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  • Nitin Nabin BJP President : नितिन नबीन बने BJP के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष, पीएम मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में सौंपा गया निर्वाचन पत्र

    Nitin Nabin BJP President : नितिन नबीन बने BJP के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष, पीएम मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में सौंपा गया निर्वाचन पत्र

    Nitin Nabin BJP President : भारतीय जनता पार्टी में नेतृत्व के एक नए अध्याय की औपचारिक शुरुआत हो गई है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद रहे।

    बीजेपी के राष्ट्रीय रिटर्निंग अधिकारी के. लक्ष्मण ने नितिन नबीन के नाम की औपचारिक घोषणा करते हुए उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया। इसके साथ ही मंच पर उन्हें निर्वाचन पत्र (Certificate of Election) सौंपा गया। इस दौरान पार्टी मुख्यालय में मौजूद कार्यकर्ताओं और नेताओं ने तालियों के साथ नए अध्यक्ष का स्वागत किया।

    नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने को पार्टी के भीतर एक युवा नेतृत्व और संगठनात्मक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। वे 45 वर्ष की उम्र में इस जिम्मेदारी को संभालने वाले भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्षों में शामिल हो गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड अमित शाह के नाम था, जिन्होंने 49 वर्ष की उम्र में पार्टी की कमान संभाली थी।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए अध्यक्ष को शुभकामनाएं दीं और कहा कि भाजपा का संगठनात्मक ढांचा मजबूत नेतृत्व के साथ और अधिक सशक्त होगा। वहीं अमित शाह और राजनाथ सिंह ने भी नितिन नबीन को बधाई देते हुए संगठन को नई ऊर्जा मिलने की बात कही।

    पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नबीन का फोकस आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों की रणनीति को मजबूत करने पर रहेगा। संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, बूथ स्तर पर पार्टी को सशक्त करने और केंद्र व राज्यों के बीच बेहतर समन्वय उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।

    बीजेपी के इतिहास की बात करें तो पार्टी के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी थे। इसके बाद लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कुशाभाऊ ठाकरे, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे दिग्गज नेताओं ने यह जिम्मेदारी संभाली। अब इस कड़ी में नितिन नबीन का नाम जुड़ गया है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा संगठनात्मक स्तर पर और अधिक आक्रामक तथा युवा-केंद्रित रणनीति अपनाएगी। पार्टी में इस बदलाव को भविष्य की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

  • बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने अमित शाह से की बैठक

    बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने अमित शाह से की बैठक

    नई दिल्ली/पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से महत्वपूर्ण बैठक की। यह मुलाकात राजनीतिक हलचल और एनडीए की रणनीति के संदर्भ में चर्चा का विषय बनी हुई है।

    बैठक में कौन-कौन शामिल थे

    सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में नीतीश कुमार और अमित शाह के अलावा संजय कुमार झा, विजय कुमार चौधरी, सम्राट चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। बैठक बंद कमरे में आयोजित की गई और लगभग 20 मिनट चली।बैठक में मुख्य रूप से आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए की सीट शेयरिंग और चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई। सूत्रों ने बताया कि उम्मीदवार चयन, प्रचार अभियान और गठबंधन की स्थिति पर भी बातचीत की गई।

    बिहार विधानसभा चुनाव 2025

    नीतीश कुमार और अमित शाह की यह बैठक बिहार की राजनीति में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एनडीए के लिए यह रणनीति तय करने का समय है, ताकि गठबंधन मजबूत रहे और विपक्षी दलों के मुकाबले चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।बैठक से यह संकेत मिलता है कि एनडीए आगामी चुनाव में संघर्षपूर्ण तैयारी के साथ उतर रहा है। गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से यह स्पष्ट होता है कि चुनावी रणनीति में सभी पक्षों की सहमति और तालमेल को महत्व दिया जा रहा है।

  • पटना में भिड़े कांग्रेस-बीजेपी कार्यकर्ता, पीएम को गाली देने का मुद्दा गरमाया

    पटना में भिड़े कांग्रेस-बीजेपी कार्यकर्ता, पीएम को गाली देने का मुद्दा गरमाया

    पटना में कांग्रेस मुख्यालय पर बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता भिड़ गए और एक-दूसरे पर लाठिया चलाई। बीजेपी का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पथराव किया है। दरअसल बीजेपी कार्यकर्ता पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी के खिलाफ कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता भिड़ गए। 

    प्रदर्शन के दौरान भारी हंगामा

     बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि मैं कांग्रेस के नेताओं को चेतावनी देता हूं। आपने मां का अपमान किया है, एक-एक बिहार बेटा आपको इसका जवाब देगा। आपने प्रधानमंत्री का अपमान किया है, एक-एक भाजपा कार्यकर्ता इसका बदला लेगा.. हम प्रदर्शन करने आए थे। शांतिपूर्ण प्रदर्शन था लेकिन कांग्रेस कार्यालय के अंदर से ईंट और पत्थर चालए जा रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ता बंदूक और ईंट से नहीं डरते… हम मां के अपमान का बदला लेकर रहेंगे। 

    वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता डॉ. आशुतोष ने कहा कि इसका करारा जवाब दिया जाएगा… यह सब सरकार की संलिप्तता से हो रहा है। नीतीश कुमार जो काम करवा रहे हैं वह पूरी तरह गलत है। 

    यहां देखें वीडियो

  • संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव,ये रही वजह दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस

    संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव,ये रही वजह दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस

    • संसद के मानसून सत्र के दौरान आज लोकसभा में उस वक्त सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और मैनपुरी से सांसद अखिलेश यादव की सीधी बहस केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हो गई। दोनों नेताओं के बीच जमकर तीखी जुबानी जंग देखने को मिली।

    क्या था मामला? संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    आज सदन में विपक्ष की ओर से मणिपुर, यूपी में कानून व्यवस्था और सीएए को लेकर सवाल उठाए गए। इसी दौरान अखिलेश यादव ने खड़े होकर सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा,“देश में संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।”उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बहुमत के दम पर लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। अखिलेश के तीखे तेवरों का जवाब देने के लिए गृहमंत्री अमित शाह खुद खड़े हुए।

    अमित शाह ने किया पलटवार संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    अमित शाह ने कहा,“अखिलेश जी को याद दिलाना जरूरी है कि जब यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब कानून व्यवस्था की हालत कैसी थी। आज देश में सुरक्षा बेहतर हुई है, आतंकवाद पर लगाम लगी है।”शाह ने आगे कहा कि विपक्ष को आलोचना का हक है, लेकिन तथ्यात्मक बातें रखी जानी चाहिए।

    सदन में नोकझोंक संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    दोनों नेताओं के बीच बहस के दौरान सदन का माहौल काफी गर्म रहा। स्पीकर को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा। अखिलेश यादव ने सरकार पर तानाशाही रवैये का आरोप दोहराया, वहीं अमित शाह ने कहा कि “जनता का बहुमत हम पर भरोसे की मुहर है, न कि तानाशाही की।”

    विपक्षी दलों का समर्थन संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    बहस के बाद कांग्रेस, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने भी अखिलेश यादव के बयान का समर्थन किया और सरकार से जवाब मांगा।