सिंह चेन्नई में ट्रेनिंग पर थे। उनका ये वीडियो अब वायरल हो रहा है।सोशल मीडिया के इस दौर में, जहां लोगों के पास एक-दूसरे से जुड़ने का कई ज़रिया है, एक पूर्व भारतीय सेना अधिकारी ने एक पुराना हैंडरिटेन लव लेटर शेयर किया है जो उनकी तत्कालीन प्रेमिका और अब पत्नी ने उन्हें लिखा था. इस प्रेम पत्र ने इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोरीं और सोशल मीडिया यूज़र्स इस जोड़े के बीच की उस चाहत से हैरान हैं जो आजकल के रिश्तों में गायब सी दिखती है. कैप्टन धर्मवीर सिंह ने शेयर किया प्रेमिका का 24 साल पुराना खत

    वायरल वीडियो में, कैप्टन धर्मवीर सिंह ने बताया कि यह पत्र 2001 में, चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में उनके शामिल होने के कुछ समय बाद लिखा गया था. कैप्टन सिंह ने लिखा, “यह पत्र 10 दिसंबर 2001 को लिखा गया था. मैं 1 नवंबर 2001 को ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में शामिल हुआ था. यह पत्र ठकुराइन ने लिखा था, जो उस समय मेरी प्रेमिका थीं और जिन्हें ठकुराइन बनने की मंजूरी थी.” कैप्टन धर्मवीर सिंह ने शेयर किया प्रेमिका का 24 साल पुराना खत

    किए थे 500 पुशअप्स कैप्टन धर्मवीर सिंह ने शेयर किया प्रेमिका का 24 साल पुराना खत

    अधिकारी ने बताया कि इस पत्र के लिए उन्हें सैन्य अकादमी में 500 पुश-अप्स करने पड़े, क्योंकि यह सैनिक के ऐसा करने के बाद ही दिया गया था. “सीनियर हमें 100-50 पुश-अप्स करने के बाद हमारे लेटर देते थे. हालांकि, यह लेटर बहुत बड़ा था और इसका वजन देखकर सीनियर्स ने मुझे 500 पुश-अप्स करने को कहा.” उन्होंने आगे लिखा, “यह अकादमी में मुझे मिला पहला लेटर था. लेटर लिखने का वह अच्छा समय था. लिखने में जितनी ज़्यादा मेहनत लगती थी, भावनाएं उतनी ही ज़्यादा देर तक टिकती थीं.”