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  • UP NEWS: समाजवादी पार्टी की सरकार आई तो महिलाओं को 40 हजार देंगे….अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान

    UP NEWS: समाजवादी पार्टी की सरकार आई तो महिलाओं को 40 हजार देंगे….अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान

    समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के नए घोषणा ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। अखिलेश ने कहा है कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आती है, तो प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस ऐलान के बाद जहां बीजेपी खेमे में टेंशन और राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू हो गई है, वहीं प्रदेश की महिलाओं में खुशी की लहर देखने को मिल रही है।

    घोषणा के बाद सियासी हलचल

    अखिलेश यादव के बयान ने विपक्षी दलों को सीधा निशाने पर ला दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की बड़ी रणनीति है, जो आने वाले चुनावों में गेम चेंजर साबित हो सकती है।
    बीजेपी ने इस ऐलान को “लोकलुभावन वादे” बताते हुए उस पर सवाल उठाए और कहा कि यह आर्थिक रूप से अव्यावहारिक है। कई भाजपा नेताओं ने टिप्पणी करते हुए दावा किया कि अखिलेश केवल वोट बैंक साधने के लिए ऐसी घोषणाएं कर रहे हैं।

    महिलाओं में दिखी उम्मीद और खुशी

    सपा प्रमुख की घोषणा का सबसे ज्यादा असर महिलाओं में दिखाई दिया। कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं ने इसे सराहा और कहा कि ऐसी आर्थिक मदद से घर का खर्च चलाने में बड़ी राहत मिल सकती है।महिलाओं ने कहा कि यह योजना उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता देगी घरेलू ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी शिक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों के खर्च में आसानी होगीसोशल मीडिया पर भी इस घोषणा को लेकर महिलाओं की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं बढ़ रही हैं।

    चुनावी रणनीति का बड़ा दांव?

    राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, सामाजिक न्याय और महिलाओं के अधिकारों पर आधारित ऐसी घोषणाएं यूपी की चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभा सकती हैं। सपा इस वादे के जरिए खासकर महिलाओं, युवाओं और घरेलू वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है।

    बीजेपी क्यों आई टेंशन में?

    बीजेपी का मानना है कि ऐसी घोषणा से जनता में गलत संदेश जा सकता है और सरकार की योजनाओं की तुलना होने लगेगी। पार्टी लगातार इस घोषणा पर पलटवार कर रही है और इसे सपनों की स्कीम बता रही है।कुल मिलाकर, अखिलेश यादव की यह घोषणा एक राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। आने वाले चुनावों में यह मुद्दा कितना असर डालेगा, यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन इतना तय है कि महिलाओं में इस घोषणा ने उम्मीद जगाई है और सियासत में नई गर्मी ला दी है।

  • Aryan Yadav Serin Marriage: यादव परिवार की नई बहू सेरिंग सुर्खियों में, शादी के बाद पहुंचीं मुलायम सिंह की समाधि पर

    Aryan Yadav Serin Marriage: यादव परिवार की नई बहू सेरिंग सुर्खियों में, शादी के बाद पहुंचीं मुलायम सिंह की समाधि पर

    Aryan Yadav Serin Marriage: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार में शादी की खुशियां देखने को मिलीं। अखिलेश यादव के चचेरे भाई आर्यन यादव ने हाल ही में सेरिंग के साथ विवाह रचाया, जिसके बाद यादव परिवार की नई बहू सेरिंग सुर्खियों में आ गई हैं।शादी के बाद सेरिंग सबसे पहले सैफई स्थित ‘नेताजी’ मुलायम सिंह यादव की समाधि पर पहुंचीं और वहां आशीर्वाद लिया। समाधि पर प्रणाम करते हुए उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

    परिवार के सूत्रों के मुताबिक, सेरिंग बेहद सरल और संस्कारी स्वभाव की हैं। समाधि स्थल पर पहुंचकर उन्होंने यादव परिवार की परंपरा का पालन करते हुए दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी और नए जीवन की शुरुआत के लिए आशीष मांगा।

    इस मौके पर परिवार के करीबी सदस्य भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि शादी का समारोह बेहद सरल और पारिवारिक वातावरण में आयोजित किया गया, जिसमें नजदीकी रिश्तेदारों और चुनिंदा मेहमानों ने ही शिरकत की।यादव परिवार की नई बहू सेरिंग के आने से परिवार में रौनक दिखाई दे रही है। वहीं आर्यन और सेरिंग की जोड़ी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग बधाई संदेश भेज रहे हैं।परिवार के राजनीतिक महत्व को देखते हुए यह शादी स्वाभाविक रूप से सुर्खियों में है, और सेरिंग द्वारा नेताजी की समाधि पर आशीर्वाद लेना लोगों को भावुक कर रहा है।

  • Akhilesh Yadav Meet Azam Khan: सपा नेताओं की पहली यादगार मुलाकात

    Akhilesh Yadav Meet Azam Khan: सपा नेताओं की पहली यादगार मुलाकात

    Akhilesh Yadav Meet Azam Khan रामपुर, उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज रामपुर पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से हुई। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने मुलाकात थी।

    जैसे ही दोनों नेताओं की नजरें मिलीं, आजम खान की आंखें भर आईं। इसके बाद अखिलेश ने आजम का हाथ पकड़कर उन्हें गले लगाया। मुलाकात के बाद दोनों नेता एक ही कार में बैठकर बातचीत करते हुए आजम के घर पहुंचे, जहां अखिलेश ने उनका हाथ पकड़कर अंदर तक उनका साथ दिया। यह मुलाकात दोनों नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए अत्यंत यादगार साबित हुई

    मुलाकात से पहले आजम खान ने यह शर्त रखी थी कि अखिलेश यादव से केवल वे ही मिलेंगे, परिवार के किसी अन्य सदस्य की मौजूदगी नहीं होगी। सूत्रों के अनुसार, आजम खान को कुछ मुद्दों पर नाराजगी थी और यह मुलाकात उसी नाराजगी को दूर करने का प्रयास मानी जा रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह मुलाकात समाजवादी पार्टी के लिए एकजुटता और रणनीतिक मजबूती का संदेश है। पार्टी कार्यकर्ता इसे सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं और मान रहे हैं कि इससे आगामी चुनावी मोड़ में सपा का सामूहिक रूप से असर बढ़ सकता है।

    इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें नेताओं के बीच अपनत्व और सम्मान साफ़ झलक रहा है। अखिलेश और आजम की यह पहली मुलाकात राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • अखिलेश यादव का बड़ा बयान:”नेपाल की तरह जनता यहाँ भी सड़कों पर दिखाई देगी”

    अखिलेश यादव का बड़ा बयान:”नेपाल की तरह जनता यहाँ भी सड़कों पर दिखाई देगी”

    लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Samajwadi Party (SP) President Akhilesh Yadav) ने हाल ही में एक सार्वजनिक बयान में कहा कि देश की जनता अब सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आवाज़ उठाएगी। उन्होंने कहा, “नेपाल की तरह जनता यहाँ भी सड़कों पर दिखाई देगी और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेगी।”

    अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने अपने बयान में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि आम जनता आज भी बेरोजगारी, महंगाई और विकास की धीमी गति से पीड़ित है। उन्होंने कहा कि जनता के असंतोष को नजरअंदाज करना सरकार की बड़ी भूल होगी।सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज़ को उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाएँ।

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)का यह बयान आगामी चुनावों को देखते हुए जनता का ध्यान आकर्षित करने और पार्टी के समर्थन को बढ़ाने की रणनीति भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों को चाहिए कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से लें और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाएँ।

    इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि ऐसे बयान सामाजिक और राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इसे किसी भी तरह के हिंसक आंदोलन के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

    अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का यह बयान दर्शाता है कि राजनीतिक पार्टियां जनता की भावनाओं और समस्याओं के प्रति सजग हैं और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए हमेशा सक्रिय रहेंगी।

  • रायबरेली में राहुल गांधी का दौरा: अखिलेश-तेजस्वी संग लगे पोस्टरों से गरमाई सियासत

    रायबरेली में राहुल गांधी का दौरा: अखिलेश-तेजस्वी संग लगे पोस्टरों से गरमाई सियासत

    रायबरेली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के रायबरेली दौरे से जिले का सियासी पारा तेजी से चढ़ गया है। उनके स्वागत की तैयारियों के बीच शहर में जगह-जगह चस्पा किए गए पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन पोस्टरों में राहुल गांधी के साथ समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की तस्वीरें लगी हैं।

    इन पोस्टरों पर लिखा गया है – “इंडिया की अंतिम आशा… कलयुग के ब्रह्मा, विष्णु, महेश।” यह पोस्टर सपा के स्थानीय नेताओं द्वारा लगाए गए हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में नए समीकरणों पर अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं।

    पोस्टरों से बढ़ी हलचल

    रायबरेली कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है और यहां राहुल गांधी का दौरा स्वाभाविक रूप से राजनीतिक मायनों में अहम है। लेकिन अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव के साथ लगाए गए पोस्टरों ने इस दौरे को और खास बना दिया है।

    पोस्टरों में तीनों नेताओं को विपक्षी गठबंधन इंडिया के “नए चेहरे” के तौर पर प्रस्तुत किया गया है।कांग्रेस और सपा कार्यकर्ता दावा कर रहे हैं कि राहुल गांधी के दौरे से आगामी चुनावों में विपक्षी एकजुटता और मजबूत होगी। दूसरी ओर, भाजपा इसे मात्र राजनीतिक स्टंट करार दे रही है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि जनता अब वास्तविक विकल्प चाहती है और यही संदेश इन पोस्टरों के जरिए दिया गया है।

  • अखिलेश यादव के सामने रोते हुए बोला कानपुर का सत्यम त्रिवेदी, जानिए क्या है पूरा मामला

    अखिलेश यादव के सामने रोते हुए बोला कानपुर का सत्यम त्रिवेदी, जानिए क्या है पूरा मामला

    कानपुर। इंस्पेक्टर पर पिटाई करने का आरोप लगाने वाला युवक सपा नेता के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास लखनऊ पहुंचा और रो पड़ा। उसने कहा कि इंस्पेक्टर ने जाति विशेष को लेकर अपमानित किया और जमीन पर बैठाकर पीटा। पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। कानपुर का सत्यम त्रिवेदी

    पनकी के रतनपुर निवासी सत्यम त्रिवेदी ने बताया कि पड़ोसी से 25 अप्रैल को घर के बाहर की नाली को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्ष पनकी थाने पहुंचे, जहां एक पक्ष ने पड़ोसी को कुर्सी पर बैठाने और उन्हें जमीन पर बैठाने का आरोप लगाया

    आरोप है कि पनकी इंस्पेक्टर मानवेन्द्र सिंह ने जाति विशेष शब्दों का प्रयोग कर पीटा व गाली-गलौज कर अपमानित किया। कहीं सुनवाई न होने पर शुक्रवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय भी पहुंचे। इसके बाद मामले की जांच एडीसीपी पश्चिम को सौंपी गई। कानपुर का सत्यम त्रिवेदी

    सोमवार को कानपुर महानगर के युवजन सभा अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी ने पनकी थाना अध्यक्ष द्वारा अप्रैल में सत्यम त्रिवेदी को पनकी थानाध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह द्वारा जूतों से मारते हुए जातिसूचक गालियां दी गयी थी। जिसकी सूचना कानपुर महानगर के युवजन सभा अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी ने सपा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को इस मामले की जानकारी दी। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें सत्यम त्रिवेदी के साथ लखनऊ बुलाया, जहां सत्यम रो पकड़े और आपबीती बता इंस्पेक्टर पर पिटाई का आरोप लगाया। कानपुर का सत्यम त्रिवेदी

    पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि पार्टी न्याय दिलाने का काम करेगी। कार्रवाई भी कराएंगे। वहीं, इंस्पेक्टर मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि सत्यम का पड़ोसी से विवाद हुआ तो उसने उनसे मारपीट की थी। सत्यम पर पहले से ही पनकी, गुजैनी थाने समेत थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके आरोप झूठे हैं।कानपुर का सत्यम त्रिवेदी

  • कन्नौज- महिलाओं ने थानाध्यक्ष को चप्पलों से पीटा, हंगामा:युवक की मौत पर सड़क जाम किया

    कन्नौज- महिलाओं ने थानाध्यक्ष को चप्पलों से पीटा, हंगामा:युवक की मौत पर सड़क जाम किया


    कन्नौज -कन्नौज जिले में रविवार को उस समय हंगामा मच गया जब करंट लगने से एक युवक की मौत के बाद परिजनों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। मामला ठठिया थाना क्षेत्र के पुनगरा गांव का है, जहां निवासी ब्रजेश बिजली पोल लाइन सुधारने गए थे। कन्नौज- महिलाओं ने थानाध्यक्ष को चप्पलों से पीटा

    आरोप है कि काम के दौरान अचानक बिजली आपूर्ति शुरू हो गई, जिससे करंट लगने से उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर तिर्वा के विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया।

    सूचना पर मौके पर सीओ प्रियंका बाजपेई, एसडीएम राजेश कुमार, कोतवाल वीरेंद्र विक्रम सिंह, इंदरगढ़ थाना प्रभारी पारुल चौधरी, और ठठिया थाना प्रभारी जेपी शर्मा पहुंचे और समझाने की कोशिश की। लेकिन परिजन नहीं माने।पुलिस जब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी तो महिलाओं और परिजनों का गुस्सा भड़क गया। इस दौरान सीओ प्रियंका बाजपेई से अभद्रता, इंदरगढ़ थाना प्रभारी से हाथापाई और कोतवाल की वर्दी खींचने जैसी घटनाएं हुईं।महिलाओं की पुलिस के साथ जमकर धक्का-मुक्की हुई। महिलाओं ने पुलिसकर्मियों की वर्दी नोचीं। महिला थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों पर चप्पलें चला दीं। पथराव करते हुए पुलिसकर्मियों को खदेड़ लिया। करीब दो घंटे बाद तीन थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। तब हालात काबू में आ पाए।कन्नौज- महिलाओं ने थानाध्यक्ष को चप्पलों से पीटा

    स्थिति बिगड़ने पर अराजक तत्वों ने पथराव कर दिया, जिससे पुलिस की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और पुलिस को पीछे हटना पड़ा। हालात बेकाबू देख एसपी विनोद कुमार और डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। हालांकि परिजन पुलिस से शव छीनकर भाग निकले। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कन्नौज- महिलाओं ने थानाध्यक्ष को चप्पलों से पीटा

    https://x.com/nnstvlive/status/1956581909040865642

  • प्रयागराज: गंगा-यमुना की बाढ़ से बच्चे को गोद में लेकर सुरक्षित स्थान की ओर भागा पिता, अखिलेश यादव ने कसा तंज

    प्रयागराज: गंगा-यमुना की बाढ़ से बच्चे को गोद में लेकर सुरक्षित स्थान की ओर भागा पिता, अखिलेश यादव ने कसा तंज

    प्रयागराज – उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, यहां लोगों को अब घर से बाहर निकालने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। तो उधर NDRF की टीमें हर गली और मोहल्ले में अपनी राफ्ट के साथ नजर आ रहे हैं। आलम ये है कि कई रास्ते शहर से पूरी तरह कट चुके हैं. फिलहाल लोगों को उनके घरों से रेस्क्यू किया जा रहा है और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का काम हो रहा है। हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि लोग अपने बच्चों को गोद में उठाकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आ रहे हैं।

    ऐसी ही एक तस्वीर ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा, जहां एक पिता अपने छोटे बच्चे को गोद में लेकर कमर तक पानी से गुजरते हुए दिखा। यह दृश्य न केवल बाढ़ की भयावहता को दिखाता है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही पर भी सवाल खड़े करता है।इसी मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा:“डबल इंजन की सरकार का सिस्टम पूरी तरह से डूब गया है, और जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है।”

    प्रशासन की तैयारी पर उठे सवाल प्रयागराज: गंगा-यमुना की बाढ़ से बच्चे को गोद में लेकर सुरक्षित स्थान की ओर भागा पिता

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि नदियों के जलस्तर की जानकारी पहले से थी, फिर भी राहत और बचाव कार्य में देर की गई। कई इलाकों में अभी भी नाव और राहत सामग्री नहीं पहुंच पाई है।

    जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है प्रयागराज: गंगा-यमुना की बाढ़ से बच्चे को गोद में लेकर सुरक्षित स्थान की ओर भागा पिता

    जल आयोग के मुताबिक, गंगा और यमुना का जलस्तर अगले 48 घंटों में और भी बढ़ सकता है। जिला प्रशासन ने निचले क्षेत्रों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।


    वायरल तस्वीर प्रयागराज: गंगा-यमुना की बाढ़ से बच्चे को गोद में लेकर सुरक्षित स्थान की ओर भागा पिता

    बच्चे को गोद में लेकर पानी से निकलता एक पिता — सोशल मीडिया पर वायरल

  • संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव,ये रही वजह दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस

    संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव,ये रही वजह दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस

    • संसद के मानसून सत्र के दौरान आज लोकसभा में उस वक्त सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और मैनपुरी से सांसद अखिलेश यादव की सीधी बहस केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हो गई। दोनों नेताओं के बीच जमकर तीखी जुबानी जंग देखने को मिली।

    क्या था मामला? संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    आज सदन में विपक्ष की ओर से मणिपुर, यूपी में कानून व्यवस्था और सीएए को लेकर सवाल उठाए गए। इसी दौरान अखिलेश यादव ने खड़े होकर सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा,“देश में संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।”उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बहुमत के दम पर लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। अखिलेश के तीखे तेवरों का जवाब देने के लिए गृहमंत्री अमित शाह खुद खड़े हुए।

    अमित शाह ने किया पलटवार संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    अमित शाह ने कहा,“अखिलेश जी को याद दिलाना जरूरी है कि जब यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब कानून व्यवस्था की हालत कैसी थी। आज देश में सुरक्षा बेहतर हुई है, आतंकवाद पर लगाम लगी है।”शाह ने आगे कहा कि विपक्ष को आलोचना का हक है, लेकिन तथ्यात्मक बातें रखी जानी चाहिए।

    सदन में नोकझोंक संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    दोनों नेताओं के बीच बहस के दौरान सदन का माहौल काफी गर्म रहा। स्पीकर को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा। अखिलेश यादव ने सरकार पर तानाशाही रवैये का आरोप दोहराया, वहीं अमित शाह ने कहा कि “जनता का बहुमत हम पर भरोसे की मुहर है, न कि तानाशाही की।”

    विपक्षी दलों का समर्थन संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    बहस के बाद कांग्रेस, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने भी अखिलेश यादव के बयान का समर्थन किया और सरकार से जवाब मांगा।